प्रयागराज में आई तेज आंधी, तूफान और बारिश के कारण हुए कहर में एक 60 वर्षीय बुजुर्ग महिला की दर्दनाक मौत हो गई। यह घटना कौंधियारा थाना क्षेत्र के मझिगवां गांव में हुई, जहाँ एक बिजली का पोल गिरने से यह हादसा हुआ। तूफान की वजह से 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन का खंभा उखड़कर गिर गया था, जिसकी चपेट में मझिगवां निवासी हीरा लाल बिंद की पत्नी पछराजी देवी आ गईं। खंभे की चपेट में आने से उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। मृतका अपने पीछे 3 बेटे और 2 बेटियों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गई हैं, और इस दुखद हादसे के बाद से परिजनों में गहरा कोहराम मचा हुआ है। पीड़ित परिवार ने कौंधियारा थाने में घटना की लिखित तहरीर दी है, जिसके बाद पुलिस मामले की जांच और कानूनी कार्रवाई में जुट गई है। पीड़ित परिजनों ने स्थानीय प्रशासन से मुआवजे की मांग की है और 'दैवीय आपदा सहायता राशि' जल्द से जल्द देने की अपील की है।
प्रयागराज में आई तेज आंधी, तूफान और बारिश के कारण हुए कहर में एक 60 वर्षीय बुजुर्ग महिला की दर्दनाक मौत हो गई। यह घटना कौंधियारा थाना क्षेत्र के मझिगवां गांव में हुई, जहाँ एक बिजली का पोल गिरने से यह हादसा हुआ। तूफान की वजह से 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन का खंभा उखड़कर गिर गया था, जिसकी चपेट में मझिगवां निवासी हीरा लाल बिंद की पत्नी पछराजी देवी आ गईं। खंभे की चपेट में आने से उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। मृतका अपने पीछे 3 बेटे और 2 बेटियों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गई हैं, और इस दुखद हादसे के बाद से परिजनों में गहरा कोहराम मचा हुआ है। पीड़ित परिवार ने कौंधियारा थाने में घटना की लिखित तहरीर दी है, जिसके बाद पुलिस मामले की जांच और कानूनी कार्रवाई में जुट गई है। पीड़ित परिजनों ने स्थानीय प्रशासन से मुआवजे की मांग की है और 'दैवीय आपदा सहायता राशि' जल्द से जल्द देने की अपील की है।
- प्रयागराज में आई तेज आंधी, तूफान और बारिश के कारण हुए कहर में एक 60 वर्षीय बुजुर्ग महिला की दर्दनाक मौत हो गई। यह घटना कौंधियारा थाना क्षेत्र के मझिगवां गांव में हुई, जहाँ एक बिजली का पोल गिरने से यह हादसा हुआ। तूफान की वजह से 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन का खंभा उखड़कर गिर गया था, जिसकी चपेट में मझिगवां निवासी हीरा लाल बिंद की पत्नी पछराजी देवी आ गईं। खंभे की चपेट में आने से उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। मृतका अपने पीछे 3 बेटे और 2 बेटियों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गई हैं, और इस दुखद हादसे के बाद से परिजनों में गहरा कोहराम मचा हुआ है। पीड़ित परिवार ने कौंधियारा थाने में घटना की लिखित तहरीर दी है, जिसके बाद पुलिस मामले की जांच और कानूनी कार्रवाई में जुट गई है। पीड़ित परिजनों ने स्थानीय प्रशासन से मुआवजे की मांग की है और 'दैवीय आपदा सहायता राशि' जल्द से जल्द देने की अपील की है।1
- कौशाम्बी के सराय अकिल थाना क्षेत्र के नेवादा गांव में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ पानी से भरे एक गहरे गड्ढे में डूबने से दो मासूम बच्चों की मौत हो गई। इस हादसे के बाद पूरे गांव में मातम छा गया है, और पीड़ित परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है। स्थानीय ग्रामीणों और सूत्रों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध बालू डंपिंग का कार्य किया जा रहा है। इसी डंपिंग के दौरान खोदे गए गहरे गड्ढों में बारिश और अन्य स्रोतों से पानी भर गया था, जो बच्चों के लिए जानलेवा साबित हुआ। बताया गया है कि दोनों मासूम खेलते हुए इन गड्ढों के पास पहुँचे और अचानक उसमें गिर गए। जब तक उन्हें बाहर निकाला गया, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। हादसे की सूचना मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुँचे और मामले की जानकारी जुटाई। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। ग्रामीणों ने इस घटना के बाद प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि क्षेत्र में बालू डंपिंग और उससे बने गड्ढों को लेकर कई बार शिकायतें की गई थीं और समाचार पत्रों में भी खबरें प्रकाशित हुई थीं, लेकिन जिम्मेदार विभागों द्वारा कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि समय रहते गड्ढों को भरवा दिया जाता या सुरक्षा के उचित इंतजाम किए जाते, तो इस दर्दनाक हादसे को टाला जा सकता था। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की है। वहीं, प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि घटना की जांच कराई जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर अवैध बालू डंपिंग और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे पूरे गांव में शोक का माहौल है।4
- प्रयागराज में प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) की टीम ने एक घर को सील कर दिया, जबकि घर के अंदर एक लड़की मौजूद थी। पीडीए ने सीलिंग का बोर्ड लगाने के बाद घर के आगे के हिस्से को फीते से बांध दिया। इस घटना का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें सील किया गया घर और घर के अंदर से खिड़की से झांकती एक लड़की स्पष्ट दिखाई दे रही है। इस कार्रवाई के संबंध में, पीडीए जोन संख्या एक के जोनल अधिकारी गंगेश कुमार सिंह ने बताया कि सीलिंग इसलिए की गई क्योंकि नजूल भूमि को फ्री होल्ड नहीं कराया गया था और उसका लेआउट भी स्वीकृत नहीं था। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद अखिलेश ने इसे साझा किया है, जिस पर प्राधिकरण ने यह भी बताया है कि यह नजूल भूमि पर किया गया अवैध निर्माण था।1
- प्रयागराज की बारा तहसील में लालापुर, बारा और घूरपुर थाना क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाले चिल्ला और तारागंज जैसे ग्रामीण इलाकों में बड़े पैमाने पर अवैध मिट्टी का खनन दिन-रात बेरोकटोक जारी है। बताया गया है कि खनन की गाड़ियाँ पचखरा बाईपास के नीचे खड़ी रहती हैं और 'लोकेशन' मिलने के बाद ही अपने गंतव्य की ओर बढ़ती हैं। इस गंभीर मामले पर कोई भी अधिकारी बोलने को तैयार नहीं है, जिसके चलते स्थानीय जनता प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठा रही है। जानकारी के अनुसार, जल्द ही मिट्टी खनन में शामिल माफियाओं के नाम सार्वजनिक किए जाएँगे, और तब तक यह देखना होगा कि शासन-प्रशासन इस अवैध गतिविधि पर कोई कार्रवाई करता है या नहीं।1
- धर्म और श्रद्धा के प्रमुख केंद्र माने जाने वाले मां गंगा के घाटों को भी शराबियों ने अपना अड्डा बना लिया है। यह घटना ऋषिकेश की है, जहां गंगा घाटों पर शराबियों द्वारा जमावड़ा लगाने का एक वीडियो सामने आया है।1
- राम मंदिर में चंदा चोरी के आरोपों पर महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं इस मामले को लेकर चिंतित होंगे और जो भी गड़बड़ी हुई है, उसकी जाँच वे खुद करेंगे। महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि ने इस बात पर जोर दिया कि राम मंदिर की स्थापना प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हुई है, इसलिए उन्हें किसी भी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं होगी।1
- प्रतापगढ़ के लालगंज तहसील में कार्यरत लेखपाल धीरज की दबंगई का एक मामला सामने आया है। ग्राम सभा चोप सिंह परगना रामपुर में स्थगन आदेश के बावजूद जबरन नाप-जोख किए जाने का स्थानीय लोग विरोध कर रहे थे। विरोध करने पर लेखपाल धीरज ने एक कास्तकार को जूता निकालकर मारने के लिए दौड़ा लिया। लेखपाल की इस दबंगई का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो गया है।1
- यूपी कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय ने गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसमें उन्होंने कहा कि पूर्व में चंदा चोरी हुई और उसके बाद जमीन के घोटाले किए गए। उन्होंने बताया कि जब अशोक सिंहल अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष थे, उस समय ₹1400 करोड़ का चंदा गायब हो गया था। राय के अनुसार, इन घटनाओं के बाद अब चढ़ावा भी चुराया जा रहा है। उन्होंने इस पूरे मामले में चंपत राय सहित सभी जिम्मेदार व्यक्तियों को जेल भेजने की कड़ी मांग की है।1
- उत्तर प्रदेश के मेरठ में अवैध झुग्गी-बस्तियों के भीतर बांस के ढांचे से एक मस्जिद तैयार किए जाने का मामला सामने आया है। इस परिसर में नमाज़ पढ़ने-पढ़ाने की व्यवस्था थी, जिसमें धार्मिक पुस्तकें और रहने के इंतज़ाम भी थे। जानकारी के अनुसार, इस स्थान का इस्तेमाल मदरसे के रूप में भी होता था, जहाँ बच्चों को इस्लामिक शिक्षा दी जाती थी। बताया गया है कि बिहार के एक मौलाना सुबह 9 बजे तक बच्चों को पढ़ाते थे और फिर दूसरी बस्तियों में भी धार्मिक शिक्षण के लिए चले जाते थे। बस्ती के लोग इस मौलाना का नाम भी नहीं जानते। फिलहाल, पुलिस ने मौलाना को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।1