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मुजफ्फरपुर के जुरन छपरा में एक एम्बुलेंस चालक, जो एक मरीज को बचाने निकला था, उसे खुद अस्पताल में भर्ती होना पड़ा है। परिजनों पर एम्बुलेंस चालक के साथ मारपीट करने और तोड़फोड़ करने का आरोप लगा है।
RITIK RAJPUT
मुजफ्फरपुर के जुरन छपरा में एक एम्बुलेंस चालक, जो एक मरीज को बचाने निकला था, उसे खुद अस्पताल में भर्ती होना पड़ा है। परिजनों पर एम्बुलेंस चालक के साथ मारपीट करने और तोड़फोड़ करने का आरोप लगा है।
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- मुजफ्फरपुर जिले के गायघाट में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहाँ दवा लेने जा रही एक महिला की ठोकर लगने से दुखद मृत्यु हो गई। इस घटना में महिला को गंभीर चोटें आईं, जिसके परिणामस्वरूप उसकी जान चली गई।1
- प्रशांत किशोर ने भरत तिवारी एनकाउंटर पर टिप्पणी करते हुए कहा कि बिहार में 'कुछ भी'।1
- बिहार के सीतामढ़ी जिले में 14 वर्षीय तौफीक की हत्या का मामला सामने आया है। इस गंभीर घटना के संबंध में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के विधान पार्षद (MLC) कारी सोहैब ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।1
- मुजफ्फरपुर के औराई क्षेत्र में एक पीड़ित को विपक्षी पक्ष द्वारा फोन पर लगातार 'गोली मारने' और गांव छोड़ने की धमकी दी जा रही है। यह मामला एक जमीन विवाद से संबंधित है, जिसके कारण पीड़ित काफी डरा-सहमा हुआ है। इन गंभीर धमकियों के बाद, पीड़ित ने अब प्रशासन से अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने और इस मामले में न्याय दिलाने की गुहार लगाई है।1
- पुलिस मुख्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में एडीजी लॉ एंड ऑर्डर सुधांशु कुमार ने भरत तिवारी एनकाउंटर मामले पर पुलिस का आधिकारिक पक्ष और अब तक की गई कार्रवाई की पूरी जानकारी साझा की है। एडीजी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पुलिस के लिए एनकाउंटर कभी भी कोई बड़ी उपलब्धि नहीं होती, लेकिन जब पुलिसकर्मियों की जान पर खतरा मंडरा रहा हो, तो आत्मरक्षा यानी सेल्फ डिफेंस में कानून के तहत गोली चलाने का अधिकार पुलिस के पास सुरक्षित है। इस पूरे मामले में पुलिस की शुरुआती लापरवाही को लेकर भी बड़ा एक्शन लिया गया है। एडीजी ने बताया कि 16 तारीख को जब पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे थे, तब अभियुक्त को ठीक से नियंत्रित नहीं किया जा सका, जो एक गंभीर लापरवाही थी। इस आरोप में एक एसएचओ (थाना प्रभारी), दो सब-इंस्पेक्टर, एक एएसआई और एक कॉन्स्टेबल को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसमें दो एफआईआर (नंबर 169/26 और 170/26) दर्ज की गई हैं। पुलिस मुख्यालय के स्तर से डीआईजी शाहाबाद को इस पूरे मामले के पर्यवेक्षण और वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए अधिकृत किया गया है, जो एफएसएल और आधुनिक तकनीकों की मदद से जांच को आगे बढ़ाएंगे। इसके साथ ही, मामले में पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए हाईकोर्ट के एक रिटायर्ड जस्टिस की अध्यक्षता में एक न्यायिक जांच आयोग का भी गठन किया गया है। चूंकि यह मामला अब पूरी तरह सब-जुडिस है और न्यायिक जांच के दायरे में है, इसलिए पुलिस ने आगे किसी भी तरह की टिप्पणी करने से इनकार किया है और कहा है कि उन्हें जांच रिपोर्ट का इंतजार करना चाहिए।1
- दरभंगा जिले के बहादुरपुर प्रखंड में जीविका दीदियों के लिए एक विशेष शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य जीविका दीदियों को लखपति योजना के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करना था, जिसके साथ ही योजना का लाभ लेने के इच्छुक आवेदकों से आवेदन भी प्राप्त किए गए।1
- बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के औराई ब्लॉक में विकास के दावों की पोल खुल गई है, जहाँ एक पेड़ पिछले एक महीने से सड़क पर पड़ा हुआ है। यह नज़ारा क्षेत्र में किए जा रहे विकास के सभी दावों की हकीकत को उजागर करता है।1
- सीतामढ़ी जिले के चरौत प्रखंड में सातवीं कक्षा के छात्र तौफीक़ शेख़ की निर्मम हत्या से पूरे इलाके में गहरा शोक और आक्रोश व्याप्त है। इस दर्दनाक घटना ने स्थानीय समुदाय को झकझोर कर रख दिया है। इस घटना के बाद राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के विधान पार्षद कारी तौफीक़ पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिए जाने की पुरजोर मांग की। मासूम तौफीक़ को इंसाफ दिलाने की मांग अब तेज हो गई है, और स्थानीय लोग व जनप्रतिनिधि प्रशासन से इस मामले में त्वरित कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं।1
- मुजफ्फरपुर के बांद्रा प्रखंड स्थित तेपरी से पटसरा तक जाने वाली सड़क पर लगातार पानी जमा रहता है, जिसके कारण अब तक चार से पांच दुर्घटनाएं हो चुकी हैं।1