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प्रशांत किशोर ने भरत तिवारी एनकाउंटर पर टिप्पणी करते हुए कहा कि बिहार में 'कुछ भी'।
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प्रशांत किशोर ने भरत तिवारी एनकाउंटर पर टिप्पणी करते हुए कहा कि बिहार में 'कुछ भी'।
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- बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के काँटी मधुबन में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक नाती ने अपनी ही नानी को ठग लिया है। आरोप है कि नाती ने धोखे से अपनी नानी की करोड़ों रुपये की संपत्ति अपने नाम पर रजिस्ट्री करवा ली। इस धोखाधड़ी के कारण बुजुर्ग नानी अपनी करोड़ों की ज़मीन से वंचित हो गई हैं।1
- बिहार के दरभंगा में मोहम्मद फैज हत्याकांड की उच्चस्तरीय जांच की मांग को लेकर पुलिस अधीक्षक (SSP) का घेराव किया गया। प्रदर्शनकारियों ने इस दौरान पत्रकारों के खिलाफ दर्ज किए गए एफआईआर को भी रद्द करने की मांग उठाई।1
- पुलिस मुख्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में एडीजी लॉ एंड ऑर्डर सुधांशु कुमार ने भरत तिवारी एनकाउंटर मामले पर पुलिस का आधिकारिक पक्ष और अब तक की गई कार्रवाई की पूरी जानकारी साझा की है। एडीजी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पुलिस के लिए एनकाउंटर कभी भी कोई बड़ी उपलब्धि नहीं होती, लेकिन जब पुलिसकर्मियों की जान पर खतरा मंडरा रहा हो, तो आत्मरक्षा यानी सेल्फ डिफेंस में कानून के तहत गोली चलाने का अधिकार पुलिस के पास सुरक्षित है। इस पूरे मामले में पुलिस की शुरुआती लापरवाही को लेकर भी बड़ा एक्शन लिया गया है। एडीजी ने बताया कि 16 तारीख को जब पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे थे, तब अभियुक्त को ठीक से नियंत्रित नहीं किया जा सका, जो एक गंभीर लापरवाही थी। इस आरोप में एक एसएचओ (थाना प्रभारी), दो सब-इंस्पेक्टर, एक एएसआई और एक कॉन्स्टेबल को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसमें दो एफआईआर (नंबर 169/26 और 170/26) दर्ज की गई हैं। पुलिस मुख्यालय के स्तर से डीआईजी शाहाबाद को इस पूरे मामले के पर्यवेक्षण और वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए अधिकृत किया गया है, जो एफएसएल और आधुनिक तकनीकों की मदद से जांच को आगे बढ़ाएंगे। इसके साथ ही, मामले में पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए हाईकोर्ट के एक रिटायर्ड जस्टिस की अध्यक्षता में एक न्यायिक जांच आयोग का भी गठन किया गया है। चूंकि यह मामला अब पूरी तरह सब-जुडिस है और न्यायिक जांच के दायरे में है, इसलिए पुलिस ने आगे किसी भी तरह की टिप्पणी करने से इनकार किया है और कहा है कि उन्हें जांच रिपोर्ट का इंतजार करना चाहिए।1
- दरभंगा जिले के बहादुरपुर प्रखंड में जीविका दीदियों के लिए एक विशेष शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य जीविका दीदियों को लखपति योजना के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करना था, जिसके साथ ही योजना का लाभ लेने के इच्छुक आवेदकों से आवेदन भी प्राप्त किए गए।1
- मोहम्मद फैज हत्याकांड को लेकर लोगों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है, क्योंकि घटना के करीब दस दिन बीत जाने के बाद भी परिजनों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि उन्हें अब तक पूरी तरह न्याय नहीं मिला है। इसी असंतोष के चलते शहर में लगातार विरोध-प्रदर्शन जारी है। कुछ दिन पहले हजारों लोगों ने मोहम्मद फैज को इंसाफ दिलाने की मांग के साथ कैंडल मार्च निकाला था और प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की गुहार लगाई थी। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इन प्रयासों के बावजूद मामले में कोई अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है। इसी क्रम में सोमवार को इंसाफ मंच और ऑल इंडिया स्टूडेंट फेडरेशन (एआईएसएफ) के समर्थन से पोलो मैदान में एक धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। इसके बाद बड़ी संख्या में लोगों ने पैदल मार्च करते हुए लहेरियासराय थाना और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्यालय पहुंचकर प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों में कहा है कि मोहम्मद फैज हत्याकांड की जांच स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) से कराई जाए, मामले में स्पीडी ट्रायल चलाया जाए, सभी फरार आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। इसके अतिरिक्त, मृतक के परिजनों को 20 लाख रुपये का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की भी मांग की गई है। धरने में शामिल लोगों का आरोप है कि अब तक पुलिस की कार्रवाई संतोषजनक नहीं रही है और मामले की पूरी सच्चाई सामने नहीं आ सकी है। उनका स्पष्ट कहना है कि प्रशासन को इस मामले में और अधिक गंभीरता के साथ कदम उठाने की आवश्यकता है। बढ़ते जनदबाव के बीच अब सभी की निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि क्या मामले की जांच किसी उच्च एजेंसी को सौंपी जाती है और क्या मोहम्मद फैज के परिजनों को उनकी मांगों के अनुरूप न्याय मिल पाता है।1
- समस्तीपुर के ताजपुर से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ सीपीआई (एमएल) द्वारा प्रदर्शन किया गया।1
- प्रशांत किशोर ने भरत तिवारी एनकाउंटर पर टिप्पणी करते हुए कहा कि बिहार में 'कुछ भी'।1