भारतीय जनता पार्टी ने 25 जून 1975 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा देश में लगाई गई इमरजेंसी को 'संविधान हत्या दिवस' के रूप में मनाने का ऐलान किया है। इसी क्रम में, भाजपा ने यमुनानगर स्थित जिला कमल कार्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर कांग्रेस पर तीखा निशाना साधा। पत्रकारों को संबोधित करते हुए, भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश सपरा ने आरोप लगाया कि इमरजेंसी के दौरान लोकतंत्र को गंभीर रूप से कमजोर किया गया और बड़ी संख्या में नागरिकों को असहनीय परेशानियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने पुनः पुष्टि की कि भाजपा इस दिन को 'संविधान हत्या दिवस' के तौर पर चिह्नित कर रही है। इस कार्यक्रम में भाजपा नेत्री मालिक रोजी आनंद, पूर्व मंत्री चौधरी कंवरपाल गुज्जर, जिला परिषद चेयरमैन रमेश ठसका, मेयर सुमन बहमनी और जिला महामंत्री नरेंद्र राणा सहित कई प्रमुख नेता उपस्थित रहे। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, भाजपा नेताओं ने इमरजेंसी के समय हुई घटनाओं पर विस्तार से जानकारी दी। मालिक रोजी आनंद और पूर्व मंत्री कंवरपाल गुज्जर ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि उस दौर में हजारों लोग प्रभावित हुए और जबरन नसबंदी जैसी अमानवीय घटनाएं भी सामने आईं। पूर्व मंत्री कंवरपाल गुज्जर ने इस बात पर जोर दिया कि उस अवधि में लोकतांत्रिक अधिकारों को निर्दयता से कुचला गया और सत्ता को बचाने के लिए प्रजातंत्र को भारी क्षति पहुंचाई गई। मालिक रोजी आनंद ने बताया कि हरियाणा में इमरजेंसी को लेकर भाजपा द्वारा तीन बड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पंचकूला में होने वाले कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और एक राज्यसभा सांसद मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होंगे। इसी प्रकार, रोहतक में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय सचिव ओ.पी. धनखड़ की उपस्थिति रहेगी। जबकि, फरीदाबाद में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल और कृष्णपाल गुज्जर कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे। उन्होंने यह भी सूचित किया कि 'संविधान हत्या दिवस' के अवसर पर हर जिले में विशेष प्रदर्शनियां लगाई जाएंगी, जिनमें इमरजेंसी के भयावह दृश्यों और घटनाओं को उजागर किया जाएगा।
भारतीय जनता पार्टी ने 25 जून 1975 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा देश में लगाई गई इमरजेंसी को 'संविधान हत्या दिवस' के रूप में मनाने का ऐलान किया है। इसी क्रम में, भाजपा ने यमुनानगर स्थित जिला कमल कार्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर कांग्रेस पर तीखा निशाना साधा। पत्रकारों को संबोधित करते हुए, भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश सपरा ने आरोप लगाया कि इमरजेंसी के दौरान लोकतंत्र को गंभीर रूप से कमजोर किया गया और बड़ी संख्या में नागरिकों को असहनीय परेशानियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने पुनः पुष्टि की कि भाजपा इस दिन को 'संविधान हत्या दिवस' के तौर पर चिह्नित कर रही है। इस कार्यक्रम में भाजपा नेत्री मालिक रोजी आनंद, पूर्व मंत्री चौधरी कंवरपाल गुज्जर, जिला परिषद चेयरमैन रमेश ठसका, मेयर सुमन बहमनी और जिला महामंत्री नरेंद्र राणा सहित कई प्रमुख नेता उपस्थित रहे। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, भाजपा नेताओं ने इमरजेंसी के समय हुई घटनाओं पर विस्तार से जानकारी दी। मालिक रोजी आनंद और पूर्व मंत्री कंवरपाल गुज्जर ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि उस दौर में हजारों लोग प्रभावित हुए और जबरन नसबंदी जैसी अमानवीय घटनाएं भी सामने आईं। पूर्व मंत्री कंवरपाल गुज्जर ने इस बात पर जोर दिया कि उस अवधि में लोकतांत्रिक अधिकारों को निर्दयता से कुचला गया और सत्ता को बचाने के लिए प्रजातंत्र को भारी क्षति पहुंचाई गई। मालिक रोजी आनंद ने बताया कि हरियाणा में इमरजेंसी को लेकर भाजपा द्वारा तीन बड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पंचकूला में होने वाले कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और एक राज्यसभा सांसद मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होंगे। इसी प्रकार, रोहतक में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय सचिव ओ.पी. धनखड़ की उपस्थिति रहेगी। जबकि, फरीदाबाद में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल और कृष्णपाल गुज्जर कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे। उन्होंने यह भी सूचित किया कि 'संविधान हत्या दिवस' के अवसर पर हर जिले में विशेष प्रदर्शनियां लगाई जाएंगी, जिनमें इमरजेंसी के भयावह दृश्यों और घटनाओं को उजागर किया जाएगा।
- स्पैशल सेल की टीम ने एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है जो हाईवे पर नकली साधु का भेष बनाकर पानी मांगने के बहाने स्नेचिंग की वारदातों को अंजाम देता था। पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल ने जिला पुलिस को अपराधों पर नकेल कसने के सख्त निर्देश दिए थे, जिसके तहत कार्यवाही करते हुए स्पैशल सेल की टीम को यह सफलता मिली है। आरोपी की पहचान डेहा बस्ती निवासी अमीरचंद के रूप में हुई है, जिसे कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया गया है। स्पैशल सेल इंचार्ज रमन चंदेल ने बताया कि उनकी टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि एक युवक बैंक कॉलोनी मोड़ के पास संदिग्ध अवस्था में घूम रहा है। इस सूचना के आधार पर उप निरीक्षक सतीश कुमार, मक्खन, सुरेंद्र, गौरव और कुलदीप की टीम गठित की गई, जिसने मौके पर पहुँचकर आरोपी अमीर चंद पुत्र तालाब नाथ, निवासी दढ़वा की डेहा बस्ती को काबू किया। पूछताछ में आरोपी ने हाईवे पर एक डॉक्टर से स्नेचिंग की वारदात का खुलासा किया। इंचार्ज चंदेल ने बताया कि यह वारदात 14 जून को करेड़ा खुर्द हाईवे पर हुई थी, जब पंचकूला निवासी एक डॉक्टर देहरादून जा रहा था। आरोपी ने साधु के भेष में पानी मांगने के बहाने डॉक्टर की गाड़ी रुकवाई, बातों में उलझाया और उसकी चेन स्नेचिंग कर हाईवे की दूसरी तरफ फरार हो गया। डॉक्टर की शिकायत पर छीना झपटी का केस दर्ज किया गया था। बताया जा रहा है कि आरोपी साधु के भेष में हाईवे पर गाड़ियां रुकवाकर उनसे स्नेचिंग की वारदातें करता था। पुलिस इस मामले की आगे की जांच कर रही है।2
- आज सढोरा स्थित ब्रह्मकुमारी प्रजापति ईश्वरीय विश्वविद्यालय उपहार भवन में आध्यात्मिक दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर केंद्र की संचालिका बीके सुलोचना ने मुख्य वक्ता के रूप में आध्यात्मिक उन्नति के महत्व के बारे में जानकारी प्रदान की। यह आयोजन विश्व आध्यात्मिक दिवस के रूप में मनाया गया।1
- उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के नरोली गांव के मजरा मिल्को में एक विधवा महिला को अभी तक मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत घर नहीं मिल पाया है। यह बताया गया है कि महिला के ऊपर कोई पुरुष सदस्य नहीं है और उसे तत्काल आवास की आवश्यकता है। इस गंभीर समस्या पर वर्तमान प्रशासन द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसलिए, मुख्यमंत्री योगी जी से अपील की गई है कि वे इस मामले की सही जांच के लिए एक ईमानदार अधिकारी भेजें। यह भी मांग की गई है कि जिस महिला का आवास बनना चाहिए, उसका आवास मुख्यमंत्री योजना के तहत जल्द से जल्द बनाया जाए, क्योंकि इस पर किसी का कोई लालच या दबाव नहीं है। जानकारी के अनुसार, ग्राम प्रधान जी भी इस कार्य के लिए आते हैं, लेकिन महिला को आवास नहीं मिला है। महिला मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ लेने की इच्छुक है। यह पूरी अपील उत्तर प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री योगी जी से की गई है।1
- सहारनपुर जिले की बेहट विधानसभा के जसमौर ग्राम पंचायत के पथपुरा गांव में मुख्य रास्ते की हालत बेहद खराब हो गई है। गांव के निवासियों को इस बदहाल सड़क के कारण आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ग्राम प्रधान अपने ऐश-ओ-आराम में व्यस्त हैं, जिससे गांव की इस महत्वपूर्ण समस्या और मुख्य रास्ते की अनदेखी की जा रही है।1
- हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के शाहाबाद स्थित रावा गांव की गोगा माड़ी में स्थित गोगाजी मंदिर में चोरी की घटना सामने आई है। इस वारदात के बाद, स्थानीय ग्राम पंचायत ने अज्ञात चोरों की पहचान और शिनाख्त के लिए इनाम की घोषणा की है।1
- एक हादसे के दौरान कुछ टीवी चैनलों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के घटनास्थल का दौरा और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई दिखाई गई, लेकिन सोशल मीडिया और जमीनी वीडियो ने एक अलग ही तस्वीर पेश की। इन वीडियो में लोग आग और धुएं से बचने के लिए दूसरी मंजिल से कूदते साफ दिखाई दिए। प्रत्यक्षदर्शियों ने आरोप लगाया कि राहत और बचाव दल समय पर घटनास्थल पर नहीं पहुंचे और मौके पर बुनियादी अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं की भी कमी थी। इस घटना के बाद कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं कि यदि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में थी, तो लोगों को अपनी जान बचाने के लिए खिड़कियों से छलांग क्यों लगानी पड़ी? वहीं, स्थानीय लोगों और घटना में बचे हुए पीड़ितों के बयान भी प्रशासनिक दावों से बिल्कुल अलग हैं। आलोचकों का कहना है कि ऐसे समय में मीडिया की भूमिका सिर्फ सरकारी दावों को दिखाने की नहीं, बल्कि घटना की वास्तविक परिस्थितियों और जवाबदेही पर सवाल उठाने की होनी चाहिए। पीड़ितों और उनके परिजनों को इस मामले में स्पष्ट जवाब चाहिए, केवल प्रचार नहीं।1
- यमुनानगर के हमीदा क्षेत्र निवासी मेहंदी हसन हत्याकांड को लेकर मृतक के परिजनों और क्षेत्रवासियों में गहरा रोष व्याप्त है। मंगलवार को हमीदा क्षेत्र के दर्जनों लोग जिला सचिवालय पहुंचे और जिला उपायुक्त के माध्यम से पुलिस प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर मामले में फरार आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी तथा पीड़ित परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। मृतक के भाई जब्बार हसन ने बताया कि थाना शहर यमुनानगर में मुकदमा संख्या 0321/2026, धारा 103(1) बीएनएस के तहत छह नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज है। परिजनों ने आरोप लगाया कि घटना को कई दिन बीत जाने के बावजूद कुछ आरोपी अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं, जिससे पीड़ित परिवार खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। परिजनों के अनुसार, मेहंदी हसन पर लोहे की गंडासी, लोहे की रॉड, पाटला, ईंट और डंडों से जानलेवा हमला किया गया था, जिसमें गंभीर चोटें लगने के बाद उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई थी। परिजनों का आरोप है कि यह हमला सुनियोजित तरीके से किया गया था और आरोपियों की मंशा हत्या करने की थी। परिवार ने ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया कि मामले में नामजद कुछ आरोपी और उनके सहयोगी खुलेआम घूम रहे हैं तथा लगातार गवाहों और परिजनों को जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं। परिजनों का कहना है कि आरोपी धमकी दे रहे हैं कि जैसे मेहंदी हसन को मौत के घाट उतारा गया, वैसे ही उन्हें भी जान से मार दिया जाएगा। इन धमकियों के कारण पूरा परिवार भय के माहौल में जीवन यापन करने को मजबूर है। जब्बार हसन ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि जब भी वे और उनके परिवार के सदस्य जांच अधिकारी से शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के बारे में जानकारी मांगते हैं तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं दिया जाता। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा कार्रवाई में हो रही देरी से आरोपियों के हौसले बुलंद हो रहे हैं और वे गवाहों पर दबाव बनाने की कोशिशें कर रहे हैं। परिजनों ने जिला प्रशासन और पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि मामले में फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए, ताकि वे गवाहों और पीड़ित परिवार को प्रभावित न कर सकें। इसके साथ ही, परिवार और गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई गई है। हमीदा क्षेत्र के लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे न्याय की मांग को लेकर बड़ा जनआंदोलन शुरू करने पर मजबूर होंगे। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग की है, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।2
- मुंबई की चर्चगेट-नालासोपारा फास्ट लोकल ट्रेन में दरवाजे को खुला रखने को लेकर हुआ मामूली विवाद एक जानलेवा घटना में बदल गया। यह वारदात मंगलवार रात अंधेरी और बोरीवली स्टेशन के बीच हुई, जहाँ 22 वर्षीय मयंक लोहार की एक सहयात्री से बहस हो गई। यह बहस जल्द ही हिंसक हो गई और आरोपी सहयात्री ने मयंक के पेट में चाकू घोंप दिया। हमलावर बोरीवली स्टेशन पहुँचने से पहले ही ट्रेन से फरार हो गया। गंभीर रूप से घायल मयंक को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। रेलवे पुलिस और जीआरपी इस मामले की गहनता से जाँच कर रही हैं। पश्चिम रेलवे ने भी सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य आवश्यक सबूत जाँच एजेंसियों को सौंप दिए हैं।1
- हाल ही में एक घटना सामने आई है जहाँ दो बच्चे 11 हजार वोल्ट की बिजली की तारों से झुलस गए। इस मामले को लेकर अब यह सवाल खड़ा हो गया है कि यह बिजली विभाग की लापरवाही का परिणाम है या सिर्फ एक हादसा।1