उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के नरोली गांव के मजरा मिल्को में एक विधवा महिला को अभी तक मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत घर नहीं मिल पाया है। यह बताया गया है कि महिला के ऊपर कोई पुरुष सदस्य नहीं है और उसे तत्काल आवास की आवश्यकता है। इस गंभीर समस्या पर वर्तमान प्रशासन द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसलिए, मुख्यमंत्री योगी जी से अपील की गई है कि वे इस मामले की सही जांच के लिए एक ईमानदार अधिकारी भेजें। यह भी मांग की गई है कि जिस महिला का आवास बनना चाहिए, उसका आवास मुख्यमंत्री योजना के तहत जल्द से जल्द बनाया जाए, क्योंकि इस पर किसी का कोई लालच या दबाव नहीं है। जानकारी के अनुसार, ग्राम प्रधान जी भी इस कार्य के लिए आते हैं, लेकिन महिला को आवास नहीं मिला है। महिला मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ लेने की इच्छुक है। यह पूरी अपील उत्तर प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री योगी जी से की गई है।
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के नरोली गांव के मजरा मिल्को में एक विधवा महिला को अभी तक मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत घर नहीं मिल पाया है। यह बताया गया है कि महिला के ऊपर कोई पुरुष सदस्य नहीं है और उसे तत्काल आवास की आवश्यकता है। इस गंभीर समस्या पर वर्तमान प्रशासन द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसलिए, मुख्यमंत्री योगी जी से अपील की गई है कि वे इस मामले की सही जांच के लिए एक ईमानदार अधिकारी भेजें। यह भी मांग की गई है कि जिस महिला का आवास बनना चाहिए, उसका आवास मुख्यमंत्री योजना के तहत जल्द से जल्द बनाया जाए, क्योंकि इस पर किसी का कोई लालच या दबाव नहीं है। जानकारी के अनुसार, ग्राम प्रधान जी भी इस कार्य के लिए आते हैं, लेकिन महिला को आवास नहीं मिला है। महिला मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ लेने की इच्छुक है। यह पूरी अपील उत्तर प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री योगी जी से की गई है।
- उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के नरोली गांव के मजरा मिल्को में एक विधवा महिला को अभी तक मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत घर नहीं मिल पाया है। यह बताया गया है कि महिला के ऊपर कोई पुरुष सदस्य नहीं है और उसे तत्काल आवास की आवश्यकता है। इस गंभीर समस्या पर वर्तमान प्रशासन द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसलिए, मुख्यमंत्री योगी जी से अपील की गई है कि वे इस मामले की सही जांच के लिए एक ईमानदार अधिकारी भेजें। यह भी मांग की गई है कि जिस महिला का आवास बनना चाहिए, उसका आवास मुख्यमंत्री योजना के तहत जल्द से जल्द बनाया जाए, क्योंकि इस पर किसी का कोई लालच या दबाव नहीं है। जानकारी के अनुसार, ग्राम प्रधान जी भी इस कार्य के लिए आते हैं, लेकिन महिला को आवास नहीं मिला है। महिला मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ लेने की इच्छुक है। यह पूरी अपील उत्तर प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री योगी जी से की गई है।1
- सहारनपुर जिले की बेहट विधानसभा के जसमौर ग्राम पंचायत के पथपुरा गांव में मुख्य रास्ते की हालत बेहद खराब हो गई है। गांव के निवासियों को इस बदहाल सड़क के कारण आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ग्राम प्रधान अपने ऐश-ओ-आराम में व्यस्त हैं, जिससे गांव की इस महत्वपूर्ण समस्या और मुख्य रास्ते की अनदेखी की जा रही है।1
- सहारनपुर की कुतुबशेर थाना पुलिस ने हत्या के प्रयास के एक मामले में फरार चल रहे एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल किया गया एक अवैध चाकू भी बरामद किया है। यह मामला 23 जून को ढोलीखाल निवासी सारिक द्वारा दर्ज कराई गई तहरीर से जुड़ा है। सारिक ने आरोप लगाया था कि सोहराब पुत्र शाहिद, दानिश तोता और जूबी पत्नी सोहराब ने उनके भाई दानिश उर्फ पोंचा और चचेरे भाई अलीशान पर जान से मारने की नीयत से चाकू से हमला किया था। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। घायलों की मेडिकल रिपोर्ट के बाद, मुकदमे में आयुध अधिनियम समेत अन्य धाराएं बढ़ाई गईं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एक टीम का गठन भी किया गया था। बुधवार को मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी सोहराब को कमेला कॉलोनी स्थित उसके घर से धर दबोचा। पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया कि विवाद के बाद उसने चाकू से हमला किया था और वारदात में इस्तेमाल हथियार को दबनी कब्रिस्तान में एक सीमेंट की बेंच के नीचे छिपा दिया था। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने वह चाकू भी बरामद कर लिया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी सोहराब के खिलाफ पहले भी कई मुकदमे दर्ज हैं। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश किया।1
- एक हादसे के दौरान कुछ टीवी चैनलों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के घटनास्थल का दौरा और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई दिखाई गई, लेकिन सोशल मीडिया और जमीनी वीडियो ने एक अलग ही तस्वीर पेश की। इन वीडियो में लोग आग और धुएं से बचने के लिए दूसरी मंजिल से कूदते साफ दिखाई दिए। प्रत्यक्षदर्शियों ने आरोप लगाया कि राहत और बचाव दल समय पर घटनास्थल पर नहीं पहुंचे और मौके पर बुनियादी अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं की भी कमी थी। इस घटना के बाद कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं कि यदि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में थी, तो लोगों को अपनी जान बचाने के लिए खिड़कियों से छलांग क्यों लगानी पड़ी? वहीं, स्थानीय लोगों और घटना में बचे हुए पीड़ितों के बयान भी प्रशासनिक दावों से बिल्कुल अलग हैं। आलोचकों का कहना है कि ऐसे समय में मीडिया की भूमिका सिर्फ सरकारी दावों को दिखाने की नहीं, बल्कि घटना की वास्तविक परिस्थितियों और जवाबदेही पर सवाल उठाने की होनी चाहिए। पीड़ितों और उनके परिजनों को इस मामले में स्पष्ट जवाब चाहिए, केवल प्रचार नहीं।1
- यमुनानगर जिले में एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है जो साधु के वेश में हाईवे पर गाड़ियों को रुकवाकर लोगों से गहनों की स्नेचिंग करता था। माथे पर भस्म लगाकर और पानी मांगने के बहाने, यह 'नकली बाबा' अपनी मीठी बातों में लोगों को उलझाता था और उनकी सोने की चेन लेकर चम्पत हो जाता था। इसे 'हाईवे का स्नेचिंग वाला बाबा' कहा जा रहा था, जो करेड़ा खुर्द हाईवे पर सक्रिय था। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि यह व्यक्ति कोई संत नहीं, बल्कि डेहा बस्ती का रहने वाला सेठ अमीरचंद है। हाल ही में करेड़ा खुर्द हाईवे पर पंचकूला के एक डॉक्टर से इसी अंदाज में चेन स्नेचिंग की वारदात हुई थी। जिला पुलिस की स्पेशल सेल की टीम ने आरोपी सेठ अमीरचंद को बैंक कॉलोनी मोड़ के पास से दबोच लिया है। वह अब पुलिस की गिरफ्त में है और उससे गहन पूछताछ की जा रही है, ताकि यह पता चल सके कि इस 'बाबा के चोले' में कितनी और वारदातों के राज छुपे हैं। इस घटना के मद्देनजर, लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। यह संदेश दिया गया है कि हाईवे पर यदि कोई साधु पानी मांगे, तो इंसानियत जरूर दिखाएं, लेकिन साथ ही अपनी चेन और अन्य सामान पर भी नजर रखें। क्योंकि हर साधु दिखने वाला व्यक्ति साधु हो, यह जरूरी नहीं; साधु के भेस में उचक्का भी हो सकता है जो आपके माल पर हाथ साफ कर सकता है।1
- यमुनानगर क्राइम ब्रांच-2 ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को हथियारों सहित गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों को लूट की योजना बनाते समय पकड़ा गया। वे सुपारी लेकर वारदात को अंजाम देते थे। यह जानकारी एडिशनल एसपी आशीष चौधरी ने दी।1
- मुंबई की चर्चगेट-नालासोपारा फास्ट लोकल ट्रेन में दरवाजे को खुला रखने को लेकर हुआ मामूली विवाद एक जानलेवा घटना में बदल गया। यह वारदात मंगलवार रात अंधेरी और बोरीवली स्टेशन के बीच हुई, जहाँ 22 वर्षीय मयंक लोहार की एक सहयात्री से बहस हो गई। यह बहस जल्द ही हिंसक हो गई और आरोपी सहयात्री ने मयंक के पेट में चाकू घोंप दिया। हमलावर बोरीवली स्टेशन पहुँचने से पहले ही ट्रेन से फरार हो गया। गंभीर रूप से घायल मयंक को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। रेलवे पुलिस और जीआरपी इस मामले की गहनता से जाँच कर रही हैं। पश्चिम रेलवे ने भी सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य आवश्यक सबूत जाँच एजेंसियों को सौंप दिए हैं।1
- बुधवार को इंद्री क्षेत्र के गांव रामपुरा मोड़ के समीप गढ़ीबीरबल रोड पर दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने हुई जोरदार टक्कर में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। इस भीषण हादसे के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही डायल-112 की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और सभी चारों घायलों को उपचार के लिए इंद्री के नागरिक अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में चिकित्सकों ने एक युवक को मृत घोषित कर दिया और शेष तीन घायलों का उपचार शुरू किया। घायलों में से एक की हालत नाजुक होने के कारण उसे इलाज के लिए करनाल स्थित कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेफर किया गया है, जबकि अन्य दो घायलों का इलाज इंद्री के नागरिक अस्पताल में चल रहा है। इस संबंध में, एसआई राजा राम ने जानकारी देते हुए बताया कि रामनगर डेरा मोड़ के निकट गढ़ीबीरबल रोड पर हुई इस दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत और तीन लोग घायल हुए हैं। उन्होंने बताया कि मृतक और करनाल रेफर किए गए घायल की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है, हालांकि इंद्री अस्पताल में उपचाराधीन दो घायल गांव मुसेपुर के निवासी बताए जा रहे हैं। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी है और दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए गहन जांच कर रही है।1