बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा जल्द करेंगी कोरिया का दौरा, उमेश तिवारी से कहा— "लंबे समय तक रहूंगी जिले में" कोरिया। छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा जल्द ही कोरिया जिले के दौरे पर आएंगी। इस संबंध में उन्होंने पत्रकार उमेश तिवारी से चर्चा करते हुए कहा कि उनका कोरिया दौरा शीघ्र प्रस्तावित है और इस दौरान वे जिले में लंबे समय तक प्रवास करेंगी। डॉ. शर्मा ने बताया कि दौरे के दौरान बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण तथा बाल संरक्षण से जुड़े मामलों की गहन समीक्षा की जाएगी। वे संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी लेंगी तथा आवश्यक दिशा-निर्देश भी देंगी। उन्होंने कहा कि जिले के बाल गृह, विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों एवं अन्य संस्थानों का निरीक्षण भी किया जाएगा, ताकि बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं और व्यवस्थाओं का प्रत्यक्ष आकलन किया जा सके। आयोग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित वातावरण और उसके अधिकारों के अनुरूप सुविधाएं उपलब्ध हों। डॉ. वर्णिका शर्मा के प्रस्तावित दौरे को लेकर जिले में प्रशासनिक तैयारियां भी शुरू होने की संभावना है। उनके लंबे प्रवास के दौरान विभिन्न संस्थानों का निरीक्षण, अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठकें तथा आवश्यकतानुसार जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित पक्षों से भी चर्चा हो सकती है। हालांकि, दौरे की तिथि और विस्तृत कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा अभी शेष है।
बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा जल्द करेंगी कोरिया का दौरा, उमेश तिवारी से कहा— "लंबे समय तक रहूंगी जिले में" कोरिया। छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा जल्द ही कोरिया जिले के दौरे पर आएंगी। इस संबंध में उन्होंने पत्रकार उमेश तिवारी से चर्चा करते हुए कहा कि उनका कोरिया दौरा शीघ्र प्रस्तावित है और इस दौरान वे जिले में लंबे समय तक प्रवास करेंगी। डॉ. शर्मा ने बताया कि दौरे के दौरान बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण तथा बाल संरक्षण से जुड़े मामलों की गहन समीक्षा की जाएगी। वे संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी लेंगी तथा आवश्यक दिशा-निर्देश भी देंगी। उन्होंने कहा कि जिले के बाल गृह, विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों एवं अन्य संस्थानों का निरीक्षण भी किया जाएगा, ताकि बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं और व्यवस्थाओं का प्रत्यक्ष आकलन किया जा सके। आयोग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित वातावरण और उसके अधिकारों के अनुरूप सुविधाएं उपलब्ध हों। डॉ. वर्णिका शर्मा के प्रस्तावित दौरे को लेकर जिले में प्रशासनिक तैयारियां भी शुरू होने की संभावना है। उनके लंबे प्रवास के दौरान विभिन्न संस्थानों का निरीक्षण, अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठकें तथा आवश्यकतानुसार जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित पक्षों से भी चर्चा हो सकती है। हालांकि, दौरे की तिथि और विस्तृत कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा अभी शेष है।
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- सिक्किम के 50वें राज्यत्व समारोह में PM मोदी का संबोधन, विकास और 'विकसित भारत 2047' पर जोर 🇮🇳 सिक्किम के 50वें राज्यत्व वर्ष के समापन समारोह में शामिल हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिक्किम के 50वें राज्यत्व वर्ष के समापन समारोह में भाग लेते हुए राज्य की समृद्ध संस्कृति, प्राकृतिक विरासत और विकास यात्रा की सराहना की। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 के संकल्प में सिक्किम की महत्वपूर्ण भूमिका है। पर्यटन, कनेक्टिविटी और आधारभूत संरचना को नई गति देने वाली विकास परियोजनाओं पर भी जोर दिया गया। 🌿 सिक्किम की गौरवशाली यात्रा को नमन, विकास के नए अध्याय की ओर एक और मजबूत कदम। #PMModi #Sikkim #Statehood50 #ViksitBharat2047 #Gangtok #Development #NewIndia #भारत #NarendraModi #PradeshKhabarNetwork1
- विधानसभा में गूंजी पुष्पराजगढ़ की आवाज़,विधायक फुन्देलाल सिंह मार्को ने IGNTU से जुड़े मुद्दे उठाए 📍 अनूपपुर | पुष्पराजगढ़ अनूपपुर पुष्पराजगढ़/ विधानसभा क्षेत्र के विधायक फुन्देलाल सिंह मार्को ने अमरकंटक स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (IGNTU) से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को विधानसभा में प्रमुखता से उठाया। विधायक ने विश्वविद्यालय परिसर में संचालित ट्राइबल मॉडल स्कूल के विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए आवश्यक मान्यताओं की प्रक्रिया समय पर पूरी करने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि आदिवासी विद्यार्थियों को अंग्रेजी माध्यम में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो और वे कक्षा 12वीं के बाद उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर प्राप्त कर सकें।विधायक मार्को ने विश्वविद्यालय की व्यवस्थाओं में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया, ताकि क्षेत्र की समस्याओं का समयबद्ध समाधान हो सके।अनूपपुर जिले के पुष्पराजगढ़ क्षेत्र के विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य और शिक्षा के अधिकार को लेकर विधायक की यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है।1
- jila anuppur thana Jaithari post lapta me sadak nahi bana hai ane our jane badi samsya hoti hai Anuppur jila Thana jaithari gaon post lapata Se hamare gaon mein sadak nahin banaa hai aane jaane mein badi samasya hoti hai aur hamare gaon ke Jo mukhya sarpanch ji hai unko humne Kai bar bol chuka hai yah log kahate Hain ki yah jila ka kam hai sadak Yojana ke dwara banaya jaega dhanyvad hamare gaon mein sadak banvaen kripya Anya jaane bahut samasya hoti hai1
- अधूरी पुलिया बनी आफत: उफनती नदी में जान हथेली पर रखकर स्कूल पहुंच रहे मासूम, जिम्मेदारों की लापरवाही कब लेगी किसी की जान? *निर्माण कार्य में सुस्ती से ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, ठेकेदार और अधिकारियों पर गंभीर सवाल* *बरसात में पितनी नदी बनी मौत का रास्ता, रोजाना जोखिम उठाने को मजबूर स्कूली बच्चे और ग्रामीण* कोरबा। जिले के पाली विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत उतरदा और रामपुर के बीच बहने वाली पितनी नदी पर निर्माणाधीन पुल की धीमी रफ्तार अब आम लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन चुकी है। बरसात के मौसम में नदी उफान पर है, लेकिन पुल निर्माण अधूरा छोड़ दिए जाने से स्कूली बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और ग्रामीणों को हर दिन अपनी जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ रही है। हालात इतने भयावह हैं कि तेज बहाव के बीच बच्चों का स्कूल जाना किसी बड़े हादसे को खुला निमंत्रण देता नजर आ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि पुल का निर्माण महीनों पहले शुरू हुआ था, लेकिन कार्य की गति इतनी धीमी रही कि बरसात आने से पहले इसे पूरा नहीं किया जा सका। अब आधा-अधूरा पुल ग्रामीणों के किसी काम का नहीं है। दूसरी ओर नदी पूरे उफान पर है और मजबूरी में लोगों को तेज बहाव के बीच नदी पार करनी पड़ रही है। सबसे अधिक चिंता उन मासूम बच्चों की है, जो शिक्षा हासिल करने के लिए हर सुबह मौत से मुकाबला कर स्कूल पहुंचते हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कई बार छोटे-छोटे बच्चे एक-दूसरे का हाथ पकड़कर नदी पार करते देखे गए। कई बच्चों के कंधों पर स्कूल बैग और पैरों के नीचे फिसलन भरे पत्थर—ऐसा दृश्य देखकर हर किसी की सांसें थम जाती हैं। जरा सी चूक किसी परिवार की खुशियां छीन सकती है, लेकिन जिम्मेदार विभाग और निर्माण एजेंसी अब भी गहरी नींद में दिखाई दे रहे हैं।ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण एजेंसी और संबंधित अधिकारियों की लापरवाही ने पूरे क्षेत्र को संकट में डाल दिया है। यदि कार्य समय सीमा के भीतर पूरा कर लिया जाता तो आज लोगों को अपनी जान जोखिम में डालकर नदी पार नहीं करनी पड़ती। ग्रामीणों का कहना है कि ठेकेदार की सुस्त कार्यशैली पर किसी अधिकारी ने ध्यान नहीं दिया, जिसका खामियाजा अब आम जनता भुगत रही है। हर दिन बना रहता है हादसे का डर बरसात के दौरान पितनी नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में नदी पार करना बेहद खतरनाक हो चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार पानी का बहाव अचानक तेज हो जाता है, जिससे बच्चों और महिलाओं को संभालना मुश्किल हो जाता है। गांव के लोग एक-दूसरे का सहारा लेकर नदी पार करते हैं, लेकिन यह व्यवस्था कब तक चलेगी, इसका जवाब किसी के पास नहीं है। जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से नाराजगी ग्रामीणों का कहना है कि कई बार इस समस्या की जानकारी संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। लोगों का आरोप है कि कागजों में विकास कार्य तेजी से पूरे होने का दावा किया जाता है, जबकि जमीनी हकीकत बिल्कुल अलग है। अधूरी पुलिया आज पूरे क्षेत्र के लिए आफत बन चुकी है। शिक्षा पर भी पड़ रहा असर माता-पिता का कहना है कि बरसात के दिनों में बच्चों को स्कूल भेजना मजबूरी बन गया है। कई अभिभावक डर के कारण बच्चों को घर पर ही रोक लेते हैं, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षा के अधिकार की बात करने वाला प्रशासन पहले बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करे। ग्रामीणों की चेतावनी ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पुल निर्माण कार्य को युद्ध स्तर पर पूरा कराया जाए। साथ ही निर्माण में हुई देरी की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधरी और कोई बड़ा हादसा हो गया, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और निर्माण एजेंसी की होगी। *बड़ा सवाल...* *क्या प्रशासन किसी मासूम की जान जाने का इंतजार कर रहा है?* क्या अधूरी पुलिया की कीमत ग्रामीणों की जिंदगी से चुकाई जाएगी? क्या जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही सिर्फ फाइलों तक सीमित है? पितनी नदी पर अधूरी पुलिया आज सिर्फ एक अधूरा निर्माण कार्य नहीं, बल्कि व्यवस्था की लापरवाही का जीता-जागता उदाहरण बन चुकी है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन समय रहते चेतता है या फिर किसी बड़े हादसे के बाद केवल जांच और कार्रवाई का आश्वासन ही मिलता है।2
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- PM मोदी ने सिक्किम के 50वें राज्यत्व वर्ष समापन समारोह में लिया हिस्सा, विकास और विरासत का दिया संदेश 🇮🇳 सिक्किम के 50वें राज्यत्व वर्ष के समापन समारोह में शामिल हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिक्किम के 50वें राज्यत्व वर्ष के समापन समारोह में भाग लेते हुए राज्य की समृद्ध संस्कृति, प्राकृतिक विरासत और विकास यात्रा की सराहना की। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 के संकल्प में सिक्किम की महत्वपूर्ण भूमिका है। पर्यटन, कनेक्टिविटी और आधारभूत संरचना को नई गति देने वाली विकास परियोजनाओं पर भी जोर दिया गया। 🌿 सिक्किम की गौरवशाली यात्रा को नमन, विकास के नए अध्याय की ओर एक और मजबूत कदम। #PMModi #Sikkim #Statehood50 #ViksitBharat2047 #Gangtok #Development #NewIndia #भारत #NarendraModi #PradeshKhabarNetwork1
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