आज 29 मई 2026 को मुरैना जिले की मुरैना, कैलारस और जौरा तहसीलों में संभागीय उड़नदस्ता दल ने दुग्ध विक्रय प्रतिष्ठानों पर सघन कार्रवाई की। इस अभियान के दौरान विभिन्न डेयरियों से दूध, मावा, घी और पनीर के नमूने जांच के लिए लिए गए। कार्रवाई की सूचना मिलते ही कई स्थानों पर अधिकांश डेयरियां बंद हो गईं। जौरा तहसील में, राजस्व दल के साथ पगारा रोड स्थित मोहर सिंह यादव चिलिंग सेंटर से दूध का एक नमूना लिया गया, जिसके बाद जौरा क्षेत्र की अधिकांश डेयरियां बंद हो गईं। वहीं कैलारस में, एमएस रोड स्थित त्यागी दूध डेरी और रौनक डेरी से दूध के नमूने एकत्र किए गए, जहाँ भी कार्रवाई के डर से कई डेयरियों ने अपने शटर गिरा दिए। मुरैना शहर में, धौलपुर रोड पर सिकरौदा नहर के पास स्थित एस. भदौरिया डेरी से मावा एवं घी के नमूने लिए गए। इसके अतिरिक्त, श्री गणेश होटल के आगे वाली गली में स्थित जय दुर्गे डेरी (भोपा की डेरी) से पनीर और घी के नमूने तथा TSS स्कूल के पास अतरसुमा रोड पर स्थित श्री खाटू श्याम दूध डेरी से पनीर एवं दूध के नमूने भी एकत्र किए गए। इस कार्रवाई के दौरान, खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्री अवनीश गुप्ता, श्री गिरीश राजौरिया, श्री सतीश शर्मा और श्री महेंद्र सिरोहिया जांच दल में उपस्थित रहे।
आज 29 मई 2026 को मुरैना जिले की मुरैना, कैलारस और जौरा तहसीलों में संभागीय उड़नदस्ता दल ने दुग्ध विक्रय प्रतिष्ठानों पर सघन कार्रवाई की। इस अभियान के दौरान विभिन्न डेयरियों से दूध, मावा, घी और पनीर के नमूने जांच के लिए लिए गए। कार्रवाई की सूचना मिलते ही कई स्थानों पर अधिकांश डेयरियां बंद हो गईं। जौरा तहसील में, राजस्व दल के साथ पगारा रोड स्थित मोहर सिंह यादव चिलिंग सेंटर से दूध का एक नमूना लिया गया, जिसके बाद जौरा क्षेत्र की अधिकांश डेयरियां बंद हो गईं। वहीं कैलारस में, एमएस रोड स्थित त्यागी दूध डेरी और रौनक डेरी से दूध के नमूने एकत्र किए गए, जहाँ भी कार्रवाई के डर से कई डेयरियों ने अपने शटर गिरा दिए। मुरैना शहर में, धौलपुर रोड पर सिकरौदा नहर के पास स्थित एस. भदौरिया डेरी से मावा एवं घी के नमूने लिए गए। इसके अतिरिक्त, श्री गणेश होटल के आगे वाली गली में स्थित जय दुर्गे डेरी (भोपा की डेरी) से पनीर और घी के नमूने तथा TSS स्कूल के पास अतरसुमा रोड पर स्थित श्री खाटू श्याम दूध डेरी से पनीर एवं दूध के नमूने भी एकत्र किए गए। इस कार्रवाई के दौरान, खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्री अवनीश गुप्ता, श्री गिरीश राजौरिया, श्री सतीश शर्मा और श्री महेंद्र सिरोहिया जांच दल में उपस्थित रहे।
- पोरसा (मुरैना) के ग्राम मडोखर कौथर कलां में आज एक भव्य धार्मिक माहौल के बीच श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। कथा के प्रारंभ से पूर्व, 108 कलशों की एक विशाल शोभायात्रा बैंड-बाजों और भक्तिमय भजनों के साथ पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ निकाली गई। यह शोभायात्रा पोरसा के जनक तोमर परिवार के आराध्य श्री नागाजी महाराज मंदिर से शुरू होकर, लगभग चार किलोमीटर की दूरी तय करते हुए कथा स्थल ग्राम मडोखर कौथर कलां पहुँची। शोभायात्रा के दौरान युवाओं को धार्मिक भजनों पर झूमते हुए देखा गया, और पूरे मार्ग में भक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा था, जिससे पूरे क्षेत्र में भक्ति और आस्था का एक अनूठा संगम दिखाई दिया। इस धार्मिक आयोजन का शुभारंभ परीक्षित मुनीम सिंह तोमर द्वारा कराया गया। कथा वाचन का दायित्व क्षेत्र के प्रसिद्ध कथावाचक पंडित राम प्रकाश शास्त्री जी निभा रहे हैं। कथा के पहले दिन, पंडित राम प्रकाश शास्त्री जी ने श्रीमद् भागवत कथा के श्रवण के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने अपने प्रवचन में गोकर्ण उपाख्यान का विस्तृत वर्णन करते हुए समझाया कि भागवत कथा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि आत्मा की शुद्धि और मोक्ष का मार्ग है। शास्त्री जी ने बल दिया कि श्रद्धा, भक्ति और नियमपूर्वक कथा सुनने से मनुष्य के सभी पापों का नाश होता है और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है। उन्होंने गोकर्ण उपाख्यान के माध्यम से यह भी स्पष्ट किया कि किस प्रकार भक्ति और सत्संग से व्यक्ति कठिन से कठिन परिस्थितियों से भी पार पा सकता है, और कथा सुनने की सही विधि बताते हुए कहा कि मन, वचन और कर्म से एकाग्र होकर कथा का श्रवण करने पर ही उसका पूर्ण फल प्राप्त होता है। इस पूरे आयोजन की व्यवस्थाओं में समस्त ग्रामवासी एवं भक्तगण सक्रिय रूप से सहयोग कर रहे हैं। पूरे क्षेत्र में इस आयोजन को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है, और प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए पहुँच रहे हैं।1
- अम्बाह में भारतीय विक्रम संवत के वर्ष में हिंदू मान्यताओं के अनुसार, ज्येष्ठ मास में अमावस्या के बाद तिथि के हिसाब से नौ तपा शुरू होते हैं। इस बार नौ तपा कैलेंडर के अनुसार 25 मई, 2026 को शुरू हुए, लेकिन जल्द ही मौसम ने करवट ली और 28 मई से ही मानसून ने दस्तक दे दी। इसके बाद 29 मई को शाम 8 बजे के बाद तेज आंधी-पानी आया, जिसमें हवाओं की रफ्तार 70 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई। बादलों की गड़गड़ाहट और बिजली की तेज गर्जना के साथ कई इलाकों में बारिश हुई, वहीं कुछ जगहों पर ओलावृष्टि भी दर्ज की गई। मौसम के इस अचानक बदलाव ने किसानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं, क्योंकि इस समय मूंग की फसल खेतों में तैयार खड़ी है।1
- मुरैना के नगर निगम सभागार में 28 मई 2026 को महावारी स्वच्छता दिवस के अवसर पर एक महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जिले के विभिन्न ब्लॉकों से आईं लगभग 176 किशोरियों एवं बालिकाओं को मासिक धर्म स्वच्छता, एनीमिया और अन्य स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियों के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम में CMHO डॉ. पद्मेश उपाध्याय मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित रहे। उनके साथ DHO-2 डॉ. करकुर, DPM श्री एस.के. श्रीवास्तव, महिला एवं बाल विकास अधिकारी श्रीमती अपूर्वा चौधरी, नगर निगम से स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जगदीश टैगोर, पुलिस कोतवाली मुरैना से सब इंस्पेक्टर श्रीमती हेमलता जी, Heartfulness संस्था से श्रीमती विमला शर्मा एवं उनकी टीम, RKSK State Trainer श्री मनोज कुलश्रेष्ठ, शासकीय छात्रावास की वार्डन और काउंसलर श्री अमन भदौरिया, श्री हरिओम एवं श्री पवन शर्मा सहित कई अधिकारी और अतिथि मौजूद रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन से हुआ, जिसके बाद बालिकाओं ने महावारी स्वच्छता और जागरूकता पर आधारित एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया, जिसकी सभी उपस्थितजनों ने सराहना की। कार्यक्रम के दौरान सभी बालिकाओं को सेनेटरी पैड वितरित किए गए और उन्हें मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता बनाए रखने के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। CMHO डॉ. पद्मेश उपाध्याय ने किशोरियों को एनीमिया के प्रति जागरूक करते हुए संतुलित आहार, आयरन युक्त भोजन और नियमित स्वास्थ्य जांच के महत्व पर विशेष बल दिया। उपस्थित सभी अधिकारियों एवं अतिथियों ने बालिकाओं को स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के प्रति जागरूक रहने तथा समाज में महावारी से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने हेतु प्रेरित किया। अंत में, CID संस्था से जिला समन्वयक डॉ. प्रेमदीप कुलश्रेष्ठ ने सभी अतिथियों, अधिकारियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के समापन पर ब्लॉक समन्वयक श्री सभाराम सिंह वेसंदर द्वारा उपस्थित बालिकाओं को बाल विवाह की रोकथाम एवं जागरूकता के लिए शपथ भी दिलाई गई, जिसके साथ ही कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।2
- मध्य प्रदेश के अम्बाह चिरपुरा रोड पर जलभराव की समस्या एक बार फिर सामने आई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह समस्या हर साल उत्पन्न होती है और इसे 'साल का वही पुराना ड्रामा' कहकर निराशा व्यक्त की गई है, जो इस क्षेत्र में वार्षिक रूप से होने वाली परेशानी की ओर इशारा करता है।1
- गत बुधवार को उड़ीसा के गोपालपुर में हृदयगति रुक जाने से भारतीय सेना के एयर डिफेंस में सेवारत हवलदार महावीर सिंह तोमर वीरगति को प्राप्त हुए। दिमनी थाना क्षेत्र के तुत का पुरा निवासी 42 वर्षीय महावीर सिंह तोमर को चंबल अंचल के वीर सपूतों की परंपरा का हिस्सा बताया गया है, जहां के योद्धाओं ने प्रथम विश्व युद्ध से लेकर 1962, 1965, 1971 और 1999 के युद्धों तक अपना पराक्रम दिखाया है। उनके पार्थिव शरीर को हवाई सेवा से दिल्ली और फिर एंबुलेंस के माध्यम से मुरैना के सर्किट हाउस लाया गया। वहां से पूरे सैनिक सम्मान के साथ उनकी अंतिम पराक्रम यात्रा पैतृक गांव तक निकाली गई। महावीर सिंह तोमर अपने पीछे 12 वर्षीय पुत्र, दो बेटियों, माता-पिता और पत्नी को विलखता छोड़ गए, और उनके पुत्र ने ही उन्हें मुखाग्नि दी। शहीद की अंतिम यात्रा और सलामी के दौरान जिला सैनिक कल्याण अधिकारी मुरैना, दिमनी थाना प्रभारी जितेंद्र दोहरे, अमर शहीद सम्मान सेवा संघ के प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह तोमर सहित मनोज सिंह तोमर, अवधेश सिंह तोमर, भीमसेन सिंह तोमर, रोहित शर्मा, शिवम व अन्य सेवक, भूतपूर्व सैनिक संगठन के सदस्य तथा सैकड़ों ग्रामीणजन मौजूद रहे। इस गमगीन माहौल में 'भारत माता की जय' और 'हवलदार महावीर सिंह तोमर साहब अमर रहें' के जयघोष गूंजते रहे।1
- आज 29 मई 2026 को मुरैना जिले की मुरैना, कैलारस और जौरा तहसीलों में संभागीय उड़नदस्ता दल ने दुग्ध विक्रय प्रतिष्ठानों पर सघन कार्रवाई की। इस अभियान के दौरान विभिन्न डेयरियों से दूध, मावा, घी और पनीर के नमूने जांच के लिए लिए गए। कार्रवाई की सूचना मिलते ही कई स्थानों पर अधिकांश डेयरियां बंद हो गईं। जौरा तहसील में, राजस्व दल के साथ पगारा रोड स्थित मोहर सिंह यादव चिलिंग सेंटर से दूध का एक नमूना लिया गया, जिसके बाद जौरा क्षेत्र की अधिकांश डेयरियां बंद हो गईं। वहीं कैलारस में, एमएस रोड स्थित त्यागी दूध डेरी और रौनक डेरी से दूध के नमूने एकत्र किए गए, जहाँ भी कार्रवाई के डर से कई डेयरियों ने अपने शटर गिरा दिए। मुरैना शहर में, धौलपुर रोड पर सिकरौदा नहर के पास स्थित एस. भदौरिया डेरी से मावा एवं घी के नमूने लिए गए। इसके अतिरिक्त, श्री गणेश होटल के आगे वाली गली में स्थित जय दुर्गे डेरी (भोपा की डेरी) से पनीर और घी के नमूने तथा TSS स्कूल के पास अतरसुमा रोड पर स्थित श्री खाटू श्याम दूध डेरी से पनीर एवं दूध के नमूने भी एकत्र किए गए। इस कार्रवाई के दौरान, खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्री अवनीश गुप्ता, श्री गिरीश राजौरिया, श्री सतीश शर्मा और श्री महेंद्र सिरोहिया जांच दल में उपस्थित रहे।1
- मुरैना में रेत माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी है, जिसमें एसपी और कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड खुद सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। यह विशेष चेकिंग दिन के उजाले में नहीं, बल्कि रात में और धूप के बजाय बारिश के दौरान की जा रही है। अभियान के तहत बिना नंबर प्लेट वाली गाड़ियों और रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की सघन जांच की जा रही है। इस पूरी कार्रवाई पर कलेक्टर की पैनी नजर बनी हुई है।1