जमुई के अलीगंज स्थित दरखा मोड़ पोखर के समीप नवादा–सिकंदरा मुख्य मार्ग पर मंगलवार को सड़क किनारे लगे बिजली ट्रांसफार्मर की चपेट में आने से एक भैंस की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया, जिसके चलते उन्होंने मुआवजे की मांग और बिजली विभाग की लापरवाही के विरोध में मुख्य सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। इस जाम के कारण मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मृत भैंस के मालिक रहिश महतो ने बताया कि उनकी भैंस खेत से चरकर गांव लौट रही थी, तभी वह ट्रांसफार्मर की चपेट में आ गई। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी स्थान पर पहले भी एक मवेशी की करंट लगने से मौत हो चुकी है, तब भी ग्रामीणों ने बिजली विभाग से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की थी, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। महतो ने कहा कि विभाग की लापरवाही से उन्हें हजारों रुपये का नुकसान हुआ है और उनका परिवार इसी पशुपालन पर निर्भर है। ग्रामीणों ने भी चिंता व्यक्त की कि ट्रांसफार्मर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था का अभाव है और खुले बिजली उपकरण किसी बड़े हादसे को न्योता दे रहे हैं, जिससे भविष्य में किसी व्यक्ति की जान भी जा सकती है। घटना के समय मवेशी मालिक और कई राहगीर भी बाल-बाल बचे। घटना की सूचना मिलने पर दरखा पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि सुजीत कुमार ने चंद्रदीप एवं लछुआड़ थाना तथा बिजली विभाग के अधिकारियों को जानकारी दी। सूचना मिलते ही लछुआड़ थाना प्रभारी रूपेश कुमार पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण मृत पशु के मालिक को उचित मुआवजा और ट्रांसफार्मर को तत्काल वहां से हटाने की मांग पर अड़े रहे। बाद में अधिकारियों द्वारा मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई और उचित पहल का आश्वासन दिए जाने के बाद ग्रामीणों ने सड़क जाम समाप्त किया। ग्रामीणों ने अब मांग की है कि मृत पशु के मालिक को शीघ्र उचित मुआवजा दिया जाए तथा सड़क किनारे लगे खुले और जर्जर बिजली उपकरणों की मरम्मत या स्थानांतरण कर भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जाए। मौके पर मुखिया प्रतिनिधि सुजीत कुमार, वाई.पी. सुमन सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद थे।
जमुई के अलीगंज स्थित दरखा मोड़ पोखर के समीप नवादा–सिकंदरा मुख्य मार्ग पर मंगलवार को सड़क किनारे लगे बिजली ट्रांसफार्मर की चपेट में आने से एक भैंस की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया, जिसके चलते उन्होंने मुआवजे की मांग और बिजली विभाग की लापरवाही के विरोध में मुख्य सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। इस जाम के कारण मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मृत भैंस के मालिक रहिश महतो ने बताया कि उनकी भैंस खेत से चरकर गांव लौट रही थी, तभी वह ट्रांसफार्मर की चपेट में आ गई। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी स्थान पर पहले भी एक मवेशी की करंट लगने से मौत
हो चुकी है, तब भी ग्रामीणों ने बिजली विभाग से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की थी, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। महतो ने कहा कि विभाग की लापरवाही से उन्हें हजारों रुपये का नुकसान हुआ है और उनका परिवार इसी पशुपालन पर निर्भर है। ग्रामीणों ने भी चिंता व्यक्त की कि ट्रांसफार्मर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था का अभाव है और खुले बिजली उपकरण किसी बड़े हादसे को न्योता दे रहे हैं, जिससे भविष्य में किसी व्यक्ति की जान भी जा सकती है। घटना के समय मवेशी मालिक और कई राहगीर भी बाल-बाल बचे। घटना की सूचना मिलने पर दरखा पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि सुजीत कुमार ने चंद्रदीप एवं लछुआड़ थाना तथा बिजली विभाग के अधिकारियों को जानकारी दी। सूचना मिलते ही लछुआड़
थाना प्रभारी रूपेश कुमार पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण मृत पशु के मालिक को उचित मुआवजा और ट्रांसफार्मर को तत्काल वहां से हटाने की मांग पर अड़े रहे। बाद में अधिकारियों द्वारा मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई और उचित पहल का आश्वासन दिए जाने के बाद ग्रामीणों ने सड़क जाम समाप्त किया। ग्रामीणों ने अब मांग की है कि मृत पशु के मालिक को शीघ्र उचित मुआवजा दिया जाए तथा सड़क किनारे लगे खुले और जर्जर बिजली उपकरणों की मरम्मत या स्थानांतरण कर भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जाए। मौके पर मुखिया प्रतिनिधि सुजीत कुमार, वाई.पी. सुमन सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद थे।
- जमुई के अलीगंज स्थित दरखा मोड़ पोखर के समीप नवादा–सिकंदरा मुख्य मार्ग पर मंगलवार को सड़क किनारे लगे बिजली ट्रांसफार्मर की चपेट में आने से एक भैंस की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया, जिसके चलते उन्होंने मुआवजे की मांग और बिजली विभाग की लापरवाही के विरोध में मुख्य सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। इस जाम के कारण मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मृत भैंस के मालिक रहिश महतो ने बताया कि उनकी भैंस खेत से चरकर गांव लौट रही थी, तभी वह ट्रांसफार्मर की चपेट में आ गई। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी स्थान पर पहले भी एक मवेशी की करंट लगने से मौत हो चुकी है, तब भी ग्रामीणों ने बिजली विभाग से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की थी, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। महतो ने कहा कि विभाग की लापरवाही से उन्हें हजारों रुपये का नुकसान हुआ है और उनका परिवार इसी पशुपालन पर निर्भर है। ग्रामीणों ने भी चिंता व्यक्त की कि ट्रांसफार्मर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था का अभाव है और खुले बिजली उपकरण किसी बड़े हादसे को न्योता दे रहे हैं, जिससे भविष्य में किसी व्यक्ति की जान भी जा सकती है। घटना के समय मवेशी मालिक और कई राहगीर भी बाल-बाल बचे। घटना की सूचना मिलने पर दरखा पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि सुजीत कुमार ने चंद्रदीप एवं लछुआड़ थाना तथा बिजली विभाग के अधिकारियों को जानकारी दी। सूचना मिलते ही लछुआड़ थाना प्रभारी रूपेश कुमार पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण मृत पशु के मालिक को उचित मुआवजा और ट्रांसफार्मर को तत्काल वहां से हटाने की मांग पर अड़े रहे। बाद में अधिकारियों द्वारा मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई और उचित पहल का आश्वासन दिए जाने के बाद ग्रामीणों ने सड़क जाम समाप्त किया। ग्रामीणों ने अब मांग की है कि मृत पशु के मालिक को शीघ्र उचित मुआवजा दिया जाए तथा सड़क किनारे लगे खुले और जर्जर बिजली उपकरणों की मरम्मत या स्थानांतरण कर भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जाए। मौके पर मुखिया प्रतिनिधि सुजीत कुमार, वाई.पी. सुमन सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद थे।3
- शेखपुरा शहर में चोरी का सिलसिला एक बार फिर से आरम्भ हो गया है, जिससे स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है। शहर के स्टेशन रोड पर स्थित एक दाँत अस्पताल नामक क्लिनिक से एक साइकिल चोर ने बड़ी आसानी से एक साइकिल चुरा ली। अभी तक चोर की पहचान नहीं हो पाई है। इस घटना ने एक बार फिर शहर में चोरों के बढ़ते आतंक को सामने ला दिया है, जहाँ निजी क्लिनिकों में भी चोरी के दृश्य देखे जा रहे हैं।1
- लखीसराय जिले के रामगढ़ चौक प्रखंड की बिल्लो ग्राम पंचायत में मंगलवार को बिहार सरकार का महत्वाकांक्षी 'सहयोग शिविर' आयोजित किया गया, लेकिन सुबह से हो रही रिमझिम बारिश के कारण शिविर में आवेदकों की संख्या उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। दोपहर 12 बजे तक लगातार बारिश के चलते इसका असर फीका पड़ गया। पंचायत सरकार भवन में आयोजित इस शिविर का उद्घाटन जिला शिक्षा पदाधिकारी यदुनंदन राम, प्रखंड विकास पदाधिकारी अभिषेक कुमार, अंचलाधिकारी निशांत कुमार, प्रभारी शिक्षा पदाधिकारी डॉ. कंचन, मुखिया नवल ठाकुर, बीसीओ निप्पू लाल वर्मा और जदयू प्रखंड अध्यक्ष राजकुमार महतो ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। शिविर में 17 विभागों के स्टॉल लगाए गए थे। प्रखंड अध्यक्ष राजकुमार महतो ने जोर दिया कि अब ग्रामीणों को प्रखंड के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, क्योंकि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत गांव-पंचायत में ही मौके पर आवेदन लिए जा रहे हैं। प्रखंड विकास पदाधिकारी अभिषेक कुमार ने बताया कि शिविर लगने से पहले ही पंचायत कर्मियों द्वारा 111 आवेदन प्राप्त किए जा चुके थे, जिनमें से 53 आवेदनों का निष्पादन कर दिया गया है। उन्होंने आश्वस्त किया कि शेष बचे 58 लंबित आवेदनों को भी समय पर निपटाया जाएगा, और शिविर में दिनभर मिले सभी नए आवेदनों को 30 दिनों के अंदर संबंधित विभाग से निष्पादित कराकर आम लोगों का काम पूरा कराया जाएगा। इस अवसर पर प्रखंड सांख्यिकी पदाधिकारी अभिषेक कुमार, एसआई पंकज कुमार, प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी नीरज कुमार, प्रखंड कृषि पदाधिकारी चंद्र प्रकाश मिश्रा, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी खुशबू कुमारी, बीपीएम महेश चौधरी, बिजली विभाग के कनीय अभियंता अनुराग प्रियम, समन्वयक जितेंद्र मिश्रा, चंद्रभूषण कुमार और तकनीकी सहायक राजीव राय सहित सभी विभागीय पदाधिकारी और दर्जनों आवेदक उपस्थित थे।1
- पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विगत रात्रि लखीसराय जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में संचालित गश्ती व्यवस्था की निगरानी के लिए वरीय पुलिस पदाधिकारियों ने सघन भ्रमण किया। मंगलवार दोपहर 12:25 पर सोशल मीडिया से मिली जानकारी के अनुसार, इस दौरान रात्रि गश्ती, ऑफिसर ऑफ द डे (ओडी) और डायल-112 सेवा में तैनात पुलिस बल की उपस्थिति, सतर्कता, कार्यप्रणाली तथा गश्ती व्यवस्था का गहनता से जायजा लिया गया। निरीक्षण के पश्चात, सभी पुलिस पदाधिकारियों एवं कर्मियों को मुस्तैदी के साथ अपनी ड्यूटी निभाने, संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने और आमजन की सुरक्षा व कानून-व्यवस्था को प्रभावी ढंग से बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।1
- मुख्यमंत्री ने एक 'सहयोग शिविर' में एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। इस घोषणा के अनुसार, अब निजी वाहनों से किसी भी प्रकार का टोल टैक्स नहीं वसूला जाएगा। हालांकि, यह स्पष्ट किया गया है कि कॉमर्शियल गाड़ियों पर टोल टैक्स का प्रावधान जारी रहेगा और उनसे कर की वसूली की जाएगी।1
- जमुई के श्रीकृष्ण सिंह स्टेडियम में भारत सरकार की एडीएफ (Assistance to Disabled Persons) योजना के तहत दिव्यांगजनों के लिए एक वितरण शिविर का आयोजन किया गया। इस पहल का उद्देश्य दिव्यांगजनों को संबल प्रदान करना और उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में सरकार की ओर से मदद देना है। कार्यक्रम के दौरान, जिले के कुल 106 दिव्यांग लाभार्थियों को उनकी आवश्यकतानुसार ट्राई साइकिल सहित विभिन्न सहायक उपकरण वितरित किए गए। उपकरण प्राप्त करने के बाद, लाभार्थियों ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि ये उपकरण उनके दैनिक जीवन, आवागमन को सुगम बनाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनने में काफी मददगार साबित होंगे। इस कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य दिव्यांगजनों को सशक्त बनाना, उनकी आवाजाही को आसान बनाना और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना था। बड़ी संख्या में लाभार्थी अपने परिजनों के साथ इस कार्यक्रम में पहुंचे, जहाँ निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद सभी को क्रमवार सहायक उपकरण प्रदान किए गए। पटना से आए कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. रंजन कुमार ने बताया कि यह वितरण भारत सरकार की एडीएफ योजना के तहत किया गया है। उन्होंने आगे कहा कि सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक पात्र दिव्यांगजन को उसकी आवश्यकता के अनुरूप सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाएं, ताकि वे शिक्षा, रोजगार और सामाजिक गतिविधियों में अधिक सक्रियता से भाग ले सकें।1
- लखीसराय के रामगढ़ चौक प्रखंड में इस मानसून के दौरान 'जी राम जी योजना' के तहत कुल 19,200 पौधे लगाए जाएंगे। यह पहल ग्लोबल वार्मिंग से निपटने और क्षेत्र में हरियाली बढ़ाने के उद्देश्य से की जा रही है। योजना के अंतर्गत प्रखंड की आठों ग्राम पंचायतों में 12-12 यूनिट पौधारोपण का कार्य होगा, जिसके लिए महोगनी, सागवान, आम, कटहल और अमरूद जैसे पौधों का चयन किया गया है। पौधारोपण के स्थलों का चिन्हांकन भी पूरा कर लिया गया है। पौधों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उनके चारों ओर केबिन बनाई जाएगी और देखरेख के लिए 'वन पोषक' नियुक्त किए जाएंगे। इस योजना के तहत मनरेगा की मजदूरी जो पहले ₹255 थी, उसे बढ़ाकर ₹300 प्रतिदिन कर दिया गया है। वन पोषक को महीने में 8 दिन का काम मिलेगा। 'जी राम जी योजना' 1 जुलाई से पोर्टल ऐप पर संचालित हो रही है। प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी नीरज कुमार और लेखपाल मनीष कुमार की अध्यक्षता में हुई मासिक समीक्षात्मक बैठक में इस योजना की प्रगति पर चर्चा की गई। बैठक में प्रखंड के सभी जी राम जी योजना कर्मी और आठों पंचायतों के रोजगार सेवक उपस्थित थे। प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी नीरज कुमार ने बताया कि यह कार्यक्रम विभाग के निर्देश पर विश्व में बढ़ते ग्लोबल वार्मिंग से निपटने के लिए सरकार द्वारा चलाया जा रहा है। किसानों के खेतों में मजदूरों की कमी न हो, इसे ध्यान में रखते हुए 10 जुलाई से 30 जुलाई तक कोई नई योजना शुरू नहीं की जाएगी और इस अवधि में किसी भी मजदूर को कार्य नहीं दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, अब एक पंचायत में जिला परिषद, पंचायत समिति और ग्राम पंचायत को मिलाकर एक समय में अधिकतम 20 योजनाएं ही क्रियान्वित की जा सकेंगी। बैठक में कंप्यूटर ऑपरेटर सुभाष चंद्र प्रसाद, रोजगार सेवक सुनील कुमार विश्वकर्मा, मुमताज अंसारी, पंकज कुमार, शशिकांत कुमार और डाटा एंट्री ऑपरेटर हरेंद्र कुमार सहित दर्जनों लोग मौजूद थे।1
- काशीचक प्रखंड के बौरी गांव में रामबाबू चौधरी के पुत्र आर्यन की हत्या के बाद, विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने उनके परिजनों से मिलकर ढांढस बंधाया है। इसी क्रम में, संतोष कुमार उर्फ विकास महतो ने भी पीड़ित परिवार से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और उन्हें हर संभव सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया। विकास महतो ने थानाप्रभारी से अविलंब अपराधी को गिरफ्तार करने की बात कही। उन्होंने यह भी मांग की कि मामले की गंभीरता से जांच की जाए और जिला प्रशासन द्वारा उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।4