उत्तर प्रदेश के बुलन्दशहर में सावन माह की कांवड़ यात्रा की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। एसएसपी ने 59 पुलिस बाइक रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। सभी टीमें 59 सेक्टरों में कांवड़ मार्गों का भ्रमण करेंगी। कांवड़ियों की सहायता के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। जनपद में 200 से अधिक खाद्य शिविर लगेंगे। यातायात व्यवस्था के लिए जनपद को 5 सुपर जोन, 19 जोन और 59 सेक्टरों में बांटा गया है। हर सेक्टर में एडिशनल एसपी, सीओ रैंक के अधिकारी, इंस्पेक्टर और संबंधित विभागों के अधिकारी तैनात रहेंगे। किसी भी समस्या का तत्काल समाधान किया जाएगा। कांवड़ मार्गों पर 5000 से अधिक सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी। डीएम, एसएसपी, एएसपी समेत वरिष्ठ अधिकारियों को मोबाइल पर भी लाइव एक्सेस रहेगा। जनपद के आठ प्रमुख गंगा घाटों पर बैरिकेडिंग पूरी कर ली गई है। बिजली, गोताखोर, नाव और अतिरिक्त पुलिस बल की व्यवस्था की गई है। ढाई हजार से अधिक पुलिसकर्मी और पीएसी की कई कंपनियां तैनात रहेंगी। पीएसी के गोताखोर भी मौजूद रहेंगे। इस बार गंगा एक्सप्रेसवे का भी उपयोग किया जाएगा, जिससे ट्रैफिक डायवर्जन से यातायात व्यवस्था सुचारू रहेगी। हर थाने में कांवड़ रजिस्टर बनाया गया है, जहां प्रत्येक जत्थे का रूट, डीजे, ऊंचाई और अन्य सभी विवरण दर्ज रहेंगे।
उत्तर प्रदेश के बुलन्दशहर में सावन माह की कांवड़ यात्रा की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। एसएसपी ने 59 पुलिस बाइक रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। सभी टीमें 59 सेक्टरों में कांवड़ मार्गों का भ्रमण करेंगी। कांवड़ियों की सहायता के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। जनपद में 200 से अधिक खाद्य शिविर लगेंगे। यातायात व्यवस्था के लिए जनपद को 5 सुपर जोन, 19 जोन और 59 सेक्टरों में बांटा गया है। हर सेक्टर में एडिशनल एसपी, सीओ रैंक के अधिकारी, इंस्पेक्टर और संबंधित विभागों के अधिकारी तैनात रहेंगे। किसी भी समस्या का तत्काल समाधान किया जाएगा। कांवड़ मार्गों पर 5000 से अधिक सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी। डीएम, एसएसपी, एएसपी समेत वरिष्ठ अधिकारियों को मोबाइल पर भी लाइव एक्सेस रहेगा। जनपद के आठ प्रमुख गंगा घाटों पर बैरिकेडिंग पूरी कर ली गई है। बिजली, गोताखोर, नाव और अतिरिक्त पुलिस बल की व्यवस्था की गई है। ढाई हजार से अधिक पुलिसकर्मी और पीएसी की कई कंपनियां तैनात रहेंगी। पीएसी के गोताखोर भी मौजूद रहेंगे। इस बार गंगा एक्सप्रेसवे का भी उपयोग किया जाएगा, जिससे ट्रैफिक डायवर्जन से यातायात व्यवस्था सुचारू रहेगी। हर थाने में कांवड़ रजिस्टर बनाया गया है, जहां प्रत्येक जत्थे का रूट, डीजे, ऊंचाई और अन्य सभी विवरण दर्ज रहेंगे।
- बुलंदशहर के शिकारपुर में नगर के मौहल्ला मुफ्तीवाड़ा वार्ड नम्बर दस स्थित दौज वाली पोखर के सौंदर्यकरण कार्य के दौरान एक शिवलिंग जैसी आकृति निकलने की बात सामने आई। जैसे ही यह खबर क्षेत्र में फैली, भोले बाबा के दर्शनों के लिए स्थानीय निवासियों के साथ-साथ दूर-दराज के श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया। हालांकि, प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि पोखर की खुदाई के दौरान ऐसी कोई प्राचीन या आधिकारिक शिवलिंग नहीं निकली है। दूसरी ओर, स्थानीय जनता और श्रद्धालुओं का स्पष्ट दावा है कि सौंदर्यकरण के दौरान ही पोखर से शिवलिंग प्रकट हुआ है, जिसके प्रति लोगों में अगाध श्रद्धा देखी जा रही है। सोमवार को इस आस्था और जनसमूह के उत्साह को देखते हुए मुफ्तीवाड़ा वार्ड नम्बर दस स्थित परिसर में विशाल भण्डारे का भव्य आयोजन किया गया। इस धार्मिक आयोजन में बुलंदशहर और आसपास के सुदूर इलाकों से आए सैकड़ों श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन कर प्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान पूरे क्षेत्र में जय भोलेनाथ और हर-हर महादेव के जयकारे गूंजते रहे। सौंदर्यकरण कार्य के बीच इस घटनाक्रम ने पूरे मुफ्तीवाड़ा क्षेत्र में चर्चा और धार्मिक आस्था का केन्द्र बना दिया है।1
- A D O panchayat ग्राम प्रधान1
- नई दिल्ली। वर्ष 2002 के गुजरात दंगों के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का 'राजधर्म' वाला बयान एक बार फिर चर्चा में है। जंतर-मंतर पर छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के बीच यह पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और राजनीतिक बहस का विषय बना हुआ है। गुजरात दंगों के बाद अटल ने मोदी को राजधर्म याद दिलाया।1
- अलीगढ़ जिले के चंडौस में श्रीमद्भागवत कथा के समापन पर गभाना चेयरमैन कुंवर अभिमन्यु राज सिंह पहुंचे। इस अवसर पर उनका भव्य स्वागत किया गया और उनकी आरती उतारी गई। यह आयोजन स्थानीय लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम था।1
- बुलंदशहर में सावन माह की कांवड़ यात्रा को लेकर पुलिस-प्रशासन ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। एसएसपी दिनेश कुमार सिंह ने 59 पुलिस बाइक रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। सभी टीमें 59 सेक्टरों में कांवड़ मार्गों का भ्रमण करेंगी। कांवड़ियों की सहायता के लिए विशेष व्यवस्था की गई है और जनपद में 200 से अधिक खाद्य शिविर लगेंगे। यातायात व्यवस्था के लिए जनपद को 5 सुपर जोन, 19 जोन और 59 सेक्टरों में बांटा गया है। हर सेक्टर में एडिशनल एसपी/सीओ रैंक के अधिकारी, इंस्पेक्टर और संबंधित विभागों के अधिकारी तैनात रहेंगे ताकि किसी भी समस्या का तत्काल समाधान किया जा सके। कांवड़ मार्गों पर 5000 से अधिक CCTV कैमरों से निगरानी की जाएगी और डीएम, एसएसपी, एएसपी समेत वरिष्ठ अधिकारियों को मोबाइल पर भी लाइव एक्सेस रहेगा। जनपद के 8 प्रमुख गंगा घाटों पर बैरिकेडिंग पूरी कर ली गई है और बिजली, गोताखोर, नाव और अतिरिक्त पुलिस बल की व्यवस्था की गई है। ढाई हजार से अधिक पुलिसकर्मी और पीएसी की कई कंपनियां तैनात रहेंगी, पीएसी के गोताखोर भी मौजूद रहेंगे। इस बार गंगा एक्सप्रेसवे का भी उपयोग किया जाएगा और ट्रैफिक डायवर्जन से यातायात व्यवस्था सुचारू रहेगी। हर थाने में कांवड़ रजिस्टर बनाया गया है जहां प्रत्येक जत्थे का रूट, डीजे, ऊंचाई और अन्य सभी विवरण दर्ज रहेंगे।4
- माननीय मुख्यमंत्री आदित्य नाथ योगी जी की तरफ से दी जाने वाली जनसुनवाई। मास्टर श्यौराज1
- #दिल्ली एक तरफ बिजली कटौती से यूपी में हाहाकार, दूसरी तरफ बिजली के बढ़ेंगे दाम। जनता बिजली माँगेगी तो मंत्री बोलेंगे1
- उत्तर प्रदेश के बुलन्दशहर में सावन माह की कांवड़ यात्रा की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। एसएसपी ने 59 पुलिस बाइक रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। सभी टीमें 59 सेक्टरों में कांवड़ मार्गों का भ्रमण करेंगी। कांवड़ियों की सहायता के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। जनपद में 200 से अधिक खाद्य शिविर लगेंगे। यातायात व्यवस्था के लिए जनपद को 5 सुपर जोन, 19 जोन और 59 सेक्टरों में बांटा गया है। हर सेक्टर में एडिशनल एसपी, सीओ रैंक के अधिकारी, इंस्पेक्टर और संबंधित विभागों के अधिकारी तैनात रहेंगे। किसी भी समस्या का तत्काल समाधान किया जाएगा। कांवड़ मार्गों पर 5000 से अधिक सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी। डीएम, एसएसपी, एएसपी समेत वरिष्ठ अधिकारियों को मोबाइल पर भी लाइव एक्सेस रहेगा। जनपद के आठ प्रमुख गंगा घाटों पर बैरिकेडिंग पूरी कर ली गई है। बिजली, गोताखोर, नाव और अतिरिक्त पुलिस बल की व्यवस्था की गई है। ढाई हजार से अधिक पुलिसकर्मी और पीएसी की कई कंपनियां तैनात रहेंगी। पीएसी के गोताखोर भी मौजूद रहेंगे। इस बार गंगा एक्सप्रेसवे का भी उपयोग किया जाएगा, जिससे ट्रैफिक डायवर्जन से यातायात व्यवस्था सुचारू रहेगी। हर थाने में कांवड़ रजिस्टर बनाया गया है, जहां प्रत्येक जत्थे का रूट, डीजे, ऊंचाई और अन्य सभी विवरण दर्ज रहेंगे।1