हिमालय की गोद स्कींग और नाइट स्कीइंग अनुभूति देश को दुनिया में सर्वोपरि ला खड़ा करेगी। औली में पहली बार हुए नाइट स्कीइंग गेम्स ने विदेशी सैलानियों के लिए नया द्वार खोल दिया है। दिन के समय की स्कीइंग सामान्य है, लेकिन सफेद बर्फ के ऊपर रात की जगमगाती रोशनी में स्कीइंग करना आश्चर्यजनक है, जो रोमांच के साथ अलग अनुभव करा जाता है। यूरोपीय देशों में स्कीइंग का आकर्षण गेम्स और मनोरंजन की अलग गाथा है, लेकिन नाइट स्कीइंग एहसास की अलग पराकाष्ठा है, जो स्कीइंग के शौकीनों को देश में पहली बार देखने को मिल रही है। इस अनुभव का अद्भुत एहसास को लेकर विदेशी सैलानियों का जमाववड़ा औली में लगने लगेगा। औली एक शांत और नैसर्गिक पर्वतीय स्थल है। जहां स्कीइंग जैसे इवेंट का आयोजन पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में उत्तराखंड के साथ देश को अलग पहचान दे सकता है और औली में पहली हुए नाइट स्कीइंग ने यह कर दिखाया है। अब जरूरत इसे आगे ले जाने की है और दिखाने की है कि हिमालय की गोद में बसा औली कुदरत का अनुपम उपहार ही नहीं बल्कि स्कीइंग की जन्नत है और इसके साथ नाइट स्कीइंग का अनुभव सोने में सुहागा है। कमसे स्कीइंग के शौकीन विदेशी, इस अनुभव से दूर रहना तो कतई पसंद करेंगे। उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार की यह खास उपलब्धि है। प्रदेश के विकास में सरकार ने अनेकों जतन तो किए होंगे, लेकिन स्कीइंग के साथ नाइट स्कीइंग प्रदेश को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अलग पहचान दिलाने में कामयाब हुआ है। बहरहाल औली की नाइट स्कीइंग की पहचान यूरोपीय, रसिया, अमेरिकी और चायना जैसे देशों से परिचित कराने की है। इन देशों में अनेक हिस्सों में बर्फ के खेलों का आयोजन सिर चढ़कर बोलता है, लेकिन दुनिया के थर्ड पोल हिमालय में स्कींग और नाइट स्कीइंग अनुभूति देश को सर्वोपरि ला खड़ा करेगी।
हिमालय की गोद स्कींग और नाइट स्कीइंग अनुभूति देश को दुनिया में सर्वोपरि ला खड़ा करेगी। औली में पहली बार हुए नाइट स्कीइंग गेम्स ने विदेशी सैलानियों के लिए नया द्वार खोल दिया है। दिन के समय की स्कीइंग सामान्य है, लेकिन सफेद बर्फ के ऊपर रात की जगमगाती रोशनी में स्कीइंग करना आश्चर्यजनक है, जो रोमांच के साथ अलग अनुभव करा जाता है। यूरोपीय देशों में स्कीइंग का आकर्षण गेम्स और मनोरंजन की अलग गाथा
है, लेकिन नाइट स्कीइंग एहसास की अलग पराकाष्ठा है, जो स्कीइंग के शौकीनों को देश में पहली बार देखने को मिल रही है। इस अनुभव का अद्भुत एहसास को लेकर विदेशी सैलानियों का जमाववड़ा औली में लगने लगेगा। औली एक शांत और नैसर्गिक पर्वतीय स्थल है। जहां स्कीइंग जैसे इवेंट का आयोजन पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में उत्तराखंड के साथ देश को अलग पहचान दे सकता है और औली में पहली हुए नाइट स्कीइंग
ने यह कर दिखाया है। अब जरूरत इसे आगे ले जाने की है और दिखाने की है कि हिमालय की गोद में बसा औली कुदरत का अनुपम उपहार ही नहीं बल्कि स्कीइंग की जन्नत है और इसके साथ नाइट स्कीइंग का अनुभव सोने में सुहागा है। कमसे स्कीइंग के शौकीन विदेशी, इस अनुभव से दूर रहना तो कतई पसंद करेंगे। उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार की यह खास उपलब्धि है। प्रदेश के विकास में सरकार
ने अनेकों जतन तो किए होंगे, लेकिन स्कीइंग के साथ नाइट स्कीइंग प्रदेश को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अलग पहचान दिलाने में कामयाब हुआ है। बहरहाल औली की नाइट स्कीइंग की पहचान यूरोपीय, रसिया, अमेरिकी और चायना जैसे देशों से परिचित कराने की है। इन देशों में अनेक हिस्सों में बर्फ के खेलों का आयोजन सिर चढ़कर बोलता है, लेकिन दुनिया के थर्ड पोल हिमालय में स्कींग और नाइट स्कीइंग अनुभूति देश को सर्वोपरि ला खड़ा करेगी।
- दीवानराम, नैनीताल उत्तराखंडओखलकांडा, नैनीताल, उत्तराखंड👌5 hrs ago
- 27 जनवरी 2026 को सुंदरपाड़ा इलाके के आजाद नगर में हिस्ट्रीशीटर शाहनवाज मलिक अपनी छत पर देसी बम बना रहा था। उसके साथ परिवार वाले भी मौजूद थे। तभी भयंकर ब्लास्ट हो गया, जिस वजह से चारों गंभीर रूप से घायल हो गए। आस पड़ोस में डर का माहौल बना हुआ है1
- नैनीताल- नैनीताल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट को सोमवार सुबह बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद हड़कंप मच गया। जिला जज को एक धमकी भरा ई-मेल प्राप्त हुआ, जिसमें कोर्ट परिसर में विस्फोटक लगाए जाने का दावा किया गया था। ई-मेल में दोपहर 12:15 बजे धमाका होने की चेतावनी दी गई थी।तस्वीर में दिख रहे ई-मेल के अनुसार कोर्ट को उड़ाने की धमकी तमिलनाडु में EWS आरक्षण लागू करने का विरोध जताने के नाम पर दी गई है। मैसेज में लिखा है कि “EWS Reservation Implementation in Tamil Nadu by DMK Government” को रोका जाए, वरना दोपहर 12:15 बजे विस्फोट होगा। यानी धमकी देने वाला व्यक्ति/समूह इस नीति का विरोध जताने के लिए डर फैलाने की कोशिश कर रहा है। धमकी मिलने के तुरंत बाद प्रशासन और पुलिस महकमा अलर्ट हो गया। एहतियातन पूरे कोर्ट कैंपस को खाली करा लिया गया। न्यायिक कार्यवाही अस्थायी रूप से रोक दी गई और आम लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई।पुलिस, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड की टीमों ने मौके पर पहुंचकर सर्च अभियान शुरू कर दिया। कोर्ट परिसर के हर हिस्से की गहन तलाशी ली जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा के मद्देनजर सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं।प्राथमिक जांच में सामने आया है कि धमकी ई-मेल के जरिए भेजी गई थी। ई-मेल में आपत्तिजनक और भड़काऊ भाषा का प्रयोग किया गया है। साइबर सेल की टीम ई-मेल के स्रोत और प्रेषक की पहचान करने में जुट गई है। पुलिस ने बताया कि फिलहाल किसी भी संदिग्ध वस्तु की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन एहतियातन तलाशी अभियान जारी रहेगा। सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है।1
- औली में पहली बार हुए नाइट स्कीइंग गेम्स ने विदेशी सैलानियों के लिए नया द्वार खोल दिया है। दिन के समय की स्कीइंग सामान्य है, लेकिन सफेद बर्फ के ऊपर रात की जगमगाती रोशनी में स्कीइंग करना आश्चर्यजनक है, जो रोमांच के साथ अलग अनुभव करा जाता है। यूरोपीय देशों में स्कीइंग का आकर्षण गेम्स और मनोरंजन की अलग गाथा है, लेकिन नाइट स्कीइंग एहसास की अलग पराकाष्ठा है, जो स्कीइंग के शौकीनों को देश में पहली बार देखने को मिल रही है। इस अनुभव का अद्भुत एहसास को लेकर विदेशी सैलानियों का जमाववड़ा औली में लगने लगेगा। औली एक शांत और नैसर्गिक पर्वतीय स्थल है। जहां स्कीइंग जैसे इवेंट का आयोजन पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में उत्तराखंड के साथ देश को अलग पहचान दे सकता है और औली में पहली हुए नाइट स्कीइंग ने यह कर दिखाया है। अब जरूरत इसे आगे ले जाने की है और दिखाने की है कि हिमालय की गोद में बसा औली कुदरत का अनुपम उपहार ही नहीं बल्कि स्कीइंग की जन्नत है और इसके साथ नाइट स्कीइंग का अनुभव सोने में सुहागा है। कमसे स्कीइंग के शौकीन विदेशी, इस अनुभव से दूर रहना तो कतई पसंद करेंगे। उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार की यह खास उपलब्धि है। प्रदेश के विकास में सरकार ने अनेकों जतन तो किए होंगे, लेकिन स्कीइंग के साथ नाइट स्कीइंग प्रदेश को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अलग पहचान दिलाने में कामयाब हुआ है। बहरहाल औली की नाइट स्कीइंग की पहचान यूरोपीय, रसिया, अमेरिकी और चायना जैसे देशों से परिचित कराने की है। इन देशों में अनेक हिस्सों में बर्फ के खेलों का आयोजन सिर चढ़कर बोलता है, लेकिन दुनिया के थर्ड पोल हिमालय में स्कींग और नाइट स्कीइंग अनुभूति देश को सर्वोपरि ला खड़ा करेगी।4
- जागेश्वर के जाख में दिन दहाड़े गुलदार को धमक, लोगों ने की सुरक्षा की मांग अल्मोड़ा जनपद के जागेश्वर विधानसभा के जाख क्षेत्र में दिन दहाड़े गुलदार दिखा। दिनदहाड़े गुलदार दिखने से लोग भय में हैं। लोगों का कहना है कि वन विभाग जंगली जानवरों के आतंक से निजात दिलाई।1
- जिला अलीगढ़ की खबरें 🙏👍1
- Post by शैल शक्ति1
- उत्तराखंड:रुद्रपुर के शिमला बहादुर रोड पर फोम से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली बनी आग का गोला 🔥 देखते ही देखते पूरा सामान जलकर राख… चारों तरफ धुआं ही धुआं! स्थानीय लोगों की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा समय रहते ट्रॉली को बिजली के तारों से दूर रोका गया, फायर ब्रिगेड ने पाया आग पर काबू।1
- नैनीताल में रविवार को दिन में धूप के बाद शाम को छाई धुंध से बड़ी ठंड में बढ़ोतरी हो गई। नगर में सुबह के समय तेज धूप का मौसम बना हुआ था और मौसम गर्म रहने की संभावना नजर आ रही थी, लेकिन दोपहर में मौसम का अलग अंदाज देखने को मिला। अचानक घने बादल उमड़े तो नगर में धुंध छानी शुरू हो गई। अपरान्ह तीन बजे ठंड महसूस होने लगी। इसके बाद सांय पांच धुंध छंट गई और मौसम खुशनुमा हो गया। जीआईसी मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार अधिकतम तापमान 19 और न्यूनतम नौ डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।1