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मध्य प्रदेश के श्योपुर में बारिश और आंधी के कारण एक दर्दनाक हादसा हो गया, जिसमें एक 22 वर्षीय युवक की मौत हो गई। घटना श्योपुर की कराहल तहसील में हुई, जहाँ शाहिनूर खान नामक युवक बारिश से बचने के लिए एक पेड़ के नीचे खड़ा था। अचानक आई आंधी और बारिश के तेज़ झोंकों से वह पेड़ टूटकर गिर गया, जिसकी चपेट में आने से शाहिनूर खान की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे में युवक की माँ और बहन भी घायल हो गईं। इस दुखद घटना से परिवार का इकलौता सहारा और घर का चिराग बुझ गया।
Lokesh shukla
मध्य प्रदेश के श्योपुर में बारिश और आंधी के कारण एक दर्दनाक हादसा हो गया, जिसमें एक 22 वर्षीय युवक की मौत हो गई। घटना श्योपुर की कराहल तहसील में हुई, जहाँ शाहिनूर खान नामक युवक बारिश से बचने के लिए एक पेड़ के नीचे खड़ा था। अचानक आई आंधी और बारिश के तेज़ झोंकों से वह पेड़ टूटकर गिर गया, जिसकी चपेट में आने से शाहिनूर खान की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे में युवक की माँ और बहन भी घायल हो गईं। इस दुखद घटना से परिवार का इकलौता सहारा और घर का चिराग बुझ गया।
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- मध्य प्रदेश के श्योपुर में बारिश और आंधी के कारण एक दर्दनाक हादसा हो गया, जिसमें एक 22 वर्षीय युवक की मौत हो गई। घटना श्योपुर की कराहल तहसील में हुई, जहाँ शाहिनूर खान नामक युवक बारिश से बचने के लिए एक पेड़ के नीचे खड़ा था। अचानक आई आंधी और बारिश के तेज़ झोंकों से वह पेड़ टूटकर गिर गया, जिसकी चपेट में आने से शाहिनूर खान की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे में युवक की माँ और बहन भी घायल हो गईं। इस दुखद घटना से परिवार का इकलौता सहारा और घर का चिराग बुझ गया।1
- मध्य प्रदेश के जौरा स्थित सिविल अस्पताल में संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने अपनी विभिन्न मांगों और नियमितीकरण की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। इस हड़ताल का सीधा असर अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है, जिससे इलाज और जांच के लिए आ रहे मरीजों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी प्रदेश संगठन के आह्वान पर जौरा के संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने यह सामूहिक हड़ताल प्रारंभ की है। हड़ताली कर्मचारियों का कहना है कि नियमितीकरण सहित उनकी अन्य मांगें लंबे समय से लंबित हैं, लेकिन शासन स्तर पर अभी तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। संविदा स्वास्थ्य कर्मी गोयल ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा संविदा कर्मियों के हित में निर्देश दिए जाने के बावजूद नियमितीकरण की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है, और न ही अन्य लंबित मांगों पर कोई सकारात्मक कार्रवाई हुई है। हड़ताल के कारण अस्पताल की कई महत्वपूर्ण सेवाएं प्रभावित हुई हैं, जिससे मरीजों और उनके परिजनों ने स्वास्थ्य सेवाओं के बाधित होने पर गहरी चिंता व्यक्त की है। संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर उचित निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन और हड़ताल जारी रहेगी। इस बीच, अस्पताल प्रशासन वैकल्पिक व्यवस्थाओं के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएं सुचारु बनाए रखने का प्रयास कर रहा है।1
- कैलारस ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले ग्राम विज़न में सकल पंच की भागवत कथा चल रही है।1
- बाड़ी में एएसपी श्रवण कुमार झोरड के निर्देशों पर ट्रैफिक पुलिस ने यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। इस अभियान के दौरान, कुल 14 वाहनों का चालान किया गया। यह कार्रवाई बाड़ी थाना प्रभारी देवेंद्र कुमार शर्मा के नेतृत्व में ट्रैफिक इंचार्ज जितेंद्र कुमार द्वारा अंजाम दी गई। ट्रैफिक पुलिस ने विशेष रूप से उन वाहनों पर ध्यान केंद्रित किया जो यातायात के नियमों का पालन नहीं कर रहे थे।1
- राजस्थान के धौलपुर जिले के बसेड़ी में एक बाबू को ₹25,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया है।1
- बाड़ी में यूथ कांग्रेस ने नगरपालिका की निविदाओं में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के दौरान, कार्यकर्ताओं और संबंधित पक्ष के बीच ज्ञापन देने को लेकर तीखी बहस भी हुई।3
- धौलपुर जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम पंचायत रतनपुर के कनिष्ठ सहायक रमेश कुमार को ₹25,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी भूतेश्वर महादेव मंदिर पर उस समय की गई जब आरोपी श्रमदान कर रहा था। आरोपी को उसके पैंट की जेब से रिश्वत की राशि के साथ दबोचा गया। एसीबी उपाधीक्षक धौलपुर ज्ञानचंद ने बताया कि परिवादी ने एसीबी धौलपुर में शिकायत दर्ज कराई थी कि मनरेगा योजना में मस्टरोल जारी करने के बदले आरोपी कर्मचारी ₹26,000 की रिश्वत की मांग कर रहा था। शिकायत मिलने के बाद, एसीबी ने मामले का गोपनीय सत्यापन कराया, जिसमें आरोपी द्वारा ₹25,000 रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद, एसीबी मुख्यालय जयपुर के निर्देश पर भरतपुर रेंज के उपमहानिरीक्षक पुलिस ओमप्रकाश मीणा के सुपरविजन में तथा धौलपुर उपअधीक्षक ज्ञानचंद मीणा के नेतृत्व में एक टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। टीम में हेड कांस्टेबल श्रीभान, कांस्टेबल इंद्रजीत, ब्रह्मदेव, योगेश कुमार, बृजेश कुमार, चालक शंकर और कनिष्ठ लिपिक राजकुमार सहित अन्य सदस्य शामिल थे। फिलहाल, आरोपी से पूछताछ जारी है और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।1
- परिवहन आयुक्त श्री उमेश जोगा ने भिंड जिले में चल रही कार्रवाई और प्रवर्तन गतिविधियों की समीक्षा करते हुए अवैध खनिज, विशेषकर चंबल रेत के परिवहन में संलिप्त वाहनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन वाहनों की सघन जांच की जाए और आवश्यकतानुसार उनमें जीपीएस प्रणाली स्थापित कराई जाए। यह बैठक कलेक्ट्रेट सभागार भिंड में आयोजित हुई, जिसमें कलेक्टर भिंड, पुलिस अधीक्षक भिंड सहित वन, पुलिस, खनिज एवं परिवहन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। समीक्षा बैठक के दौरान श्री जोगा ने आदेश दिया कि अवैध चंबल रेत के परिवहन में लगे वाहनों को तत्काल जब्त किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों को पुलिस अभिरक्षा में रखकर उनके चालकों और मालिकों के विरुद्ध परिवहन नियमों के तहत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। परिवहन आयुक्त ने साफ किया कि जिले में कहीं भी अवैध रेत का भंडारण पाए जाने पर उसे तत्काल समाप्त कर विनष्टीकरण की कार्रवाई की जाए। उन्होंने संबंधित विभागों को समन्वय स्थापित कर लगातार कार्रवाई जारी रखने के निर्देश देते हुए कहा कि अवैध गतिविधियों में संलिप्त किसी भी वाहन को किसी भी स्थिति में नहीं छोड़ा जाएगा। इसके अतिरिक्त, यात्री बस सेवाओं के संबंध में भी उन्होंने निर्देशित किया कि बिना परमिट के कोई भी बस नहीं चलनी चाहिए, जिनकी समय-समय पर सघन चेकिंग कर परमिट और फिटनेस की जांच की जाए। बैठक में कलेक्टर भिंड ने बताया कि अवैध खनिज परिवहन के विरुद्ध की जा रही कार्रवाई की नियमित समीक्षा होती है और आकस्मिक निरीक्षण कर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है। उन्होंने जानकारी दी कि जिले में निगरानी एवं जांच के लिए चेकिंग पॉइंट स्थापित किए गए हैं, जहां वाहनों की लगातार जांच की जा रही है। पुलिस अधीक्षक भिंड ने पुलिस विभाग की ओर से आवश्यक बल और सहयोग उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। परिवहन आयुक्त ने इस बात पर जोर दिया कि जिले में अवैध खनिज परिवहन और चंबल रेत के अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन और स्टाफ भी उपलब्ध कराया जाएगा।1