पीलीभीत: 90 लाख की डील के बाद जमीन विक्रेता को अगवा करने की कोशिश, शोर मचाने पर बची जान पूरनपुर कस्बे में रजिस्ट्री ऑफिस के पास शनिवार को दिनदहाड़े जमीन विक्रेता के अपहरण की कोशिश से हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि 90 लाख रुपये की जमीन की डील के बाद कुछ लोग विक्रेता को बहाने से कार में बैठाकर ले जाने लगे। इसी दौरान विक्रेता को शक हुआ तो उसने शोर मचा दिया। शोर सुनकर आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंच गए और कार को घेर लिया। लोगों की भीड़ जुटती देख आरोपी विक्रेता को छोड़कर मौके से फरार हो गए। हैरानी की बात यह रही कि आरोपी 90 लाख रुपये दिए बिना ही भाग निकले। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौके का निरीक्षण किया और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की पहचान कर जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
पीलीभीत: 90 लाख की डील के बाद जमीन विक्रेता को अगवा करने की कोशिश, शोर मचाने पर बची जान पूरनपुर कस्बे में रजिस्ट्री ऑफिस के पास शनिवार को दिनदहाड़े जमीन विक्रेता के अपहरण की कोशिश से हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि 90 लाख रुपये की जमीन की डील के बाद कुछ लोग विक्रेता को बहाने से कार में बैठाकर ले जाने लगे। इसी दौरान विक्रेता को शक हुआ तो उसने शोर मचा दिया। शोर सुनकर आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंच गए और कार को घेर लिया। लोगों की भीड़ जुटती देख आरोपी विक्रेता को छोड़कर मौके से फरार हो गए। हैरानी की बात यह रही कि आरोपी 90 लाख रुपये दिए बिना ही भाग निकले। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौके का निरीक्षण किया और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की पहचान कर जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
- पीलीभीत क्षेत्र के अंतर्गत पूरनपुर के ट्रांस शारदा क्षेत्र में वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शुक्रवार की रात नेहरू नगर से भुरजनिया जाने वाले मार्ग पर एक अज्ञात तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आने से एक मादा तेंदुए की दर्दनाक मौत हो गई। घटना का विवरण शनिवार सुबह जब ग्रामीणों ने सड़क किनारे तेंदुए का लहूलुहान शव देखा, तो पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। मृत मादा तेंदुए के शरीर से काफी खून बह चुका था। सूचना मिलते ही भारी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले दो महीनों से इस क्षेत्र के गांवों में तेंदुए और बाघों की सक्रियता काफी बढ़ गई थी, जिससे लोग पहले से ही डरे हुए थे। वन विभाग की कार्रवाई घटना की जानकारी मिलते ही संपूर्णानगर रेंजर ललित कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। वन विभाग ने घटनास्थल का मुआयना कर साक्ष्य जुटाए और शव को कब्जे में ले लिया। मृत तेंदुए की आयु: लगभग 4 से 5 वर्ष। मौत का कारण: प्रथम दृष्टया तेज रफ्तार वाहन की टक्कर। अगला कदम: शनिवार को डॉक्टरों के पैनल द्वारा पोस्टमार्टम कराया जाएगा ताकि मृत्यु के सटीक कारणों और चोटों की गंभीरता का पता चल सके। मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती घटनाएं ट्रांस शारदा क्षेत्र में वन्यजीवों की मौजूदगी लगातार चिंता का विषय बनी हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि महज दो दिन पहले ही चंदनगर गांव में एक तेंदुए ने ग्रामीण विजय के घर में घुसकर बकरी का शिकार किया था। इस ताजा घटना ने क्षेत्र में वन विभाग की गश्त और वन्यजीवों के संरक्षण पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। ग्रामीणों में चिंता और विभाग की चेतावनी जहाँ एक ओर वन्यजीव की मौत से प्रकृति प्रेमियों में दुख है, वहीं ग्रामीणों में सुरक्षा को लेकर भारी चिंता व्याप्त है। ग्रामीणों का मानना है कि यदि क्षेत्र में अन्य हिंसक वन्यजीव मौजूद हैं, तो इस तरह की घटनाओं से वे और अधिक आक्रामक हो सकते हैं। वन विभाग की सलाह: रेंजर ललित कुमार ने स्थानीय निवासियों को सतर्क रहने, समूह में चलने और विशेषकर रात के समय अकेले बाहर न निकलने की सख्त हिदायत दी है।1
- पीलीभीत।पूरनपुर (हजारा) क्षेत्र के नेहरू नगर में सड़क दुर्घटना में तेंदुए की दर्दनाक मौत हो गई जिस पर लोगों ने वन विभाग को सूचना दी। सूचना पर वन विभाग मौके पर पहुंची तथा तेंदुए के शव को पीएम के लिए भेजा।लेकिन लोगों का कहना है कि लगातार हो रहे ऐसे हादसे चिंता का विषय हैं वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।1
- Post by समाचार Crime News1
- Post by Asif khan1
- पीलीभीत टाइगर रिजर्व: खुले जंगल में बाघ का दीदार कर रोमांचित हुए सैलानी, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ नजारा पीलीभीत। उत्तर प्रदेश के पीलीभीत टाइगर रिजर्व (PTR) से प्रकृति और वन्यजीव प्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर देने वाली तस्वीरें सामने आई हैं। यहाँ के घने जंगलों के बीच, नदी के किनारे खुले में घूमते बाघ को देखकर सैलानियों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। चिड़ियाघर के पिंजरों से इतर, अपनी प्राकृतिक मखमली घास और शांत वातावरण में बाघ का यह अंदाज लोगों के लिए किसी सपने से कम नहीं था। नदी के किनारे 'किंग' की चहलकदमी टाइगर रिजर्व के भीतर से गुजरने वाली नदी के किनारे जब एक विशालकाय बाघ सड़क पर चहलकदमी करता हुआ नजर आया, तो वहां मौजूद पर्यटकों की सांसें थम गईं। बाघ को शांत भाव से सड़क पार करते और नदी के किनारे धूप का आनंद लेते देखना एक दुर्लभ अनुभव था। "चिड़ियाघर में बाघ को देखना एक बात है, लेकिन पीलीभीत के इन खुले जंगलों में उसे अपनी मर्जी से घूमते देखना रोंगटे खड़े कर देने वाला अनुभव है।" — एक पर्यटक उत्साह और खौफ का अनोखा संगम बाघ को अपने इतने करीब देखकर सैलानियों के बीच मिला-जुला माहौल देखने को मिला: जिज्ञासा: कई सैलानी इस अद्भुत दृश्य को अपने कैमरों और मोबाइल में कैद करने के लिए उत्सुक दिखे। डर और सिहरन: बाघ की दहाड़ और उसकी राजसी चाल को देखकर कुछ पर्यटक सहमे हुए भी नजर आए। जंगल की खामोशी के बीच बाघ की मौजूदगी ने एक रोमांचक डर पैदा कर दिया था। क्यों खास है पीलीभीत टाइगर रिजर्व? पीलीभीत टाइगर रिजर्व अपनी जैव विविधता और बाघों की बढ़ती संख्या के लिए दुनिया भर में मशहूर है। हाल के वर्षों में यहाँ 'साइटिंग' (बाघ दिखने की घटनाएं) काफी बढ़ी हैं, जिससे यह ईको-टूरिज्म का एक बड़ा केंद्र बन गया है। पर्यटकों के लिए सलाह: वन विभाग ने पर्यटकों से अपील की है कि बाघ दिखने पर शोर न मचाएं और सुरक्षित दूरी बनाए रखें। जंगल के नियमों का पालन करते हुए ही इस प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लें।1
- पीलीभीत: 90 लाख की डील के बाद जमीन विक्रेता को अगवा करने की कोशिश, शोर मचाने पर बची जान, घटना का वीडियो वायरल, पीलीभीत के पूरनपुर इलाके का मामला1
- पीलीभीत में शुक्रवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे ने कोहराम मचा दिया। बरेली-पीलीभीत हाईवे पर जहानाबाद थाना क्षेत्र के पास एक तेज रफ्तार ट्रक और सवारियों से भरी ईको कार के बीच जोरदार भिड़ंत हो गई। इस दर्दनाक हादसे में दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हैं। हादसे का घटनाक्रम प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक ईको कार बरेली से करीब 12 सवारियों को लेकर पीलीभीत की ओर आ रही थी। रास्ते में नवाबगंज के पास 2 सवारियां उतर गई थीं। शेष 10 यात्रियों को लेकर जब कार जहानाबाद क्षेत्र में पहुंची, तभी सामने से आ रहे एक अनियंत्रित ट्रक ने कार को सीधी टक्कर मार दी। भिड़ंत इतनी जबरदस्त थी कि ईको कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। राहत एवं बचाव कार्य चीख-पुकार सुनकर स्थानीय ग्रामीण और राहगीर तुरंत मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू किया। सूचना मिलते ही जहानाबाद थाना पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंच गई। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद कार के मलबे में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला और एम्बुलेंस की मदद से जिला अस्पताल भेजा। हताहतों का विवरण: जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने दो युवकों को मृत घोषित कर दिया। मृतकों में से एक की पहचान रजत (निवासी: मोहल्ला बाग गुलशेर खां, सुनगढ़ी) के रूप में हुई है, जबकि दूसरे मृतक की शिनाख्त के प्रयास किए जा रहे हैं। घायलों की स्थिति: हादसे में दो यात्रियों की हालत चिंताजनक बनी हुई थी, जिनमें से एक को बेहतर इलाज के लिए बरेली के हायर सेंटर रेफर किया गया है। अन्य 6 यात्रियों को मामूली चोटें आई थीं, जिन्हें उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। पुलिस की कार्रवाई हादसे के बाद हाईवे पर वाहनों की लंबी कतार लग गई थी। पुलिस ने क्रेन बुलाकर क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाया और यातायात बहाल कराया। पुलिस ने ट्रक को अपने कब्जे में ले लिया है। एएसपी विक्रम दहिया ने मामले की जानकारी देते हुए बताया: "पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। ट्रक को कब्जे में लिया गया है और तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।"3
- पीलीभीत टाइगर रिजर्व: प्रकृति का अद्भुत दृश्य, खनिज की तलाश में मिट्टी चाटता दिखा हॉग डियर पीलीभीत (उत्तर प्रदेश) प्रकृति अपनी संतानों का ख्याल रखना बखूबी जानती है। पीलीभीत टाइगर रिजर्व (PTR) से हाल ही में सामने आई एक तस्वीर ने इस बात को एक बार फिर सच साबित कर दिया है। रिजर्व के घास के मैदानों में एक दुर्लभ नर हॉग डियर (पाढ़ा) को अपनी पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए प्राकृतिक रूप से 'सॉल्ट लिक' (नमक वाली मिट्टी) चाटते हुए देखा गया। क्या है यह प्राकृतिक प्रक्रिया? वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, शाकाहारी जीवों को केवल घास और पत्तियों से सभी आवश्यक खनिज नहीं मिल पाते। विशेष रूप से नर हिरणों को अपने सींगों (Antlers) के विकास और शारीरिक मजबूती के लिए सोडियम, कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे खनिजों की भारी मात्रा में आवश्यकता होती है। इसे 'जियोफैगी' (Geophagy) कहा जाता है, जहाँ जानवर मिट्टी के उन खास हिस्सों को चुनते हैं जहाँ लवणों की सांद्रता अधिक होती है। पीलीभीत टाइगर रिजर्व की जैव विविधता का प्रमाण तराई क्षेत्र में स्थित पीलीभीत टाइगर रिजर्व हॉग डियर जैसी लुप्तप्राय प्रजातियों के लिए एक सुरक्षित आश्रय स्थल बन गया है। प्राकृतिक संसाधन: रिजर्व के भीतर मौजूद ये प्राकृतिक 'साल्ट लिक्स' इस बात का संकेत हैं कि यहाँ का पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) स्वस्थ है। हॉग डियर की विशेषता: यह प्रजाति ऊँची घासों में रहना पसंद करती है और स्वभाव से काफी शर्मीली होती है, जिसके कारण इनका दिखना दुर्लभ माना जाता है। विशेषज्ञ की राय "प्रकृति माँ के पास हर जीव की जरूरत को पूरा करने के संसाधन मौजूद हैं। जब हम जंगली जानवरों को मिट्टी चाटते देखते हैं, तो यह दर्शाता है कि वे अपने स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए खुद को वातावरण के अनुसार ढाल चुके हैं। हमारा काम बस इन संसाधनों और उनके आवास को सुरक्षित रखना है।" — स्थानीय वन्यजीव संरक्षक मुख्य बिंदु: स्थान: पीलीभीत टाइगर रिजर्व, उत्तर प्रदेश। प्रजाति: हॉग डियर (Axis porcinus)। कारण: खनिज और लवण (Minerals) की पूर्ति। यह दृश्य न केवल पर्यटकों के लिए रोमांचक है, बल्कि पर्यावरणविदों के लिए भी एक सुखद संकेत है कि पीलीभीत के जंगलों में खाद्य श्रृंखला और पोषण चक्र प्राकृतिक रूप से सुचारू रूप से चल रहा है।1
- पीलीभीत जनपद के पूरनपुर तहसील अंतर्गत आने वाले ट्रांस शारदा क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहाँ शुक्रवार रात एक मादा तेंदुए की अज्ञात वाहन की टक्कर लगने से मौत हो गई। यह घटना नेहरू नगर से भुरजनिया जाने वाले मार्ग पर हुई। शनिवार सुबह जब सड़क किनारे तेंदुए का शव मिला, तो पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। शनिवार सुबह जैसे ही घटना की जानकारी फैली, बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। मृत मादा तेंदुए के शरीर से काफी खून बह चुका था। सूचना मिलते ही संपूर्णानगर रेंजर ललित कुमार अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। वन विभाग ने साक्ष्य जुटाने के बाद शव को अपने कब्जे में ले लिया। रेंजर ललित कुमार ने पुष्टि करते हुए बताया कि मृत मादा तेंदुए की उम्र लगभग 4 से 5 वर्ष है। प्रथम दृष्टया मौत का कारण किसी तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आना लग रहा है। सटीक कारणों का पता लगाने के लिए शनिवार को शव का पैनल द्वारा पोस्टमार्टम कराया जाएगा। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले दो महीनों से इस क्षेत्र के गांवों में तेंदुए और बाघ की आवाजाही लगातार देखी जा रही थी। हाल ही में, दो दिन पहले ही चंदननगर गांव में एक तेंदुआ ग्रामीण विजय के घर से उसकी बकरी उठा ले गया था। इन घटनाओं के कारण स्थानीय लोग पहले से ही दहशत में जी रहे थे। इस हादसे ने संरक्षित क्षेत्रों के पास से गुजरने वाले वाहनों की गति सीमा और वन्यजीवों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहाँ एक ओर तेंदुए की मौत से ग्रामीणों में दुख है, वहीं दूसरी ओर उन्हें इस बात की चिंता है कि क्षेत्र में मौजूद अन्य हिंसक वन्यजीव अब और अधिक आक्रामक हो सकते हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने स्थानीय लोगों को अत्यधिक सतर्क रहने और रात के समय अकेले बाहर न निकलने की सख्त सलाह दी है।1