logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

पीलीभीत टाइगर रिजर्व: प्रकृति का अद्भुत दृश्य, खनिज की तलाश में मिट्टी चाटता दिखा हॉग डियर पीलीभीत टाइगर रिजर्व: प्रकृति का अद्भुत दृश्य, खनिज की तलाश में मिट्टी चाटता दिखा हॉग डियर पीलीभीत (उत्तर प्रदेश) प्रकृति अपनी संतानों का ख्याल रखना बखूबी जानती है। पीलीभीत टाइगर रिजर्व (PTR) से हाल ही में सामने आई एक तस्वीर ने इस बात को एक बार फिर सच साबित कर दिया है। रिजर्व के घास के मैदानों में एक दुर्लभ नर हॉग डियर (पाढ़ा) को अपनी पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए प्राकृतिक रूप से 'सॉल्ट लिक' (नमक वाली मिट्टी) चाटते हुए देखा गया। क्या है यह प्राकृतिक प्रक्रिया? वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, शाकाहारी जीवों को केवल घास और पत्तियों से सभी आवश्यक खनिज नहीं मिल पाते। विशेष रूप से नर हिरणों को अपने सींगों (Antlers) के विकास और शारीरिक मजबूती के लिए सोडियम, कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे खनिजों की भारी मात्रा में आवश्यकता होती है। इसे 'जियोफैगी' (Geophagy) कहा जाता है, जहाँ जानवर मिट्टी के उन खास हिस्सों को चुनते हैं जहाँ लवणों की सांद्रता अधिक होती है। पीलीभीत टाइगर रिजर्व की जैव विविधता का प्रमाण तराई क्षेत्र में स्थित पीलीभीत टाइगर रिजर्व हॉग डियर जैसी लुप्तप्राय प्रजातियों के लिए एक सुरक्षित आश्रय स्थल बन गया है। प्राकृतिक संसाधन: रिजर्व के भीतर मौजूद ये प्राकृतिक 'साल्ट लिक्स' इस बात का संकेत हैं कि यहाँ का पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) स्वस्थ है। हॉग डियर की विशेषता: यह प्रजाति ऊँची घासों में रहना पसंद करती है और स्वभाव से काफी शर्मीली होती है, जिसके कारण इनका दिखना दुर्लभ माना जाता है। विशेषज्ञ की राय "प्रकृति माँ के पास हर जीव की जरूरत को पूरा करने के संसाधन मौजूद हैं। जब हम जंगली जानवरों को मिट्टी चाटते देखते हैं, तो यह दर्शाता है कि वे अपने स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए खुद को वातावरण के अनुसार ढाल चुके हैं। हमारा काम बस इन संसाधनों और उनके आवास को सुरक्षित रखना है।" — स्थानीय वन्यजीव संरक्षक मुख्य बिंदु: स्थान: पीलीभीत टाइगर रिजर्व, उत्तर प्रदेश। प्रजाति: हॉग डियर (Axis porcinus)। कारण: खनिज और लवण (Minerals) की पूर्ति। यह दृश्य न केवल पर्यटकों के लिए रोमांचक है, बल्कि पर्यावरणविदों के लिए भी एक सुखद संकेत है कि पीलीभीत के जंगलों में खाद्य श्रृंखला और पोषण चक्र प्राकृतिक रूप से सुचारू रूप से चल रहा है।

5 hrs ago
user_HARUN KHAN
HARUN KHAN
Local News Reporter Kalinagar, Pilibhit•
5 hrs ago

पीलीभीत टाइगर रिजर्व: प्रकृति का अद्भुत दृश्य, खनिज की तलाश में मिट्टी चाटता दिखा हॉग डियर पीलीभीत टाइगर रिजर्व: प्रकृति का अद्भुत दृश्य, खनिज की तलाश में मिट्टी चाटता दिखा हॉग डियर पीलीभीत (उत्तर प्रदेश) प्रकृति अपनी संतानों का ख्याल रखना बखूबी जानती है। पीलीभीत टाइगर रिजर्व (PTR) से हाल ही में सामने आई एक तस्वीर ने इस बात को एक बार फिर सच साबित कर दिया है। रिजर्व के घास के मैदानों में एक दुर्लभ नर हॉग डियर (पाढ़ा) को अपनी पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए प्राकृतिक रूप से 'सॉल्ट लिक' (नमक वाली मिट्टी) चाटते हुए देखा गया। क्या है यह प्राकृतिक प्रक्रिया? वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, शाकाहारी जीवों को केवल घास और पत्तियों से सभी आवश्यक खनिज नहीं मिल पाते। विशेष रूप से नर हिरणों को अपने सींगों (Antlers) के विकास और शारीरिक मजबूती के लिए सोडियम, कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे खनिजों की भारी मात्रा में आवश्यकता होती है। इसे 'जियोफैगी' (Geophagy) कहा जाता है, जहाँ जानवर मिट्टी के उन खास हिस्सों को चुनते हैं जहाँ लवणों की सांद्रता अधिक होती है। पीलीभीत टाइगर रिजर्व की जैव विविधता का प्रमाण तराई क्षेत्र में स्थित पीलीभीत टाइगर रिजर्व हॉग डियर जैसी लुप्तप्राय प्रजातियों के लिए एक सुरक्षित आश्रय स्थल बन गया है। प्राकृतिक संसाधन: रिजर्व के भीतर मौजूद ये प्राकृतिक 'साल्ट लिक्स' इस बात का संकेत हैं कि यहाँ का पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) स्वस्थ है। हॉग डियर की विशेषता: यह प्रजाति ऊँची घासों में रहना पसंद करती है और स्वभाव से काफी शर्मीली होती है, जिसके कारण इनका दिखना दुर्लभ माना जाता है। विशेषज्ञ की राय "प्रकृति माँ के पास हर जीव की जरूरत को पूरा करने के संसाधन मौजूद हैं। जब हम जंगली जानवरों को मिट्टी चाटते देखते हैं, तो यह दर्शाता है कि वे अपने स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए खुद को वातावरण के अनुसार ढाल चुके हैं। हमारा काम बस इन संसाधनों और उनके आवास को सुरक्षित रखना है।" — स्थानीय वन्यजीव संरक्षक मुख्य बिंदु: स्थान: पीलीभीत टाइगर रिजर्व, उत्तर प्रदेश। प्रजाति: हॉग डियर (Axis porcinus)। कारण: खनिज और लवण (Minerals) की पूर्ति। यह दृश्य न केवल पर्यटकों के लिए रोमांचक है, बल्कि पर्यावरणविदों के लिए भी एक सुखद संकेत है कि पीलीभीत के जंगलों में खाद्य श्रृंखला और पोषण चक्र प्राकृतिक रूप से सुचारू रूप से चल रहा है।

More news from Pilibhit and nearby areas
  • पीलीभीत टाइगर रिजर्व: प्रकृति का अद्भुत दृश्य, खनिज की तलाश में मिट्टी चाटता दिखा हॉग डियर पीलीभीत (उत्तर प्रदेश) प्रकृति अपनी संतानों का ख्याल रखना बखूबी जानती है। पीलीभीत टाइगर रिजर्व (PTR) से हाल ही में सामने आई एक तस्वीर ने इस बात को एक बार फिर सच साबित कर दिया है। रिजर्व के घास के मैदानों में एक दुर्लभ नर हॉग डियर (पाढ़ा) को अपनी पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए प्राकृतिक रूप से 'सॉल्ट लिक' (नमक वाली मिट्टी) चाटते हुए देखा गया। क्या है यह प्राकृतिक प्रक्रिया? वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, शाकाहारी जीवों को केवल घास और पत्तियों से सभी आवश्यक खनिज नहीं मिल पाते। विशेष रूप से नर हिरणों को अपने सींगों (Antlers) के विकास और शारीरिक मजबूती के लिए सोडियम, कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे खनिजों की भारी मात्रा में आवश्यकता होती है। इसे 'जियोफैगी' (Geophagy) कहा जाता है, जहाँ जानवर मिट्टी के उन खास हिस्सों को चुनते हैं जहाँ लवणों की सांद्रता अधिक होती है। पीलीभीत टाइगर रिजर्व की जैव विविधता का प्रमाण तराई क्षेत्र में स्थित पीलीभीत टाइगर रिजर्व हॉग डियर जैसी लुप्तप्राय प्रजातियों के लिए एक सुरक्षित आश्रय स्थल बन गया है। प्राकृतिक संसाधन: रिजर्व के भीतर मौजूद ये प्राकृतिक 'साल्ट लिक्स' इस बात का संकेत हैं कि यहाँ का पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) स्वस्थ है। हॉग डियर की विशेषता: यह प्रजाति ऊँची घासों में रहना पसंद करती है और स्वभाव से काफी शर्मीली होती है, जिसके कारण इनका दिखना दुर्लभ माना जाता है। विशेषज्ञ की राय "प्रकृति माँ के पास हर जीव की जरूरत को पूरा करने के संसाधन मौजूद हैं। जब हम जंगली जानवरों को मिट्टी चाटते देखते हैं, तो यह दर्शाता है कि वे अपने स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए खुद को वातावरण के अनुसार ढाल चुके हैं। हमारा काम बस इन संसाधनों और उनके आवास को सुरक्षित रखना है।" — स्थानीय वन्यजीव संरक्षक मुख्य बिंदु: स्थान: पीलीभीत टाइगर रिजर्व, उत्तर प्रदेश। प्रजाति: हॉग डियर (Axis porcinus)। कारण: खनिज और लवण (Minerals) की पूर्ति। यह दृश्य न केवल पर्यटकों के लिए रोमांचक है, बल्कि पर्यावरणविदों के लिए भी एक सुखद संकेत है कि पीलीभीत के जंगलों में खाद्य श्रृंखला और पोषण चक्र प्राकृतिक रूप से सुचारू रूप से चल रहा है।
    1
    पीलीभीत टाइगर रिजर्व: प्रकृति का अद्भुत दृश्य, खनिज की तलाश में मिट्टी चाटता दिखा हॉग डियर
पीलीभीत (उत्तर प्रदेश) प्रकृति अपनी संतानों का ख्याल रखना बखूबी जानती है। पीलीभीत टाइगर रिजर्व (PTR) से हाल ही में सामने आई एक तस्वीर ने इस बात को एक बार फिर सच साबित कर दिया है। रिजर्व के घास के मैदानों में एक दुर्लभ नर हॉग डियर (पाढ़ा) को अपनी पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए प्राकृतिक रूप से 'सॉल्ट लिक' (नमक वाली मिट्टी) चाटते हुए देखा गया।
क्या है यह प्राकृतिक प्रक्रिया?
वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, शाकाहारी जीवों को केवल घास और पत्तियों से सभी आवश्यक खनिज नहीं मिल पाते। विशेष रूप से नर हिरणों को अपने सींगों (Antlers) के विकास और शारीरिक मजबूती के लिए सोडियम, कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे खनिजों की भारी मात्रा में आवश्यकता होती है।
इसे 'जियोफैगी' (Geophagy) कहा जाता है, जहाँ जानवर मिट्टी के उन खास हिस्सों को चुनते हैं जहाँ लवणों की सांद्रता अधिक होती है।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व की जैव विविधता का प्रमाण
तराई क्षेत्र में स्थित पीलीभीत टाइगर रिजर्व हॉग डियर जैसी लुप्तप्राय प्रजातियों के लिए एक सुरक्षित आश्रय स्थल बन गया है।
प्राकृतिक संसाधन: रिजर्व के भीतर मौजूद ये प्राकृतिक 'साल्ट लिक्स' इस बात का संकेत हैं कि यहाँ का पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) स्वस्थ है।
हॉग डियर की विशेषता: यह प्रजाति ऊँची घासों में रहना पसंद करती है और स्वभाव से काफी शर्मीली होती है, जिसके कारण इनका दिखना दुर्लभ माना जाता है।
विशेषज्ञ की राय
"प्रकृति माँ के पास हर जीव की जरूरत को पूरा करने के संसाधन मौजूद हैं। जब हम जंगली जानवरों को मिट्टी चाटते देखते हैं, तो यह दर्शाता है कि वे अपने स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए खुद को वातावरण के अनुसार ढाल चुके हैं। हमारा काम बस इन संसाधनों और उनके आवास को सुरक्षित रखना है।"
— स्थानीय वन्यजीव संरक्षक
मुख्य बिंदु:
स्थान: पीलीभीत टाइगर रिजर्व, उत्तर प्रदेश।
प्रजाति: हॉग डियर (Axis porcinus)।
कारण: खनिज और लवण (Minerals) की पूर्ति।
यह दृश्य न केवल पर्यटकों के लिए रोमांचक है, बल्कि पर्यावरणविदों के लिए भी एक सुखद संकेत है कि पीलीभीत के जंगलों में खाद्य श्रृंखला और पोषण चक्र प्राकृतिक रूप से सुचारू रूप से चल रहा है।
    user_HARUN KHAN
    HARUN KHAN
    Local News Reporter Kalinagar, Pilibhit•
    5 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के पीलीभीत से इस वक्त की सबसे बड़ी और दहला देने वाली खबर सामने आ रही है। शुक्रवार की काली रात बरेली-पीलीभीत हाईवे पर उस वक्त मातम में बदल गई, जब एक तेज रफ्तार ट्रक ने सवारियों से भरी ईको कार को जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण हादसे में दो युवकों की दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि कई लोग जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं। हादसा जहानाबाद थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, एक ईको कार बरेली से पीलीभीत की ओर आ रही थी। कार में कुल 12 यात्री सवार थे। सफर के दौरान 2 यात्री नवाबगंज में उतर गए, लेकिन बाकी 10 यात्रियों के लिए यह सफर आखिरी साबित होने वाला था। जैसे ही कार जहानाबाद इलाके में पहुंची, सामने से आ रहे एक अनियंत्रित ट्रक ने कार को सीधी टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार लोहे का ढेर बन गई।
    1
    उत्तर प्रदेश के पीलीभीत से इस वक्त की सबसे बड़ी और दहला देने वाली खबर सामने आ रही है। शुक्रवार की काली रात बरेली-पीलीभीत हाईवे पर उस वक्त मातम में बदल गई, जब एक तेज रफ्तार ट्रक ने सवारियों से भरी ईको कार को जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण हादसे में दो युवकों की दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि कई लोग जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं।
हादसा जहानाबाद थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, एक ईको कार बरेली से पीलीभीत की ओर आ रही थी। कार में कुल 12 यात्री सवार थे। सफर के दौरान 2 यात्री नवाबगंज में उतर गए, लेकिन बाकी 10 यात्रियों के लिए यह सफर आखिरी साबित होने वाला था। जैसे ही कार जहानाबाद इलाके में पहुंची, सामने से आ रहे एक अनियंत्रित ट्रक ने कार को सीधी टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार लोहे का ढेर बन गई।
    user_फास्ट न्यूज इंडिया पीलीभीत
    फास्ट न्यूज इंडिया पीलीभीत
    Media house पूरनपुर, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • पूरनपुर-माधोटांडा रेलवे फाटक तकनीकी खराबी के चलते घंटों बंद, लगा भीषण जाम; जोखिम में जान, पूरनपुर-माधोटांडा रेलवे फाटक तकनीकी खराबी के चलते घंटों बंद, लगा भीषण जाम; जोखिम में जान
    1
    पूरनपुर-माधोटांडा रेलवे फाटक तकनीकी खराबी के चलते घंटों बंद, लगा भीषण जाम; जोखिम में जान, पूरनपुर-माधोटांडा रेलवे फाटक तकनीकी खराबी के चलते घंटों बंद, लगा भीषण जाम; जोखिम में जान
    user_Raj goswami
    Raj goswami
    Graphic designer पूरनपुर, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • रजिस्ट्री के दौरान किसान के बेटे का अपहरण, 80 लाख ठगी का आरोप। पूरनपुर,, कलीनगर चितरपुर निवासी किसान बाबूराम ने रोहतक के दीपक और उसके साथियों पर रजिस्ट्री के दौरान धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। बाबूराम के मुताबिक, रजिस्ट्री के समय आरोपी उनके बेटे धर्मेंद्र को बकाया रकम देने के बहाने बाहर ले गए और कार में डालकर अगवा कर लिया। सोनालिका एजेंसी के सामने शोर मचाने पर लोगों ने कार घेरी, जिसके बाद धर्मेंद्र कार से कूदकर भाग निकला। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हैपीड़ित ने कोतवाली में तहरीर दी है। पुलिस वायरल वीडियो और CCTV फुटेज के आधार पर जांच कर रही है, क्राइम इस्पेक्टर अशोक कुमार ने बताया लेन देन का मामला है जांच की जा रही है
    2
    रजिस्ट्री के दौरान किसान के बेटे का अपहरण, 80 लाख ठगी का आरोप।
पूरनपुर,, कलीनगर चितरपुर निवासी किसान बाबूराम ने रोहतक के दीपक और उसके साथियों पर रजिस्ट्री के दौरान धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। बाबूराम के मुताबिक, रजिस्ट्री के समय आरोपी उनके बेटे धर्मेंद्र को बकाया रकम देने के बहाने बाहर ले गए और कार में डालकर अगवा कर लिया। सोनालिका एजेंसी के सामने शोर मचाने पर लोगों ने कार घेरी, जिसके बाद धर्मेंद्र कार से कूदकर भाग निकला। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हैपीड़ित ने कोतवाली में तहरीर दी है। पुलिस वायरल वीडियो और CCTV फुटेज के आधार पर जांच कर रही  है, क्राइम इस्पेक्टर अशोक कुमार ने बताया लेन देन का मामला है जांच की जा रही है
    user_Firasat khan
    Firasat khan
    Pilibhit, Uttar Pradesh•
    6 min ago
  • उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जनपद से एक दर्दनाक खबर सामने आई है, जहां सड़क दुर्घटना में एक तेंदुए की मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। #LatestNews #पीलीभीत #brekingnews #पूरनपुर #तेंदुआ
    1
    उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जनपद से एक दर्दनाक खबर सामने आई है, जहां सड़क दुर्घटना में एक तेंदुए की मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। #LatestNews #पीलीभीत #brekingnews #पूरनपुर #तेंदुआ
    user_Naresh Mallick
    Naresh Mallick
    Local News Reporter पीलीभीत, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    30 min ago
  • ​पीलीभीत क्षेत्र के अंतर्गत पूरनपुर के ट्रांस शारदा क्षेत्र में वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शुक्रवार की रात नेहरू नगर से भुरजनिया जाने वाले मार्ग पर एक अज्ञात तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आने से एक मादा तेंदुए की दर्दनाक मौत हो गई। ​घटना का विवरण ​शनिवार सुबह जब ग्रामीणों ने सड़क किनारे तेंदुए का लहूलुहान शव देखा, तो पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। मृत मादा तेंदुए के शरीर से काफी खून बह चुका था। सूचना मिलते ही भारी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले दो महीनों से इस क्षेत्र के गांवों में तेंदुए और बाघों की सक्रियता काफी बढ़ गई थी, जिससे लोग पहले से ही डरे हुए थे। ​वन विभाग की कार्रवाई ​घटना की जानकारी मिलते ही संपूर्णानगर रेंजर ललित कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। वन विभाग ने घटनास्थल का मुआयना कर साक्ष्य जुटाए और शव को कब्जे में ले लिया। ​मृत तेंदुए की आयु: लगभग 4 से 5 वर्ष। ​मौत का कारण: प्रथम दृष्टया तेज रफ्तार वाहन की टक्कर। ​अगला कदम: शनिवार को डॉक्टरों के पैनल द्वारा पोस्टमार्टम कराया जाएगा ताकि मृत्यु के सटीक कारणों और चोटों की गंभीरता का पता चल सके। ​मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती घटनाएं ​ट्रांस शारदा क्षेत्र में वन्यजीवों की मौजूदगी लगातार चिंता का विषय बनी हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि महज दो दिन पहले ही चंदनगर गांव में एक तेंदुए ने ग्रामीण विजय के घर में घुसकर बकरी का शिकार किया था। इस ताजा घटना ने क्षेत्र में वन विभाग की गश्त और वन्यजीवों के संरक्षण पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। ​ग्रामीणों में चिंता और विभाग की चेतावनी ​जहाँ एक ओर वन्यजीव की मौत से प्रकृति प्रेमियों में दुख है, वहीं ग्रामीणों में सुरक्षा को लेकर भारी चिंता व्याप्त है। ग्रामीणों का मानना है कि यदि क्षेत्र में अन्य हिंसक वन्यजीव मौजूद हैं, तो इस तरह की घटनाओं से वे और अधिक आक्रामक हो सकते हैं। ​वन विभाग की सलाह: रेंजर ललित कुमार ने स्थानीय निवासियों को सतर्क रहने, समूह में चलने और विशेषकर रात के समय अकेले बाहर न निकलने की सख्त हिदायत दी है।
    1
    ​पीलीभीत क्षेत्र के अंतर्गत पूरनपुर के ट्रांस शारदा क्षेत्र में वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शुक्रवार की रात नेहरू नगर से भुरजनिया जाने वाले मार्ग पर एक अज्ञात तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आने से एक मादा तेंदुए की दर्दनाक मौत हो गई।
​घटना का विवरण
​शनिवार सुबह जब ग्रामीणों ने सड़क किनारे तेंदुए का लहूलुहान शव देखा, तो पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। मृत मादा तेंदुए के शरीर से काफी खून बह चुका था। सूचना मिलते ही भारी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले दो महीनों से इस क्षेत्र के गांवों में तेंदुए और बाघों की सक्रियता काफी बढ़ गई थी, जिससे लोग पहले से ही डरे हुए थे।
​वन विभाग की कार्रवाई
​घटना की जानकारी मिलते ही संपूर्णानगर रेंजर ललित कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। वन विभाग ने घटनास्थल का मुआयना कर साक्ष्य जुटाए और शव को कब्जे में ले लिया।
​मृत तेंदुए की आयु: लगभग 4 से 5 वर्ष।
​मौत का कारण: प्रथम दृष्टया तेज रफ्तार वाहन की टक्कर।
​अगला कदम: शनिवार को डॉक्टरों के पैनल द्वारा पोस्टमार्टम कराया जाएगा ताकि मृत्यु के सटीक कारणों और चोटों की गंभीरता का पता चल सके।
​मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती घटनाएं
​ट्रांस शारदा क्षेत्र में वन्यजीवों की मौजूदगी लगातार चिंता का विषय बनी हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि महज दो दिन पहले ही चंदनगर गांव में एक तेंदुए ने ग्रामीण विजय के घर में घुसकर बकरी का शिकार किया था। इस ताजा घटना ने क्षेत्र में वन विभाग की गश्त और वन्यजीवों के संरक्षण पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
​ग्रामीणों में चिंता और विभाग की चेतावनी
​जहाँ एक ओर वन्यजीव की मौत से प्रकृति प्रेमियों में दुख है, वहीं ग्रामीणों में सुरक्षा को लेकर भारी चिंता व्याप्त है। ग्रामीणों का मानना है कि यदि क्षेत्र में अन्य हिंसक वन्यजीव मौजूद हैं, तो इस तरह की घटनाओं से वे और अधिक आक्रामक हो सकते हैं।
​वन विभाग की सलाह: रेंजर ललित कुमार ने स्थानीय निवासियों को सतर्क रहने, समूह में चलने और विशेषकर रात के समय अकेले बाहर न निकलने की सख्त हिदायत दी है।
    user_Journalist Amit Dixit
    Journalist Amit Dixit
    Court reporter Pilibhit, Uttar Pradesh•
    4 hrs ago
  • पीलीभीत।पूरनपुर (हजारा) क्षेत्र के नेहरू नगर में सड़क दुर्घटना में तेंदुए की दर्दनाक मौत हो गई जिस पर लोगों ने वन विभाग को सूचना दी। सूचना पर वन विभाग मौके पर पहुंची तथा तेंदुए के शव को पीएम के लिए भेजा।लेकिन लोगों का कहना है कि लगातार हो रहे ऐसे हादसे चिंता का विषय हैं वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
    1
    पीलीभीत।पूरनपुर (हजारा) क्षेत्र के नेहरू नगर में सड़क दुर्घटना में तेंदुए की दर्दनाक मौत हो गई जिस पर लोगों ने वन विभाग को सूचना दी। सूचना पर
वन विभाग मौके पर पहुंची तथा तेंदुए के शव को पीएम के लिए भेजा।लेकिन लोगों का कहना है कि लगातार हो रहे ऐसे हादसे चिंता का विषय हैं वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
    user_अवधेश गुप्ता
    अवधेश गुप्ता
    Advertising Photographer पीलीभीत, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • वन विभाग मौके पर पहुंचकर जांच में जुटा, लेकिन लगातार हो रहे ऐसे हादसे चिंता का विषय हैं कृपया इस मामले की गंभीरता से जांच कर वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं
    1
    वन विभाग मौके पर पहुंचकर जांच में जुटा, लेकिन लगातार हो रहे ऐसे हादसे चिंता का विषय हैं कृपया इस मामले की गंभीरता से जांच कर वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं
    user_फास्ट न्यूज इंडिया पीलीभीत
    फास्ट न्यूज इंडिया पीलीभीत
    Media house पूरनपुर, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.