logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

पीलीभीत हजारा के नेहरू नगर में सड़क दुर्घटना में तेंदुए की दर्दनाक मौत वन विभाग मौके पर पहुंचकर जांच में जुटा, लेकिन लगातार हो रहे ऐसे हादसे चिंता का विषय हैं कृपया इस मामले की गंभीरता से जांच कर वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं

1 hr ago
user_फास्ट न्यूज इंडिया पीलीभीत
फास्ट न्यूज इंडिया पीलीभीत
Media house पूरनपुर, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
1 hr ago

पीलीभीत हजारा के नेहरू नगर में सड़क दुर्घटना में तेंदुए की दर्दनाक मौत वन विभाग मौके पर पहुंचकर जांच में जुटा, लेकिन लगातार हो रहे ऐसे हादसे चिंता का विषय हैं कृपया इस मामले की गंभीरता से जांच कर वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • Post by समाचार Crime News
    1
    Post by समाचार Crime News
    user_समाचार Crime News
    समाचार Crime News
    Media Consultant पीलीभीत, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • Post by Pankaj gupta
    1
    Post by Pankaj gupta
    user_Pankaj gupta
    Pankaj gupta
    Local News Reporter पीलीभीत, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • शाहजहांपुर जिले से आस्था और हृदय परिवर्तन की एक बड़ी खबर सामने आई है। यहाँ तिलहर क्षेत्र के निवासी फैज ने स्वेच्छा से सनातन धर्म अपना लिया है। शुद्धिकरण संस्कार के पश्चात अब उन्हें सोनू चौहान के नाम से जाना जाएगा। कालीबाड़ी मंदिर में हुआ 'घर वापसी' कार्यक्रम शहर के प्रसिद्ध कालीबाड़ी मंदिर में पूरे विधि-विधान के साथ सोनू चौहान (पूर्व नाम फैज) का 'घर वापसी' कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस दौरान: पंडितों द्वारा विशेष हवन-पूजन कराया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गंगाजल पिलाकर उनका शुद्धिकरण किया गया। भगवा वस्त्र और तिलक लगाकर उनका स्वागत किया गया। अयोध्या यात्रा और महादेव की भक्ति ने बदला जीवन सोनू चौहान ने बताया कि सनातन धर्म के प्रति उनका लगाव नया नहीं है, बल्कि वह वर्ष 2000 से ही इसकी ओर आकर्षित थे। उनके इस परिवर्तन के पीछे मुख्य कारण निम्नलिखित रहे: "मुझे शुरू से ही सनातन धर्म में अटूट आस्था थी। मैं अक्सर अयोध्या, हरिद्वार और वाराणसी जैसे पवित्र स्थलों की यात्रा करता था। अयोध्या में भगवान राम की जन्मभूमि पर मिले धार्मिक प्रमाणों ने मेरे विश्वास को और पुख्ता कर दिया। मुझ पर किसी का दबाव नहीं है, यह मेरी अंतरात्मा का निर्णय है।" — सोनू चौहान उन्होंने विशेष रूप से भगवान शिव के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा व्यक्त की और कहा कि वह काफी समय से इस निर्णय पर विचार कर रहे थे। आयोजकों का पक्ष: 'यह धर्म परिवर्तन नहीं, घर वापसी है' इस कार्यक्रम को संपन्न कराने में मुख्य भूमिका निभाने वाले राजेश अवस्थी ने इसे धर्म परिवर्तन मानने से इनकार किया। उन्होंने कहा: यह पूरी तरह से एक 'घर वापसी' है। सोनू चौहान काफी समय से इसके लिए प्रयासरत थे, लेकिन कुछ कारणों से इसमें देरी हुई। दावा किया जा रहा है कि भविष्य में सोनू का परिवार भी इसी मार्ग पर चलेगा।
    1
    शाहजहांपुर जिले से आस्था और हृदय परिवर्तन की एक बड़ी खबर सामने आई है। यहाँ तिलहर क्षेत्र के निवासी फैज ने स्वेच्छा से सनातन धर्म अपना लिया है। शुद्धिकरण संस्कार के पश्चात अब उन्हें सोनू चौहान के नाम से जाना जाएगा।
कालीबाड़ी मंदिर में हुआ 'घर वापसी' कार्यक्रम
शहर के प्रसिद्ध कालीबाड़ी मंदिर में पूरे विधि-विधान के साथ सोनू चौहान (पूर्व नाम फैज) का 'घर वापसी' कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस दौरान:
पंडितों द्वारा विशेष हवन-पूजन कराया गया।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गंगाजल पिलाकर उनका शुद्धिकरण किया गया।
भगवा वस्त्र और तिलक लगाकर उनका स्वागत किया गया।
अयोध्या यात्रा और महादेव की भक्ति ने बदला जीवन
सोनू चौहान ने बताया कि सनातन धर्म के प्रति उनका लगाव नया नहीं है, बल्कि वह वर्ष 2000 से ही इसकी ओर आकर्षित थे। उनके इस परिवर्तन के पीछे मुख्य कारण निम्नलिखित रहे:
"मुझे शुरू से ही सनातन धर्म में अटूट आस्था थी। मैं अक्सर अयोध्या, हरिद्वार और वाराणसी जैसे पवित्र स्थलों की यात्रा करता था। अयोध्या में भगवान राम की जन्मभूमि पर मिले धार्मिक प्रमाणों ने मेरे विश्वास को और पुख्ता कर दिया। मुझ पर किसी का दबाव नहीं है, यह मेरी अंतरात्मा का निर्णय है।"
— सोनू चौहान
उन्होंने विशेष रूप से भगवान शिव के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा व्यक्त की और कहा कि वह काफी समय से इस निर्णय पर विचार कर रहे थे।
आयोजकों का पक्ष: 'यह धर्म परिवर्तन नहीं, घर वापसी है'
इस कार्यक्रम को संपन्न कराने में मुख्य भूमिका निभाने वाले राजेश अवस्थी ने इसे धर्म परिवर्तन मानने से इनकार किया। उन्होंने कहा:
यह पूरी तरह से एक 'घर वापसी' है।
सोनू चौहान काफी समय से इसके लिए प्रयासरत थे, लेकिन कुछ कारणों से इसमें देरी हुई।
दावा किया जा रहा है कि भविष्य में सोनू का परिवार भी इसी मार्ग पर चलेगा।
    user_Journalist Amit Dixit
    Journalist Amit Dixit
    Court reporter Pilibhit, Uttar Pradesh•
    23 hrs ago
  • Post by FH.NEWS
    1
    Post by FH.NEWS
    user_FH.NEWS
    FH.NEWS
    Classified ads newspaper publisher पलिया, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • पलिया कलां खीरी। दुधवा टाइगर रिजर्व में इन दिनों वन्यजीव प्रेमियों के लिए गेंडा परिवार आकर्षण का केंद्र बना हुआ है । जिनकी वीडियो लगातार सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है और इसी वजह से पर्यटक बंगाल टाइगर के साथ-साथ खुले में विचरण करते एक सींग वाले गैंडे के दीदार भी कर रहे हैं । बताया जा रहा है बीते 15 अप्रैल को मुंबई से सफारी के लिए आए फोटोग्राफरों के एक दल के सामने उस वक्त रोमांचक पल आया,जब मादा गेंडा 'विजय श्री' अपने शावक के साथ मुख्य मार्ग को पार कर रही थी। इस दौरान दल के साथ मौजूद गाइड राजू और पर्यटकों ने इस दुर्लभ दृश्य को अपने कैमरे में कैद कर लिया। वीडियो में साफ देखा जा सकता है मादा गेंडा और उसका बच्चा बेहद शांत भाव से जंगल की सड़क पार करते नजर आ रहे हैं। बता दें दुधवा के जंगलों में गेंडा संरक्षण क्षेत्र में गेंडों की साइटिंग काफी बढ़ गई है, जिससे यहां आने वाले पर्यटक उत्साहित हैं। पार्क प्रशासन का कहना है कि दुधवा में गेंडा पुनर्वास परियोजना के सफल होने से अब इनके कुनबे में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। अनुकूल वातावरण और सुरक्षा के चलते गेंडा परिवार अक्सर खुले मैदानों और रास्तों के करीब देखे जा रहे हैं, जो पर्यटन के लिहाज से बेहद सुखद संकेत है। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, मादा गेंडा और शावक की इस तरह की बेखौफ आवाजाही जंगल के बेहतर स्वास्थ्य और वन्यजीवों की सुरक्षा को दर्शाती है। मुंबई से आए फोटोग्राफरों ने इस अनुभव को यादगार बताते हुए कहा कि दुधवा जैसा प्राकृतिक परिवेश गेंडों के लिए स्वर्ग जैसा है।
    1
    पलिया कलां खीरी।  दुधवा टाइगर रिजर्व में इन दिनों वन्यजीव प्रेमियों के लिए गेंडा परिवार आकर्षण का केंद्र बना हुआ है । जिनकी वीडियो लगातार सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है और इसी वजह से पर्यटक बंगाल टाइगर के साथ-साथ खुले में विचरण करते एक सींग वाले गैंडे के दीदार भी कर रहे हैं ।
बताया जा रहा है बीते 15 अप्रैल को मुंबई से सफारी के लिए आए फोटोग्राफरों के एक दल के सामने उस वक्त रोमांचक पल आया,जब मादा गेंडा 'विजय श्री' अपने शावक के साथ मुख्य मार्ग को पार कर रही थी। इस दौरान दल के साथ मौजूद गाइड राजू और पर्यटकों ने इस दुर्लभ दृश्य को अपने कैमरे में कैद कर लिया। वीडियो में साफ देखा जा सकता है मादा गेंडा और उसका बच्चा बेहद शांत भाव से जंगल की सड़क पार करते नजर आ रहे हैं। बता दें दुधवा के जंगलों में गेंडा संरक्षण क्षेत्र में गेंडों की साइटिंग काफी बढ़ गई है, जिससे यहां आने वाले पर्यटक उत्साहित हैं। पार्क प्रशासन का कहना है कि दुधवा में गेंडा पुनर्वास परियोजना के सफल होने से अब इनके कुनबे में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। अनुकूल वातावरण और सुरक्षा के चलते गेंडा परिवार अक्सर खुले मैदानों और रास्तों के करीब देखे जा रहे हैं, जो पर्यटन के लिहाज से बेहद सुखद संकेत है। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, मादा गेंडा और शावक की इस तरह की बेखौफ आवाजाही जंगल के बेहतर स्वास्थ्य और वन्यजीवों की सुरक्षा को दर्शाती है। मुंबई से आए फोटोग्राफरों ने इस अनुभव को यादगार बताते हुए कहा कि दुधवा जैसा प्राकृतिक परिवेश गेंडों के लिए स्वर्ग जैसा है।
    user_साइना
    साइना
    Local News Reporter पलिया, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • पलिया कलां खीरी। दुधवा टाइगर रिजर्व में इन दिनों वन्यजीव प्रेमियों के लिए गेंडा परिवार आकर्षण का केंद्र बना हुआ है । जिनकी वीडियो लगातार सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है और इसी वजह से पर्यटक बंगाल टाइगर के साथ-साथ खुले में विचरण करते एक सींग वाले गैंडे के दीदार भी कर रहे हैं । बताया जा रहा है बीते 15 अप्रैल को मुंबई से सफारी के लिए आए फोटोग्राफरों के एक दल के सामने उस वक्त रोमांचक पल आया,जब मादा गेंडा 'विजय श्री' अपने शावक के साथ मुख्य मार्ग को पार कर रही थी। इस दौरान दल के साथ मौजूद गाइड राजू और पर्यटकों ने इस दुर्लभ दृश्य को अपने कैमरे में कैद कर लिया। वीडियो में साफ देखा जा सकता है मादा गेंडा और उसका बच्चा बेहद शांत भाव से जंगल की सड़क पार करते नजर आ रहे हैं। बता दें दुधवा के जंगलों में गेंडा संरक्षण क्षेत्र में गेंडों की साइटिंग काफी बढ़ गई है, जिससे यहां आने वाले पर्यटक उत्साहित हैं। पार्क प्रशासन का कहना है कि दुधवा में गेंडा पुनर्वास परियोजना के सफल होने से अब इनके कुनबे में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। अनुकूल वातावरण और सुरक्षा के चलते गेंडा परिवार अक्सर खुले मैदानों और रास्तों के करीब देखे जा रहे हैं, जो पर्यटन के लिहाज से बेहद सुखद संकेत है। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, मादा गेंडा और शावक की इस तरह की बेखौफ आवाजाही जंगल के बेहतर स्वास्थ्य और वन्यजीवों की सुरक्षा को दर्शाती है। मुंबई से आए फोटोग्राफरों ने इस अनुभव को यादगार बताते हुए कहा कि दुधवा जैसा प्राकृतिक परिवेश गेंडों के लिए स्वर्ग जैसा है।
    1
    पलिया कलां खीरी।  दुधवा टाइगर रिजर्व में इन दिनों वन्यजीव प्रेमियों के लिए गेंडा परिवार आकर्षण का केंद्र बना हुआ है । जिनकी वीडियो लगातार सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है और इसी वजह से पर्यटक बंगाल टाइगर के साथ-साथ खुले में विचरण करते एक सींग वाले गैंडे के दीदार भी कर रहे हैं ।
बताया जा रहा है बीते 15 अप्रैल को मुंबई से सफारी के लिए आए फोटोग्राफरों के एक दल के सामने उस वक्त रोमांचक पल आया,जब मादा गेंडा 'विजय श्री' अपने शावक के साथ मुख्य मार्ग को पार कर रही थी। इस दौरान दल के साथ मौजूद गाइड राजू और पर्यटकों ने इस दुर्लभ दृश्य को अपने कैमरे में कैद कर लिया। वीडियो में साफ देखा जा सकता है मादा गेंडा और उसका बच्चा बेहद शांत भाव से जंगल की सड़क पार करते नजर आ रहे हैं। बता दें दुधवा के जंगलों में गेंडा संरक्षण क्षेत्र में गेंडों की साइटिंग काफी बढ़ गई है, जिससे यहां आने वाले पर्यटक उत्साहित हैं। पार्क प्रशासन का कहना है कि दुधवा में गेंडा पुनर्वास परियोजना के सफल होने से अब इनके कुनबे में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। अनुकूल वातावरण और सुरक्षा के चलते गेंडा परिवार अक्सर खुले मैदानों और रास्तों के करीब देखे जा रहे हैं, जो पर्यटन के लिहाज से बेहद सुखद संकेत है। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, मादा गेंडा और शावक की इस तरह की बेखौफ आवाजाही जंगल के बेहतर स्वास्थ्य और वन्यजीवों की सुरक्षा को दर्शाती है। मुंबई से आए फोटोग्राफरों ने इस अनुभव को यादगार बताते हुए कहा कि दुधवा जैसा प्राकृतिक परिवेश गेंडों के लिए स्वर्ग जैसा है।
    user_Rida
    Rida
    Local News Reporter पलिया, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • Post by समाचार Crime News
    1
    Post by समाचार Crime News
    user_समाचार Crime News
    समाचार Crime News
    Media Consultant पीलीभीत, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • Post by Firdosh journalist
    1
    Post by Firdosh journalist
    user_Firdosh journalist
    Firdosh journalist
    पलिया, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • पलिया कलां खीरी। दुधवा टाइगर रिजर्व में इन दिनों वन्यजीव प्रेमियों के लिए गेंडा परिवार आकर्षण का केंद्र बना हुआ है । जिनकी वीडियो लगातार सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है और इसी वजह से पर्यटक बंगाल टाइगर के साथ-साथ खुले में विचरण करते एक सींग वाले गैंडे के दीदार भी कर रहे हैं । बताया जा रहा है बीते 15 अप्रैल को मुंबई से सफारी के लिए आए फोटोग्राफरों के एक दल के सामने उस वक्त रोमांचक पल आया,जब मादा गेंडा 'विजय श्री' अपने शावक के साथ मुख्य मार्ग को पार कर रही थी। इस दौरान दल के साथ मौजूद गाइड राजू और पर्यटकों ने इस दुर्लभ दृश्य को अपने कैमरे में कैद कर लिया। वीडियो में साफ देखा जा सकता है मादा गेंडा और उसका बच्चा बेहद शांत भाव से जंगल की सड़क पार करते नजर आ रहे हैं। बता दें दुधवा के जंगलों में गेंडा संरक्षण क्षेत्र में गेंडों की साइटिंग काफी बढ़ गई है, जिससे यहां आने वाले पर्यटक उत्साहित हैं। पार्क प्रशासन का कहना है कि दुधवा में गेंडा पुनर्वास परियोजना के सफल होने से अब इनके कुनबे में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। अनुकूल वातावरण और सुरक्षा के चलते गेंडा परिवार अक्सर खुले मैदानों और रास्तों के करीब देखे जा रहे हैं, जो पर्यटन के लिहाज से बेहद सुखद संकेत है। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, मादा गेंडा और शावक की इस तरह की बेखौफ आवाजाही जंगल के बेहतर स्वास्थ्य और वन्यजीवों की सुरक्षा को दर्शाती है। मुंबई से आए फोटोग्राफरों ने इस अनुभव को यादगार बताते हुए कहा कि दुधवा जैसा प्राकृतिक परिवेश गेंडों के लिए स्वर्ग जैसा है।
    1
    पलिया कलां खीरी।  दुधवा टाइगर रिजर्व में इन दिनों वन्यजीव प्रेमियों के लिए गेंडा परिवार आकर्षण का केंद्र बना हुआ है । जिनकी वीडियो लगातार सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है और इसी वजह से पर्यटक बंगाल टाइगर के साथ-साथ खुले में विचरण करते एक सींग वाले गैंडे के दीदार भी कर रहे हैं ।
बताया जा रहा है बीते 15 अप्रैल को मुंबई से सफारी के लिए आए फोटोग्राफरों के एक दल के सामने उस वक्त रोमांचक पल आया,जब मादा गेंडा 'विजय श्री' अपने शावक के साथ मुख्य मार्ग को पार कर रही थी। इस दौरान दल के साथ मौजूद गाइड राजू और पर्यटकों ने इस दुर्लभ दृश्य को अपने कैमरे में कैद कर लिया। वीडियो में साफ देखा जा सकता है मादा गेंडा और उसका बच्चा बेहद शांत भाव से जंगल की सड़क पार करते नजर आ रहे हैं। बता दें दुधवा के जंगलों में गेंडा संरक्षण क्षेत्र में गेंडों की साइटिंग काफी बढ़ गई है, जिससे यहां आने वाले पर्यटक उत्साहित हैं। पार्क प्रशासन का कहना है कि दुधवा में गेंडा पुनर्वास परियोजना के सफल होने से अब इनके कुनबे में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। अनुकूल वातावरण और सुरक्षा के चलते गेंडा परिवार अक्सर खुले मैदानों और रास्तों के करीब देखे जा रहे हैं, जो पर्यटन के लिहाज से बेहद सुखद संकेत है। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, मादा गेंडा और शावक की इस तरह की बेखौफ आवाजाही जंगल के बेहतर स्वास्थ्य और वन्यजीवों की सुरक्षा को दर्शाती है। मुंबई से आए फोटोग्राफरों ने इस अनुभव को यादगार बताते हुए कहा कि दुधवा जैसा प्राकृतिक परिवेश गेंडों के लिए स्वर्ग जैसा है।
    user_FH.NEWS
    FH.NEWS
    Classified ads newspaper publisher पलिया, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.