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पीलीभीत टाइगर रिजर्व: खुले जंगल में बाघ का दीदार कर रोमांचित हुए सैलानी, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ नजारा पीलीभीत टाइगर रिजर्व: खुले जंगल में बाघ का दीदार कर रोमांचित हुए सैलानी, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ नजारा पीलीभीत। उत्तर प्रदेश के पीलीभीत टाइगर रिजर्व (PTR) से प्रकृति और वन्यजीव प्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर देने वाली तस्वीरें सामने आई हैं। यहाँ के घने जंगलों के बीच, नदी के किनारे खुले में घूमते बाघ को देखकर सैलानियों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। चिड़ियाघर के पिंजरों से इतर, अपनी प्राकृतिक मखमली घास और शांत वातावरण में बाघ का यह अंदाज लोगों के लिए किसी सपने से कम नहीं था। नदी के किनारे 'किंग' की चहलकदमी टाइगर रिजर्व के भीतर से गुजरने वाली नदी के किनारे जब एक विशालकाय बाघ सड़क पर चहलकदमी करता हुआ नजर आया, तो वहां मौजूद पर्यटकों की सांसें थम गईं। बाघ को शांत भाव से सड़क पार करते और नदी के किनारे धूप का आनंद लेते देखना एक दुर्लभ अनुभव था। "चिड़ियाघर में बाघ को देखना एक बात है, लेकिन पीलीभीत के इन खुले जंगलों में उसे अपनी मर्जी से घूमते देखना रोंगटे खड़े कर देने वाला अनुभव है।" — एक पर्यटक उत्साह और खौफ का अनोखा संगम बाघ को अपने इतने करीब देखकर सैलानियों के बीच मिला-जुला माहौल देखने को मिला: जिज्ञासा: कई सैलानी इस अद्भुत दृश्य को अपने कैमरों और मोबाइल में कैद करने के लिए उत्सुक दिखे। डर और सिहरन: बाघ की दहाड़ और उसकी राजसी चाल को देखकर कुछ पर्यटक सहमे हुए भी नजर आए। जंगल की खामोशी के बीच बाघ की मौजूदगी ने एक रोमांचक डर पैदा कर दिया था। क्यों खास है पीलीभीत टाइगर रिजर्व? पीलीभीत टाइगर रिजर्व अपनी जैव विविधता और बाघों की बढ़ती संख्या के लिए दुनिया भर में मशहूर है। हाल के वर्षों में यहाँ 'साइटिंग' (बाघ दिखने की घटनाएं) काफी बढ़ी हैं, जिससे यह ईको-टूरिज्म का एक बड़ा केंद्र बन गया है। पर्यटकों के लिए सलाह: वन विभाग ने पर्यटकों से अपील की है कि बाघ दिखने पर शोर न मचाएं और सुरक्षित दूरी बनाए रखें। जंगल के नियमों का पालन करते हुए ही इस प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लें।

3 hrs ago
user_HARUN KHAN
HARUN KHAN
Local News Reporter Kalinagar, Pilibhit•
3 hrs ago

पीलीभीत टाइगर रिजर्व: खुले जंगल में बाघ का दीदार कर रोमांचित हुए सैलानी, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ नजारा पीलीभीत टाइगर रिजर्व: खुले जंगल में बाघ का दीदार कर रोमांचित हुए सैलानी, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ नजारा पीलीभीत। उत्तर प्रदेश के पीलीभीत टाइगर रिजर्व (PTR) से प्रकृति और वन्यजीव प्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर देने वाली तस्वीरें सामने आई हैं। यहाँ के घने जंगलों के बीच, नदी के किनारे खुले में घूमते बाघ को देखकर सैलानियों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। चिड़ियाघर के पिंजरों से इतर, अपनी प्राकृतिक मखमली घास और शांत वातावरण में बाघ का यह अंदाज लोगों के लिए किसी सपने से कम नहीं था। नदी के किनारे 'किंग' की चहलकदमी टाइगर रिजर्व के भीतर से गुजरने वाली नदी के किनारे जब एक विशालकाय बाघ सड़क पर चहलकदमी करता हुआ नजर आया, तो वहां मौजूद पर्यटकों की सांसें थम गईं। बाघ को शांत भाव से सड़क पार करते और नदी के किनारे धूप का आनंद लेते देखना एक दुर्लभ अनुभव था। "चिड़ियाघर में बाघ को देखना एक बात है, लेकिन पीलीभीत के इन खुले जंगलों में उसे अपनी मर्जी से घूमते देखना रोंगटे खड़े कर देने वाला अनुभव है।" — एक पर्यटक उत्साह और खौफ का अनोखा संगम बाघ को अपने इतने करीब देखकर सैलानियों के बीच मिला-जुला माहौल देखने को मिला: जिज्ञासा: कई सैलानी इस अद्भुत दृश्य को अपने कैमरों और मोबाइल में कैद करने के लिए उत्सुक दिखे। डर और सिहरन: बाघ की दहाड़ और उसकी राजसी चाल को देखकर कुछ पर्यटक सहमे हुए भी नजर आए। जंगल की खामोशी के बीच बाघ की मौजूदगी ने एक रोमांचक डर पैदा कर दिया था। क्यों खास है पीलीभीत टाइगर रिजर्व? पीलीभीत टाइगर रिजर्व अपनी जैव विविधता और बाघों की बढ़ती संख्या के लिए दुनिया भर में मशहूर है। हाल के वर्षों में यहाँ 'साइटिंग' (बाघ दिखने की घटनाएं) काफी बढ़ी हैं, जिससे यह ईको-टूरिज्म का एक बड़ा केंद्र बन गया है। पर्यटकों के लिए सलाह: वन विभाग ने पर्यटकों से अपील की है कि बाघ दिखने पर शोर न मचाएं और सुरक्षित दूरी बनाए रखें। जंगल के नियमों का पालन करते हुए ही इस प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लें।

  • user_Umra bee
    Umra bee
    कलीनगर, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश
    😍
    3 hrs ago
  • user_Umra bee
    Umra bee
    कलीनगर, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश
    🙏
    3 hrs ago
More news from Pilibhit and nearby areas
  • पीलीभीत टाइगर रिजर्व: खुले जंगल में बाघ का दीदार कर रोमांचित हुए सैलानी, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ नजारा पीलीभीत। उत्तर प्रदेश के पीलीभीत टाइगर रिजर्व (PTR) से प्रकृति और वन्यजीव प्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर देने वाली तस्वीरें सामने आई हैं। यहाँ के घने जंगलों के बीच, नदी के किनारे खुले में घूमते बाघ को देखकर सैलानियों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। चिड़ियाघर के पिंजरों से इतर, अपनी प्राकृतिक मखमली घास और शांत वातावरण में बाघ का यह अंदाज लोगों के लिए किसी सपने से कम नहीं था। नदी के किनारे 'किंग' की चहलकदमी टाइगर रिजर्व के भीतर से गुजरने वाली नदी के किनारे जब एक विशालकाय बाघ सड़क पर चहलकदमी करता हुआ नजर आया, तो वहां मौजूद पर्यटकों की सांसें थम गईं। बाघ को शांत भाव से सड़क पार करते और नदी के किनारे धूप का आनंद लेते देखना एक दुर्लभ अनुभव था। "चिड़ियाघर में बाघ को देखना एक बात है, लेकिन पीलीभीत के इन खुले जंगलों में उसे अपनी मर्जी से घूमते देखना रोंगटे खड़े कर देने वाला अनुभव है।" — एक पर्यटक उत्साह और खौफ का अनोखा संगम बाघ को अपने इतने करीब देखकर सैलानियों के बीच मिला-जुला माहौल देखने को मिला: जिज्ञासा: कई सैलानी इस अद्भुत दृश्य को अपने कैमरों और मोबाइल में कैद करने के लिए उत्सुक दिखे। डर और सिहरन: बाघ की दहाड़ और उसकी राजसी चाल को देखकर कुछ पर्यटक सहमे हुए भी नजर आए। जंगल की खामोशी के बीच बाघ की मौजूदगी ने एक रोमांचक डर पैदा कर दिया था। क्यों खास है पीलीभीत टाइगर रिजर्व? पीलीभीत टाइगर रिजर्व अपनी जैव विविधता और बाघों की बढ़ती संख्या के लिए दुनिया भर में मशहूर है। हाल के वर्षों में यहाँ 'साइटिंग' (बाघ दिखने की घटनाएं) काफी बढ़ी हैं, जिससे यह ईको-टूरिज्म का एक बड़ा केंद्र बन गया है। पर्यटकों के लिए सलाह: वन विभाग ने पर्यटकों से अपील की है कि बाघ दिखने पर शोर न मचाएं और सुरक्षित दूरी बनाए रखें। जंगल के नियमों का पालन करते हुए ही इस प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लें।
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    पीलीभीत टाइगर रिजर्व: खुले जंगल में बाघ का दीदार कर रोमांचित हुए सैलानी, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ नजारा
पीलीभीत। उत्तर प्रदेश के पीलीभीत टाइगर रिजर्व (PTR) से प्रकृति और वन्यजीव प्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर देने वाली तस्वीरें सामने आई हैं। यहाँ के घने जंगलों के बीच, नदी के किनारे खुले में घूमते बाघ को देखकर सैलानियों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। चिड़ियाघर के पिंजरों से इतर, अपनी प्राकृतिक मखमली घास और शांत वातावरण में बाघ का यह अंदाज लोगों के लिए किसी सपने से कम नहीं था।
नदी के किनारे 'किंग' की चहलकदमी
टाइगर रिजर्व के भीतर से गुजरने वाली नदी के किनारे जब एक विशालकाय बाघ सड़क पर चहलकदमी करता हुआ नजर आया, तो वहां मौजूद पर्यटकों की सांसें थम गईं। बाघ को शांत भाव से सड़क पार करते और नदी के किनारे धूप का आनंद लेते देखना एक दुर्लभ अनुभव था।
"चिड़ियाघर में बाघ को देखना एक बात है, लेकिन पीलीभीत के इन खुले जंगलों में उसे अपनी मर्जी से घूमते देखना रोंगटे खड़े कर देने वाला अनुभव है।" — एक पर्यटक
उत्साह और खौफ का अनोखा संगम
बाघ को अपने इतने करीब देखकर सैलानियों के बीच मिला-जुला माहौल देखने को मिला:
जिज्ञासा: कई सैलानी इस अद्भुत दृश्य को अपने कैमरों और मोबाइल में कैद करने के लिए उत्सुक दिखे।
डर और सिहरन: बाघ की दहाड़ और उसकी राजसी चाल को देखकर कुछ पर्यटक सहमे हुए भी नजर आए। जंगल की खामोशी के बीच बाघ की मौजूदगी ने एक रोमांचक डर पैदा कर दिया था।
क्यों खास है पीलीभीत टाइगर रिजर्व?
पीलीभीत टाइगर रिजर्व अपनी जैव विविधता और बाघों की बढ़ती संख्या के लिए दुनिया भर में मशहूर है। हाल के वर्षों में यहाँ 'साइटिंग' (बाघ दिखने की घटनाएं) काफी बढ़ी हैं, जिससे यह ईको-टूरिज्म का एक बड़ा केंद्र बन गया है।
पर्यटकों के लिए सलाह:
वन विभाग ने पर्यटकों से अपील की है कि बाघ दिखने पर शोर न मचाएं और सुरक्षित दूरी बनाए रखें। जंगल के नियमों का पालन करते हुए ही इस प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लें।
    user_HARUN KHAN
    HARUN KHAN
    Local News Reporter Kalinagar, Pilibhit•
    3 hrs ago
  • पीलीभीत: 90 लाख की डील के बाद जमीन विक्रेता को अगवा करने की कोशिश, शोर मचाने पर बची जान, घटना का वीडियो वायरल, पीलीभीत के पूरनपुर इलाके का मामला
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    पीलीभीत: 90 लाख की डील के बाद जमीन विक्रेता को अगवा करने की कोशिश, शोर मचाने पर बची जान, घटना का वीडियो वायरल, पीलीभीत के पूरनपुर इलाके का मामला
    user_फास्ट न्यूज इंडिया पीलीभीत
    फास्ट न्यूज इंडिया पीलीभीत
    Media house पूरनपुर, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    30 min ago
  • पूरनपुर, पीलीभीत। पूरनपुर तहसील क्षेत्र के गांव नेहरु नगर में शुक्रवार रात करीब 9 बजे सड़क पर तेंदुए का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर रेंज कार्यालय ले गई। प्रथम दृष्टया तेंदुए की मौत किसी अज्ञात वाहन की टक्कर से होना बताया जा रहा है।मिली जानकारी के अनुसार, ग्रामीणों ने सड़क किनारे तेंदुए का शव पड़ा देखा, जिसके बाद तुरंत वन विभाग को सूचना दी गई। सूचना पर खीरी जनपद के संपूर्णनगर रेंजर ललित कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। हादसे में तेंदुए के मुंह और शरीर के अंदरूनी हिस्सों में गंभीर चोटें पाई गई हैं, जिससे वाहन की टक्कर की आशंका जताई जा रही है।वन विभाग के अनुसार मृत तेंदुए की उम्र लगभग 4 से 5 वर्ष के बीच बताई जा रही है। घटना स्थल से करीब 3 किलोमीटर की दूरी पर घना जंगल स्थित है। पीलीभीत टाइगर रिजर्व, लखीमपुर खीरी और खुटार क्षेत्र के जंगल पास होने के कारण अक्सर वन्यजीव आबादी की ओर भटक आते हैं और इस तरह के हादसों का शिकार हो जाते हैं। वन विभाग ने अज्ञात वाहन के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, तेंदुए के शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए पैनल गठित किया जा रहा है, जिसके बाद ही मौत के सही कारणों की पुष्टि हो सकेगी।रेंजर ललित कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला सड़क हादसे का प्रतीत हो रहा है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। उन्होंने कहा कि वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर विभाग सतर्क है और मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर मानव-वन्यजीव संघर्ष और सड़क सुरक्षा के मुद्दे को उजागर कर दिया है। स्थानीय लोगों ने भी वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
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    पूरनपुर, पीलीभीत। पूरनपुर तहसील क्षेत्र के गांव नेहरु नगर में शुक्रवार रात करीब 9 बजे सड़क पर तेंदुए का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर रेंज कार्यालय ले गई। प्रथम दृष्टया तेंदुए की मौत किसी अज्ञात वाहन की टक्कर से होना बताया जा रहा है।मिली जानकारी के अनुसार, ग्रामीणों ने सड़क किनारे तेंदुए का शव पड़ा देखा, जिसके बाद तुरंत वन विभाग को सूचना दी गई। सूचना पर खीरी जनपद के संपूर्णनगर रेंजर ललित कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। हादसे में तेंदुए के मुंह और शरीर के अंदरूनी हिस्सों में गंभीर चोटें पाई गई हैं, जिससे वाहन की टक्कर की आशंका जताई जा रही है।वन विभाग के अनुसार मृत तेंदुए की उम्र लगभग 4 से 5 वर्ष के बीच बताई जा रही है। घटना स्थल से करीब 3 किलोमीटर की दूरी पर घना जंगल स्थित है। पीलीभीत टाइगर रिजर्व, लखीमपुर खीरी और खुटार क्षेत्र के जंगल पास होने के कारण अक्सर वन्यजीव आबादी की ओर भटक आते हैं और इस तरह के हादसों का शिकार हो जाते हैं।
वन विभाग ने अज्ञात वाहन के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, तेंदुए के शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए पैनल गठित किया जा रहा है, जिसके बाद ही मौत के सही कारणों की पुष्टि हो सकेगी।रेंजर ललित कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला सड़क हादसे का प्रतीत हो रहा है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। उन्होंने कहा कि वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर विभाग सतर्क है और मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।
इस घटना ने एक बार फिर मानव-वन्यजीव संघर्ष और सड़क सुरक्षा के मुद्दे को उजागर कर दिया है। स्थानीय लोगों ने भी वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
    user_Meenu barkaati
    Meenu barkaati
    Local News Reporter पूरनपुर, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • पूरनपुर-माधोटांडा रेलवे फाटक तकनीकी खराबी के चलते घंटों बंद, लगा भीषण जाम; जोखिम में जान, पूरनपुर-माधोटांडा रेलवे फाटक तकनीकी खराबी के चलते घंटों बंद, लगा भीषण जाम; जोखिम में जान
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    पूरनपुर-माधोटांडा रेलवे फाटक तकनीकी खराबी के चलते घंटों बंद, लगा भीषण जाम; जोखिम में जान, पूरनपुर-माधोटांडा रेलवे फाटक तकनीकी खराबी के चलते घंटों बंद, लगा भीषण जाम; जोखिम में जान
    user_Raj goswami
    Raj goswami
    Computer Networking Center पूरनपुर, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
  • जमीन विक्रेता को जबरन कर में बिठाकर अपहरण की कोशिश का वीडियो वायरल पीलीभीत के पूरनपुर कोतवाली क्षेत्र के रजिस्ट्री ऑफिस के बाहर का मामला
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    जमीन विक्रेता को जबरन कर में बिठाकर अपहरण की कोशिश का वीडियो वायरल 
पीलीभीत के पूरनपुर कोतवाली क्षेत्र के रजिस्ट्री ऑफिस के बाहर का मामला
    user_इंद्रजीत सिंह राजपूत संपादक
    इंद्रजीत सिंह राजपूत संपादक
    Association or organisation Pilibhit, Uttar Pradesh•
    1 hr ago
  • स्मार्ट मीटर ने कैसे नर्क बनाया है आम जनता का जीवन। बेबाक, बेखबर। #SmartMeter #उप्पस्ल #CMYogi #UPPCL #EnergyMinister @followers PMO India DM Pilibhit DM Bareilly
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    स्मार्ट मीटर ने कैसे नर्क बनाया है आम जनता का जीवन। बेबाक, बेखबर।
#SmartMeter #उप्पस्ल #CMYogi #UPPCL #EnergyMinister @followers PMO India DM Pilibhit DM Bareilly
    user_Pilibhit Darpan/ND India News
    Pilibhit Darpan/ND India News
    Doctor पीलीभीत, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • पूरनपुर कस्बे में रजिस्ट्री ऑफिस के पास शनिवार को दिनदहाड़े जमीन विक्रेता के अपहरण की कोशिश से हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि 90 लाख रुपये की जमीन की डील के बाद कुछ लोग विक्रेता को बहाने से कार में बैठाकर ले जाने लगे। इसी दौरान विक्रेता को शक हुआ तो उसने शोर मचा दिया। शोर सुनकर आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंच गए और कार को घेर लिया। लोगों की भीड़ जुटती देख आरोपी विक्रेता को छोड़कर मौके से फरार हो गए। हैरानी की बात यह रही कि आरोपी 90 लाख रुपये दिए बिना ही भाग निकले। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौके का निरीक्षण किया और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की पहचान कर जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
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    पूरनपुर कस्बे में रजिस्ट्री ऑफिस के पास शनिवार को दिनदहाड़े जमीन विक्रेता के अपहरण की कोशिश से हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि 90 लाख रुपये की जमीन की डील के बाद कुछ लोग विक्रेता को बहाने से कार में बैठाकर ले जाने लगे।
इसी दौरान विक्रेता को शक हुआ तो उसने शोर मचा दिया। शोर सुनकर आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंच गए और कार को घेर लिया। लोगों की भीड़ जुटती देख आरोपी विक्रेता को छोड़कर मौके से फरार हो गए।
हैरानी की बात यह रही कि आरोपी 90 लाख रुपये दिए बिना ही भाग निकले। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौके का निरीक्षण किया और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की पहचान कर जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
    user_Ashutosh Mishra
    Ashutosh Mishra
    Local News Reporter पीलीभीत, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • पीलीभीत टाइगर रिजर्व: प्रकृति का अद्भुत दृश्य, खनिज की तलाश में मिट्टी चाटता दिखा हॉग डियर पीलीभीत (उत्तर प्रदेश) प्रकृति अपनी संतानों का ख्याल रखना बखूबी जानती है। पीलीभीत टाइगर रिजर्व (PTR) से हाल ही में सामने आई एक तस्वीर ने इस बात को एक बार फिर सच साबित कर दिया है। रिजर्व के घास के मैदानों में एक दुर्लभ नर हॉग डियर (पाढ़ा) को अपनी पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए प्राकृतिक रूप से 'सॉल्ट लिक' (नमक वाली मिट्टी) चाटते हुए देखा गया। क्या है यह प्राकृतिक प्रक्रिया? वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, शाकाहारी जीवों को केवल घास और पत्तियों से सभी आवश्यक खनिज नहीं मिल पाते। विशेष रूप से नर हिरणों को अपने सींगों (Antlers) के विकास और शारीरिक मजबूती के लिए सोडियम, कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे खनिजों की भारी मात्रा में आवश्यकता होती है। इसे 'जियोफैगी' (Geophagy) कहा जाता है, जहाँ जानवर मिट्टी के उन खास हिस्सों को चुनते हैं जहाँ लवणों की सांद्रता अधिक होती है। पीलीभीत टाइगर रिजर्व की जैव विविधता का प्रमाण तराई क्षेत्र में स्थित पीलीभीत टाइगर रिजर्व हॉग डियर जैसी लुप्तप्राय प्रजातियों के लिए एक सुरक्षित आश्रय स्थल बन गया है। प्राकृतिक संसाधन: रिजर्व के भीतर मौजूद ये प्राकृतिक 'साल्ट लिक्स' इस बात का संकेत हैं कि यहाँ का पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) स्वस्थ है। हॉग डियर की विशेषता: यह प्रजाति ऊँची घासों में रहना पसंद करती है और स्वभाव से काफी शर्मीली होती है, जिसके कारण इनका दिखना दुर्लभ माना जाता है। विशेषज्ञ की राय "प्रकृति माँ के पास हर जीव की जरूरत को पूरा करने के संसाधन मौजूद हैं। जब हम जंगली जानवरों को मिट्टी चाटते देखते हैं, तो यह दर्शाता है कि वे अपने स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए खुद को वातावरण के अनुसार ढाल चुके हैं। हमारा काम बस इन संसाधनों और उनके आवास को सुरक्षित रखना है।" — स्थानीय वन्यजीव संरक्षक मुख्य बिंदु: स्थान: पीलीभीत टाइगर रिजर्व, उत्तर प्रदेश। प्रजाति: हॉग डियर (Axis porcinus)। कारण: खनिज और लवण (Minerals) की पूर्ति। यह दृश्य न केवल पर्यटकों के लिए रोमांचक है, बल्कि पर्यावरणविदों के लिए भी एक सुखद संकेत है कि पीलीभीत के जंगलों में खाद्य श्रृंखला और पोषण चक्र प्राकृतिक रूप से सुचारू रूप से चल रहा है।
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    पीलीभीत टाइगर रिजर्व: प्रकृति का अद्भुत दृश्य, खनिज की तलाश में मिट्टी चाटता दिखा हॉग डियर
पीलीभीत (उत्तर प्रदेश) प्रकृति अपनी संतानों का ख्याल रखना बखूबी जानती है। पीलीभीत टाइगर रिजर्व (PTR) से हाल ही में सामने आई एक तस्वीर ने इस बात को एक बार फिर सच साबित कर दिया है। रिजर्व के घास के मैदानों में एक दुर्लभ नर हॉग डियर (पाढ़ा) को अपनी पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए प्राकृतिक रूप से 'सॉल्ट लिक' (नमक वाली मिट्टी) चाटते हुए देखा गया।
क्या है यह प्राकृतिक प्रक्रिया?
वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, शाकाहारी जीवों को केवल घास और पत्तियों से सभी आवश्यक खनिज नहीं मिल पाते। विशेष रूप से नर हिरणों को अपने सींगों (Antlers) के विकास और शारीरिक मजबूती के लिए सोडियम, कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे खनिजों की भारी मात्रा में आवश्यकता होती है।
इसे 'जियोफैगी' (Geophagy) कहा जाता है, जहाँ जानवर मिट्टी के उन खास हिस्सों को चुनते हैं जहाँ लवणों की सांद्रता अधिक होती है।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व की जैव विविधता का प्रमाण
तराई क्षेत्र में स्थित पीलीभीत टाइगर रिजर्व हॉग डियर जैसी लुप्तप्राय प्रजातियों के लिए एक सुरक्षित आश्रय स्थल बन गया है।
प्राकृतिक संसाधन: रिजर्व के भीतर मौजूद ये प्राकृतिक 'साल्ट लिक्स' इस बात का संकेत हैं कि यहाँ का पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) स्वस्थ है।
हॉग डियर की विशेषता: यह प्रजाति ऊँची घासों में रहना पसंद करती है और स्वभाव से काफी शर्मीली होती है, जिसके कारण इनका दिखना दुर्लभ माना जाता है।
विशेषज्ञ की राय
"प्रकृति माँ के पास हर जीव की जरूरत को पूरा करने के संसाधन मौजूद हैं। जब हम जंगली जानवरों को मिट्टी चाटते देखते हैं, तो यह दर्शाता है कि वे अपने स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए खुद को वातावरण के अनुसार ढाल चुके हैं। हमारा काम बस इन संसाधनों और उनके आवास को सुरक्षित रखना है।"
— स्थानीय वन्यजीव संरक्षक
मुख्य बिंदु:
स्थान: पीलीभीत टाइगर रिजर्व, उत्तर प्रदेश।
प्रजाति: हॉग डियर (Axis porcinus)।
कारण: खनिज और लवण (Minerals) की पूर्ति।
यह दृश्य न केवल पर्यटकों के लिए रोमांचक है, बल्कि पर्यावरणविदों के लिए भी एक सुखद संकेत है कि पीलीभीत के जंगलों में खाद्य श्रृंखला और पोषण चक्र प्राकृतिक रूप से सुचारू रूप से चल रहा है।
    user_HARUN KHAN
    HARUN KHAN
    Local News Reporter Kalinagar, Pilibhit•
    12 hrs ago
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