सड़क पर मिला तेंदुए का शव,वाहन की टक्कर से मौत की आशंका विभाग ने काटा केस संपूर्णानगर रेंज में होगा पोस्टमार्टम पूरनपुर, पीलीभीत। पूरनपुर तहसील क्षेत्र के गांव नेहरु नगर में शुक्रवार रात करीब 9 बजे सड़क पर तेंदुए का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर रेंज कार्यालय ले गई। प्रथम दृष्टया तेंदुए की मौत किसी अज्ञात वाहन की टक्कर से होना बताया जा रहा है।मिली जानकारी के अनुसार, ग्रामीणों ने सड़क किनारे तेंदुए का शव पड़ा देखा, जिसके बाद तुरंत वन विभाग को सूचना दी गई। सूचना पर खीरी जनपद के संपूर्णनगर रेंजर ललित कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। हादसे में तेंदुए के मुंह और शरीर के अंदरूनी हिस्सों में गंभीर चोटें पाई गई हैं, जिससे वाहन की टक्कर की आशंका जताई जा रही है।वन विभाग के अनुसार मृत तेंदुए की उम्र लगभग 4 से 5 वर्ष के बीच बताई जा रही है। घटना स्थल से करीब 3 किलोमीटर की दूरी पर घना जंगल स्थित है। पीलीभीत टाइगर रिजर्व, लखीमपुर खीरी और खुटार क्षेत्र के जंगल पास होने के कारण अक्सर वन्यजीव आबादी की ओर भटक आते हैं और इस तरह के हादसों का शिकार हो जाते हैं। वन विभाग ने अज्ञात वाहन के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, तेंदुए के शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए पैनल गठित किया जा रहा है, जिसके बाद ही मौत के सही कारणों की पुष्टि हो सकेगी।रेंजर ललित कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला सड़क हादसे का प्रतीत हो रहा है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। उन्होंने कहा कि वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर विभाग सतर्क है और मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर मानव-वन्यजीव संघर्ष और सड़क सुरक्षा के मुद्दे को उजागर कर दिया है। स्थानीय लोगों ने भी वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
सड़क पर मिला तेंदुए का शव,वाहन की टक्कर से मौत की आशंका विभाग ने काटा केस संपूर्णानगर रेंज में होगा पोस्टमार्टम पूरनपुर, पीलीभीत। पूरनपुर तहसील क्षेत्र के गांव नेहरु नगर में शुक्रवार रात करीब 9 बजे सड़क पर तेंदुए का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर रेंज कार्यालय ले गई। प्रथम दृष्टया तेंदुए की मौत किसी अज्ञात वाहन की टक्कर से होना बताया जा रहा है।मिली जानकारी के अनुसार, ग्रामीणों ने सड़क किनारे तेंदुए का शव पड़ा देखा, जिसके बाद तुरंत वन विभाग को सूचना दी गई। सूचना पर खीरी जनपद के संपूर्णनगर रेंजर ललित कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। हादसे में तेंदुए के मुंह और शरीर के अंदरूनी हिस्सों में गंभीर चोटें पाई गई हैं, जिससे वाहन की टक्कर की आशंका जताई जा रही है।वन विभाग के अनुसार मृत तेंदुए की उम्र लगभग 4 से 5 वर्ष के बीच बताई जा रही है। घटना स्थल से करीब 3 किलोमीटर की दूरी पर घना जंगल स्थित है। पीलीभीत टाइगर रिजर्व, लखीमपुर खीरी और खुटार क्षेत्र के जंगल पास होने के कारण अक्सर वन्यजीव आबादी की ओर भटक आते हैं और इस तरह के हादसों का शिकार हो जाते हैं। वन विभाग ने अज्ञात वाहन के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, तेंदुए के शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए पैनल गठित किया जा रहा है, जिसके बाद ही मौत के सही कारणों की पुष्टि हो सकेगी।रेंजर ललित कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला सड़क हादसे का प्रतीत हो रहा है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। उन्होंने कहा कि वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर विभाग सतर्क है और मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर मानव-वन्यजीव संघर्ष और सड़क सुरक्षा के मुद्दे को उजागर कर दिया है। स्थानीय लोगों ने भी वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
- पीलीभीत जनपद के पूरनपुर तहसील अंतर्गत आने वाले ट्रांस शारदा क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहाँ शुक्रवार रात एक मादा तेंदुए की अज्ञात वाहन की टक्कर लगने से मौत हो गई। यह घटना नेहरू नगर से भुरजनिया जाने वाले मार्ग पर हुई। शनिवार सुबह जब सड़क किनारे तेंदुए का शव मिला, तो पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। शनिवार सुबह जैसे ही घटना की जानकारी फैली, बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। मृत मादा तेंदुए के शरीर से काफी खून बह चुका था। सूचना मिलते ही संपूर्णानगर रेंजर ललित कुमार अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। वन विभाग ने साक्ष्य जुटाने के बाद शव को अपने कब्जे में ले लिया। रेंजर ललित कुमार ने पुष्टि करते हुए बताया कि मृत मादा तेंदुए की उम्र लगभग 4 से 5 वर्ष है। प्रथम दृष्टया मौत का कारण किसी तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आना लग रहा है। सटीक कारणों का पता लगाने के लिए शनिवार को शव का पैनल द्वारा पोस्टमार्टम कराया जाएगा। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले दो महीनों से इस क्षेत्र के गांवों में तेंदुए और बाघ की आवाजाही लगातार देखी जा रही थी। हाल ही में, दो दिन पहले ही चंदननगर गांव में एक तेंदुआ ग्रामीण विजय के घर से उसकी बकरी उठा ले गया था। इन घटनाओं के कारण स्थानीय लोग पहले से ही दहशत में जी रहे थे। इस हादसे ने संरक्षित क्षेत्रों के पास से गुजरने वाले वाहनों की गति सीमा और वन्यजीवों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहाँ एक ओर तेंदुए की मौत से ग्रामीणों में दुख है, वहीं दूसरी ओर उन्हें इस बात की चिंता है कि क्षेत्र में मौजूद अन्य हिंसक वन्यजीव अब और अधिक आक्रामक हो सकते हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने स्थानीय लोगों को अत्यधिक सतर्क रहने और रात के समय अकेले बाहर न निकलने की सख्त सलाह दी है।1
- पूरनपुर, पीलीभीत। पूरनपुर तहसील क्षेत्र के गांव नेहरु नगर में शुक्रवार रात करीब 9 बजे सड़क पर तेंदुए का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर रेंज कार्यालय ले गई। प्रथम दृष्टया तेंदुए की मौत किसी अज्ञात वाहन की टक्कर से होना बताया जा रहा है।मिली जानकारी के अनुसार, ग्रामीणों ने सड़क किनारे तेंदुए का शव पड़ा देखा, जिसके बाद तुरंत वन विभाग को सूचना दी गई। सूचना पर खीरी जनपद के संपूर्णनगर रेंजर ललित कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। हादसे में तेंदुए के मुंह और शरीर के अंदरूनी हिस्सों में गंभीर चोटें पाई गई हैं, जिससे वाहन की टक्कर की आशंका जताई जा रही है।वन विभाग के अनुसार मृत तेंदुए की उम्र लगभग 4 से 5 वर्ष के बीच बताई जा रही है। घटना स्थल से करीब 3 किलोमीटर की दूरी पर घना जंगल स्थित है। पीलीभीत टाइगर रिजर्व, लखीमपुर खीरी और खुटार क्षेत्र के जंगल पास होने के कारण अक्सर वन्यजीव आबादी की ओर भटक आते हैं और इस तरह के हादसों का शिकार हो जाते हैं। वन विभाग ने अज्ञात वाहन के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, तेंदुए के शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए पैनल गठित किया जा रहा है, जिसके बाद ही मौत के सही कारणों की पुष्टि हो सकेगी।रेंजर ललित कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला सड़क हादसे का प्रतीत हो रहा है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। उन्होंने कहा कि वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर विभाग सतर्क है और मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर मानव-वन्यजीव संघर्ष और सड़क सुरक्षा के मुद्दे को उजागर कर दिया है। स्थानीय लोगों ने भी वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।1
- पूरनपुर-माधोटांडा रेलवे फाटक तकनीकी खराबी के चलते घंटों बंद, लगा भीषण जाम; जोखिम में जान, पूरनपुर-माधोटांडा रेलवे फाटक तकनीकी खराबी के चलते घंटों बंद, लगा भीषण जाम; जोखिम में जान1
- पीलीभीत टाइगर रिजर्व: प्रकृति का अद्भुत दृश्य, खनिज की तलाश में मिट्टी चाटता दिखा हॉग डियर पीलीभीत (उत्तर प्रदेश) प्रकृति अपनी संतानों का ख्याल रखना बखूबी जानती है। पीलीभीत टाइगर रिजर्व (PTR) से हाल ही में सामने आई एक तस्वीर ने इस बात को एक बार फिर सच साबित कर दिया है। रिजर्व के घास के मैदानों में एक दुर्लभ नर हॉग डियर (पाढ़ा) को अपनी पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए प्राकृतिक रूप से 'सॉल्ट लिक' (नमक वाली मिट्टी) चाटते हुए देखा गया। क्या है यह प्राकृतिक प्रक्रिया? वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, शाकाहारी जीवों को केवल घास और पत्तियों से सभी आवश्यक खनिज नहीं मिल पाते। विशेष रूप से नर हिरणों को अपने सींगों (Antlers) के विकास और शारीरिक मजबूती के लिए सोडियम, कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे खनिजों की भारी मात्रा में आवश्यकता होती है। इसे 'जियोफैगी' (Geophagy) कहा जाता है, जहाँ जानवर मिट्टी के उन खास हिस्सों को चुनते हैं जहाँ लवणों की सांद्रता अधिक होती है। पीलीभीत टाइगर रिजर्व की जैव विविधता का प्रमाण तराई क्षेत्र में स्थित पीलीभीत टाइगर रिजर्व हॉग डियर जैसी लुप्तप्राय प्रजातियों के लिए एक सुरक्षित आश्रय स्थल बन गया है। प्राकृतिक संसाधन: रिजर्व के भीतर मौजूद ये प्राकृतिक 'साल्ट लिक्स' इस बात का संकेत हैं कि यहाँ का पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) स्वस्थ है। हॉग डियर की विशेषता: यह प्रजाति ऊँची घासों में रहना पसंद करती है और स्वभाव से काफी शर्मीली होती है, जिसके कारण इनका दिखना दुर्लभ माना जाता है। विशेषज्ञ की राय "प्रकृति माँ के पास हर जीव की जरूरत को पूरा करने के संसाधन मौजूद हैं। जब हम जंगली जानवरों को मिट्टी चाटते देखते हैं, तो यह दर्शाता है कि वे अपने स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए खुद को वातावरण के अनुसार ढाल चुके हैं। हमारा काम बस इन संसाधनों और उनके आवास को सुरक्षित रखना है।" — स्थानीय वन्यजीव संरक्षक मुख्य बिंदु: स्थान: पीलीभीत टाइगर रिजर्व, उत्तर प्रदेश। प्रजाति: हॉग डियर (Axis porcinus)। कारण: खनिज और लवण (Minerals) की पूर्ति। यह दृश्य न केवल पर्यटकों के लिए रोमांचक है, बल्कि पर्यावरणविदों के लिए भी एक सुखद संकेत है कि पीलीभीत के जंगलों में खाद्य श्रृंखला और पोषण चक्र प्राकृतिक रूप से सुचारू रूप से चल रहा है।1
- saiyaara movie song bansuri ka dhun Pilibhit puranpur ke Rahane wala ek Yuva1
- पीलीभीत में गैस सिलेंडर को लेकर जमकर मारपीट गैस सिलेंडर वितरण के दौरान जमकर हंगामा पीलीभीत की तहसील अमरिया क्षेत्र के ग्राम विषनपुर फरदिया के मजरे में गैस वितरण कार्य के दौरान दबंगों ने गैस वितरक से गाली-गलौज व मारपीट की, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। मारपीट के वीडियो का संज्ञान लेते हुए अमरिया पुलिस ने अभियोग पंजीकृत कर मो. रफीक पुत्र बाबू बक्श उम्र 58 वर्ष, सलीम उम्र 22 वर्ष, रईस अहमद उम्र 40 वर्ष, हनीफ उम्र 26 वर्ष व नन्हे बाबू उम्र 25 वर्ष निवासी फरदिया रसूला थाना अमरिया जनपद पीलीभीत को गिरफ़्तार किया है।1
- रजिस्ट्री के दौरान किसान के बेटे का अपहरण, 80 लाख ठगी का आरोप। पूरनपुर,, कलीनगर चितरपुर निवासी किसान बाबूराम ने रोहतक के दीपक और उसके साथियों पर रजिस्ट्री के दौरान धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। बाबूराम के मुताबिक, रजिस्ट्री के समय आरोपी उनके बेटे धर्मेंद्र को बकाया रकम देने के बहाने बाहर ले गए और कार में डालकर अगवा कर लिया। सोनालिका एजेंसी के सामने शोर मचाने पर लोगों ने कार घेरी, जिसके बाद धर्मेंद्र कार से कूदकर भाग निकला। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हैपीड़ित ने कोतवाली में तहरीर दी है। पुलिस वायरल वीडियो और CCTV फुटेज के आधार पर जांच कर रही है, क्राइम इस्पेक्टर अशोक कुमार ने बताया लेन देन का मामला है जांच की जा रही है2
- पीलीभीत:शनिवार को विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने देश में बढ़ती समाज विरोधी गतिविधियों और विभिन्न सामाजिक चुनौतियों के विरोध में कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने देश की आंतरिक सुरक्षा और सामाजिक सद्भाव को लेकर अपनी गंभीर चिंता व्यक्त की। कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा, जिसमें देश में पनप रही सामाजिक बुराइयों पर कठोर और त्वरित कार्रवाई की मांग की गई है ज्ञापन के माध्यम से विहिप नेताओं ने कहा कि वर्तमान में कुछ समाज विरोधी तत्वों द्वारा देश के सामाजिक ताने-बाने को छिन्न-भिन्न करने का प्रयास किया जा रहा है। संगठन ने विशेष रूप से 'लव जिहाद' के षड्यंत्र पर प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि इसका जाल अब सुशिक्षित समाज और व्यावसायिक क्षेत्रों तक फैल चुका है।1