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पांगी में कुलाल गांव के लिए सड़क को खोलना भूली लोक निर्माण विभाग पांगी लोक निर्माण विभाग कुलाल गांव के लिए सड़क खोलना भूल गई, लोग अपनी जान हथेली पर रखकर सफर करने को मजबूर।
Surender Thakur
पांगी में कुलाल गांव के लिए सड़क को खोलना भूली लोक निर्माण विभाग पांगी लोक निर्माण विभाग कुलाल गांव के लिए सड़क खोलना भूल गई, लोग अपनी जान हथेली पर रखकर सफर करने को मजबूर।
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- पांगी लोक निर्माण विभाग कुलाल गांव के लिए सड़क खोलना भूल गई, लोग अपनी जान हथेली पर रखकर सफर करने को मजबूर।1
- पीर पंजाल की पहाड़ियों के बीच बसी अपनी सुंदर ,निर्मल , भव्य एवम दिव्य पांगी घाटी ! जहाँ आज भी प्रकृति अपने मधुर रूप में है1
- जनजातीय क्षेत्र पांगी घाटी में पारंपरिक आस्था और लोकसंस्कृति के प्रतीक जुकारू पर्व के तीसरे दिन परमार और भटोरी गांव में चियालू मेला बड़े ही उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया गया। पूरे क्षेत्र में उल्लास और श्रद्धा का वातावरण देखने को मिला। पर्व की शुरुआत प्रातःकाल परमार और भटोरी प्रजामण्डल द्वारा खेतों में जाकर धरती माता की पूजा से हुई, जिसे स्थानीय भाषा में ‘मांगल’ कहा जाता है। इस अनुष्ठान में सबसे पहले धरती माता का विधिवत पूजन किया गया और प्रसाद अर्पित किया गया। गांव के सभी परिवारों की सहभागिता इस पूजा की विशेषता रही। सामूहिक रूप से की गई यह पूजा प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और समृद्धि की कामना का प्रतीक मानी जाती है। मांगल पूजा के उपरांत ग्रामीण अपने-अपने घर लौटे और पारंपरिक वेशभूषा में सजधज कर मेले के लिए रवाना हुए। चियालू मेले का मुख्य आकर्षण मोटे अनाज के आटे से निर्मित बकरे की प्रतिमा रही, जिसे ग्रामीणों ने बड़े स्नेह और श्रद्धा के साथ सजाया और श्रृंगारित किया। मान्यता है कि यह पर्व आसुरी शक्तियों को दूर भगाने और गांव में सुख-शांति बनाए रखने के उद्देश्य से मनाया जाता है। सजी हुई प्रतिमा को ढोल-नगाड़ों की थाप और जयकारों के बीच कंधों पर उठाकर मेला स्थल तक लाया गया। इसके बाद पारंपरिक तीरंदाजी का रोमांचक खेल आरंभ हुआ, जिसमें प्रतिमा का ‘शिकार’ किया जाता है। जो प्रतिभागी सफलतापूर्वक निशाना साधता है, उसे गांव की ओर से सम्मानित किया जाता है। यह खेल साहस, कौशल और परंपरा का अनूठा संगम प्रस्तुत करता है। तीरंदाजी प्रतियोगिता के पश्चात पूजा-पाठ का कार्यक्रम संपन्न हुआ और फिर लोकनृत्य एवं लोकगीतों की मधुर प्रस्तुतियों के साथ उत्सव अपने चरम पर पहुंच गया। महिलाएं, पुरुष, युवा और बुजुर्ग—सभी ने पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन पर सामूहिक नृत्य कर मेले की रौनक बढ़ाई। चियालू मेला न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह सामाजिक एकता, सांस्कृतिक संरक्षण और पीढ़ियों से चली आ रही परंपराओं के जीवंत प्रदर्शन का भी महत्वपूर्ण माध्यम है। जुकारू पर्व का यह तीसरा दिन परमार और भटोरी गांव में उत्साह, श्रद्धा और सामूहिक सौहार्द के साथ संपन्न हुआ1
- चंबा, 21 फरवरी शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर के चंबा पहुंचने पर परिधि गृह में विधायक नीरज नैय्यर, उपायुक्त मुकेश रेपसवाल, पुलिस अधीक्षक विजय कुमार सकलानी, उपनिदेशक स्कूल शिक्षा विकास महाजन, विभिन्न जिला अधिकारियों तथा स्थानीय लोगों ने उनका स्वागत किया। रोहित ठाकुर ने इस दौरान प्रेस प्रतिनिधियों से संवाद करते हुए कहा कि शिक्षा विभाग द्वारा जिला चंबा में की जा रही विभिन्न व्यवस्थाओं का धरातल पर आकलन कर भविष्य में उठाए जाने वाले आवश्यक कदमों पर विचार किया जाएगा। शिक्षा मंत्री ने बताया कि प्रदेश में कम नामांकन वाले विद्यालयों में की जा रही युक्तिकरण प्रक्रिया शिक्षा की गुणवत्ता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से की जा रही है। उन्होंने कहा कि गत 10 वर्षों के दौरान देशभर में लगभग 90 हजार विद्यालयों का युक्तिकरण किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य संसाधनों का पूर्ण एवं प्रभावी सदुपयोग सुनिश्चित करना है। साथ में उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में युक्तिकरण किए गए अधिकांश विद्यालयों में नामांकन शून्य अथवा कम था। विद्यालयों का युक्तिकरण निर्धारित मानकों को आधार बनाकर किया गया है। उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि संसाधनों का समुचित उपयोग करने से प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित होगी। उन्होंने इस दौरान लोगों की विभिन्न समस्याओं का भी समाधान किया। शिक्षा मंत्री को इस दौरान विभिन्न संगठनों तथा शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने सम्मानित भी किया।1
- Post by Dishant Bramnhotra1
- ग्राम पंचायत बरौर के गांव छमैरी के 36 वर्षीय युवक की हुई मौत परिजनों ने जताया हत्या का शक1
- चंबा : सलूणी के तलेरू बोटिंग प्वाइंट पर आयोजित विंटर लेक फेस्टिवल में दूर-दराज से पर्यटक पहुंच रहे हैं। खास तौर पर Kolkata से आए पर्यटक सुमन और तानिया ने यहां की हसीन वादियों और आयोजन को लेकर अपने अनुभव साझा किए। दोनों ने बताया कि सलूणी की प्राकृतिक सुंदरता और फेस्टिवल का माहौल उनके लिए अविस्मरणीय बन गया है। वाइस ओवर .....सुमन कोलकाता से आए पर्यटक सुमन ने बताया कि वह पहली बार सलूणी आए हैं और यहां की शांत, स्वच्छ और प्राकृतिक वादियों ने उनका मन मोह लिया। उन्होंने कहा कि उन्हें पहले से इस बात की जानकारी नहीं थी कि उनके दौरे के दौरान यहां विंटर लेक फेस्टिवल भी आयोजित किया जा रहा है। फेस्टिवल में स्थानीय लोक संस्कृति, संगीत और सजावट ने उनके अनुभव को और भी खास बना दिया। सुमन ने उपमंडल प्रशासन सलूणी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन न केवल पर्यटन को बढ़ावा देते हैं बल्कि बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों को हिमाचल की समृद्ध संस्कृति से भी रूबरू करवाते हैं। उन्होंने कहा कि वह अपने शहर लौटकर यहां के अनुभव को जरूर साझा करेंगे। वाइस ओवर.....तानिया पर्यटक तानिया ने बताया कि सलूणी की वादियों की खूबसूरती शब्दों में बयां नहीं की जा सकती। बर्फ से ढकी चोटियां, झील का शांत वातावरण और फेस्टिवल की रौनक ने उनके सफर को बेहद खास बना दिया। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए एक सुखद आश्चर्य था कि घूमने के साथ-साथ उन्हें यहां एक भव्य आयोजन भी देखने को मिला। तानिया ने कहा कि उपमंडल प्रशासन द्वारा किया गया यह प्रयास सराहनीय है। उन्होंने आयोजन की व्यवस्थाओं की तारीफ करते हुए कहा कि पर्यटकों के लिए हर सुविधा का ध्यान रखा गया है। उन्होंने भविष्य में दोबारा सलूणी आने की इच्छा भी जताई। विंटर लेक फेस्टिवल के माध्यम से सलूणी क्षेत्र पर्यटन मानचित्र पर अपनी अलग पहचान बना रहा है और बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है। बाइट सुमन पर्यटक कोलकाता। बाइट तानिया पर्यटक कोलकाता।1
- चम्बा छमेरी गांव में मिला संदिग्ध परिस्थितियों व्यक्ति का श/व सुरेंद्र ठाकुर चंबा जिला के विकास खंड चम्बा के अंतर्गत ग्राम पंचायत बरौर के चमीनू गांव से छमेरी तक एम्बुलेंस सड़क निर्माण को लेकर क्षेत्र में विवाद गहरा गया है। सड़क निर्माण की पुरजोर मांग को लेकर जहां कई ग्रामीण समर्थन में थे, वहीं कुछ स्थानीय लोग इस पहल से असहमत बताए जा रहे हैं। इसी बीच युवक सोनू की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद मामला और गंभीर हो गया है। मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि सड़क निर्माण के विरोध से जुड़े कुछ लोगों ने ही सोनू की हत्या की है। परिजनों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच होनी चाहिए तथा दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों ने भी प्रशासन से मांग की है कि मामले की पारदर्शी जांच कर सच्चाई सामने लाई जाए, ताकि क्षेत्र में शांति और विश्वास बना रहे।1