logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

*चंबल के 'सिंघम' रेंजर दीपक शर्मा से सीधी बात* टैंटरा। चंबल की रेतीली वादियों में इन दिनों एक ही नाम की गूँज है— गेम रेंजर दीपक शर्मा। माफिया के लिए खौफ का दूसरा नाम बन चुके शर्मा की कार्यशैली ऐसी है कि विभाग के भीतर भी किसी को कानोकान खबर नहीं होती कि अगली रेड कहाँ होगी। देव त्यागी भास्कर संवाददाता ने उनसे उनकी इसी जांबाज कार्यशैली और चंबल के भविष्य पर खास बातचीत की। *सवाल: आपकी रेड इतनी सटीक कैसे होती है? माफिया को भागने का मौका क्यों नहीं मिलता?* दीपक शर्मा: देखिए, माफिया के 'खबरी' हर जगह हैं। अगर मैं थाने या दफ्तर से फोर्स लेकर निकलूंगा, तो मेरे पहुँचने से पहले माफिया रेत समेटकर गायब हो जाएगा। इसलिए मैं केवल अपने वरिष्ठ अधिकारियों को विश्वास में लेता हूँ। धरातल पर मेरी अपनी एक छोटी और गोपनीय टीम है, जो बिना किसी शोर-शराबे के सीधा टारगेट पर हिट करती है। *सवाल: सुना है आपकी टीम को भी नहीं पता होता कि मिशन क्या है?* दीपक शर्मा: (मुस्कुराते हुए) बिल्कुल। गोपनीयता ही मेरी सबसे बड़ी ताकत है। टीम को आखिरी वक्त पर लोकेशन दी जाती है। हम तकनीकी सर्विलांस और विश्वसनीय जमीनी इनपुट पर काम करते हैं। जब तक माफिया को भनक लगती है, उनके ट्रैक्टर और डंपर हमारे कब्जे में होते हैं। *सवाल: माफिया के खिलाफ इस जंग में आपको सबसे बड़ा खतरा क्या लगता है?* दीपक शर्मा: खतरा मेरी जान को नहीं, बल्कि चंबल को है। अगर माफिया राज इसी तरह फलता-फूलता रहा, तो कल चंबल विनाश की ओर जाएगी। यह केवल रेत चोरी का मामला नहीं है, यह पूरी नदी के पारिस्थितिकी तंत्र की हत्या है। घड़ियाल और कछुओं के प्रजनन स्थल खत्म हो रहे हैं। अगर आज सख्त कदम नहीं उठाए, तो अगली पीढ़ी हमें माफ नहीं करेगी। *सवाल: क्या राजनीतिक दबाव या धमकियां आपकी राह में रोड़ा नहीं बनतीं?* दीपक शर्मा: चुनौतियां तो आती हैं। कभी सोशल मीडिया पर बदनाम करने की साजिश होती है, तो कभी फर्जी आरोप लगाए जाते हैं। लेकिन वर्दी पहनी है तो डर कैसा? जब नीयत साफ हो और ऊपर के अधिकारियों का साथ हो, तो किसी भी माफिया की हिम्मत नहीं कि काम रोक सके। मेरा मकसद स्पष्ट है—चंबल को माफिया मुक्त करना। *सवाल: आप चंबल के युवाओं को क्या संदेश देना चाहेंगे जो इस अवैध कारोबार की तरफ आकर्षित हो रहे हैं?* दीपक शर्मा: चंद रुपयों के लालच में अपने भविष्य और अपनी विरासत (चंबल) को बर्बाद न करें। माफिया आपको सिर्फ इस्तेमाल करता है। जब कानून का डंडा चलता है, तो माफिया पीछे हट जाता है और फँसता गरीब युवा है। चंबल को बचाना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। *विजन:* दीपक शर्मा की ये कार्यवाहियां उन भ्रष्ट तंत्रों पर भी चोट हैं जो माफिया के साथ साठगांठ कर अपनी जेब भरते हैं। उनकी 'सर्जिकल स्ट्राइक' स्टाइल ने साबित किया है कि अगर इरादे नेक हों, तो अकेले भी बदलाव लाया जा सकता है।

12 hrs ago
user_क्राइम रिपोर्टर
क्राइम रिपोर्टर
Court reporter सबलगढ़, मुरैना, मध्य प्रदेश•
12 hrs ago

*चंबल के 'सिंघम' रेंजर दीपक शर्मा से सीधी बात* टैंटरा। चंबल की रेतीली वादियों में इन दिनों एक ही नाम की गूँज है— गेम रेंजर दीपक शर्मा। माफिया के लिए खौफ का दूसरा नाम बन चुके शर्मा की कार्यशैली ऐसी है कि विभाग के भीतर भी किसी को कानोकान खबर नहीं होती कि अगली रेड कहाँ होगी। देव त्यागी भास्कर संवाददाता ने उनसे उनकी इसी जांबाज कार्यशैली और चंबल के भविष्य पर खास बातचीत की। *सवाल: आपकी रेड इतनी सटीक कैसे होती है? माफिया को भागने का मौका क्यों नहीं मिलता?* दीपक शर्मा: देखिए, माफिया के 'खबरी' हर जगह हैं। अगर मैं थाने या दफ्तर से फोर्स लेकर निकलूंगा, तो मेरे पहुँचने से पहले माफिया रेत समेटकर गायब हो जाएगा। इसलिए मैं केवल अपने वरिष्ठ अधिकारियों को विश्वास में लेता हूँ। धरातल पर मेरी अपनी एक छोटी और गोपनीय टीम है, जो बिना किसी शोर-शराबे के सीधा टारगेट पर हिट करती है। *सवाल: सुना है आपकी टीम को भी नहीं पता होता कि मिशन क्या है?* दीपक शर्मा: (मुस्कुराते हुए) बिल्कुल। गोपनीयता ही मेरी सबसे बड़ी ताकत है। टीम को आखिरी वक्त पर लोकेशन दी जाती है। हम तकनीकी सर्विलांस और विश्वसनीय जमीनी इनपुट पर काम करते हैं। जब तक माफिया को भनक लगती है, उनके ट्रैक्टर और डंपर हमारे कब्जे में होते हैं। *सवाल: माफिया के खिलाफ इस जंग में आपको सबसे बड़ा खतरा क्या लगता है?* दीपक शर्मा: खतरा मेरी जान को नहीं, बल्कि चंबल को है। अगर माफिया राज इसी तरह फलता-फूलता रहा, तो कल चंबल विनाश की ओर जाएगी। यह केवल रेत चोरी का मामला नहीं है, यह पूरी नदी के पारिस्थितिकी तंत्र की हत्या है। घड़ियाल और कछुओं के प्रजनन स्थल खत्म हो रहे हैं। अगर आज सख्त कदम नहीं उठाए, तो अगली पीढ़ी हमें माफ नहीं करेगी। *सवाल: क्या राजनीतिक दबाव या धमकियां आपकी राह में रोड़ा नहीं बनतीं?* दीपक शर्मा: चुनौतियां तो आती हैं। कभी सोशल मीडिया पर बदनाम करने की साजिश होती है, तो कभी फर्जी आरोप लगाए जाते हैं। लेकिन वर्दी पहनी है तो डर कैसा? जब नीयत साफ हो और ऊपर के अधिकारियों का साथ हो, तो किसी भी माफिया की हिम्मत नहीं कि काम रोक सके। मेरा मकसद स्पष्ट है—चंबल को माफिया मुक्त करना। *सवाल: आप चंबल के युवाओं को क्या संदेश देना चाहेंगे जो इस अवैध कारोबार की तरफ आकर्षित हो रहे हैं?* दीपक शर्मा: चंद रुपयों के लालच में अपने भविष्य और अपनी विरासत (चंबल) को बर्बाद न करें। माफिया आपको सिर्फ इस्तेमाल करता है। जब कानून का डंडा चलता है, तो माफिया पीछे हट जाता है और फँसता गरीब युवा है। चंबल को बचाना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। *विजन:* दीपक शर्मा की ये कार्यवाहियां उन भ्रष्ट तंत्रों पर भी चोट हैं जो माफिया के साथ साठगांठ कर अपनी जेब भरते हैं। उनकी 'सर्जिकल स्ट्राइक' स्टाइल ने साबित किया है कि अगर इरादे नेक हों, तो अकेले भी बदलाव लाया जा सकता है।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • *चंबल के 'सिंघम' रेंजर दीपक शर्मा से सीधी बात* टैंटरा। चंबल की रेतीली वादियों में इन दिनों एक ही नाम की गूँज है— गेम रेंजर दीपक शर्मा। माफिया के लिए खौफ का दूसरा नाम बन चुके शर्मा की कार्यशैली ऐसी है कि विभाग के भीतर भी किसी को कानोकान खबर नहीं होती कि अगली रेड कहाँ होगी। देव त्यागी भास्कर संवाददाता ने उनसे उनकी इसी जांबाज कार्यशैली और चंबल के भविष्य पर खास बातचीत की। *सवाल: आपकी रेड इतनी सटीक कैसे होती है? माफिया को भागने का मौका क्यों नहीं मिलता?* दीपक शर्मा: देखिए, माफिया के 'खबरी' हर जगह हैं। अगर मैं थाने या दफ्तर से फोर्स लेकर निकलूंगा, तो मेरे पहुँचने से पहले माफिया रेत समेटकर गायब हो जाएगा। इसलिए मैं केवल अपने वरिष्ठ अधिकारियों को विश्वास में लेता हूँ। धरातल पर मेरी अपनी एक छोटी और गोपनीय टीम है, जो बिना किसी शोर-शराबे के सीधा टारगेट पर हिट करती है। *सवाल: सुना है आपकी टीम को भी नहीं पता होता कि मिशन क्या है?* दीपक शर्मा: (मुस्कुराते हुए) बिल्कुल। गोपनीयता ही मेरी सबसे बड़ी ताकत है। टीम को आखिरी वक्त पर लोकेशन दी जाती है। हम तकनीकी सर्विलांस और विश्वसनीय जमीनी इनपुट पर काम करते हैं। जब तक माफिया को भनक लगती है, उनके ट्रैक्टर और डंपर हमारे कब्जे में होते हैं। *सवाल: माफिया के खिलाफ इस जंग में आपको सबसे बड़ा खतरा क्या लगता है?* दीपक शर्मा: खतरा मेरी जान को नहीं, बल्कि चंबल को है। अगर माफिया राज इसी तरह फलता-फूलता रहा, तो कल चंबल विनाश की ओर जाएगी। यह केवल रेत चोरी का मामला नहीं है, यह पूरी नदी के पारिस्थितिकी तंत्र की हत्या है। घड़ियाल और कछुओं के प्रजनन स्थल खत्म हो रहे हैं। अगर आज सख्त कदम नहीं उठाए, तो अगली पीढ़ी हमें माफ नहीं करेगी। *सवाल: क्या राजनीतिक दबाव या धमकियां आपकी राह में रोड़ा नहीं बनतीं?* दीपक शर्मा: चुनौतियां तो आती हैं। कभी सोशल मीडिया पर बदनाम करने की साजिश होती है, तो कभी फर्जी आरोप लगाए जाते हैं। लेकिन वर्दी पहनी है तो डर कैसा? जब नीयत साफ हो और ऊपर के अधिकारियों का साथ हो, तो किसी भी माफिया की हिम्मत नहीं कि काम रोक सके। मेरा मकसद स्पष्ट है—चंबल को माफिया मुक्त करना। *सवाल: आप चंबल के युवाओं को क्या संदेश देना चाहेंगे जो इस अवैध कारोबार की तरफ आकर्षित हो रहे हैं?* दीपक शर्मा: चंद रुपयों के लालच में अपने भविष्य और अपनी विरासत (चंबल) को बर्बाद न करें। माफिया आपको सिर्फ इस्तेमाल करता है। जब कानून का डंडा चलता है, तो माफिया पीछे हट जाता है और फँसता गरीब युवा है। चंबल को बचाना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। *विजन:* दीपक शर्मा की ये कार्यवाहियां उन भ्रष्ट तंत्रों पर भी चोट हैं जो माफिया के साथ साठगांठ कर अपनी जेब भरते हैं। उनकी 'सर्जिकल स्ट्राइक' स्टाइल ने साबित किया है कि अगर इरादे नेक हों, तो अकेले भी बदलाव लाया जा सकता है।
    1
    *चंबल के 'सिंघम' रेंजर दीपक शर्मा से सीधी बात*
टैंटरा। चंबल की रेतीली वादियों में इन दिनों एक ही नाम की गूँज है— गेम रेंजर दीपक शर्मा। माफिया के लिए खौफ का दूसरा नाम बन चुके शर्मा की कार्यशैली ऐसी है कि विभाग के भीतर भी किसी को कानोकान खबर नहीं होती कि अगली रेड कहाँ होगी। देव त्यागी भास्कर संवाददाता ने उनसे उनकी इसी जांबाज कार्यशैली और चंबल के भविष्य पर खास बातचीत की।
*सवाल: आपकी रेड इतनी सटीक कैसे होती है? माफिया को भागने का मौका क्यों नहीं मिलता?*
दीपक शर्मा: देखिए, माफिया के 'खबरी' हर जगह हैं। अगर मैं थाने या दफ्तर से फोर्स लेकर निकलूंगा, तो मेरे पहुँचने से पहले माफिया रेत समेटकर गायब हो जाएगा। इसलिए मैं केवल अपने वरिष्ठ अधिकारियों को विश्वास में लेता हूँ। धरातल पर मेरी अपनी एक छोटी और गोपनीय टीम है, जो बिना किसी शोर-शराबे के सीधा टारगेट पर हिट करती है।
*सवाल: सुना है आपकी टीम को भी नहीं पता होता कि मिशन क्या है?*
दीपक शर्मा: (मुस्कुराते हुए) बिल्कुल। गोपनीयता ही मेरी सबसे बड़ी ताकत है। टीम को आखिरी वक्त पर लोकेशन दी जाती है। हम तकनीकी सर्विलांस और विश्वसनीय जमीनी इनपुट पर काम करते हैं। जब तक माफिया को भनक लगती है, उनके ट्रैक्टर और डंपर हमारे कब्जे में होते हैं।
*सवाल: माफिया के खिलाफ इस जंग में आपको सबसे बड़ा खतरा क्या लगता है?*
दीपक शर्मा: खतरा मेरी जान को नहीं, बल्कि चंबल को है। अगर माफिया राज इसी तरह फलता-फूलता रहा, तो कल चंबल विनाश की ओर जाएगी। यह केवल रेत चोरी का मामला नहीं है, यह पूरी नदी के पारिस्थितिकी तंत्र  की हत्या है। घड़ियाल और कछुओं के प्रजनन स्थल खत्म हो रहे हैं। अगर आज सख्त कदम नहीं उठाए, तो अगली पीढ़ी हमें माफ नहीं करेगी।
*सवाल: क्या राजनीतिक दबाव या धमकियां आपकी राह में रोड़ा नहीं बनतीं?*
दीपक शर्मा: चुनौतियां तो आती हैं। कभी सोशल मीडिया पर बदनाम करने की साजिश होती है, तो कभी फर्जी आरोप लगाए जाते हैं। लेकिन वर्दी पहनी है तो डर कैसा? जब नीयत साफ हो और ऊपर के अधिकारियों का साथ हो, तो किसी भी माफिया की हिम्मत नहीं कि काम रोक सके। मेरा मकसद स्पष्ट है—चंबल को माफिया मुक्त करना।
*सवाल: आप चंबल के युवाओं को क्या संदेश देना चाहेंगे जो इस अवैध कारोबार की तरफ आकर्षित हो रहे हैं?*
दीपक शर्मा: चंद रुपयों के लालच में अपने भविष्य और अपनी विरासत (चंबल) को बर्बाद न करें। माफिया आपको सिर्फ इस्तेमाल करता है। जब कानून का डंडा चलता है, तो माफिया पीछे हट जाता है और फँसता गरीब युवा है। चंबल को बचाना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।
*विजन:* दीपक शर्मा की ये कार्यवाहियां उन भ्रष्ट तंत्रों पर भी चोट हैं जो माफिया के साथ साठगांठ कर अपनी जेब भरते हैं। उनकी 'सर्जिकल स्ट्राइक' स्टाइल ने साबित किया है कि अगर इरादे नेक हों, तो अकेले भी बदलाव लाया जा सकता है।
    user_क्राइम रिपोर्टर
    क्राइम रिपोर्टर
    Court reporter सबलगढ़, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • आज सरमथुरा कस्बे के श्रीजी मंदिर से कलश यात्रा का शुभारंभ हुआ जिसमें बालाजी धाम आगरा से पधारे हुए कथा व्यास अभिषेक महाराज के द्वारा सरमथुरा नगर स्थित श्रीजी मंदिर में पूजा अर्चना कर कलश यात्रा का शुभारंभ किया , यह कलश यात्रा सरमथुरा के प्रमुख मार्गों से होते हुए गोल्डन आई पब्लिक उच्च माध्यमिक विद्यालय में पहुंची , जहां श्री मदभागवत कथा के पांडाल में कथा व्यास अभिषेक महाराज ने भागवद कथा के प्रसंगों के माध्यम से कथा के महत्व को समझाया , कथा व्यास अभिषेक महाराज के मुखारविंद से श्रद्धालुओं ने भागवत कथा के प्रथम दिन कथा के महत्व और कलयुग में मोक्ष प्राप्ति के रहस्य को समझा , इस दौरान श्रद्धालुओं को अमृतमयी कथा के भाव को ग्रहण करते एवं भक्तिमय होकर नृत्य करते हुए भी देखा गया , कथा व्यास अभिषेक महाराज ने बताया , जब वैराग्य और ज्ञान कमजोर पड़ गए थे तो भक्ति के आग्रह पर नारद जी के द्वारा सनकादिकों से भागवत का हरिद्वार में रसपान किया और उसके प्रभाव से बैराग्य और ज्ञान दोनों ही को बल मिला , बताया कि इस युग में जिसने भागवत का श्रवण नहीं किया तो वो गधे से भी ज्यादा मूर्ख होगा , इस भागवत कथा के श्रवण से जन्मजन्मांतर का पाप भी नष्ट हो जाता है , कथा के परीक्षित जगदीश प्रसाद शर्मा भी भक्ति भाव के साथ भजनों पर झूमते हुए नजर आए ।
    1
    आज सरमथुरा कस्बे के श्रीजी मंदिर से कलश यात्रा का शुभारंभ हुआ जिसमें बालाजी धाम आगरा से पधारे हुए कथा व्यास अभिषेक महाराज के द्वारा सरमथुरा नगर स्थित श्रीजी मंदिर में पूजा अर्चना कर कलश यात्रा का शुभारंभ किया , यह कलश यात्रा सरमथुरा के प्रमुख मार्गों से होते हुए गोल्डन आई पब्लिक उच्च माध्यमिक विद्यालय में पहुंची , जहां श्री मदभागवत कथा के पांडाल में कथा व्यास अभिषेक महाराज ने भागवद कथा के प्रसंगों के माध्यम से कथा के महत्व को समझाया , कथा व्यास अभिषेक महाराज के मुखारविंद से श्रद्धालुओं ने भागवत कथा के प्रथम दिन कथा के महत्व और कलयुग में मोक्ष प्राप्ति के रहस्य को समझा , इस दौरान श्रद्धालुओं को अमृतमयी कथा के भाव को ग्रहण करते एवं भक्तिमय होकर नृत्य करते हुए भी देखा गया , कथा व्यास अभिषेक महाराज ने बताया , जब वैराग्य और ज्ञान कमजोर पड़ गए थे तो भक्ति के आग्रह पर नारद जी के द्वारा सनकादिकों से भागवत का हरिद्वार में रसपान किया और उसके प्रभाव से बैराग्य और ज्ञान दोनों ही को बल मिला , बताया कि इस युग में जिसने भागवत का श्रवण नहीं किया तो वो गधे से भी ज्यादा मूर्ख होगा , इस भागवत कथा के श्रवण से जन्मजन्मांतर का पाप भी नष्ट हो जाता है , कथा के परीक्षित जगदीश प्रसाद शर्मा भी भक्ति भाव के साथ भजनों पर झूमते हुए नजर आए ।
    user_विष्णु कुमार सैन
    विष्णु कुमार सैन
    Newspaper publisher सरमथुरा, धौलपुर, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • जो हाईवे रोड है सड़क कितने गड्ढे हो रहे हैं रात के समय हम शादी से आ रहे थे गाड़ी से जो शाम को कितने गड्ढे हैं हादसा से ज्यादा PWD कोई ध्यान नहीं दे रही है यहां प्रशासन भ्रष्टाचार बैठा है और कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं कोई हादसा हो जाता है तो उसकी जिम्मेदारी कौन देगा और यहां प्रशासन आंख बंद करके सो रही है यह लापरवाही से कम कर रही है कलेक्टर साहब ध्यान दें एसपी साहब तुरंत एक्शन दिया जाए जो भरतपुर वाले संभाग आयुक्त हैं तुरंत एक्शन लिया जाए जांच किया जाए और माननीय मुख्यमंत्री जी भजनलाल शर्मा जी जो सर मथुरा में सड़क पर गड्ढे हो रहे हैं इसकी जिम्मेदारी कौन ले रहा है जो ड्रोचना हो जाएगी उसकी जिम्मेदारी कौन होगा या बीजेपी वाली सरकार होगी या मुख्यमंत्रीभजन लाल जी शर्मा होंगे यह कलेक्टर साहब होंगे सर मथुरा के अंदर जितने ही सड़क खराब पड़ी हुई है PWD वाले तुरंत एक्शन लिया जाए
    1
    जो हाईवे रोड है सड़क कितने गड्ढे हो रहे हैं रात के समय हम  शादी से आ रहे थे गाड़ी से जो शाम को कितने गड्ढे हैं हादसा से ज्यादा PWD कोई ध्यान नहीं दे रही है यहां प्रशासन भ्रष्टाचार बैठा है और कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं कोई हादसा हो जाता है तो उसकी जिम्मेदारी कौन देगा और यहां प्रशासन आंख बंद करके सो रही है यह लापरवाही से कम कर रही है कलेक्टर साहब ध्यान दें एसपी साहब तुरंत एक्शन दिया जाए जो भरतपुर वाले संभाग आयुक्त हैं तुरंत एक्शन लिया जाए जांच किया जाए और माननीय मुख्यमंत्री जी भजनलाल शर्मा जी जो सर मथुरा में सड़क पर गड्ढे हो रहे हैं इसकी जिम्मेदारी कौन ले रहा है जो ड्रोचना हो जाएगी उसकी जिम्मेदारी कौन होगा या बीजेपी वाली सरकार होगी या मुख्यमंत्रीभजन लाल जी शर्मा होंगे यह कलेक्टर साहब होंगे सर मथुरा के अंदर जितने ही सड़क खराब पड़ी हुई है PWD वाले तुरंत एक्शन लिया जाए
    user_Bharat SING Meena
    Bharat SING Meena
    Voice of people सरमथुरा, धौलपुर, राजस्थान•
    15 hrs ago
  • सरमथुरा कस्बा में घरेलू गैस सिलेंडरों का जमकर दुरूपयोग किया जा रहा है। चाय व मिठाई की दुकानों साथ अंडे, दूध, समोसे आदि बेचने वाले धड़ल्ले से घरेलू गैस सिलेंडर का व्यवसायिक उपयोग करते हुए दुरुपयोग कर रहे हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी इस पर अंकुश लगाने की बजाए खामोश बैठे हैं। लाल रंग के घरेलू गैस सिलेंडर का लाल रंग के घरेलू गैस सिलेंडर का खुलेआम उपयोग किया जा रहा है। सिलेंडर की कीमत नीले रंग के हालांकि लाल रंग के घरेलू गैस कमर्शियल गॅस सिलेंडर की तुलना में कम है। लाल रंग के 14.2 किलो गैस का घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत 869 रुपए करीब में मिलता है, वहीं 19 किलो गैस का कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत 1827 रूपये के गैस सिलेंडर की गैस करीब 62 रुपए आसपास है। इसके हिसाब से घरेलू प्रति किलो तथा कमर्शियल गैस सिलेंडर की गैस करीब 96 रुपए किलो पड़ती है। 34 रुपए प्रति किलो कायदों को ताक पर रख रहे है। वहीं बचाने के चक्कर में कुछ लोग नियम कुछ लोग तो इससे भी खतरनाक खेल चला रहे है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार छोटे गैस सिलेंडर में ट्रांसफर करने 100-200 रुपए के लालच में अवैध काम भी कर रहे हैं। मात्र चंद लालच में अपनी एवं आसपास के लोगों की जान जोखिम में डाल रहे है। फिर भी रसद विभाग द्वारा कोई ठोस कार्यवाही हौसले बुलंद है। सबसे गंभीर बात नहीं करने के कारण दुकानदारों के यह है कि मिठाई के दुकानदारों के पास कमर्शियल गैस सिलेंडर के कभी ही करवाते है। यानी केवल कनेक्शन तो है, लेकिन रिफिल कभी दिखाने के लिए कमर्शियल गैस सिलेंडर रखे हुए है। यही नहीं इससे झेलनी पड़ती है। होटलों, दुकानों पर सरकार को भी राजस्व की हानि
    3
    सरमथुरा कस्बा में घरेलू गैस सिलेंडरों का जमकर दुरूपयोग किया जा रहा है। चाय व मिठाई की दुकानों साथ अंडे, दूध, समोसे आदि बेचने वाले धड़ल्ले से घरेलू गैस सिलेंडर का व्यवसायिक उपयोग करते हुए दुरुपयोग कर रहे हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी इस पर अंकुश लगाने की बजाए खामोश बैठे हैं। लाल रंग के घरेलू गैस सिलेंडर का लाल रंग के घरेलू गैस सिलेंडर का खुलेआम उपयोग किया जा रहा है। सिलेंडर की कीमत नीले रंग के हालांकि लाल रंग के घरेलू गैस कमर्शियल गॅस सिलेंडर की तुलना में कम है। लाल रंग के 14.2 किलो गैस का घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत 869 रुपए करीब में मिलता है, वहीं 19 किलो गैस का कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत 1827 रूपये के गैस सिलेंडर की गैस करीब 62 रुपए आसपास है। इसके हिसाब से घरेलू प्रति किलो तथा कमर्शियल गैस सिलेंडर की गैस करीब 96 रुपए किलो पड़ती है। 34 रुपए प्रति किलो कायदों को ताक पर रख रहे है। वहीं बचाने के चक्कर में कुछ लोग नियम कुछ लोग तो इससे भी खतरनाक खेल चला रहे है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार छोटे गैस सिलेंडर में ट्रांसफर करने 100-200 रुपए के लालच में अवैध काम भी कर रहे हैं। मात्र चंद लालच में अपनी एवं आसपास के लोगों की जान जोखिम में डाल रहे है। फिर भी रसद विभाग द्वारा कोई ठोस कार्यवाही हौसले बुलंद है। सबसे गंभीर बात नहीं करने के कारण दुकानदारों के यह है कि मिठाई के दुकानदारों के पास कमर्शियल गैस सिलेंडर के कभी ही करवाते है। यानी केवल कनेक्शन तो है, लेकिन रिफिल कभी दिखाने के लिए कमर्शियल गैस सिलेंडर रखे हुए है। यही नहीं इससे झेलनी पड़ती है। होटलों, दुकानों पर सरकार को भी राजस्व की हानि
    user_Dileep parmar
    Dileep parmar
    Local News Reporter सरमथुरा, धौलपुर, राजस्थान•
    15 hrs ago
  • Post by RK LIVE KARAULI
    1
    Post by RK LIVE KARAULI
    user_RK LIVE KARAULI
    RK LIVE KARAULI
    Court reporter करौली, करौली, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • Post by Hemant Sharma
    1
    Post by Hemant Sharma
    user_Hemant Sharma
    Hemant Sharma
    बारी, धौलपुर, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • Post by JP NEWS झोलाछाप पत्रकार /Rohit bajouriya
    1
    Post by JP NEWS झोलाछाप पत्रकार /Rohit bajouriya
    user_JP NEWS झोलाछाप पत्रकार /Rohit bajouriya
    JP NEWS झोलाछाप पत्रकार /Rohit bajouriya
    मीडिया Morena, Madhya Pradesh•
    1 hr ago
  • Post by RK LIVE KARAULI
    1
    Post by RK LIVE KARAULI
    user_RK LIVE KARAULI
    RK LIVE KARAULI
    Court reporter करौली, करौली, राजस्थान•
    5 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.