चित्रकूट जनपद के भरतकूप थाना क्षेत्र के गोंड़ा गांव में प्रसव के बाद एक 24 वर्षीया महिला की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। मृतका की पहचान आरती देवी (पत्नी अवधेश वर्मा) के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, आरती को लेबर पेन होने पर बीते शनिवार की शाम करीब 5:00 बजे शिवरामपुर के भांगा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया था, जहां उसकी डिलीवरी कराई गई। प्रसव के लगभग चार से पांच घंटे बाद अचानक आरती की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उसे गंभीर अवस्था में जिला अस्पताल रेफर किया गया। जिला अस्पताल में 1 घंटे तक चले इलाज के बाद जब डॉक्टरों ने उसे फिर से रेफर किया, तो परिजन उसे दूसरे अस्पताल ले जाने लगे, लेकिन रास्ते में ही आरती की मौत हो गई। इस दुखद घटना से परिजनों में कोहराम मच गया है और उनका रो-रोकर बुरा हाल है। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर रविवार दोपहर 12:00 बजे जिला मुख्यालय में उसका पोस्टमार्टम कराया है।
चित्रकूट जनपद के भरतकूप थाना क्षेत्र के गोंड़ा गांव में प्रसव के बाद एक 24 वर्षीया महिला की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। मृतका की पहचान आरती देवी (पत्नी अवधेश वर्मा) के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, आरती को लेबर पेन होने पर बीते शनिवार की शाम करीब 5:00 बजे शिवरामपुर के भांगा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया था, जहां उसकी डिलीवरी कराई गई। प्रसव के लगभग चार से पांच घंटे बाद अचानक आरती की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उसे गंभीर अवस्था में जिला अस्पताल रेफर किया गया। जिला अस्पताल में 1 घंटे तक चले इलाज के बाद जब डॉक्टरों ने उसे फिर से रेफर किया, तो परिजन उसे दूसरे अस्पताल ले जाने लगे, लेकिन रास्ते में ही आरती की मौत हो गई। इस दुखद घटना से परिजनों में कोहराम मच गया है और उनका रो-रोकर बुरा हाल है। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर रविवार दोपहर 12:00 बजे जिला मुख्यालय में उसका पोस्टमार्टम कराया है।
- उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में जिला मुख्यालय स्थित विकासखंड चित्रकूटधाम कर्वी की ग्राम पंचायत मरजादपुर में निर्माणाधीन एबीसी (पशु जन्म नियंत्रण) सेंटर का जिलाधिकारी पुलकित गर्ग और पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से स्थलीय निरीक्षण किया। इस परियोजना का निर्माण कार्य कार्यदायी संस्था सीएनडीएस, उत्तर प्रदेश जल निगम, बांदा द्वारा ₹279.03 लाख की स्वीकृत लागत से कराया जा रहा है। इस केंद्र का मुख्य उद्देश्य आवारा और बीमार श्वानों के उपचार, देखभाल तथा पशु जन्म नियंत्रण (नसबंदी) की सुविधा उपलब्ध कराना है। उपचार एवं नसबंदी के बाद स्वस्थ होने पर श्वानों को दोबारा उनके प्राकृतिक परिवेश में छोड़ दिया जाएगा। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को जानकारी दी गई कि केंद्र में कुल 115 श्वानों के रहने की व्यवस्था की जा रही है। इसमें 15×1 एकल केनल तथा 10 सामुदायिक केनल बनाए जा रहे हैं, जिनमें से प्रत्येक की क्षमता 10×10 श्वानों को रखने की है। इसके अलावा केंद्र में ऑपरेशन थिएटर, सर्जन कक्ष, सैलून/ग्रूमिंग कक्ष, पंजीकरण कक्ष, मेडिकल स्टोर, शौचालय, दस्तावेज कक्ष (डॉक्यूमेंटेशन रूम) और पेंट्री सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं। जिलाधिकारी ने निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि केंद्र की बाउंड्री वॉल के बाहरी हिस्से में पानी की निकासी के लिए उचित नाली का निर्माण कराया जाए, ताकि बारिश का पानी परिसर के भीतर न आ सके। उन्होंने कार्यदायी संस्था को आवश्यकतानुसार मैनपावर बढ़ाकर निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता के मानकों का पूरी तरह पालन होना चाहिए, ताकि भविष्य में किसी भी स्तर पर शिकायत की गुंजाइश न रहे।3
- चित्रकूट जनपद के भरतकूप थाना क्षेत्र के गोंड़ा गांव में प्रसव के बाद एक 24 वर्षीया महिला की अचानक मौत हो गई। मृतका आरती देवी, अवधेश वर्मा की पत्नी थीं। परिजनों के अनुसार, शनिवार की शाम करीब 5:00 बजे आरती को लेबर पेन होने पर शिवरामपुर के भांगा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया था। वहां आरती की डिलीवरी कराई गई, लेकिन प्रसव के लगभग चार से पांच घंटे बाद अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। हालत गंभीर होने पर आरती को जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां 1 घंटे तक उनका इलाज चला। हालत में सुधार न होने पर डॉक्टरों ने उन्हें फिर से रेफर कर दिया। परिजन जैसे ही उन्हें दूसरे अस्पताल लेकर जाने लगे, वैसे ही आरती ने दम तोड़ दिया। इस दर्दनाक मौत से पीड़ित परिवार में कोहराम मच गया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर रविवार की दोपहर 12:00 बजे जिला मुख्यालय में उसका पोस्टमार्टम कराया है।2
- चित्रकूट जनपद के भरतकूप थाना क्षेत्र के गोंड़ा गांव में प्रसव के बाद एक 24 वर्षीया महिला की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। मृतका की पहचान आरती देवी (पत्नी अवधेश वर्मा) के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, आरती को लेबर पेन होने पर बीते शनिवार की शाम करीब 5:00 बजे शिवरामपुर के भांगा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया था, जहां उसकी डिलीवरी कराई गई। प्रसव के लगभग चार से पांच घंटे बाद अचानक आरती की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उसे गंभीर अवस्था में जिला अस्पताल रेफर किया गया। जिला अस्पताल में 1 घंटे तक चले इलाज के बाद जब डॉक्टरों ने उसे फिर से रेफर किया, तो परिजन उसे दूसरे अस्पताल ले जाने लगे, लेकिन रास्ते में ही आरती की मौत हो गई। इस दुखद घटना से परिजनों में कोहराम मच गया है और उनका रो-रोकर बुरा हाल है। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर रविवार दोपहर 12:00 बजे जिला मुख्यालय में उसका पोस्टमार्टम कराया है।1
- सतना में हुई बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी और उमस से तो राहत दी है, लेकिन इसके साथ ही शहर के 'ओवर स्मार्ट सिटी' होने के दावों की भी पोल खोल दी है। मौसम विभाग ने पहले ही बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई थी। बारिश शुरू होते ही शहर के कई इलाकों में नालियां ओवरफ्लो हो गईं और सड़कों पर जगह-जगह पानी भर गया, जिससे आम नागरिकों, दोपहिया वाहन चालकों और राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों का आक्रोश है कि करोड़ों रुपये खर्च कर बनाए गए स्मार्ट सिटी के दावे पहली ही तेज बारिश में धराशायी हो गए हैं। जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण सड़कों पर जलभराव हो गया और यातायात भी बुरी तरह प्रभावित हुआ। इस बदहाली पर एन.डी. न्यूज़ चैनल सतना ने सीधा सवाल उठाया है कि जब पहली ही बारिश में शहर की सड़कें तालाब बन जाएं, तो आखिर 'स्मार्ट सिटी' का सपना कब पूरा होगा?2
- सतना के अमरपाटन में रामनगर रोड चौराहे पर संदीपनी विद्यालय के सामने छात्र-छात्राओं और नवयुवकों ने सोनम वांगचुक को अपना समर्थन देने और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जमकर प्रदर्शन किया। करीब दो घंटे तक चले इस विरोध-प्रदर्शन के बाद प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों के संबंध में तहसीलदार आर डी साकेत को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान मौके पर भारी संख्या में छात्र-छात्राएं और नवयुवक मौजूद रहे।1
- सतना में एक तरफ जहां पुलिस नशा मुक्ति अभियान चला रही है, वहीं दूसरी तरफ स्टेशन रोड पर 11:44 बजे दुकान खोलकर शराब बेची जा रही है। इस पूरे घटनाक्रम का लोकेशन और टाइम के साथ वीडियो भी सामने आया है। बताया गया है कि शहर की सभी दुकानों में 11:30 के बाद शराब बेची जाती है और इस दौरान ग्राहकों से महंगी दरें वसूली जाती हैं। आरोप है कि आबकारी विभाग और शराब ठेकेदार मिलकर लोगों को नशा बांट रहे हैं। इस स्थिति को देखते हुए अब देखना होगा कि इस मामले में क्या कार्रवाई की जाती है। इसके साथ ही यह गंभीर सवाल भी उठाया गया है कि क्या इसी तरह से नशा मुक्ति अभियान सफल होगा।1
- वोटबैंक की राजनीति के लिए कांग्रेस पर अदालतों का अपमान करने और तुष्टिकरण के लिए कातिलों को भी मासूम साबित करने में जुटने का सीधा आरोप लगा है। दिल्ली दंगों के दोषी ताहिर हुसैन के पक्ष में कांग्रेस नेताओं द्वारा की जा रही बयानबाजी को न सिर्फ न्यायपालिका का अपमान बताया गया है, बल्कि बिना सबूत के अदालतों पर सांप्रदायिक होने का आरोप लगाना कांग्रेस की पुरानी राजनीति करार दिया गया है। इस मामले में आम आदमी पार्टी पर भी हमला बोला गया है, जिसने ताहिर हुसैन को टिकट देकर अपना रुख दिखा दिया है। 'पाप-गठबंधन' करने वालों को साफ चेतावनी दी गई है कि देश की जनता वोटबैंक की राजनीति करने वालों के बजाय पूरी तरह से न्याय, कानून और संविधान के साथ खड़ी है।1
- सतना जिले की रामपुर बघेलान तहसील के शिवपुरवा हल्का पटवारी राजू कोल पर किसानों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। किसानों का आरोप है कि सीमांकन, फार्मर आईडी और अन्य राजस्व संबंधी कार्यों के लिए उन्हें बार-बार कार्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं, क्योंकि पटवारी अक्सर कार्यालय से गायब रहते हैं। ग्रामीणों का यह भी दावा है कि पटवारी कई बार शराब के नशे में धुत रहते हैं, जिसके कारण उनके जरूरी काम समय पर नहीं हो पा रहे हैं। इस अव्यवस्था से परेशान होकर किसानों ने एसडीएम और तहसीलदार से भी शिकायत की थी, लेकिन अब तक स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार, जिला प्रशासन की सख्ती और कलेक्टर के निर्देशों के बावजूद यदि ये शिकायतें सही हैं, तो यह गंभीर प्रशासनिक लापरवाही का मामला है। किसानों ने मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने पर उचित कार्रवाई की जाए ताकि आम जनता को राहत मिल सके।2