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वोटबैंक की राजनीति के लिए कांग्रेस पर अदालतों का अपमान करने और तुष्टिकरण के लिए कातिलों को भी मासूम साबित करने में जुटने का सीधा आरोप लगा है। दिल्ली दंगों के दोषी ताहिर हुसैन के पक्ष में कांग्रेस नेताओं द्वारा की जा रही बयानबाजी को न सिर्फ न्यायपालिका का अपमान बताया गया है, बल्कि बिना सबूत के अदालतों पर सांप्रदायिक होने का आरोप लगाना कांग्रेस की पुरानी राजनीति करार दिया गया है। इस मामले में आम आदमी पार्टी पर भी हमला बोला गया है, जिसने ताहिर हुसैन को टिकट देकर अपना रुख दिखा दिया है। 'पाप-गठबंधन' करने वालों को साफ चेतावनी दी गई है कि देश की जनता वोटबैंक की राजनीति करने वालों के बजाय पूरी तरह से न्याय, कानून और संविधान के साथ खड़ी है।
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वोटबैंक की राजनीति के लिए कांग्रेस पर अदालतों का अपमान करने और तुष्टिकरण के लिए कातिलों को भी मासूम साबित करने में जुटने का सीधा आरोप लगा है। दिल्ली दंगों के दोषी ताहिर हुसैन के पक्ष में कांग्रेस नेताओं द्वारा की जा रही बयानबाजी को न सिर्फ न्यायपालिका का अपमान बताया गया है, बल्कि बिना सबूत के अदालतों पर सांप्रदायिक होने का आरोप लगाना कांग्रेस की पुरानी राजनीति करार दिया गया है। इस मामले में आम आदमी पार्टी पर भी हमला बोला गया है, जिसने ताहिर हुसैन को टिकट देकर अपना रुख दिखा दिया है। 'पाप-गठबंधन' करने वालों को साफ चेतावनी दी गई है कि देश की जनता वोटबैंक की राजनीति करने वालों के बजाय पूरी तरह से न्याय, कानून और संविधान के साथ खड़ी है।
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- वोटबैंक की राजनीति के लिए कांग्रेस पर अदालतों का अपमान करने और तुष्टिकरण के लिए कातिलों को भी मासूम साबित करने में जुटने का सीधा आरोप लगा है। दिल्ली दंगों के दोषी ताहिर हुसैन के पक्ष में कांग्रेस नेताओं द्वारा की जा रही बयानबाजी को न सिर्फ न्यायपालिका का अपमान बताया गया है, बल्कि बिना सबूत के अदालतों पर सांप्रदायिक होने का आरोप लगाना कांग्रेस की पुरानी राजनीति करार दिया गया है। इस मामले में आम आदमी पार्टी पर भी हमला बोला गया है, जिसने ताहिर हुसैन को टिकट देकर अपना रुख दिखा दिया है। 'पाप-गठबंधन' करने वालों को साफ चेतावनी दी गई है कि देश की जनता वोटबैंक की राजनीति करने वालों के बजाय पूरी तरह से न्याय, कानून और संविधान के साथ खड़ी है।1
- चित्रकूट के कर्वी कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत गढ़िवा गाँव में पिता की जगह सरकारी नौकरी पाने के लालच में एक सौतेले बेटे द्वारा अपने पिता की पीट-पीटकर हत्या करने का मामला सामने आया है। मृतक राम लखन, जो बाल किसुन के पुत्र थे, नगर पालिका में सरकारी कर्मचारी थे। 11 जुलाई की रात को राम लखन की दूसरी पत्नी का बेटा स्वतंत्र उन्हें जिला अस्पताल लेकर आया था, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहली पत्नी रमूसा देवी और उनके बड़े बेटे गुलाब दास ने सौतेले बेटे स्वतंत्र उर्फ कल्लू पर पीट-पीटकर हत्या करने का आरोप लगाया है। कार्रवाई की माँग को लेकर मृतक की पहली पत्नी और बेटा ग्रामीणों के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। मृतक के बड़े बेटे गुलाब ने बताया कि जानकारी मिलने पर जब वे मौके पर पहुँचे, तो मृतक का सिर फटा हुआ था और उनके शरीर पर चोट के निशान थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी मृतक के सीने की पसलियाँ टूटी होने की पुष्टि हुई है। मृतक राम लखन ने पहले भी कई बार अपनी दूसरी पत्नी के बेटे स्वतंत्र द्वारा जान से मारने और संपत्ति अपने नाम करवाने की धमकी देने की ऑनलाइन शिकायत पुलिस से की थी, जिसकी कॉपी लेकर परिजनों ने पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह से न्याय की गुहार लगाई है। ग्रामीणों ने भी बताया कि मृतक राम लखन ने कई बार चर्चा की थी कि स्वतंत्र पूरी संपत्ति अपने नाम कराने के लिए उन्हें जान से मारने की धमकी देता है। इस पूरे मामले को लेकर चित्रकूट के पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य पहलुओं के आधार पर मामले की जाँच की जा रही है। जाँच में आपराधिक तथ्य सामने आने पर पुलिस द्वारा नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।1
- चित्रकूट के कर्वी कोतवाली क्षेत्र के गढ़िवा गाँव में पिता की सरकारी नौकरी और संपत्ति पाने के लिए सौतेले बेटे द्वारा पीट-पीटकर हत्या करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। नगर पालिका के सरकारी कर्मचारी राम लखन को 11 जुलाई की रात को उनकी दूसरी पत्नी का बेटा स्वतंत्र उर्फ कल्लू जिला अस्पताल लेकर आया था, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक राम लखन की पहली पत्नी रामूसा देवी और बड़े बेटे गुलाब दास ने सौतेले बेटे स्वतंत्र पर पीट-पीटकर हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है। इस मामले में कार्यवाही की माँग को लेकर मृतक की पहली पत्नी और बेटा ग्रामीणों के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। मृतक के बड़े बेटे गुलाब दास ने बताया कि जब उन्हें घटना की जानकारी हुई तो वे मौके पर पहुंचे, जहाँ उन्होंने देखा कि मृतक का सिर फटा हुआ था और शरीर पर चोट के निशान थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी मृतक के सीने की पसलियां टूटी हुई पाई गई हैं। राम लखन ने पहले भी कई बार सौतेले बेटे स्वतंत्र द्वारा जान से मारने और संपत्ति अपने नाम कराने की धमकी देने की पुलिस में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई थी। ग्रामीणों का भी कहना है कि राम लखन ने उनसे कई बार चर्चा की थी कि उनका बेटा स्वतंत्र पूरी संपत्ति अपने नाम न करने पर उन्हें जान से मारने की धमकी देता है। नगर पालिका कर्मी राम लखन गढ़िवा गाँव में अपनी दूसरी पत्नी के साथ रहते थे। इस पूरे मामले को लेकर चित्रकूट के पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य पहलुओं के आधार पर जाँच की जा रही है, और जाँच में आपराधिक तथ्य सामने आने पर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।1
- उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में जिला मुख्यालय स्थित विकासखंड चित्रकूटधाम कर्वी की ग्राम पंचायत मरजादपुर में निर्माणाधीन एबीसी (पशु जन्म नियंत्रण) सेंटर का जिलाधिकारी पुलकित गर्ग और पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से स्थलीय निरीक्षण किया। इस परियोजना का निर्माण कार्य कार्यदायी संस्था सीएनडीएस, उत्तर प्रदेश जल निगम, बांदा द्वारा ₹279.03 लाख की स्वीकृत लागत से कराया जा रहा है। इस केंद्र का मुख्य उद्देश्य आवारा और बीमार श्वानों के उपचार, देखभाल तथा पशु जन्म नियंत्रण (नसबंदी) की सुविधा उपलब्ध कराना है। उपचार एवं नसबंदी के बाद स्वस्थ होने पर श्वानों को दोबारा उनके प्राकृतिक परिवेश में छोड़ दिया जाएगा। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को जानकारी दी गई कि केंद्र में कुल 115 श्वानों के रहने की व्यवस्था की जा रही है। इसमें 15×1 एकल केनल तथा 10 सामुदायिक केनल बनाए जा रहे हैं, जिनमें से प्रत्येक की क्षमता 10×10 श्वानों को रखने की है। इसके अलावा केंद्र में ऑपरेशन थिएटर, सर्जन कक्ष, सैलून/ग्रूमिंग कक्ष, पंजीकरण कक्ष, मेडिकल स्टोर, शौचालय, दस्तावेज कक्ष (डॉक्यूमेंटेशन रूम) और पेंट्री सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं। जिलाधिकारी ने निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि केंद्र की बाउंड्री वॉल के बाहरी हिस्से में पानी की निकासी के लिए उचित नाली का निर्माण कराया जाए, ताकि बारिश का पानी परिसर के भीतर न आ सके। उन्होंने कार्यदायी संस्था को आवश्यकतानुसार मैनपावर बढ़ाकर निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता के मानकों का पूरी तरह पालन होना चाहिए, ताकि भविष्य में किसी भी स्तर पर शिकायत की गुंजाइश न रहे।3
- मध्य प्रदेश के रीवा में थाना अमहिया पुलिस द्वारा "नशे से दूरी है जरूरी 2.0" अभियान के अंतर्गत मानस भवन के पास एक जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान पुलिस ने वहां मौजूद सभी लोगों को शपथ दिलाई।1
- भारत में रेलवे के एक नए युग की शुरुआत करते हुए देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का संचालन शुरू हो गया है। हरियाणा के जींद से सोनीपत के बीच करीब 90 किलोमीटर (89 किमी) के रूट पर चलने वाली यह ट्रेन 120 की रफ्तार से दौड़ेगी और इसमें पानी ईंधन बनेगा। 3,200 हॉर्सपावर की क्षमता वाली इस ट्रेन को दुनिया की सबसे शक्तिशाली और सबसे लंबी हाइड्रोजन ट्रेनों में से एक बताया जा रहा है। वर्तमान में भारत के अलावा दुनिया के केवल 3-4 देशों के पास ही ऐसी हाइड्रोजन ट्रेन चलाने की क्षमता मौजूद है। दशकों तक अंधेरे में रहने वाले लोग अब इस तेज विकास की रोशनी से आंखें चौंधिया जाने की शिकायत कर रहे हैं और कुछ लोग तो पुराने अंधेरे के दिनों को ही बेहतर बताने लगे हैं। लेकिन यह नया भारत है जहां दशकों का काम कुछ ही वर्षों में पूरा हो रहा है। साल 1925 में बॉम्बे वीटी और कुर्ला के बीच देश की पहली इलेक्ट्रिक ट्रेन चलने के बाद अगले 89 वर्षों (1925 से 2014) में ब्रॉड-गेज रेलवे नेटवर्क का केवल 30% विद्युतीकरण हो सका था। वहीं, साल 2014 के बाद रेलवे के विद्युतीकरण में अभूतपूर्व तेजी आई है और आज देश का लगभग 99% ब्रॉड-गेज नेटवर्क पूरी तरह विद्युतीकृत हो चुका है। इससे डीजल पर निर्भरता और प्रदूषण कम हुआ है, जिससे देश अधिक मजबूत और आत्मनिर्भर बना है। इस तकनीकी प्रगति के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने स्वच्छता को लेकर देशवासियों को एक बड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा है कि स्वच्छता के लिए हर बार प्रधानमंत्री का आना जरूरी नहीं है। यदि लोग खुद तय कर लें कि वे गंदगी नहीं करेंगे, तो सभी शहर और राज्य स्वच्छ रह सकते हैं। उन्होंने स्वच्छता को अपनी आदत, संस्कार और रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाने की अपील की है। जहां हाइड्रोजन ट्रेन भारत की तकनीकी प्रगति का प्रतीक है, वहीं स्वच्छता अभियान नागरिक जिम्मेदारी और जनभागीदारी का संदेश देता है।1
- स्मार्ट सिटी सतना में 'जल ही जीवन है' का नारा बुलंद करते हुए जल संग्रहण के नाम पर अनोखा काम किया गया है। यहाँ स्मार्ट सिटी फंड से करोड़ों रुपये पानी की तरह बहाकर काबिल इंजीनियरों द्वारा पूरे शहर में छोटी-बड़ी जल संरचनाएं बनवा दी गई हैं। करोड़ों रुपये पानी की तरह बहाकर बनाई गई ये जल संरचनाएं स्मार्ट सिटी सतना के विकास का असली नजारा दिखा रही हैं।1