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कोतवाली पुलिस की बड़ी कार्रवाई, डूण्डासिवनी का कुख्यात गुण्डा बदमाश युवराज उर्फ बहादुर तेकाम गिरफ्तार 17 आपराधिक प्रकरणों वाला बदमाश प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के तहत भेजा गया जेल सिवनी। कोतवाली पुलिस ने डूण्डासिवनी निवासी युवराज उर्फ बहादुर तेकाम \(22\) को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ मारपीट, गाली-गलौज, धमकी और हत्या के प्रयास सहित पहले से 17 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। 8 सितंबर को ग्राम बींझावाड़ा निवासी शिवा कौशिक ने आरोपी के खिलाफ मारपीट और जान से मारने की धमकी की शिकायत दर्ज कराई थी। 29 सितंबर को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार किया। प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के बाद न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

11 hrs ago
user_Devendra thakur
Devendra thakur
Salesperson सिवनी, सिवनी, मध्य प्रदेश•
11 hrs ago

कोतवाली पुलिस की बड़ी कार्रवाई, डूण्डासिवनी का कुख्यात गुण्डा बदमाश युवराज उर्फ बहादुर तेकाम गिरफ्तार 17 आपराधिक प्रकरणों वाला बदमाश प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के तहत भेजा गया जेल सिवनी। कोतवाली पुलिस ने डूण्डासिवनी निवासी युवराज उर्फ बहादुर तेकाम \(22\) को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ मारपीट, गाली-गलौज, धमकी और हत्या के प्रयास सहित पहले से 17 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। 8 सितंबर को ग्राम बींझावाड़ा निवासी शिवा कौशिक ने आरोपी के खिलाफ मारपीट और जान से मारने की धमकी की शिकायत दर्ज कराई थी। 29 सितंबर को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार किया। प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के बाद न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

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  • Chhindwara News: UGC रोलबैक समेत 5 मांगों को लेकर छिंदवाड़ा में प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
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    Chhindwara News: UGC रोलबैक समेत 5 मांगों को लेकर छिंदवाड़ा में प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
    user_BS News Network
    BS News Network
    Local News Reporter सिवनी, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    21 hrs ago
  • छिंदवाड़ा जिले की जनपद पंचायत चौरई अंतर्गत ग्राम पंचायत धनोरा बारेवर के ग्रामीणों ने माचागोरा बांध से जुड़ी अपनी समस्याओं को लेकर जनसुनवाई में प्रशासन के सामने अपनी बात रखी। बांध बनने के बाद पिछले करीब 10 से 12 वर्षों से डूब क्षेत्र से प्रभावित ग्रामीणों का कहना है कि पुनर्वास के बावजूद उनके सामने आजीविका और भरण-पोषण का संकट बना हुआ है। वहीं स्थानीय मछुआरों ने भी जलाशय में मछली पकड़ने के लिए रोजगार और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की मांग की है। दरअसल, चौरई क्षेत्र के ग्राम पंचायत धनोरा बारेवर में माचागोरा बांध के निर्माण के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण प्रभावित हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बांध बनने के बाद उन्हें अपने पुराने गांव और पारंपरिक जीवन से विस्थापित होना पड़ा। करीब एक दशक से अधिक समय बीत जाने के बाद भी प्रभावित परिवारों की आजीविका का स्थाई समाधान नहीं हो पाया है। ग्रामीणों का आरोप है कि शासन-प्रशासन की ओर से उन्हें जिस स्थान पर पुनर्वासित किया गया, वहां भी कई तरह की समस्याएं बनी हुई हैं। ग्रामीणों के मुताबिक पुनर्वास स्थल पर मूलभूत सुविधाओं के साथ-साथ रोजगार और भरण-पोषण के पर्याप्त साधन उपलब्ध नहीं होने के कारण परिवारों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जनसुनवाई में ग्राम पंचायत धनोरा के सरपंच परसराम वर्मा ने ग्रामीणों और स्थानीय मछुआरों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में कई परिवारों का पारंपरिक और पैतृक व्यवसाय मछली पकड़ना रहा है। ऐसे परिवारों के लिए माचागोरा जलाशय रोजगार का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकता है, लेकिन स्थानीय मछुआरों को इसका पर्याप्त लाभ नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जलाशय में पानी भरने के बाद मछली पकड़ने का काम तो संभव है, लेकिन स्थानीय लोगों के पास इसके लिए जरूरी साधन ही उपलब्ध नहीं हैं। कई परिवारों के पास नाव और मछली पकड़ने के लिए जाल तक नहीं है। ऐसे में वे अपने पारंपरिक व्यवसाय को आगे नहीं बढ़ा पा रहे हैं। वहीं मछुआरों के संगठन और समिति से जुड़े लोगों की संख्या को लेकर भी ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारियों द्वारा करीब 862 लोगों के समिति से जुड़े होने की बात कही जाती है, लेकिन इनमें ऐसे लोगों के नाम भी शामिल होने की बात सामने आ रही है जो स्थानीय निवासी नहीं हैं या वास्तव में मछली पकड़ने के काम से जुड़े नहीं हैं। स्थानीय मछुआरों की मांग है कि वास्तविक रूप से मछली पकड़ने का काम करने वाले स्थानीय परिवारों का अलग से सर्वे और पंजीकरण कराया जाए। इसके बाद पात्र मछुआरों को नाव, जाल और अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, ताकि वे जलाशय में अपने पारंपरिक व्यवसाय के माध्यम से रोजगार प्राप्त कर सकें। ग्रामीणों का कहना है कि बांध निर्माण से प्रभावित होने के बाद उन्होंने विकास के लिए अपना क्षेत्र और अपनी जमीन छोड़ी है। ऐसे में शासन की जिम्मेदारी है कि प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के साथ-साथ उनकी आजीविका का भी स्थाई इंतजाम किया जाए। ग्रामीणों की मांग है कि पुनर्वास से जुड़ी समस्याओं का दोबारा परीक्षण किया जाए और जहां मूलभूत सुविधाओं की कमी है, वहां आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही प्रभावित परिवारों को रोजगार के स्थाई साधन उपलब्ध कराने की दिशा में भी ठोस कदम उठाए जाएं। ग्रामीणों की ओर से मांग रखी गई है कि स्थानीय मछुआरों की वास्तविक स्थिति की जांच कर पात्र लोगों का अलग से पंजीकरण किया जाए। जिन परिवारों का पुश्तैनी काम मछली पकड़ना है, उन्हें नाव और जाल उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकें। जनसुनवाई में ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि माचागोरा बांध से प्रभावित परिवारों और स्थानीय मछुआरों की समस्याओं को केवल कागजी प्रक्रिया तक सीमित न रखा जाए, बल्कि मौके पर वास्तविक स्थिति का सर्वे कराया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से समस्या झेल रहे परिवारों को रोजगार से जोड़ना जरूरी है। खासकर उन मछुआरा परिवारों को, जिनका पारंपरिक व्यवसाय मछली पकड़ना रहा है, जलाशय से रोजगार का अवसर मिलना चाहिए। इसके लिए स्थानीय मछुआरों की पहचान, पंजीकरण और उन्हें नाव-जाल उपलब्ध कराने की मांग की गई है। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि जनसुनवाई में रखी गई उनकी समस्याओं पर प्रशासन गंभीरता से विचार करेगा और प्रभावित परिवारों की आजीविका से जुड़े मुद्दों का स्थाई समाधान निकाला जाएगा। माचागोरा बांध से प्रभावित धनोरा बारेवर के ग्रामीणों ने जनसुनवाई के माध्यम से पुनर्वास, भरण-पोषण और रोजगार से जुड़े मुद्दे प्रशासन के सामने रखे हैं। अब देखना होगा कि स्थानीय मछुआरों के पंजीकरण, नाव-जाल उपलब्ध कराने और प्रभावित परिवारों की आजीविका से जुड़ी इन मांगों पर प्रशासन की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है।
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    छिंदवाड़ा जिले की जनपद पंचायत चौरई अंतर्गत ग्राम पंचायत धनोरा बारेवर के ग्रामीणों ने माचागोरा बांध से जुड़ी अपनी समस्याओं को लेकर जनसुनवाई में प्रशासन के सामने अपनी बात रखी। बांध बनने के बाद पिछले करीब 10 से 12 वर्षों से डूब क्षेत्र से प्रभावित ग्रामीणों का कहना है कि पुनर्वास के बावजूद उनके सामने आजीविका और भरण-पोषण का संकट बना हुआ है। वहीं स्थानीय मछुआरों ने भी जलाशय में मछली पकड़ने के लिए रोजगार और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की मांग की है।
दरअसल, चौरई क्षेत्र के ग्राम पंचायत धनोरा बारेवर में माचागोरा बांध के निर्माण के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण प्रभावित हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बांध बनने के बाद उन्हें अपने पुराने गांव और पारंपरिक जीवन से विस्थापित होना पड़ा। करीब एक दशक से अधिक समय बीत जाने के बाद भी प्रभावित परिवारों की आजीविका का स्थाई समाधान नहीं हो पाया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि शासन-प्रशासन की ओर से उन्हें जिस स्थान पर पुनर्वासित किया गया, वहां भी कई तरह की समस्याएं बनी हुई हैं। ग्रामीणों के मुताबिक पुनर्वास स्थल पर मूलभूत सुविधाओं के साथ-साथ रोजगार और भरण-पोषण के पर्याप्त साधन उपलब्ध नहीं होने के कारण परिवारों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जनसुनवाई में ग्राम पंचायत धनोरा के सरपंच परसराम वर्मा ने ग्रामीणों और स्थानीय मछुआरों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में कई परिवारों का पारंपरिक और पैतृक व्यवसाय मछली पकड़ना रहा है। ऐसे परिवारों के लिए माचागोरा जलाशय रोजगार का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकता है, लेकिन स्थानीय मछुआरों को इसका पर्याप्त लाभ नहीं मिल पा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि जलाशय में पानी भरने के बाद मछली पकड़ने का काम तो संभव है, लेकिन स्थानीय लोगों के पास इसके लिए जरूरी साधन ही उपलब्ध नहीं हैं। कई परिवारों के पास नाव और मछली पकड़ने के लिए जाल तक नहीं है। ऐसे में वे अपने पारंपरिक व्यवसाय को आगे नहीं बढ़ा पा रहे हैं।
वहीं मछुआरों के संगठन और समिति से जुड़े लोगों की संख्या को लेकर भी ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारियों द्वारा करीब 862 लोगों के समिति से जुड़े होने की बात कही जाती है, लेकिन इनमें ऐसे लोगों के नाम भी शामिल होने की बात सामने आ रही है जो स्थानीय निवासी नहीं हैं या वास्तव में मछली पकड़ने के काम से जुड़े नहीं हैं।
स्थानीय मछुआरों की मांग है कि वास्तविक रूप से मछली पकड़ने का काम करने वाले स्थानीय परिवारों का अलग से सर्वे और पंजीकरण कराया जाए। इसके बाद पात्र मछुआरों को नाव, जाल और अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, ताकि वे जलाशय में अपने पारंपरिक व्यवसाय के माध्यम से रोजगार प्राप्त कर सकें।
ग्रामीणों का कहना है कि बांध निर्माण से प्रभावित होने के बाद उन्होंने विकास के लिए अपना क्षेत्र और अपनी जमीन छोड़ी है। ऐसे में शासन की जिम्मेदारी है कि प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के साथ-साथ उनकी आजीविका का भी स्थाई इंतजाम किया जाए।
ग्रामीणों की मांग है कि पुनर्वास से जुड़ी समस्याओं का दोबारा परीक्षण किया जाए और जहां मूलभूत सुविधाओं की कमी है, वहां आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही प्रभावित परिवारों को रोजगार के स्थाई साधन उपलब्ध कराने की दिशा में भी ठोस कदम उठाए जाएं।
ग्रामीणों की ओर से मांग रखी गई है कि स्थानीय मछुआरों की वास्तविक स्थिति की जांच कर पात्र लोगों का अलग से पंजीकरण किया जाए। जिन परिवारों का पुश्तैनी काम मछली पकड़ना है, उन्हें नाव और जाल उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकें।
जनसुनवाई में ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि माचागोरा बांध से प्रभावित परिवारों और स्थानीय मछुआरों की समस्याओं को केवल कागजी प्रक्रिया तक सीमित न रखा जाए, बल्कि मौके पर वास्तविक स्थिति का सर्वे कराया जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से समस्या झेल रहे परिवारों को रोजगार से जोड़ना जरूरी है। खासकर उन मछुआरा परिवारों को, जिनका पारंपरिक व्यवसाय मछली पकड़ना रहा है, जलाशय से रोजगार का अवसर मिलना चाहिए।
इसके लिए स्थानीय मछुआरों की पहचान, पंजीकरण और उन्हें नाव-जाल उपलब्ध कराने की मांग की गई है। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि जनसुनवाई में रखी गई उनकी समस्याओं पर प्रशासन गंभीरता से विचार करेगा और प्रभावित परिवारों की आजीविका से जुड़े मुद्दों का स्थाई समाधान निकाला जाएगा।
माचागोरा बांध से प्रभावित धनोरा बारेवर के ग्रामीणों ने जनसुनवाई के माध्यम से पुनर्वास, भरण-पोषण और रोजगार से जुड़े मुद्दे प्रशासन के सामने रखे हैं। अब देखना होगा कि स्थानीय मछुआरों के पंजीकरण, नाव-जाल उपलब्ध कराने और प्रभावित परिवारों की आजीविका से जुड़ी इन मांगों पर प्रशासन की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है।
    user_संतोष कुमार बाथरी
    संतोष कुमार बाथरी
    Chhindwara, Madhya Pradesh•
    18 hrs ago
  • कैमरे की नजर से आज सुबह का प्रकृति दर्शन सुहावना मनमोहक शुभ प्रभात श्रीधाम 🌸🙏 30 सितंबर 2026 की पावन सुबह आपके जीवन में सुख, शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि लेकर आए। मां नर्मदा की कृपा और संतों का आशीर्वाद सदैव बना रहे। 🙏🌺 शुभ प्रभात • जय श्री राम • हर हर नर्मदे 🚩🌿
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    कैमरे की नजर से आज सुबह का प्रकृति दर्शन सुहावना मनमोहक
शुभ प्रभात श्रीधाम 🌸🙏
30 सितंबर 2026 की पावन सुबह आपके जीवन में सुख, शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि लेकर आए।
मां नर्मदा की कृपा और संतों का आशीर्वाद सदैव बना रहे। 🙏🌺
शुभ प्रभात • जय श्री राम • हर हर नर्मदे 🚩🌿
    user_Raghunath Rai
    Raghunath Rai
    Local News Reporter गोटेगांव, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश•
    6 min ago
  • चारागाह मद की जमीन को आबादी मद में दर्ज कराने ग्रामीणों ने कलेक्टर से लगाई गुहार स्लग : चारागाह मद की जमीन को आबादी मद में दर्ज कराने ग्रामीणों ने कलेक्टर से लगाई गुहार एंकर नरसिंहपुर से इस वक्त की खबर सामने आ रही है, जहां ग्राम पंचायत डोकरघाट के ग्रामीणों ने अपनी जमीन और आवासीय समस्या को लेकर जिला कलेक्टर के समक्ष आवेदन सौंपा है। ग्रामीणों द्वारा दिए गए आवेदन के मुताबिक, मौजा डोकरघाट, तहसील एवं जिला नरसिंहपुर स्थित खसरा नंबर 202 की जमीन वर्तमान में चारागाह मद में दर्ज है। ग्रामीणों का कहना है कि इस भूमि पर करीब 20 परिवार अपने मकान बनाकर निवास कर रहे हैं। ग्रामीणों ने आवेदन में बताया कि वे लंबे समय से उक्त भूमि को आबादी मद में दर्ज कराने की मांग कर रहे हैं। साथ ही उनका कहना है कि भूमि को आबादी मद में दर्ज किए जाने से किसी भी ग्रामवासी या आमजन को आपत्ति नहीं है। ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि चारागाह मद में दर्ज भूमि को आबादी भूमि के रूप में दर्ज करने की कार्रवाई की जाए और वहां निवासरत परिवारों को पट्टे प्रदान किए जाएं। यह आवेदन 29 सितंबर 2026 को ग्राम पंचायत डोकरघाट के समस्त ग्रामवासियों की ओर से दिया गया है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मांग पर क्या कार्रवाई करता है और वर्षों से यहां रह रहे परिवारों को उनके मकानों और भूमि के संबंध में क्या राहत मिलती है।
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    चारागाह मद की जमीन को आबादी मद में दर्ज कराने ग्रामीणों ने कलेक्टर से लगाई गुहार

स्लग : चारागाह मद की जमीन को आबादी मद में दर्ज कराने ग्रामीणों ने कलेक्टर से लगाई गुहार
एंकर
नरसिंहपुर से इस वक्त की खबर सामने आ रही है, जहां ग्राम पंचायत डोकरघाट के ग्रामीणों ने अपनी जमीन और आवासीय समस्या को लेकर जिला कलेक्टर के समक्ष आवेदन सौंपा है।
ग्रामीणों द्वारा दिए गए आवेदन के मुताबिक, मौजा डोकरघाट, तहसील एवं जिला नरसिंहपुर स्थित खसरा नंबर 202 की जमीन वर्तमान में चारागाह मद में दर्ज है। ग्रामीणों का कहना है कि इस भूमि पर करीब 20 परिवार अपने मकान बनाकर निवास कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने आवेदन में बताया कि वे लंबे समय से उक्त भूमि को आबादी मद में दर्ज कराने की मांग कर रहे हैं। साथ ही उनका कहना है कि भूमि को आबादी मद में दर्ज किए जाने से किसी भी ग्रामवासी या आमजन को आपत्ति नहीं है।
ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि चारागाह मद में दर्ज भूमि को आबादी भूमि के रूप में दर्ज करने की कार्रवाई की जाए और वहां निवासरत परिवारों को पट्टे प्रदान किए जाएं।
यह आवेदन 29 सितंबर 2026 को ग्राम पंचायत डोकरघाट के समस्त ग्रामवासियों की ओर से दिया गया है।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस मांग पर क्या कार्रवाई करता है और वर्षों से यहां रह रहे परिवारों को उनके मकानों और भूमि के संबंध में क्या राहत मिलती है।
    user_News Chandra Shekher Sonu
    News Chandra Shekher Sonu
    नरसिंहपुर, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • *कान्हीवाड़ा पुलिस की बडी कार्रवाई, 15 क्विंटल महुआ लहान नष्ट* *जवाना-अलीनगर में अवैध शराब बनाने के ठिकानों पर कार्रवाई आरोपी जंगल की ओर भागे सिवनी। अवैध शराब के निर्माण पर अंकुश लगाने चलाए जा रहे अभियान के तहत कान्हीवाड़ा पुलिस ने ग्राम जवाना-अलीनगर में दबिश देकर करीब 15 क्विंटल महुआ लहान नष्ट किया। मौके से शराब बनाने के उपकरण भी जब्त किए गए। पुलिस के अनुसार, 29 सितंबर की सुबह थाना प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार पंद्रे के नेतृत्व में टीम ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई की। पुलिस को देखकर मौके पर मौजूद लोग अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल की ओर भाग गए। तलाशी के दौरान करीब 50 बोरियों और 10 प्लास्टिक ड्रमों में भरा महुआ लहान मिला, जिसे मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। फरार आरोपियों की तलाश जारी है। कार्रवाई पुलिस अधीक्षक कृष्ण लालचंदानी के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक मिश्रा एवं एसडीओपी केवलारी आशीष भराड़े के मार्गदर्शन में की गई।
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    *कान्हीवाड़ा पुलिस की बडी कार्रवाई, 15 क्विंटल महुआ लहान नष्ट*

*जवाना-अलीनगर में अवैध शराब बनाने के ठिकानों पर कार्रवाई
 आरोपी जंगल की ओर भागे

सिवनी। अवैध शराब के निर्माण पर अंकुश लगाने चलाए जा रहे अभियान के तहत कान्हीवाड़ा पुलिस ने ग्राम जवाना-अलीनगर में दबिश देकर करीब 15 क्विंटल महुआ लहान नष्ट किया। मौके से शराब बनाने के उपकरण भी जब्त किए गए।
पुलिस के अनुसार, 29 सितंबर की सुबह थाना प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार पंद्रे के नेतृत्व में टीम ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई की। पुलिस को देखकर मौके पर मौजूद लोग अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल की ओर भाग गए। तलाशी के दौरान करीब 50 बोरियों और 10 प्लास्टिक ड्रमों में भरा महुआ लहान मिला, जिसे मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
कार्रवाई पुलिस अधीक्षक कृष्ण लालचंदानी के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक मिश्रा एवं एसडीओपी केवलारी आशीष भराड़े के मार्गदर्शन में की गई।
    user_Devendra thakur
    Devendra thakur
    Salesperson सिवनी, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • Seoni News: शराब बेचते पाए गए तो ₹5000, शराब पिए पकड़े जाने पर लगेगा 2100 रुपए जुर्माना
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    Seoni News: शराब बेचते पाए गए तो ₹5000, शराब पिए पकड़े जाने पर लगेगा 2100 रुपए जुर्माना
    user_BS News Network
    BS News Network
    Local News Reporter सिवनी, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    21 hrs ago
  • नहलेसरा डेम में मिला बाघ का शव, वन विभाग ने इलाके को किया सील कटंगी तहसील क्षेत्र की मध्यम सिंचाई परियोजना नहलेसरा डेम में मंगलवार को संरक्षित वन्य प्राणी बाघ का शव मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया। बाघ का शव डेम के पानी में तैरता हुआ दिखाई देने के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे तथा क्षेत्र को अपने नियंत्रण में ले लिया।
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    नहलेसरा डेम में मिला बाघ का शव, वन विभाग ने इलाके को किया सील
कटंगी तहसील क्षेत्र की मध्यम सिंचाई परियोजना नहलेसरा डेम में मंगलवार को संरक्षित वन्य प्राणी बाघ का शव मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया। बाघ का शव डेम के पानी में तैरता हुआ दिखाई देने के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे तथा क्षेत्र को अपने नियंत्रण में ले लिया।
    user_Dev Anand
    Dev Anand
    कटंगी, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
  • तिरोड़ी में पत्नी की हत्या करने वाले आरोपी पति को न्यायालय ने भेजा गया जेल तिरोड़ी थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर 11 महादेव चौक में घरेलू विवाद के चलते पति ने पत्नी की धारदार हथियार से हत्या करने के बाद आत्महत्या करने के लिए कुएं में छलांग लगाने वाले आरोपी पति को पुलिस ने मंगलवार को न्यायालय के समक्ष पेश किया। जहां से आरोपी को जेल भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार 28 सितंबर को दोपहर 11 बजकर 40 मिनट पर पुलिस को सूचना मिली कि वार्ड 11 में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी की हत्या कर दी है। सूचना पर तिरोड़ी पुलिस मौके पर पहुंची और वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया।
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    तिरोड़ी में पत्नी की हत्या करने वाले आरोपी पति को न्यायालय ने भेजा गया जेल
तिरोड़ी थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर 11 महादेव चौक में घरेलू विवाद के चलते पति ने पत्नी की धारदार हथियार से हत्या करने के बाद आत्महत्या करने के लिए कुएं में छलांग लगाने वाले आरोपी पति को पुलिस ने मंगलवार को न्यायालय के समक्ष पेश किया। जहां से आरोपी को जेल भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार 28 सितंबर को दोपहर 11 बजकर 40 मिनट पर पुलिस को सूचना मिली कि वार्ड 11 में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी की हत्या कर दी है। सूचना पर तिरोड़ी पुलिस मौके पर पहुंची और वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया।
    user_Dev Anand
    Dev Anand
    कटंगी, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • अज्ञात कारणों ने 45 वर्षीय अधेड़ ने मकान की छत पर लगाई फांसी* *हत्या या आत्महत्या जाँच में जुटी वारासिवनी पुलिस* वारासिवनी। वारासिवनी पुलिस थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत वारा के शिवधाम मोहल्ला निवासी 45 वर्षीय सुरेंद्र मानेश्वर ने अज्ञात कारणों से अपने मकान की छत के कालम की लोहे की रॉड पर गमछे से लटक कर आत्महत्या कर ली है। बताया जा रहा है कि मृतक सुरेन्द्र वारासिवनी बस स्टैंड स्थित एक सैलून की दुकान में काम करता था। मृतक के पुत्र अनुज मानेश्वर ने बताया कि रोज की तरह पिता जी सोमवार की रात लगभग साढ़े 8 बजे दुकान से घर में आए, तो मम्मी ममता ने उन्हें खाना खाने को कहा। तो उन्होंने कहा कि थोड़ी देर बाद खाता हूँ। लेकिन कुछ देर बाद वे गमछा लेकर बाहर निकले और छत पर चले गए। मै जब सुबह ट्यूशन जाने 6 बजे उठा और छत पर गया तो पापा लटके हुए थे।जिसके बाद पुलिस को इसकी सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने परिवार वालो के बयान दर्ज कर पंचनामा कार्यवाही कर शव को फांसी के फंदे से उतारा और शासकीय चिकित्सालय वारासिवनी में लाकर शव का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया है।वहीं मृतक ने किस कारण से आत्महत्या की है। पुलिस द्वारा इसकी जांच की जा रही है।
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    अज्ञात कारणों ने 45 वर्षीय अधेड़ ने मकान की छत पर लगाई फांसी*

*हत्या या आत्महत्या जाँच में जुटी वारासिवनी पुलिस*
वारासिवनी। वारासिवनी पुलिस थाना  क्षेत्र के ग्राम पंचायत वारा के शिवधाम मोहल्ला निवासी 45 वर्षीय सुरेंद्र मानेश्वर ने अज्ञात कारणों से अपने मकान की छत के कालम की लोहे की रॉड पर गमछे से लटक कर आत्महत्या कर ली है। बताया जा रहा है कि मृतक सुरेन्द्र वारासिवनी बस स्टैंड स्थित एक सैलून की दुकान में काम करता था। मृतक के पुत्र अनुज मानेश्वर ने बताया कि रोज की तरह पिता जी सोमवार की रात लगभग साढ़े 8 बजे दुकान से घर में आए, तो मम्मी ममता ने उन्हें खाना खाने को कहा। तो उन्होंने कहा कि थोड़ी देर बाद खाता हूँ। लेकिन कुछ देर बाद वे गमछा लेकर बाहर निकले और छत पर चले गए। मै जब सुबह ट्यूशन जाने 6 बजे उठा और छत पर गया तो पापा लटके हुए थे।जिसके बाद पुलिस को इसकी सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने परिवार वालो के बयान दर्ज कर पंचनामा कार्यवाही कर शव को फांसी के फंदे से उतारा और शासकीय चिकित्सालय वारासिवनी में लाकर शव का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया है।वहीं मृतक ने किस कारण से आत्महत्या की है।  पुलिस द्वारा इसकी जांच की जा रही है।
    user_Aanand Verma
    Aanand Verma
    वारासिवनी, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
    19 hrs ago
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