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टैक्स 21वीं सदी का, सड़कें पाषाण काल की: सतना की कागजी स्मार्ट सिटी में आपका स्वागत है! सतना। बधाई हो सतना वासियों! नगर निगम की अद्भुत कृपा से नई बस्ती मेन रोड पर एक और ऐतिहासिक 'पाषाणकालीन सुरंग' (जिसे अज्ञानी लोग जानलेवा गड्ढा कह रहे हैं) प्रकट हुई है। करोड़ों के बजट और कागजी विकास की ऐसी मिसाल कहीं नहीं मिलेगी, जहां चमचमाती सड़क रातों-रात सीधे पाषाण काल का लाइव दर्शन कराने लगे!अधिकारियों और ठेकेदारों की जुगलबंदी ने कमाल कर दिया है—जनता टैक्स दे रही है 21वीं सदी का और सफर मिल रहा है आदिमानव काल का। सड़क पर चल रहे हैं तो संभल कर रहिए, क्योंकि यह 'स्मार्ट' इंजीनियरिंग कब आपको सीधे इतिहास के पन्नों में दफन कर दे, कोई नहीं जानता। धन्य है यह कागजी स्मार्ट सिटी और इसके सोए हुए रखवाले!
प्रखर प्रवक्ता न्यूज
टैक्स 21वीं सदी का, सड़कें पाषाण काल की: सतना की कागजी स्मार्ट सिटी में आपका स्वागत है! सतना। बधाई हो सतना वासियों! नगर निगम की अद्भुत कृपा से नई बस्ती मेन रोड पर एक और ऐतिहासिक 'पाषाणकालीन सुरंग' (जिसे अज्ञानी लोग जानलेवा गड्ढा कह रहे हैं) प्रकट हुई है। करोड़ों के बजट और कागजी विकास की ऐसी मिसाल कहीं नहीं मिलेगी, जहां चमचमाती सड़क रातों-रात सीधे पाषाण काल का लाइव दर्शन कराने लगे!अधिकारियों और ठेकेदारों की जुगलबंदी ने कमाल कर दिया है—जनता टैक्स दे रही है 21वीं सदी का और सफर मिल रहा है आदिमानव काल का। सड़क पर चल रहे हैं तो संभल कर रहिए, क्योंकि यह 'स्मार्ट' इंजीनियरिंग कब आपको सीधे इतिहास के पन्नों में दफन कर दे, कोई नहीं जानता। धन्य है यह कागजी स्मार्ट सिटी और इसके सोए हुए रखवाले!
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- इस पर कोई एक्शन नहीं लिया गया गांव के प्रधान भी नहीं इसे जल्द से जल्द ठीक करें यह तो बारिश की फोटो वीडियो है इस पर कोई एक्शन नहीं लिया गया गांव के प्रधान भी नहीं इसे जल्द से जल्द ठीक करें यह तो बारिश की फोटो वीडियो है1
- लोकेशन रीवा। जर्जर स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई पर कलेक्टर की दो टूक, कंडम भवनों में नहीं बैठेंगे बच्चे, पटेहरा में खुली अव्यवस्थाओं की पोल। रीवा के तराई क्षेत्र में जर्जर स्कूल भवनों में बच्चों की पढ़ाई का मामला सामने आया है। कई भवन वर्षों पहले चिन्हित हो चुके हैं, लेकिन मरम्मत और वैकल्पिक व्यवस्था अब तक सवालों में है। इसी बीच पटेहरा हाईस्कूल के निरीक्षण में भी शिक्षा व्यवस्था की कई खामियां सामने आईं। रीवा में जर्जर स्कूल भवनों को लेकर प्रशासन अब सख्त नजर आ रहा है। कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने साफ कहा है कि कंडम घोषित भवनों में बच्चों को नहीं बैठाया जाएगा, जबकि बारिश से क्षतिग्रस्त भवनों की मरम्मत कराई जाएगी। वहीं मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान से पहले जवा के पटेहरा हाईस्कूल पहुंचे कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ सृष्टि देशमुख गौड़ा को स्कूल में साफ- सफाई और विद्यार्थियों की सुविधाओं से जुड़ी कई अव्यवस्थाएं मिलीं। निरीक्षण में 11वीं के बच्चों को नि:शुल्क किताबें नहीं मिलने और 99 छात्रवृत्ति आवेदन लंबित पाए गए। कलेक्टर ने दो दिन में आवेदनों की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए। प्राचार्य की लापरवाही की शिकायत पर कलेक्टर ने अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं। स्कूल की छत कमजोर हो या व्यवस्था, दोनों का खामियाजा बच्चों को नहीं भुगतना चाहिए। अब कलेक्टर का आदेश साफ है, कंडम भवन में बच्चे नहीं बैठेंगे, सवाल सिर्फ इतना है कि यह सख्ती कागज से निकलकर स्कूलों की जमीन तक कितनी जल्दी पहुंचती है।1
- श्री श्री 1008 श्री जुगल किशोर जु सरकार पन्ना धाम आज शनिवार के दिव्य दर्शन और आरती🙏🙏 श्री श्री 1008 श्री जुगल किशोर जु सरकार 🙏🙏1
- ब्लॉक देवेंद्र नगर में किसानों की समस्यायों एवं नगर की विभिन्न मुद्दों को लेकर कांग्रेसियों ने सौंपा ज्ञापन ब्लॉक कांग्रेस कमेटी देवेंद्र नगर ब्लॉक अध्यक्ष मिलन कुशवाहा की नेतृत्व में अतिवृष्टि से किसानों की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई है जिसको लेकर कांग्रेसियों के द्वारा फसल मुवावजा एवं देवेंद्र नगर की विभिन्न मुद्दों को लेकर महामहिम राज्यपाल के नाम पर देवेंद्र नगर तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन1
- 🚨 बांदा ब्रेकिंग न्यूज़ | 12 घंटे में चोरी का खुलासा 🚨 कमासिन पुलिस का ताबड़तोड़ एक्शन! चोरी की सूचना मिलते ही पुलिस ने महज 12 घंटे के अंदर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की निशानदेही पर चोरी का सामान और ₹2,500 नकद भी बरामद किया गया। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के कब्जे से 105 किलो गेहूं, 30 किलो चना, माइक्रोटेक इनवर्टर, ल्युमिनस बैटरी, लोहे की कढ़ाही और नकदी बरामद हुई है। गिरफ्तार आरोपी भैरव और राजाभैया, दोनों निवासी ग्राम पछौहा, थाना कमासिन बताए गए हैं। 👉 पुलिस की 12 घंटे में कार्रवाई से चोरी की वारदात का हुआ खुलासा। #बांदा #BandaNews #कमासिन #BreakingNews #UPPolice #BandaPolice #CrimeNews #ViralNews #LatestNews #ViralShorts1
- अस्पताल में मोबाइल पर रोक नहीं,अनधिकृत वीडियो पर सख्ती; सोशल मीडिया के दावों पर प्रबंधन का पलटवार "संयुक्त संचालक-अधीक्षक ने वीडियो संदेश जारी कर किया स्थिति स्पष्ट,बोले—मरीजों की निजता से खिलवाड़ की इजाजत नहीं,, "अस्पताल प्रबंधन का दावा भ्रामक और अधूरी जानकारी के आधार पर सोशल मीडिया पर न फैलाएं खबरें,पहले अधिकृत स्रोत से करें पुष्टि, रीवा। संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय में अनधिकृत वीडियोग्राफी को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही खबरों के बीच अस्पताल प्रबंधन ने अब सीधे वीडियो संदेश जारी कर स्थिति स्पष्ट की है। संयुक्त संचालक एवं अधीक्षक ने कहा कि अस्पताल परिसर में मोबाइल फोन ले जाना प्रतिबंधित नहीं है, लेकिन बिना अनुमति वीडियो या फोटो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित करना प्रतिबंधित है। अस्पताल प्रबंधन ने सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही उन खबरों को भ्रामक और अधूरी जानकारी पर आधारित बताया, जिनमें अस्पताल परिसर में मोबाइल या वीडियोग्राफी को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नियम का उद्देश्य किसी की आवाज दबाना नहीं,बल्कि अस्पताल की संवेदनशील व्यवस्था में मरीजों,परिजनों, चिकित्सकों और कर्मचारियों की निजता एवं सुरक्षा सुनिश्चित करना है। *मोबाइल ले जाने की मनाही नहीं,कैमरे के अनधिकृत इस्तेमाल पर रोक* वीडियो संदेश में अस्पताल अधिकारियों ने विशेष रूप से स्पष्ट किया कि मोबाइल फोन अस्पताल में ले जाना प्रतिबंधित नहीं है। कार्रवाई या रोक का विषय केवल अनधिकृत फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी है। प्रबंधन का कहना है कि अस्पताल में भर्ती मरीजों की बीमारी, उपचार, ऑपरेशन, मेडिकल रिकॉर्ड और व्यक्तिगत परिस्थितियों से जुड़ी जानकारी अत्यंत संवेदनशील होती है। ऐसे में बिना अनुमति कैमरे से रिकॉर्डिंग कर उसे सार्वजनिक करना मरीज की निजता को प्रभावित कर सकता है। *अधूरी जानकारी से बन रही सोशल मीडिया की ‘खबर’!* अस्पताल प्रबंधन ने सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित होने वाली सूचनाओं को लेकर भी सवाल उठाए। अधिकारियों का कहना है कि कई बार किसी घटना का एक पक्ष या अधूरी जानकारी वीडियो के साथ प्रसारित कर दी जाती है, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा होती है और वास्तविक तथ्यों से अलग संदेश लोगों तक पहुंचता है। प्रबंधन ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित हर वीडियो या खबर को अंतिम सत्य न मानें। अस्पताल से संबंधित किसी भी संवेदनशील जानकारी की पुष्टि अधिकृत स्रोतों से करने के बाद ही उसे आगे प्रसारित किया जाए। *मरीजों की निजता के साथ समझौता नहीं, अस्पताल प्रशासन ने साफ किया कि चिकित्सालय एक सार्वजनिक और संवेदनशील स्थान है, जहां गंभीर अवस्था में मरीज उपचार के लिए आते हैं। ऐसे में किसी मरीज या उसके परिजन की अनुमति के बिना उसकी तस्वीर या वीडियो बनाकर सार्वजनिक करना निजता के अधिकार से जुड़ा गंभीर विषय हो सकता है। अधिकारियों ने अस्पताल परिसर में व्यवस्था बनाए रखने, निर्धारित नियमों का पालन करने और मरीजों के हित में सहयोग करने की अपील की है। अस्पताल प्रबंधन के वीडियो संदेश के बाद अब सोशल मीडिया पर मोबाइल प्रतिबंध और अनधिकृत वीडियोग्राफी को लेकर चल रहे दावों पर स्थिति काफी हद तक स्पष्ट हो गई है।1
- लोकेशन रीवा। 1938 की धरोहर पर संकट, ऐतिहासिक सेंट्रल लाइब्रेरी के संरक्षण और कायाकल्प की मांग। रीवा की ऐतिहासिक सेंट्रल लाइब्रेरी, जिसकी स्थापना वर्ष 1938 में रीवा राज्य के दौर में हुई थी, अब संरक्षण और उन्नयन की मांग को लेकर सुर्खियों में है। जर्जर भवन, छत से पानी का रिसाव और दुर्लभ पुस्तकों के अस्तित्व पर मंडराते खतरे को लेकर आयुक्त के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में बताया गया कि छत से लगातार पानी रिसने और नमी-दीमक के कारण दुर्लभ पुस्तकों और ऐतिहासिक दस्तावेजों के नष्ट होने का खतरा बढ़ गया है। तत्काल वाटरप्रूफिंग और दस्तावेजों के वैज्ञानिक संरक्षण की मांग की गई है। साथ ही 300 विद्यार्थियों के बैठकर अध्ययन की व्यवस्था, दोनों तल पर पुस्तकालय संचालन, कैंटीन, प्रिंटर- स्कैनर, पृथक स्वच्छ शौचालय, पार्किंग और लॉन के रखरखाव जैसी सुविधाएं विकसित करने की मांग रखी गई। दुर्लभ दस्तावेजों के डिजिटलीकरण, लापता पुस्तकों को रिकॉर्ड के आधार पर चिन्हित कर वापस लाने तथा मूल भूमि के सीमांकन और आवश्यक विस्तार की मांग भी ज्ञापन में शामिल है। जिस धरोहर ने पीढ़ियों को ज्ञान दिया, आज वही नमी और दीमक से जूझ रही है—अब सवाल संरक्षण का नहीं, विरासत बचाने की अंतिम चेतावनी का है। रीवा की यह ऐतिहासिक ज्ञान-धरोहर अब सिर्फ किताबों का घर नहीं, बल्कि शहर की स्मृति है, जिसके संरक्षण की जिम्मेदारी तत्काल तय करने की मांग उठी है।1
- सवाल से डरती सत्ता, तो लोकतंत्र किस बात का? सवाल पूछना अपराध नहीं, लोकतंत्र की पहली शर्त है। महिला पत्रकार दिव्या श्रीवास्तव का रोते हुए अपनी पीड़ा बयान करना बेहद विचलित करने वाला है। उनके मुताबिक, सत्ता से सवाल पूछने की कीमत उन्हें धमकी, घर पर बुलडोजर का डर और नौकरी गंवाने के रूप में चुकानी पड़ी।अगर ये आरोप सही हैं, तो यह सिर्फ एक पत्रकार का उत्पीड़न नहीं, लोकतंत्र के चेहरे पर तमाचा है।पत्रकार का काम सत्ता की आरती उतारना नहीं, सत्ता से सवाल करना है।बुलडोजर सवाल का जवाब नहीं। धमकी लोकतंत्र की भाषा नहीं। और सवाल पूछने की सजा नौकरी जाना नहीं हो सकती।दिव्या श्रीवास्तव के आरोपों की निष्पक्ष जांच हो और दोषी पाए जाने वालों पर कठोर कार्रवाई हो।आज उनकी आवाज दबेगी, तो कल हमारी आवाज की बारी होगी।इसलिए चुप मत रहिए।दिव्या के साथ खड़े होइए, हर पत्रकार के सवाल के साथ खड़े होइए और उस लोकतांत्रिक अधिकार के लिए आवाज उठाइए, जो हमें सत्ता से सवाल पूछने की ताकत देता है।✊ आवाज़ उठाइए—क्योंकि खामोशी सत्ता को मजबूत करती है, सवाल लोकतंत्र को।1
- कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन को लेकर बांदा में गरजा हिंदू समाज, विशाल शोभायात्रा, महायज्ञ और राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री-मुख्यमंत्री को ज्ञापन कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन को लेकर बांदा में गरजा हिंदू समाज, विशाल शोभायात्रा, महायज्ञ और राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री-मुख्यमंत्री को ज्ञापन बांदा , राष्ट्र संत गोरक्षपीठाधीश्वर ब्रह्मलीन महंत अवैद्यनाथ जी महाराज की 12वीं पुण्यतिथि के अवसर पर विश्व हिंदू महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष भिखारी प्रजापति जी के आह्वान पर जनपद बांदा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन को लेकर विशाल शोभायात्रा, महायज्ञ और ज्ञापन कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ भाजपा नेता श्याम मोहन धुरिया रहे, कार्यक्रम का शुभारंभ रामलीला मैदान, माहेश्वरी देवी मंदिर रोड से वैदिक मंत्रोच्चार के साथ महायज्ञ से हुआ। जिसके बाद हजारों कार्यकर्ताओं ने हाथों में भगवा ध्वज, पोस्टर-बैनर लिए कृष्ण जन्मभूमि मुक्त करो, मथुरा में भव्य मंदिर का निर्माण करो", "अयोध्या तो झांकी है, मथुरा-काशी बाकी है" जैसे गगनभेदी नारों के साथ शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होते हुए विशाल शोभायात्रा निकाली। मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ भाजपा नेता श्याम मोहन धुरिया ने कहा "जब तक मथुरा में कृष्णलला की जन्मभूमि पर अवैध अतिक्रमण है, तब तक हर हिंदू का सिर शर्म से झुका है। अयोध्या में राम मंदिर बना है तो मथुरा में कृष्ण मंदिर बनना भी तय है। यह आंदोलन अब रुकेगा नहीं।" जिला अध्यक्ष महेश कुमार प्रजापति ने उद्बोधन में कड़े शब्दों में कहा आक्रमणकारियों ने हमारी आस्था पर चोट की है। करोड़ों हिंदुओं की मांग है कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि को तत्काल मुक्त कर भव्य मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया जाए। यदि सरकार ने हमारी मांग को अनसुना किया तो विश्व हिंदू महासंघ पूरे प्रदेश में जेल भरो आंदोलन और प्रदर्शन करने को बाध्य होगा। इस दौरान सभी ने महंत अवैद्यनाथ जी महाराज को श्रद्धांजलि अर्पित कर कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति का संकल्प लिया। कार्यक्रम में संस्कृति प्रकोष्ठ के प्रदेश महामंत्री रमेश चंद सोनी गायत्री परिवार के बृजेश त्रिपाठी जी राजेंद्र तिवारी राम शरण शास्त्री नवीन निगम, बहन राम जानकी शुक्ला ,विश्व हिंदू महासंघ केवीरेंद्र गुप्ता खाटू श्याम सेवा मंडल अध्यक्ष जिला उपाध्यक्ष अनीता गुप्ता, जिला मंत्री आरती सिंह, जिला अध्यक्ष अधिवक्ता प्रकोष्ठ, जिला महामंत्री राकेश कुमार त्रिपाठी जिला उपाध्यक्ष आलोक कुमार प्रजापति जिला कोषाध्यक्ष प्रेम गुप्ता आदि लोग उपस्थित रहे।1