लोकेशन रीवा। जर्जर स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई पर कलेक्टर की दो टूक, कंडम भवनों में नहीं बैठेंगे बच्चे, पटेहरा में खुली अव्यवस्थाओं की पोल। रीवा के तराई क्षेत्र में जर्जर स्कूल भवनों में बच्चों की पढ़ाई का मामला सामने आया है। कई भवन वर्षों पहले चिन्हित हो चुके हैं, लेकिन मरम्मत और वैकल्पिक व्यवस्था अब तक सवालों में है। इसी बीच पटेहरा हाईस्कूल के निरीक्षण में भी शिक्षा व्यवस्था की कई खामियां सामने आईं। रीवा में जर्जर स्कूल भवनों को लेकर प्रशासन अब सख्त नजर आ रहा है। कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने साफ कहा है कि कंडम घोषित भवनों में बच्चों को नहीं बैठाया जाएगा, जबकि बारिश से क्षतिग्रस्त भवनों की मरम्मत कराई जाएगी। वहीं मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान से पहले जवा के पटेहरा हाईस्कूल पहुंचे कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ सृष्टि देशमुख गौड़ा को स्कूल में साफ- सफाई और विद्यार्थियों की सुविधाओं से जुड़ी कई अव्यवस्थाएं मिलीं। निरीक्षण में 11वीं के बच्चों को नि:शुल्क किताबें नहीं मिलने और 99 छात्रवृत्ति आवेदन लंबित पाए गए। कलेक्टर ने दो दिन में आवेदनों की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए। प्राचार्य की लापरवाही की शिकायत पर कलेक्टर ने अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं। स्कूल की छत कमजोर हो या व्यवस्था, दोनों का खामियाजा बच्चों को नहीं भुगतना चाहिए। अब कलेक्टर का आदेश साफ है, कंडम भवन में बच्चे नहीं बैठेंगे, सवाल सिर्फ इतना है कि यह सख्ती कागज से निकलकर स्कूलों की जमीन तक कितनी जल्दी पहुंचती है।
लोकेशन रीवा। जर्जर स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई पर कलेक्टर की दो टूक, कंडम भवनों में नहीं बैठेंगे बच्चे, पटेहरा में खुली अव्यवस्थाओं की पोल। रीवा के तराई क्षेत्र में जर्जर स्कूल भवनों में बच्चों की पढ़ाई का मामला सामने आया है। कई भवन वर्षों पहले चिन्हित हो चुके हैं, लेकिन मरम्मत और वैकल्पिक व्यवस्था अब तक सवालों में है। इसी बीच पटेहरा हाईस्कूल के निरीक्षण में भी शिक्षा व्यवस्था की कई खामियां सामने आईं। रीवा में जर्जर स्कूल भवनों को लेकर प्रशासन अब सख्त नजर आ रहा है। कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने साफ कहा है कि कंडम घोषित भवनों में बच्चों को नहीं बैठाया जाएगा, जबकि बारिश से क्षतिग्रस्त भवनों की मरम्मत कराई जाएगी। वहीं मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान से पहले जवा के पटेहरा हाईस्कूल पहुंचे कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ सृष्टि देशमुख गौड़ा को स्कूल में साफ- सफाई और विद्यार्थियों की सुविधाओं से जुड़ी कई अव्यवस्थाएं मिलीं। निरीक्षण में 11वीं के बच्चों को नि:शुल्क किताबें नहीं मिलने और 99 छात्रवृत्ति आवेदन लंबित पाए गए। कलेक्टर ने दो दिन में आवेदनों की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए। प्राचार्य की लापरवाही की शिकायत पर कलेक्टर ने अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं। स्कूल की छत कमजोर हो या व्यवस्था, दोनों का खामियाजा बच्चों को नहीं भुगतना चाहिए। अब कलेक्टर का आदेश साफ है, कंडम भवन में बच्चे नहीं बैठेंगे, सवाल सिर्फ इतना है कि यह सख्ती कागज से निकलकर स्कूलों की जमीन तक कितनी जल्दी पहुंचती है।
- रीवा के संजय गांधी हॉस्पिटल की खुली पोल! अव्यवस्था और लापरवाही पर उठे बड़े सवाल ⚠️ कलेक्टर के निरीक्षण में सामने आई हकीकत! आखिर अस्पताल की व्यवस्था कब सुधरेगी? हालिया रिपोर्टों में अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और अव्यवस्था को लेकर भी सवाल सामने आए हैं।न्यूज़ थंबनेल बनाना रीवा के संजय गांधी हॉस्पिटल की खुली पोल! अव्यवस्था और लापरवाही पर उठे बड़े सवाल ⚠️ कलेक्टर के निरीक्षण में सामने आई हकीकत! आखिर अस्पताल की व्यवस्था कब सुधरेगी? हालिया रिपोर्टों में अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और अव्यवस्था को लेकर भी सवाल सामने आए हैं।न्यूज़ थंबनेल बनाना1
- कल्पना मिश्रा की मौत पर राजनीति बर्दाश्त नहीं: भाजपा रीवा जिलाध्यक्ष -वीरेंद्र गुप्ता* *सेमरिया विधायक अभय मिश्रा के अमर्यादित बयान की कड़ी निंदा, कहा - मातृशक्ति और वाल्मीकि समाज से मांगें सार्वजनिक रूप से माफी, *कल्पना मिश्रा की मौत पर राजनीति बर्दाश्त नहीं: भाजपा रीवा जिलाध्यक्ष -वीरेंद्र गुप्ता* *सेमरिया विधायक अभय मिश्रा के अमर्यादित बयान की कड़ी निंदा, कहा - मातृशक्ति और वाल्मीकि समाज से मांगें सार्वजनिक रूप से माफी,* *रीवा।* संजय गांधी अस्पताल में हुई कल्पना मिश्रा की मौत के मामले को लेकर जारी राजनीतिक बयानबाजी पर *भारतीय जनता पार्टी के रीवा जिला अध्यक्ष वीरेंद्र गुप्ता* ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सेमरिया विधायक *अभय मिश्रा* द्वारा दिए गए बयान को *अत्यंत अशोभनीय, घृणित और निंदनीय* बताया है। भाजपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र गुप्ता ने अपने वीडियो बयान में कहा कि हम सभी की संवेदनाएं कल्पना मिश्रा के परिवार के प्रति हैं, लेकिन जिस प्रकार उनकी मौत का राजनीतिकरण किया जा रहा है और मंच के माध्यम से जनप्रतिनिधियों द्वारा अशोभनीय शब्दों का इस्तेमाल किया जा रहा है, उसकी जितनी निंदा की जाए कम है। उन्होंने कहा कि सेमरिया विधायक अभय मिश्रा ने अस्पताल के संदर्भ में कहा कि जब सुंदर महिलाओं की मृत्यु होती है तो उनके मृत शरीर के साथ वह कृत्य किया जाता है, जिसे शब्दों में कहना भी अच्छा नहीं लगता। गुप्ता ने कहा कि ऐसा बयान देने वाले विधायक को *तत्काल मातृशक्ति से माफी मांगनी चाहिए।* जिलाध्यक्ष ने कहा कि जिस प्रकार के घृणित शब्द उनके मुंह से निकल रहे थे, उस समय उनकी जीभ कट कर क्यों नहीं गिर गई। उन्होंने एक विशेष वर्ग पर सीधा आरोप लगाया है, जो बर्दाश्त योग्य नहीं है। वीरेंद्र गुप्ता ने कहा कि मैं तो उन *सफाई कर्मियों को प्रणाम करता हूं, नमन करता हूं* जो पूरे समाज को, पूरे अस्पताल परिसर को साफ-सुथरा रखने में अपनी आहुति देते हैं। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके चरण पखार कर यह संदेश दिया था कि अगर समाज को सुंदर बना सकता है तो वह हमारा *वाल्मीकि समाज* है। उन्होंने मांग की कि *अभय मिश्रा को मातृशक्ति और वाल्मीकि समाज दोनों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए*, क्योंकि उनका बयान घोर अपराध और पाप के समान है। भाजपा इस मामले में वाल्मीकि समाज के साथ खड़ी है।1
- ☀️ रविवार की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं ☀️ भगवान सूर्यदेव की कृपा से आपके जीवन में नई ऊर्जा, सुख, शांति, समृद्धि और सफलता का प्रकाश हमेशा बना रहे। 🙏 आप और आपके परिवार का आज का दिन मंगलमय एवं खुशियों से भरा हो। 🌺 बधाई एवं शुभकामनाएं 🌺 रावेन्द्र उरमलिया सतना हेड — N.D. न्यूज़ चैनल सतना सच • निष्पक्ष • निर्भीक ☀️ रविवार की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं ☀️ भगवान सूर्यदेव की कृपा से आपके जीवन में नई ऊर्जा, सुख, शांति, समृद्धि और सफलता का प्रकाश हमेशा बना रहे। 🙏 आप और आपके परिवार का आज का दिन मंगलमय एवं खुशियों से भरा हो। 🌺 बधाई एवं शुभकामनाएं 🌺 रावेन्द्र उरमलिया सतना हेड — N.D. न्यूज़ चैनल सतना सच • निष्पक्ष • निर्भीक3
- टैक्स 21वीं सदी का, सड़कें पाषाण काल की: सतना की कागजी स्मार्ट सिटी में आपका स्वागत है! सतना। बधाई हो सतना वासियों! नगर निगम की अद्भुत कृपा से नई बस्ती मेन रोड पर एक और ऐतिहासिक 'पाषाणकालीन सुरंग' (जिसे अज्ञानी लोग जानलेवा गड्ढा कह रहे हैं) प्रकट हुई है। करोड़ों के बजट और कागजी विकास की ऐसी मिसाल कहीं नहीं मिलेगी, जहां चमचमाती सड़क रातों-रात सीधे पाषाण काल का लाइव दर्शन कराने लगे!अधिकारियों और ठेकेदारों की जुगलबंदी ने कमाल कर दिया है—जनता टैक्स दे रही है 21वीं सदी का और सफर मिल रहा है आदिमानव काल का। सड़क पर चल रहे हैं तो संभल कर रहिए, क्योंकि यह 'स्मार्ट' इंजीनियरिंग कब आपको सीधे इतिहास के पन्नों में दफन कर दे, कोई नहीं जानता। धन्य है यह कागजी स्मार्ट सिटी और इसके सोए हुए रखवाले!1
- विधायक नरेंद्र प्रजापति, जनपद अध्यक्ष गंगेव विकास तिवारी एवं CEO प्राची चौबे ने स्कूल और जल संवर्धन तालाब का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और आवश्यक समाधान के निर्देश दिए।1
- खबर अमरपाटन/रामनगर में चरागाह की जमीन पर कथित कब्जे को लेकर बवाल, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा। खबर अमरपाटन/रामनगर में चरागाह की जमीन पर कथित कब्जे को लेकर बवाल, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा। मैहर जिले के रामनगर मे जहां ग्राम पंचायत नादो में शासकीय जमीन पर कथित अवैध कब्जे को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। ग्रामीणों का दावा है कि जिस जमीन पर कब्जे की कोशिश की जा रही है, वह गांव की चरागाह भूमि है, जहां वर्षों से गांव के मवेशी चरते आ रहे हैं। ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर विरोध जताया और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। जैसे ही ग्रामीणों को इसकी जानकारी मिली, बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए और विरोध और बिरोध करना शुरू कर दिया। जैसा कि ग्रामीणों का कहना है कि यह जमीन गांव के मवेशियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। अगर चरागाह की जमीन इसी तरह धीरे-धीरे कब्जे में जाती रही, तो आने वाले समय में गांव के मवेशियों के सामने चरने की समस्या खड़ी हो जाएगी। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि आखिर प्रशासन की निगरानी में शासकीय जमीन पर कब्जे कैसे हो रहे हैं। मौके पर मौजूद ग्रामीणों में इस पूरे मामले को लेकर खासा आक्रोश दिखाई दे रहा है। ग्रामीणों ने कथित कब्जे की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है इस पूरे मामले में ग्रामीणों ने नादो सरपंच पति गणेश द्विवेदी के प्रति भी नाराजगी जाहिर की है। ग्रामीणों ने आरोप लगाए हैं कि शासकीय जमीन पर कब्जे के पीछे लेन-देन का खेल हो सकता है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्ष का पक्ष सामने आना अभी बाकी है। ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन मौके की जांच कराए, जमीन के राजस्व रिकॉर्ड की जांच की जाए और अगर शासकीय चरागाह भूमि पर अवैध कब्जा पाया जाता है तो उसे तत्काल हटाया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी जमीन किसी व्यक्ति विशेष की नहीं, बल्कि गांव और ग्रामीणों के सामूहिक हित से जुड़ी संपत्ति है। वहीं ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि अगर जल्द मामले में कार्रवाई नहीं हुई तो गांव के लोग एकजुट होकर बड़ा विरोध प्रदर्शन करेंगे। साथ ही मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की जाएगी। फिलहाल पूरा मामला ग्रामीणों के आरोपों और प्रशासन से की गई शिकायत के इर्द-गिर्द है। अब सवाल यही है कि क्या प्रशासन मौके की जांच कर चरागाह भूमि की स्थिति स्पष्ट करेगा। क्या कथित कब्जे को हटाने की कार्रवाई होगी। और ग्रामीणों की ओर से लगाए गए गंभीर आरोपों पर संबंधित पक्ष क्या जवाब देता है। इन सवालों के जवाब जांच और प्रशासनिक कार्रवाई के बाद ही सामने आएंगे।2
- यह लड़ाई सिर्फ न्याय की नहीं, बल्कि रीवा की स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार और आमजन के अधिकारों की लड़ाई है। यह लड़ाई सिर्फ न्याय की नहीं, बल्कि रीवा की स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार और आमजन के अधिकारों की लड़ाई है।1
- मध्यप्रदेश से जुड़ी आज की बड़ी खबरें देखिए, #जनसंपर्क_खबरें मध्यप्रदेश से जुड़ी आज की बड़ी खबरें देखिए, #जनसंपर्क_खबरें 🗓️ 12 सितम्बर 2026 ➡️पॉडकास्ट पर सुनें #जनसंपर्क_खबरें 👇1
- यातायात थाना के सामने लगी मजिस्ट्रेट चेकिंग, चेकिंग के दौरान चार पहिया वाहनों में काली फिल्म, सीट बेल्ट पर की गईं चालानी कार्यवाही बेलगाम ओवरलोड ऑटो और ई रिक्शा को चेकिंग से छूट सतना-यातायात थाना के सामने लगी मजिस्ट्रेट चेकिंग, चेकिंग के दौरान चार पहिया वाहनों में काली फिल्म, सीट बेल्ट पर की गईं चालानी कार्यवाही और वही दो पहिया वाहनों में बिना हेलमेट बाइक चलाने पर हुई कार्यवाही, इस कार्यवाही में यातायात थाना प्रभारी सहित पुलिस स्टाफ रहा मौजूद ।1