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खबर अमरपाटन/रामनगर में चरागाह की जमीन पर कथित कब्जे को लेकर बवाल, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा। खबर अमरपाटन/रामनगर में चरागाह की जमीन पर कथित कब्जे को लेकर बवाल, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा। मैहर जिले के रामनगर मे जहां ग्राम पंचायत नादो में शासकीय जमीन पर कथित अवैध कब्जे को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। ग्रामीणों का दावा है कि जिस जमीन पर कब्जे की कोशिश की जा रही है, वह गांव की चरागाह भूमि है, जहां वर्षों से गांव के मवेशी चरते आ रहे हैं। ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर विरोध जताया और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। जैसे ही ग्रामीणों को इसकी जानकारी मिली, बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए और विरोध और बिरोध करना शुरू कर दिया। जैसा कि ग्रामीणों का कहना है कि यह जमीन गांव के मवेशियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। अगर चरागाह की जमीन इसी तरह धीरे-धीरे कब्जे में जाती रही, तो आने वाले समय में गांव के मवेशियों के सामने चरने की समस्या खड़ी हो जाएगी। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि आखिर प्रशासन की निगरानी में शासकीय जमीन पर कब्जे कैसे हो रहे हैं। मौके पर मौजूद ग्रामीणों में इस पूरे मामले को लेकर खासा आक्रोश दिखाई दे रहा है। ग्रामीणों ने कथित कब्जे की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है इस पूरे मामले में ग्रामीणों ने नादो सरपंच पति गणेश द्विवेदी के प्रति भी नाराजगी जाहिर की है। ग्रामीणों ने आरोप लगाए हैं कि शासकीय जमीन पर कब्जे के पीछे लेन-देन का खेल हो सकता है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्ष का पक्ष सामने आना अभी बाकी है। ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन मौके की जांच कराए, जमीन के राजस्व रिकॉर्ड की जांच की जाए और अगर शासकीय चरागाह भूमि पर अवैध कब्जा पाया जाता है तो उसे तत्काल हटाया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी जमीन किसी व्यक्ति विशेष की नहीं, बल्कि गांव और ग्रामीणों के सामूहिक हित से जुड़ी संपत्ति है। वहीं ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि अगर जल्द मामले में कार्रवाई नहीं हुई तो गांव के लोग एकजुट होकर बड़ा विरोध प्रदर्शन करेंगे। साथ ही मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की जाएगी। फिलहाल पूरा मामला ग्रामीणों के आरोपों और प्रशासन से की गई शिकायत के इर्द-गिर्द है। अब सवाल यही है कि क्या प्रशासन मौके की जांच कर चरागाह भूमि की स्थिति स्पष्ट करेगा। क्या कथित कब्जे को हटाने की कार्रवाई होगी। और ग्रामीणों की ओर से लगाए गए गंभीर आरोपों पर संबंधित पक्ष क्या जवाब देता है। इन सवालों के जवाब जांच और प्रशासनिक कार्रवाई के बाद ही सामने आएंगे।

9 hrs ago
user_वशीम शाह
वशीम शाह
Court reporter अमरपाटन, सतना, मध्य प्रदेश•
9 hrs ago

खबर अमरपाटन/रामनगर में चरागाह की जमीन पर कथित कब्जे को लेकर बवाल, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा। खबर अमरपाटन/रामनगर में चरागाह की जमीन पर कथित कब्जे को लेकर बवाल, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा। मैहर जिले के रामनगर मे जहां ग्राम पंचायत नादो में शासकीय जमीन पर कथित अवैध कब्जे को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। ग्रामीणों का दावा है कि जिस जमीन पर कब्जे की कोशिश की जा रही है, वह गांव की चरागाह भूमि है, जहां वर्षों से गांव के मवेशी चरते आ रहे हैं। ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर विरोध जताया और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। जैसे ही ग्रामीणों को इसकी जानकारी मिली, बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए और विरोध और बिरोध करना शुरू कर दिया। जैसा कि ग्रामीणों का कहना है कि यह जमीन गांव के मवेशियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। अगर चरागाह की जमीन इसी तरह धीरे-धीरे कब्जे में जाती रही, तो आने वाले समय में गांव के मवेशियों के सामने चरने की समस्या खड़ी हो जाएगी। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि आखिर प्रशासन की निगरानी में शासकीय जमीन पर कब्जे कैसे हो रहे हैं। मौके पर मौजूद ग्रामीणों में इस पूरे मामले को लेकर खासा आक्रोश दिखाई दे रहा है। ग्रामीणों ने कथित कब्जे की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है इस

पूरे मामले में ग्रामीणों ने नादो सरपंच पति गणेश द्विवेदी के प्रति भी नाराजगी जाहिर की है। ग्रामीणों ने आरोप लगाए हैं कि शासकीय जमीन पर कब्जे के पीछे लेन-देन का खेल हो सकता है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्ष का पक्ष सामने आना अभी बाकी है। ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन मौके की जांच कराए, जमीन के राजस्व रिकॉर्ड की जांच की जाए और अगर शासकीय चरागाह भूमि पर अवैध कब्जा पाया जाता है तो उसे तत्काल हटाया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी जमीन किसी व्यक्ति विशेष की नहीं, बल्कि गांव और ग्रामीणों के सामूहिक हित से जुड़ी संपत्ति है। वहीं ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि अगर जल्द मामले में कार्रवाई नहीं हुई तो गांव के लोग एकजुट होकर बड़ा विरोध प्रदर्शन करेंगे। साथ ही मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की जाएगी। फिलहाल पूरा मामला ग्रामीणों के आरोपों और प्रशासन से की गई शिकायत के इर्द-गिर्द है। अब सवाल यही है कि क्या प्रशासन मौके की जांच कर चरागाह भूमि की स्थिति स्पष्ट करेगा। क्या कथित कब्जे को हटाने की कार्रवाई होगी। और ग्रामीणों की ओर से लगाए गए गंभीर आरोपों पर संबंधित पक्ष क्या जवाब देता है। इन सवालों के जवाब जांच और प्रशासनिक कार्रवाई के बाद ही सामने आएंगे।

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    खबर अमरपाटन/रामनगर में चरागाह की जमीन पर कथित कब्जे को लेकर बवाल, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा।
खबर अमरपाटन/रामनगर में चरागाह की जमीन पर कथित कब्जे को लेकर बवाल, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा।
मैहर जिले के रामनगर मे जहां ग्राम पंचायत नादो में शासकीय जमीन पर कथित अवैध कब्जे को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। ग्रामीणों का दावा है कि जिस जमीन पर कब्जे की कोशिश की जा रही है, वह गांव की चरागाह भूमि है, जहां वर्षों से गांव के मवेशी चरते आ रहे हैं। ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर विरोध जताया और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। जैसे ही ग्रामीणों को इसकी जानकारी मिली, बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए और विरोध और बिरोध करना शुरू कर दिया। जैसा कि ग्रामीणों का कहना है कि यह जमीन गांव के मवेशियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। अगर चरागाह की जमीन इसी तरह धीरे-धीरे कब्जे में जाती रही, तो आने वाले समय में गांव के मवेशियों के सामने चरने की समस्या खड़ी हो जाएगी। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि आखिर प्रशासन की निगरानी में शासकीय जमीन पर कब्जे कैसे हो रहे हैं। मौके पर मौजूद ग्रामीणों में इस पूरे मामले को लेकर खासा आक्रोश दिखाई दे रहा है। ग्रामीणों ने कथित कब्जे की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है
इस पूरे मामले में ग्रामीणों ने नादो सरपंच पति गणेश द्विवेदी के प्रति भी नाराजगी जाहिर की है। ग्रामीणों ने आरोप लगाए हैं कि शासकीय जमीन पर कब्जे के पीछे लेन-देन का खेल हो सकता है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्ष का पक्ष सामने आना अभी बाकी है। ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन मौके की जांच कराए, जमीन के राजस्व रिकॉर्ड की जांच की जाए और अगर शासकीय चरागाह भूमि पर अवैध कब्जा पाया जाता है तो उसे तत्काल हटाया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी जमीन किसी व्यक्ति विशेष की नहीं, बल्कि गांव और ग्रामीणों के सामूहिक हित से जुड़ी संपत्ति है। वहीं ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि अगर जल्द मामले में कार्रवाई नहीं हुई तो गांव के लोग एकजुट होकर बड़ा विरोध प्रदर्शन करेंगे। साथ ही मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की जाएगी।
फिलहाल पूरा मामला ग्रामीणों के आरोपों और प्रशासन से की गई शिकायत के इर्द-गिर्द है। अब सवाल यही है कि क्या प्रशासन मौके की जांच कर चरागाह भूमि की स्थिति स्पष्ट करेगा। क्या कथित कब्जे को हटाने की कार्रवाई होगी। और ग्रामीणों की ओर से लगाए गए गंभीर आरोपों पर संबंधित पक्ष क्या जवाब देता है। इन सवालों के जवाब जांच और प्रशासनिक कार्रवाई के बाद ही सामने आएंगे।
    user_वशीम शाह
    वशीम शाह
    Court reporter अमरपाटन, सतना, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • *ग्राम स्वराज बचाने कल बंधन पैलेश उचेहरा पहुंचेगी यात्रा* उचेहरा। ग्राम स्वराज और पंचायत व्यवस्था को मजबूत बनाने के संकल्प के साथ राष्ट्रीय सरपंच संघ के प्रदेश अध्यक्ष कल उचेहरा पहुंचेंगे। बंधन पैलेस, मैहर रोड पर वे सतना जिले के सरपंचों को संबोधित करेंगे। दोपहर भोज के बाद यात्रा मैहर रवाना होगी। कार्यक्रम में सतना, उचेहरा, नागौद, रैगांव, चित्रकूट, मझगवां और रामपुर बघेलान क्षेत्र के सरपंचों सहित जनपद सदस्यों, अध्यक्षों और उपाध्यक्षों से शामिल होने की अपील की गई है। आयोजन को लेकर उचेहरा क्षेत्र के सरपंचो मे उत्साह के साथ तैयारी मे जुटे। *ग्राम स्वराज बचाने कल बंधन पैलेश उचेहरा पहुंचेगी यात्रा* उचेहरा। ग्राम स्वराज और पंचायत व्यवस्था को मजबूत बनाने के संकल्प के साथ राष्ट्रीय सरपंच संघ के प्रदेश अध्यक्ष कल उचेहरा पहुंचेंगे। बंधन पैलेस, मैहर रोड पर वे सतना जिले के सरपंचों को संबोधित करेंगे। दोपहर भोज के बाद यात्रा मैहर रवाना होगी। कार्यक्रम में सतना, उचेहरा, नागौद, रैगांव, चित्रकूट, मझगवां और रामपुर बघेलान क्षेत्र के सरपंचों सहित जनपद सदस्यों, अध्यक्षों और उपाध्यक्षों से शामिल होने की अपील की गई है। आयोजन को लेकर उचेहरा क्षेत्र के सरपंचो मे उत्साह के साथ तैयारी मे जुटे।
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    *ग्राम स्वराज बचाने कल बंधन पैलेश उचेहरा पहुंचेगी यात्रा*
उचेहरा। ग्राम स्वराज और पंचायत व्यवस्था को मजबूत बनाने के संकल्प के साथ राष्ट्रीय सरपंच संघ के प्रदेश अध्यक्ष कल उचेहरा पहुंचेंगे। बंधन पैलेस, मैहर रोड पर वे सतना जिले के सरपंचों को संबोधित करेंगे। दोपहर भोज के बाद यात्रा मैहर रवाना होगी।
कार्यक्रम में सतना, उचेहरा, नागौद, रैगांव, चित्रकूट, मझगवां और रामपुर बघेलान क्षेत्र के सरपंचों सहित जनपद सदस्यों, अध्यक्षों और उपाध्यक्षों से शामिल होने की अपील की गई है। आयोजन को लेकर उचेहरा क्षेत्र के सरपंचो मे उत्साह के साथ तैयारी मे जुटे।
*ग्राम स्वराज बचाने कल बंधन पैलेश उचेहरा पहुंचेगी यात्रा*
उचेहरा। ग्राम स्वराज और पंचायत व्यवस्था को मजबूत बनाने के संकल्प के साथ राष्ट्रीय सरपंच संघ के प्रदेश अध्यक्ष कल उचेहरा पहुंचेंगे। बंधन पैलेस, मैहर रोड पर वे सतना जिले के सरपंचों को संबोधित करेंगे। दोपहर भोज के बाद यात्रा मैहर रवाना होगी।
कार्यक्रम में सतना, उचेहरा, नागौद, रैगांव, चित्रकूट, मझगवां और रामपुर बघेलान क्षेत्र के सरपंचों सहित जनपद सदस्यों, अध्यक्षों और उपाध्यक्षों से शामिल होने की अपील की गई है। आयोजन को लेकर उचेहरा क्षेत्र के सरपंचो मे उत्साह के साथ तैयारी मे जुटे।
    user_Shiv Singh rajput dahiya journ
    Shiv Singh rajput dahiya journ
    Court reporter Amarpatan, Satna•
    14 hrs ago
  • 💥 *बड़ी खबर*💥 *मिर्च पाउडर फेंककर SBI में ₹4.53 लाख की लूट, 30 मिनट में पकड़ा गया ग्रेजुएट लुटेरा* 💥 *बड़ी खबर*💥 *मिर्च पाउडर फेंककर SBI में ₹4.53 लाख की लूट, 30 मिनट में पकड़ा गया ग्रेजुएट लुटेरा* नागपुर के भांडे प्लॉट स्थित SBI शाखा में कैश समेटते समय बेरोजगार B.Sc. ग्रेजुएट सूरज बोरकर ने बैंककर्मियों पर लाल मिर्च का पाउडर फेंक दिया और ₹4.53 लाख लूटकर भागा। हालांकि, बैंक कर्मचारियों की सूझबूझ और पुलिस की मुस्तैदी से आरोपी 30 मिनट के भीतर पूरी रकम के साथ गिरफ्तार हो गया।
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    💥 *बड़ी खबर*💥
*मिर्च पाउडर फेंककर SBI में ₹4.53 लाख की लूट, 30 मिनट में पकड़ा गया ग्रेजुएट लुटेरा*

💥 *बड़ी खबर*💥
*मिर्च पाउडर फेंककर SBI में ₹4.53 लाख की लूट, 30 मिनट में पकड़ा गया ग्रेजुएट लुटेरा*
नागपुर के भांडे प्लॉट स्थित SBI शाखा में कैश समेटते समय बेरोजगार B.Sc. ग्रेजुएट सूरज बोरकर ने बैंककर्मियों पर लाल मिर्च का पाउडर फेंक दिया और ₹4.53 लाख लूटकर भागा। हालांकि, बैंक कर्मचारियों की सूझबूझ और पुलिस की मुस्तैदी से आरोपी 30 मिनट के भीतर पूरी रकम के साथ गिरफ्तार हो गया।
    user_रोहित कुमार पाठक
    रोहित कुमार पाठक
    Lawyer अमरपाटन, सतना, मध्य प्रदेश•
    22 hrs ago
  • अस्पताल में मोबाइल पर रोक नहीं,अनधिकृत वीडियो पर सख्ती; सोशल मीडिया के दावों पर प्रबंधन का पलटवार "संयुक्त संचालक-अधीक्षक ने वीडियो संदेश जारी कर किया स्थिति स्पष्ट,बोले—मरीजों की निजता से खिलवाड़ की इजाजत नहीं,, "अस्पताल प्रबंधन का दावा भ्रामक और अधूरी जानकारी के आधार पर सोशल मीडिया पर न फैलाएं खबरें,पहले अधिकृत स्रोत से करें पुष्टि, रीवा। संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय में अनधिकृत वीडियोग्राफी को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही खबरों के बीच अस्पताल प्रबंधन ने अब सीधे वीडियो संदेश जारी कर स्थिति स्पष्ट की है। संयुक्त संचालक एवं अधीक्षक ने कहा कि अस्पताल परिसर में मोबाइल फोन ले जाना प्रतिबंधित नहीं है, लेकिन बिना अनुमति वीडियो या फोटो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित करना प्रतिबंधित है। अस्पताल प्रबंधन ने सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही उन खबरों को भ्रामक और अधूरी जानकारी पर आधारित बताया, जिनमें अस्पताल परिसर में मोबाइल या वीडियोग्राफी को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नियम का उद्देश्य किसी की आवाज दबाना नहीं,बल्कि अस्पताल की संवेदनशील व्यवस्था में मरीजों,परिजनों, चिकित्सकों और कर्मचारियों की निजता एवं सुरक्षा सुनिश्चित करना है। *मोबाइल ले जाने की मनाही नहीं,कैमरे के अनधिकृत इस्तेमाल पर रोक* वीडियो संदेश में अस्पताल अधिकारियों ने विशेष रूप से स्पष्ट किया कि मोबाइल फोन अस्पताल में ले जाना प्रतिबंधित नहीं है। कार्रवाई या रोक का विषय केवल अनधिकृत फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी है। प्रबंधन का कहना है कि अस्पताल में भर्ती मरीजों की बीमारी, उपचार, ऑपरेशन, मेडिकल रिकॉर्ड और व्यक्तिगत परिस्थितियों से जुड़ी जानकारी अत्यंत संवेदनशील होती है। ऐसे में बिना अनुमति कैमरे से रिकॉर्डिंग कर उसे सार्वजनिक करना मरीज की निजता को प्रभावित कर सकता है। *अधूरी जानकारी से बन रही सोशल मीडिया की ‘खबर’!* अस्पताल प्रबंधन ने सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित होने वाली सूचनाओं को लेकर भी सवाल उठाए। अधिकारियों का कहना है कि कई बार किसी घटना का एक पक्ष या अधूरी जानकारी वीडियो के साथ प्रसारित कर दी जाती है, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा होती है और वास्तविक तथ्यों से अलग संदेश लोगों तक पहुंचता है। प्रबंधन ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित हर वीडियो या खबर को अंतिम सत्य न मानें। अस्पताल से संबंधित किसी भी संवेदनशील जानकारी की पुष्टि अधिकृत स्रोतों से करने के बाद ही उसे आगे प्रसारित किया जाए। *मरीजों की निजता के साथ समझौता नहीं, अस्पताल प्रशासन ने साफ किया कि चिकित्सालय एक सार्वजनिक और संवेदनशील स्थान है, जहां गंभीर अवस्था में मरीज उपचार के लिए आते हैं। ऐसे में किसी मरीज या उसके परिजन की अनुमति के बिना उसकी तस्वीर या वीडियो बनाकर सार्वजनिक करना निजता के अधिकार से जुड़ा गंभीर विषय हो सकता है। अधिकारियों ने अस्पताल परिसर में व्यवस्था बनाए रखने, निर्धारित नियमों का पालन करने और मरीजों के हित में सहयोग करने की अपील की है। अस्पताल प्रबंधन के वीडियो संदेश के बाद अब सोशल मीडिया पर मोबाइल प्रतिबंध और अनधिकृत वीडियोग्राफी को लेकर चल रहे दावों पर स्थिति काफी हद तक स्पष्ट हो गई है।
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    अस्पताल में मोबाइल पर रोक नहीं,अनधिकृत वीडियो पर सख्ती; सोशल मीडिया के दावों पर प्रबंधन का पलटवार

"संयुक्त संचालक-अधीक्षक ने वीडियो संदेश जारी कर किया स्थिति स्पष्ट,बोले—मरीजों की निजता से खिलवाड़ की इजाजत नहीं,,
"अस्पताल प्रबंधन का दावा भ्रामक और अधूरी जानकारी के आधार पर सोशल मीडिया पर न फैलाएं खबरें,पहले अधिकृत स्रोत से करें पुष्टि, 
रीवा। संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय में अनधिकृत वीडियोग्राफी को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही खबरों के बीच अस्पताल प्रबंधन ने अब सीधे वीडियो संदेश जारी कर स्थिति स्पष्ट की है। संयुक्त संचालक एवं अधीक्षक ने कहा कि अस्पताल परिसर में मोबाइल फोन ले जाना प्रतिबंधित नहीं है, लेकिन बिना अनुमति वीडियो या फोटो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित करना प्रतिबंधित है।
अस्पताल प्रबंधन ने सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही उन खबरों को भ्रामक और अधूरी जानकारी पर आधारित बताया, जिनमें अस्पताल परिसर में मोबाइल या वीडियोग्राफी को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नियम का उद्देश्य किसी की आवाज दबाना नहीं,बल्कि अस्पताल की संवेदनशील व्यवस्था में मरीजों,परिजनों, चिकित्सकों और कर्मचारियों की निजता एवं सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
*मोबाइल ले जाने की मनाही नहीं,कैमरे के अनधिकृत इस्तेमाल पर रोक*
वीडियो संदेश में अस्पताल अधिकारियों ने विशेष रूप से स्पष्ट किया कि मोबाइल फोन अस्पताल में ले जाना प्रतिबंधित नहीं है। कार्रवाई या रोक का विषय केवल अनधिकृत फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी है। प्रबंधन का कहना है कि अस्पताल में भर्ती मरीजों की बीमारी, उपचार, ऑपरेशन, मेडिकल रिकॉर्ड और व्यक्तिगत परिस्थितियों से जुड़ी जानकारी अत्यंत संवेदनशील होती है। ऐसे में बिना अनुमति कैमरे से रिकॉर्डिंग कर उसे सार्वजनिक करना मरीज की निजता को प्रभावित कर सकता है।
*अधूरी जानकारी से बन रही सोशल मीडिया की ‘खबर’!*
अस्पताल प्रबंधन ने सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित होने वाली सूचनाओं को लेकर भी सवाल उठाए। अधिकारियों का कहना है कि कई बार किसी घटना का एक पक्ष या अधूरी जानकारी वीडियो के साथ प्रसारित कर दी जाती है, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा होती है और वास्तविक तथ्यों से अलग संदेश लोगों तक पहुंचता है।
प्रबंधन ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित हर वीडियो या खबर को अंतिम सत्य न मानें। अस्पताल से संबंधित किसी भी संवेदनशील जानकारी की पुष्टि अधिकृत स्रोतों से करने के बाद ही उसे आगे प्रसारित किया जाए।
*मरीजों की निजता के साथ समझौता नहीं, 
अस्पताल प्रशासन ने साफ किया कि चिकित्सालय एक सार्वजनिक और संवेदनशील स्थान है, जहां गंभीर अवस्था में मरीज उपचार के लिए आते हैं। ऐसे में किसी मरीज या उसके परिजन की अनुमति के बिना उसकी तस्वीर या वीडियो बनाकर सार्वजनिक करना निजता के अधिकार से जुड़ा गंभीर विषय हो सकता है।
अधिकारियों ने अस्पताल परिसर में व्यवस्था बनाए रखने, निर्धारित नियमों का पालन करने और मरीजों के हित में सहयोग करने की अपील की है। अस्पताल प्रबंधन के वीडियो संदेश के बाद अब सोशल मीडिया पर मोबाइल प्रतिबंध और अनधिकृत वीडियोग्राफी को लेकर चल रहे दावों पर स्थिति काफी हद तक स्पष्ट हो गई है।
    user_ऋषिकेश त्रिपाठी
    ऋषिकेश त्रिपाठी
    रामपुर बघेलन, सतना, मध्य प्रदेश•
    26 min ago
  • मध्यप्रदेश से जुड़ी आज की बड़ी खबरें देखिए, #जनसंपर्क_खबरें मध्यप्रदेश से जुड़ी आज की बड़ी खबरें देखिए, #जनसंपर्क_खबरें 🗓️ 12 सितम्बर 2026 ➡️
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    मध्यप्रदेश से जुड़ी आज की बड़ी खबरें
देखिए, #जनसंपर्क_खबरें


मध्यप्रदेश से जुड़ी आज की बड़ी खबरें
देखिए, #जनसंपर्क_खबरें
🗓️ 12 सितम्बर 2026 
➡️
    user_रामदत्त दाहिया
    रामदत्त दाहिया
    Firefighter रामपुर बघेलन, सतना, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • सतना -कोटर स्थित शाशकीय विद्यालय मे बच्चो के बीच हुए आपसी विवाद मे एक व्यक्ति कट्टा लेकर पंहुचा, जिसे ग्रामीणों ने धर दबोचा, पुलिस को दी गयी सुचना।
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    सतना -कोटर स्थित शाशकीय विद्यालय मे बच्चो के बीच हुए आपसी विवाद मे एक व्यक्ति कट्टा लेकर पंहुचा, जिसे ग्रामीणों ने धर दबोचा, पुलिस को दी गयी सुचना।
    user_खबर हम देंगे चित्रकूट न्यूज़
    खबर हम देंगे चित्रकूट न्यूज़
    Local News Reporter मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    15 hrs ago
  • मैहर में गौ-माता को कब मिलेगा सही स्थान ❓️ जिम्मेदारी किसकी ❓️ जिम्मेदार कौन ❓️
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    मैहर में गौ-माता को कब मिलेगा सही स्थान ❓️
जिम्मेदारी किसकी ❓️ जिम्मेदार  कौन ❓️
    user_Satyanarayan tiwari
    Satyanarayan tiwari
    Local News Reporter मैहर•
    20 hrs ago
  • खबर अमरपाटन/ग्राम कस्तरा कीचड़ के रास्ते स्कूल पहुंच रहे बच्चे, गर्भवती महिलाओं की भी बढ़ी परेशानी, कस्तरा आदिवासी बस्ती में सड़क की बदहाली से ग्रामीण परेशान। खबर अमरपाटन/ग्राम कस्तरा कीचड़ के रास्ते स्कूल पहुंच रहे बच्चे, गर्भवती महिलाओं की भी बढ़ी परेशानी, कस्तरा आदिवासी बस्ती में सड़क की बदहाली से ग्रामीण परेशान। मैहर जिले के अमरपाटन विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत जमुना की कस्तरा आदिवासी बस्ती में सड़क और रास्ते की बदहाली ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है। बारिश के दिनों में बस्ती से प्राथमिक स्कूल तक जाने वाला करीब 200 मीटर का रास्ता कीचड़ से भर जाता है, जिसके चलते छोटे-छोटे बच्चों को इसी कीचड़ भरे रास्ते से होकर स्कूल पहुंचना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल बस्ती से ज्यादा दूर नहीं है, लेकिन रास्ता खराब होने के कारण बच्चों को स्कूल पहुंचने में काफी दिक्कत होती है। बारिश के दौरान फिसलन और कीचड़ के कारण हादसे का खतरा भी बना रहता है। सबसे ज्यादा परेशानी गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को उठानी पड़ती है। ग्रामीणों के मुताबिक, बस्ती में किसी महिला के गर्भवती होने या अचानक स्वास्थ्य खराब होने पर उसे अस्पताल तक ले जाना मुश्किल हो जाता है। खराब रास्ते के कारण वाहन पहुंचने में भी परेशानी होती है। हालाकि की पिछले बारिश में तत्कालीन SDM द्वारा ग्रामीणों को सड़क बनाने का आश्वासन दिया गया था पर आज तक सड़क निर्माण नहीं हो सका , आज बस्ती में ग्रामीणों बुलाने पर युवा समाजसेवी अमित सिंह भी पहुंचे जहां पर उन्होंने स्थिति को देखा जो दयनीय थी अमित सिंह ने बताया कि कई वर्षों से ग्रामीण सड़क के लिए संघर्ष करते आ रहे हैं पर प्रशासन इनकी आवाज को नहीं सुन रहा आज अमित सिंह ने प्रशासन को इस मामले की जानकारी देते हुए तत्काल कार्यवाही की मांग की है।
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    खबर अमरपाटन/ग्राम कस्तरा कीचड़ के रास्ते स्कूल पहुंच रहे बच्चे, गर्भवती महिलाओं की भी बढ़ी परेशानी, कस्तरा आदिवासी बस्ती में सड़क की बदहाली से ग्रामीण परेशान।
खबर अमरपाटन/ग्राम कस्तरा कीचड़ के रास्ते स्कूल पहुंच रहे बच्चे, गर्भवती महिलाओं की भी बढ़ी परेशानी, कस्तरा आदिवासी बस्ती में सड़क की बदहाली से ग्रामीण परेशान।
मैहर जिले के अमरपाटन विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत जमुना की कस्तरा आदिवासी बस्ती में सड़क और रास्ते की बदहाली ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है। बारिश के दिनों में बस्ती से प्राथमिक स्कूल तक जाने वाला करीब 200 मीटर का रास्ता कीचड़ से भर जाता है, जिसके चलते छोटे-छोटे बच्चों को इसी कीचड़ भरे रास्ते से होकर स्कूल पहुंचना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल बस्ती से ज्यादा दूर नहीं है, लेकिन रास्ता खराब होने के कारण बच्चों को स्कूल पहुंचने में काफी दिक्कत होती है। बारिश के दौरान फिसलन और कीचड़ के कारण हादसे का खतरा भी बना रहता है। सबसे ज्यादा परेशानी गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को उठानी पड़ती है। ग्रामीणों के मुताबिक, बस्ती में किसी महिला के गर्भवती होने या अचानक स्वास्थ्य खराब होने पर उसे अस्पताल तक ले जाना मुश्किल हो जाता है। खराब रास्ते के कारण वाहन पहुंचने में भी परेशानी होती है। हालाकि की पिछले बारिश में तत्कालीन SDM द्वारा ग्रामीणों को सड़क बनाने का आश्वासन दिया गया था पर आज तक सड़क निर्माण नहीं हो सका , आज बस्ती में ग्रामीणों बुलाने पर युवा समाजसेवी अमित सिंह भी पहुंचे जहां पर उन्होंने स्थिति को देखा जो दयनीय थी अमित सिंह ने बताया कि कई वर्षों से ग्रामीण सड़क के लिए संघर्ष करते आ रहे हैं पर प्रशासन इनकी आवाज को नहीं सुन रहा आज अमित सिंह ने प्रशासन को इस मामले की जानकारी देते हुए तत्काल कार्यवाही की मांग की है।
    user_वशीम शाह
    वशीम शाह
    Court reporter अमरपाटन, सतना, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
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