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रील के चक्कर में एक घर उजड़ गया 😢 दोषियों को सख्त सजा मिले 🔥 रील के लिए जान लेना जुर्म है ❌ साहिल को इंसाफ मिलना चाहिए ✔️ आप क्या सोचते हैं? दोषियों को कैसी सजा मिलनी चाहिए? 👇 Comment में अपनी आवाज़ उठाएं
S BHARAT
रील के चक्कर में एक घर उजड़ गया 😢 दोषियों को सख्त सजा मिले 🔥 रील के लिए जान लेना जुर्म है ❌ साहिल को इंसाफ मिलना चाहिए ✔️ आप क्या सोचते हैं? दोषियों को कैसी सजा मिलनी चाहिए? 👇 Comment में अपनी आवाज़ उठाएं
- S BHARATRajouri Garden, West Delhiरील के लिए जान लेना जुर्म है ❌ साहिल को इंसाफ मिलना चाहिए ✔️ आप क्या सोचते हैं? दोषियों को कैसी सजा मिलनी चाहिए? 👇 Comment में अपनी आवाज़ उठाएं5 hrs ago
- S BHARATRajouri Garden, West Delhi👏5 hrs ago
- S BHARATRajouri Garden, West Delhi🙏5 hrs ago
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- दिल्ली में दर्दनाक हादसा... मां की दुनिया था साहिल, घर की दीवारों पर हाथ से लिखे थे सपने, यूके जाने की थी तैयारी साहिल सिर्फ एक बेटा नहीं, अपनी 'सिंगल मदर' इन्ना माकन की पूरी दुनिया था. साहिल बीबीए (BBA) कर रहा था और उसका लक्ष्य था विदेश जाकर मास्टर्स करना. वह अपनी मां पर बोझ नहीं बनना चाहता था। नई दिल्ली (द्वारका): दिल्ली में द्वारका की सड़कों पर बिखरा वह खून सिर्फ एक हादसे का निशान नहीं, बल्कि एक मां के उन तमाम सपनों की आहुति है जिसे उसने 23 साल तक सींचा था. एक रईसजादे की रफ्तार और सोशल मीडिया पर रील बनाने की सनक ने 23 वर्षीय साहिल धनेश्रा की जिंदगी छीन ली.1
- आज के क्रिकेट मैच से जुड़ी हुई ताजा खबर1
- बुराड़ी के मांट ओोलिंवेट स्कूल में बाइबल न पढ़ने पर बच्चों के साथ मारंपीट पर स्थानीय लोगों ने दर्ज कराया विरोध্র1
- रील के लिए जान लेना जुर्म है ❌ साहिल को इंसाफ मिलना चाहिए ✔️ आप क्या सोचते हैं? दोषियों को कैसी सजा मिलनी चाहिए? 👇 Comment में अपनी आवाज़ उठाएं1
- Post by Channurai11
- मैक्रों और मोदी गेटवे ऑफ इंडिया पर, वीर सावरकर का क़िस्सा सुनाया मोदीजी ने, हरदीप पुरी किसे बचा रहे पूछा पवन खेड़ा ने, नेटफ्लिक्स हो, यूट्यूब हो, फेसबुक हो या व्हाट्सएप भारत के कानून का पालन करना ही पड़ेगा और शिवपाल का आरोप फॉर्म 7 सरकार ही छपवाकर बंटवा रही... देखिए देश दुनिया की छ बड़ी खबरें राजपथ न्यूज़ पर....1
- ननद का ज़्यादा दखल… क्या सीधे जेल? भाई-भाभी की ज़िंदगी में रोज़ का कलेश अगर हद पार कर जाए, तो मामला सिर्फ़ घर तक सीमित नहीं रहता। कानून भी बीच में आता है। लगातार मानसिक प्रताड़ना, धमकी, झूठे आरोप या घरेलू शांति भंग करना IPC की धाराओं और घरेलू हिंसा कानून के दायरे में आ सकता है। अगर ननद का हस्तक्षेप पति-पत्नी के रिश्ते को तोड़ने, डराने या नुकसान पहुँचाने की नीयत से हो—तो पुलिस केस, नोटिस और ज़मानत तक की नौबत आ सकती है। हालाँकि हर झगड़ा जेल नहीं पहुँचाता, लेकिन सबूत और गंभीरता बढ़े तो कानून सख़्त हो जाता है। घर का मामला कब बन जाता है कानूनी मामला—जानिए इस वीडियो में।1
- Post by मोतिहारी जिला के न्यूज़1