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इस तरह की बयानबाज़ी किसी भी मुख्यमंत्री के पद की गरिमा के अनुरूप नहीं मानी जाती। देश के संवैधानिक पदों पर बैठे नेताओं से अपेक्षा होती है कि वे समाज को जोड़ने वाली भाषा बोलें, न कि ऐसी बातें कहें जिनसे तनाव और विवाद बढ़े। जनता चाहती है कि नेतृत्व विकास, शांति और आपसी सद्भाव की दिशा में संदेश दे, ताकि समाज में भरोसा और स्थिरता बनी रहे।

19 hrs ago
user_MOHD ASIF ABBAS
MOHD ASIF ABBAS
Voice of people आँवला, बरेली, उत्तर प्रदेश•
19 hrs ago

इस तरह की बयानबाज़ी किसी भी मुख्यमंत्री के पद की गरिमा के अनुरूप नहीं मानी जाती। देश के संवैधानिक पदों पर बैठे नेताओं से अपेक्षा होती है कि वे समाज को जोड़ने वाली भाषा बोलें, न कि ऐसी बातें कहें जिनसे तनाव और विवाद बढ़े। जनता चाहती है कि नेतृत्व विकास, शांति और आपसी सद्भाव की दिशा में संदेश दे, ताकि समाज में भरोसा और स्थिरता बनी रहे।

  • user_Abrar Husain
    Abrar Husain
    Bareilly, Uttar Pradesh
    एक मुख्यमंत्री को इतने बड़े पद पर रहते हुए पक्षपात वाली बात नहीं करनी चाहिए
    18 hrs ago
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • अयोध्या के साकेतपुरी कॉलोनी से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। आज दोपहर कॉलोनी के पास खाली पड़ी फील्ड में अचानक भीषण आग लग गई। बताया जा रहा है कि मैदान में पड़े पुराने कचरे में पहले आग सुलगी और देखते ही देखते वहां रखी पानी की प्लास्टिक पाइपों ने भी आग पकड़ ली। प्लास्टिक सामग्री के चलते आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया। आग की चपेट में एक खड़ी कार भी आ गई, जो पूरी तरह जलकर क्षतिग्रस्त हो गई। मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय नागरिकों ने तुरंत दमकल विभाग को सूचना दी, जिसके बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने का अभियान शुरू किया गया। फिलहाल आग पर काफी हद तक नियंत्रण पा लिया गया है। किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन नुकसान का आकलन किया जा रहा है
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    अयोध्या के साकेतपुरी कॉलोनी से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। आज दोपहर कॉलोनी के पास खाली पड़ी फील्ड में अचानक भीषण आग लग गई। बताया जा रहा है कि मैदान में पड़े पुराने कचरे में पहले आग सुलगी और देखते ही देखते वहां रखी पानी की प्लास्टिक पाइपों ने भी आग पकड़ ली। प्लास्टिक सामग्री के चलते आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया।
आग की चपेट में एक खड़ी कार भी आ गई, जो पूरी तरह जलकर क्षतिग्रस्त हो गई। मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय नागरिकों ने तुरंत दमकल विभाग को सूचना दी, जिसके बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने का अभियान शुरू किया गया।
फिलहाल आग पर काफी हद तक नियंत्रण पा लिया गया है। किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन नुकसान का आकलन किया जा रहा है
    user_JOURNALIST REETESH PRATAP SINGH
    JOURNALIST REETESH PRATAP SINGH
    Local News Reporter बदायूँ, बदायूँ, उत्तर प्रदेश•
    48 min ago
  • इस वीडियो के माध्यम से आप ही जान सकते हैं कि किस उमर में कौन सा म्यूचुअल फंड लेना चाहिए अगर आप म्यूचुअल फंड की सारी जानकारी लेना चाहते हैं तो इस वीडियो को अंत तक देखें चैनल को लाइक करें, शेयर करें और सब्सक्राइब करें ना भूले धन्यवाद
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    इस वीडियो के माध्यम से आप ही जान सकते हैं कि किस उमर में कौन सा म्यूचुअल फंड लेना चाहिए अगर आप म्यूचुअल फंड की सारी जानकारी लेना चाहते हैं तो इस वीडियो को अंत तक देखें चैनल को लाइक करें, शेयर करें और सब्सक्राइब करें ना भूले धन्यवाद
    user_Varun Goswami
    Varun Goswami
    Insurance Agent बदायूँ, बदायूँ, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • #महाशिवरात्रि को लेकर आल्हा अधिकारियों ने किया फ्लेग मार्च#
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    #महाशिवरात्रि को लेकर आल्हा अधिकारियों ने किया फ्लेग मार्च#
    user_   ख़बर जंक्शन बरेली
    ख़बर जंक्शन बरेली
    Social Media Manager बरेली, बरेली, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • मेरठ में दो दरोगाओं पर 20 लाख वसूली का आरोप, FIR दर्ज मेरठ में पुलिस विभाग की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। दो सब इंस्पेक्टर लोकेंद्र साहू और महेश कुमार पर धागा व्यापारी रासिख पुत्र इदरीश को एनकाउंटर की धमकी देकर 20 लाख रुपये वसूलने का आरोप लगा है। एसएसपी अविनाश पांडेय ने दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार की FIR दर्ज कराते हुए गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें गठित की हैं। आरोपी दरोगा मोबाइल बंद कर थाने से फरार बताए जा रहे हैं। मामले में इंस्पेक्टर योगेश चंद्र पर भी कार्रवाई की गई है। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है।
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    मेरठ में दो दरोगाओं पर 20 लाख वसूली का आरोप, FIR दर्ज
मेरठ में पुलिस विभाग की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। दो सब इंस्पेक्टर लोकेंद्र साहू और महेश कुमार पर धागा व्यापारी रासिख पुत्र इदरीश को एनकाउंटर की धमकी देकर 20 लाख रुपये वसूलने का आरोप लगा है।
एसएसपी अविनाश पांडेय ने दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार की FIR दर्ज कराते हुए गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें गठित की हैं। आरोपी दरोगा मोबाइल बंद कर थाने से फरार बताए जा रहे हैं। मामले में इंस्पेक्टर योगेश चंद्र पर भी कार्रवाई की गई है।
पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है।
    user_Thakur Sobran singh ptrkar
    Thakur Sobran singh ptrkar
    Bilsi, Budaun•
    3 hrs ago
  • विजनौर के अफजलगढ़ में पुलिस ने हाई टेंशन विद्युत लाइन काटकर चोरी करने वाले गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा, करीब 7 कुंतल विद्युत तार, छोटा हाथी वाहन और औजार बरामद किए। उत्तर प्रदेश की छोटी-बड़ी खबरों के लिए चैनल को लाइक, शेयर व सब्सक्राइब करें — जनपद न्यूज 24 यूपी
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    विजनौर के अफजलगढ़ में पुलिस ने हाई टेंशन विद्युत लाइन काटकर चोरी करने वाले गिरोह का खुलासा किया है।
पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा, करीब 7 कुंतल विद्युत तार, छोटा हाथी वाहन और औजार बरामद किए।
उत्तर प्रदेश की छोटी-बड़ी खबरों के लिए चैनल को लाइक, शेयर व सब्सक्राइब करें —
जनपद न्यूज 24 यूपी
    user_Naveen Goswami
    Naveen Goswami
    Local News Reporter बदायूँ, बदायूँ, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • एक किशोर फहीम को जंगल की ओर ले जाकर उस पर गोली चला दी, जिससे वह घायल हो गया। गोली उसके हाथ से लगी। आसपास के लोग दौड़े और आरोपी फरार हो गए।
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    एक किशोर फहीम को जंगल की ओर ले जाकर उस पर गोली चला दी, जिससे वह घायल हो गया। गोली उसके हाथ से लगी। आसपास के लोग दौड़े और आरोपी फरार हो गए।
    user_HTAUBR SQ NEWS
    HTAUBR SQ NEWS
    Local News Reporter बरेली, बरेली, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • इस तरह की बयानबाज़ी किसी भी मुख्यमंत्री के पद की गरिमा के अनुरूप नहीं मानी जाती। देश के संवैधानिक पदों पर बैठे नेताओं से अपेक्षा होती है कि वे समाज को जोड़ने वाली भाषा बोलें, न कि ऐसी बातें कहें जिनसे तनाव और विवाद बढ़े। जनता चाहती है कि नेतृत्व विकास, शांति और आपसी सद्भाव की दिशा में संदेश दे, ताकि समाज में भरोसा और स्थिरता बनी रहे।
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    इस तरह की बयानबाज़ी किसी भी मुख्यमंत्री के पद की गरिमा के अनुरूप नहीं मानी जाती। देश के संवैधानिक पदों पर बैठे नेताओं से अपेक्षा होती है कि वे समाज को जोड़ने वाली भाषा बोलें, न कि ऐसी बातें कहें जिनसे तनाव और विवाद बढ़े।
जनता चाहती है कि नेतृत्व विकास, शांति और आपसी सद्भाव की दिशा में संदेश दे, ताकि समाज में भरोसा और स्थिरता बनी रहे।
    user_MOHD ASIF ABBAS
    MOHD ASIF ABBAS
    Voice of people आँवला, बरेली, उत्तर प्रदेश•
    19 hrs ago
  • कानपुर मामले मे कथित ड्राइवर मोहन ने कोर्ट में सरेंडर किया, दावा- गाड़ी मैं चला रहा था; पुलिस का पुख्ता दावा- शिवम मिश्रा ही असली ड्राइवर कानपुर। VIP रोड पर हुए उस भीषण हादसे में, जिसमें एक लग्जरी लेम्बोर्गिनी कार ने कई लोगों को कुचल दिया था, अब नया ट्विस्ट आ गया है। बुधवार को कथित ड्राइवर मोहन ने ACJM-7 कोर्ट में सरेंडर कर दिया। वकील के साथ कोर्ट पहुंचे मोहन ने मीडिया से बातचीत में साफ कहा कि हादसे के समय लेम्बोर्गिनी कार वह खुद चला रहा था। उसने दावा किया कि कार मालिक शिवम मिश्रा को दौरा पड़ गया था, जिससे वह घबरा गया और हादसा हो गया। मोहन ने आगे बताया कि हादसे के बाद वह घबरा कर कार से निकल गया था, जबकि बाउंसर ने शिवम को बाहर निकाला और दूसरी गाड़ी से अस्पताल ले गए। यह हादसा रविवार को हुआ था, जब लेम्बोर्गिनी ने फुटपाथ पर खड़े और गुजर रहे लोगों को टक्कर मार दी। हादसे में कुल 6 लोग घायल हुए थे, जिसमें एक बुलेट सवार भी शामिल था। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और जांच शुरू की। पुलिस कमिश्नर ने जांच के आधार पर दावा किया था कि कार तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा ही चला रहे थे। इसी आधार पर शिवम का नाम FIR में जोड़ा गया। मंगलवार को मामले में पहला बड़ा ट्विस्ट आया, जब कारोबारी केके मिश्रा खुद ग्वालटोली थाने पहुंचे। उन्होंने पुलिस के दावे को खारिज करते हुए कहा कि हादसे के समय उनका बेटा शिवम कार नहीं चला रहा था, बल्कि ड्राइवर मोहन ही ड्राइविंग कर रहा था। पिता का दावा था कि शिवम उस वक्त सो रहा था या उसकी तबीयत खराब हो गई थी। उन्होंने पुलिस कमिश्नर पर झूठ बोलने का आरोप लगाया और कहा कि शिवम बेहोश होकर दिल्ली में भर्ती है। कारोबारी के वकील ने भी यही बात दोहराई। लेकिन पुलिस ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। जांच रिपोर्ट में पुलिस ने 5 बड़े सबूत पेश किए हैं, जो साफ बताते हैं कि कार शिवम मिश्रा ही चला रहा था और गाड़ी में कोई दूसरा ड्राइवर मौजूद नहीं था। पहला सबूत: हादसे के बाद का वीडियो, जिसमें दिखता है कि बाउंसर ने लेम्बोर्गिनी का शीशा ईंट से तोड़कर ड्राइविंग सीट से शिवम को बाहर निकाला। इससे साफ है कि कार में सिर्फ एक ही व्यक्ति था और दरवाजा लॉक होने की वजह से बाहर निकालना पड़ा। दूसरा: 10 से ज्यादा प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए गए हैं। सभी ने एकमत होकर कहा कि कार शिवम ही चला रहा था, गाड़ी में कोई दूसरा व्यक्ति नहीं था। हादसे के बाद बाउंसर ने शिवम को कार से निकालकर ले गए। तीसरा: शिवम की मोबाइल लोकेशन हादसे वाली जगह पर ही मिली, जो इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य के तौर पर मजबूत है। चौथा: स्मार्ट सिटी के CCTV फुटेज में पूरी घटना कैद हुई है। फुटेज से साफ दिखता है कि कार में सिर्फ एक व्यक्ति था, कोई अलग ड्राइवर नहीं। पांचवां: FIR दर्ज कराने वाले घायल वादी मो. तौफीक ने बयान में शिवम को ही ड्राइवर बताया और वीडियो देखकर पहचान की। वादी का बयान किसी केस में सबसे महत्वपूर्ण होता है। बुधवार को कोर्ट में सुनवाई हुई, जहां शिवम के वकील ने जब्त लेम्बोर्गिनी को रिलीज कराने की अर्जी दी, जबकि मोहन ने सरेंडर याचिका दाखिल की। पुलिस ने अपनी जांच रिपोर्ट कोर्ट में पेश की, जिसमें साफ कहा गया कि शिवम ही ड्राइवर था। DCP सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पर्याप्त सबूत और इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस के आधार पर शिवम पर कार्रवाई हुई है। FIR जमानतीय धाराओं में है, लेकिन पुलिस का स्टैंड क्लियर है। यह मामला अब कोर्ट में है, जहां सबूतों के आधार पर फैसला होगा। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी तरह पारदर्शी है और कानून सबके लिए बराबर है। हादसे ने एक बार फिर लग्जरी वाहनों की तेज रफ्तार और जिम्मेदारी पर सवाल खड़े किए हैं।
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    कानपुर मामले मे कथित ड्राइवर मोहन ने कोर्ट में सरेंडर किया, दावा- गाड़ी मैं चला रहा था; पुलिस का पुख्ता दावा- शिवम मिश्रा ही असली ड्राइवर
कानपुर। VIP रोड पर हुए उस भीषण हादसे में, जिसमें एक लग्जरी लेम्बोर्गिनी कार ने कई लोगों को कुचल दिया था, अब नया ट्विस्ट आ गया है। बुधवार को कथित ड्राइवर मोहन ने ACJM-7 कोर्ट में सरेंडर कर दिया। वकील के साथ कोर्ट पहुंचे मोहन ने मीडिया से बातचीत में साफ कहा कि हादसे के समय लेम्बोर्गिनी कार वह खुद चला रहा था। उसने दावा किया कि कार मालिक शिवम मिश्रा को दौरा पड़ गया था, जिससे वह घबरा गया और हादसा हो गया। मोहन ने आगे बताया कि हादसे के बाद वह घबरा कर कार से निकल गया था, जबकि बाउंसर ने शिवम को बाहर निकाला और दूसरी गाड़ी से अस्पताल ले गए।
यह हादसा रविवार को हुआ था, जब लेम्बोर्गिनी ने फुटपाथ पर खड़े और गुजर रहे लोगों को टक्कर मार दी। हादसे में कुल 6 लोग घायल हुए थे, जिसमें एक बुलेट सवार भी शामिल था। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और जांच शुरू की। पुलिस कमिश्नर ने जांच के आधार पर दावा किया था कि कार तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा ही चला रहे थे। इसी आधार पर शिवम का नाम FIR में जोड़ा गया।
मंगलवार को मामले में पहला बड़ा ट्विस्ट आया, जब कारोबारी केके मिश्रा खुद ग्वालटोली थाने पहुंचे। उन्होंने पुलिस के दावे को खारिज करते हुए कहा कि हादसे के समय उनका बेटा शिवम कार नहीं चला रहा था, बल्कि ड्राइवर मोहन ही ड्राइविंग कर रहा था। पिता का दावा था कि शिवम उस वक्त सो रहा था या उसकी तबीयत खराब हो गई थी। उन्होंने पुलिस कमिश्नर पर झूठ बोलने का आरोप लगाया और कहा कि शिवम बेहोश होकर दिल्ली में भर्ती है। कारोबारी के वकील ने भी यही बात दोहराई।
लेकिन पुलिस ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। जांच रिपोर्ट में पुलिस ने 5 बड़े सबूत पेश किए हैं, जो साफ बताते हैं कि कार शिवम मिश्रा ही चला रहा था और गाड़ी में कोई दूसरा ड्राइवर मौजूद नहीं था।
पहला सबूत: हादसे के बाद का वीडियो, जिसमें दिखता है कि बाउंसर ने लेम्बोर्गिनी का शीशा ईंट से तोड़कर ड्राइविंग सीट से शिवम को बाहर निकाला। इससे साफ है कि कार में सिर्फ एक ही व्यक्ति था और दरवाजा लॉक होने की वजह से बाहर निकालना पड़ा।
दूसरा: 10 से ज्यादा प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए गए हैं। सभी ने एकमत होकर कहा कि कार शिवम ही चला रहा था, गाड़ी में कोई दूसरा व्यक्ति नहीं था। हादसे के बाद बाउंसर ने शिवम को कार से निकालकर ले गए।
तीसरा: शिवम की मोबाइल लोकेशन हादसे वाली जगह पर ही मिली, जो इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य के तौर पर मजबूत है।
चौथा: स्मार्ट सिटी के CCTV फुटेज में पूरी घटना कैद हुई है। फुटेज से साफ दिखता है कि कार में सिर्फ एक व्यक्ति था, कोई अलग ड्राइवर नहीं।
पांचवां: FIR दर्ज कराने वाले घायल वादी मो. तौफीक ने बयान में शिवम को ही ड्राइवर बताया और वीडियो देखकर पहचान की। वादी का बयान किसी केस में सबसे महत्वपूर्ण होता है।
बुधवार को कोर्ट में सुनवाई हुई, जहां शिवम के वकील ने जब्त लेम्बोर्गिनी को रिलीज कराने की अर्जी दी, जबकि मोहन ने सरेंडर याचिका दाखिल की। पुलिस ने अपनी जांच रिपोर्ट कोर्ट में पेश की, जिसमें साफ कहा गया कि शिवम ही ड्राइवर था। DCP सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पर्याप्त सबूत और इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस के आधार पर शिवम पर कार्रवाई हुई है। FIR जमानतीय धाराओं में है, लेकिन पुलिस का स्टैंड क्लियर है।
यह मामला अब कोर्ट में है, जहां सबूतों के आधार पर फैसला होगा। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी तरह पारदर्शी है और कानून सबके लिए बराबर है। हादसे ने एक बार फिर लग्जरी वाहनों की तेज रफ्तार और जिम्मेदारी पर सवाल खड़े किए हैं।
    user_JOURNALIST REETESH PRATAP SINGH
    JOURNALIST REETESH PRATAP SINGH
    Local News Reporter बदायूँ, बदायूँ, उत्तर प्रदेश•
    55 min ago
  • मैनपुरी में दवा खाने से बिगड़ी दो दर्जन बच्चों की तबीयत, जिला अस्पताल में मची अफरा-तफरी मैनपुरी जनपद से बड़ी खबर सामने आई है। किरतपुर कॉलोनी स्थित एक प्राइमरी स्कूल में पेट के कीड़े मारने की दवा एल्बेंडाजोल खाने के बाद करीब 24 से अधिक बच्चों की अचानक तबीयत बिगड़ गई। बच्चों को तेज पेट दर्द और उल्टियों की शिकायत होने पर हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही स्कूल प्रशासन ने आनन-फानन में बच्चों को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां आपातकालीन उपचार शुरू किया गया। हालत गंभीर होने पर कुछ बच्चों को सैफई मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। कैसे बिगड़ी बच्चों की तबीयत? जानकारी के अनुसार, स्कूल में रूटीन अभियान के तहत बच्चों को पेट के कीड़े खत्म करने की दवा दी गई थी। दवा खाने के कुछ ही देर बाद बच्चों ने पेट में तेज दर्द और उल्टियों की शिकायत शुरू कर दी, जिससे स्कूल में अफरा-तफरी मच गई। परिजनों का गुस्सा, लगाए गंभीर आरोप घटना की खबर मिलते ही परिजन स्कूल पहुंच गए। परिजनों का आरोप है कि दवा देने में लापरवाही बरती गई और दवा वितरण के समय स्वास्थ्य विभाग की निगरानी नहीं थी। परिजनों ने सवाल उठाया कि डॉक्टरों की टीम मौके पर मौजूद क्यों नहीं थी। चिकित्सा विभाग की सफाई मामले की गंभीरता को देखते हुए आर.सी. गुप्ता (सीएमओ) जिला अस्पताल पहुंचे और बच्चों की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि एल्बेंडाजोल दवा साल में दो बार नियमित कार्यक्रम के तहत दी जाती है, लेकिन कुछ बच्चों में साइड इफेक्ट के कारण तबीयत बिगड़ी है। सभी बच्चों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। फिलहाल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरे मामले की जांच में जुटा है। उत्तर प्रदेश की छोटी-बड़ी खबरों के लिए चैनल को लाइक, शेयर और सब्सक्राइब करें — जनपद न्यूज 24 यूपी
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    मैनपुरी में दवा खाने से बिगड़ी दो दर्जन बच्चों की तबीयत, जिला अस्पताल में मची अफरा-तफरी
मैनपुरी जनपद से बड़ी खबर सामने आई है। किरतपुर कॉलोनी स्थित एक प्राइमरी स्कूल में पेट के कीड़े मारने की दवा एल्बेंडाजोल खाने के बाद करीब 24 से अधिक बच्चों की अचानक तबीयत बिगड़ गई। बच्चों को तेज पेट दर्द और उल्टियों की शिकायत होने पर हड़कंप मच गया।
घटना की सूचना मिलते ही स्कूल प्रशासन ने आनन-फानन में बच्चों को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां आपातकालीन उपचार शुरू किया गया। हालत गंभीर होने पर कुछ बच्चों को सैफई मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।
कैसे बिगड़ी बच्चों की तबीयत?
जानकारी के अनुसार, स्कूल में रूटीन अभियान के तहत बच्चों को पेट के कीड़े खत्म करने की दवा दी गई थी। दवा खाने के कुछ ही देर बाद बच्चों ने पेट में तेज दर्द और उल्टियों की शिकायत शुरू कर दी, जिससे स्कूल में अफरा-तफरी मच गई।
परिजनों का गुस्सा, लगाए गंभीर आरोप
घटना की खबर मिलते ही परिजन स्कूल पहुंच गए। परिजनों का आरोप है कि दवा देने में लापरवाही बरती गई और दवा वितरण के समय स्वास्थ्य विभाग की निगरानी नहीं थी। परिजनों ने सवाल उठाया कि डॉक्टरों की टीम मौके पर मौजूद क्यों नहीं थी।
चिकित्सा विभाग की सफाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए आर.सी. गुप्ता (सीएमओ) जिला अस्पताल पहुंचे और बच्चों की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि एल्बेंडाजोल दवा साल में दो बार नियमित कार्यक्रम के तहत दी जाती है, लेकिन कुछ बच्चों में साइड इफेक्ट के कारण तबीयत बिगड़ी है। सभी बच्चों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
फिलहाल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरे मामले की जांच में जुटा है।
उत्तर प्रदेश की छोटी-बड़ी खबरों के लिए चैनल को लाइक, शेयर और सब्सक्राइब करें — जनपद न्यूज 24 यूपी
    user_Naveen Goswami
    Naveen Goswami
    Local News Reporter बदायूँ, बदायूँ, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
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