प्रशासन की लापरवाही से सैकड़ों गोवंश खा रहे प्लास्टिक, चारदीवारी निर्माण की मांग तेज पुर (भीलवाड़ा)। उपनगर पुर में नगर निगम द्वारा लक्ष्मीपुरा रोड पर बनाए गए कचरा डंपिंग यार्ड की अव्यवस्थित स्थिति से सैकड़ों गोवंशों की जान पर बन आई है। डंपिंग यार्ड चारों ओर से खुला होने के कारण क्षेत्र में घूम रहे गोवंश कचरे में पड़ी प्लास्टिक थैलियां व अन्य अपशिष्ट खा रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार प्रतिदिन दो से तीन गोवंशों की मृत्यु प्लास्टिक निगलने के कारण हो रही है। इस गंभीर स्थिति को लेकर पुर के गौ भक्तों में भारी आक्रोश है। गौ भक्तों ने मौके पर पहुंचकर डंपिंग यार्ड की स्थिति का जायजा लिया और वहां का वीडियो बनाकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। गौ भक्त राजू आचार्य, अर्जुन आचार्य, सत्यनारायण गुर्जर, सुनील आचार्य, प्रकाश आचार्य सहित उनकी टीम ने क्षेत्रीय विधायक एवं नगर निगम अधिकारियों से मांग की है कि डंपिंग यार्ड के चारों ओर शीघ्र चारदीवारी का निर्माण कराया जाए, ताकि गोवंश कचरे तक न पहुंच सकें और उनकी जान बचाई जा सके। गौ भक्तों का कहना है कि यदि जल्द ही उचित कार्रवाई नहीं की गई तो ग्रामवासी एवं गौ भक्त आंदोलन करने को मजबूर होंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। स्थानीय नागरिकों ने भी नगर निगम से मांग की है कि डंपिंग यार्ड की समुचित व्यवस्था कर नियमित कचरा प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाएं
प्रशासन की लापरवाही से सैकड़ों गोवंश खा रहे प्लास्टिक, चारदीवारी निर्माण की मांग तेज पुर (भीलवाड़ा)। उपनगर पुर में नगर निगम द्वारा लक्ष्मीपुरा रोड पर बनाए गए कचरा डंपिंग यार्ड की अव्यवस्थित स्थिति से सैकड़ों गोवंशों की जान पर बन आई है। डंपिंग यार्ड चारों ओर से खुला होने के कारण क्षेत्र में घूम रहे गोवंश कचरे में पड़ी प्लास्टिक थैलियां व अन्य अपशिष्ट खा रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार प्रतिदिन दो से तीन गोवंशों की मृत्यु प्लास्टिक निगलने के कारण हो रही है। इस गंभीर स्थिति को लेकर पुर के गौ भक्तों में भारी आक्रोश है। गौ भक्तों ने मौके पर पहुंचकर डंपिंग यार्ड की स्थिति का जायजा लिया और वहां का वीडियो बनाकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। गौ भक्त राजू आचार्य, अर्जुन आचार्य, सत्यनारायण गुर्जर, सुनील आचार्य, प्रकाश आचार्य सहित उनकी टीम ने क्षेत्रीय विधायक एवं नगर निगम अधिकारियों से मांग की है कि डंपिंग यार्ड के चारों ओर शीघ्र चारदीवारी का निर्माण कराया जाए, ताकि गोवंश कचरे तक न पहुंच सकें और उनकी जान बचाई जा सके। गौ भक्तों का कहना है कि यदि जल्द ही उचित कार्रवाई नहीं की गई तो ग्रामवासी एवं गौ भक्त आंदोलन करने को मजबूर होंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। स्थानीय नागरिकों ने भी नगर निगम से मांग की है कि डंपिंग यार्ड की समुचित व्यवस्था कर नियमित कचरा प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाएं
- बेगूं -जिला पुलिस अधीक्षक चित्तौड़गढ़ मनीष त्रिपाठी ने सोमवार को बेगूं पुलिस थाने एवं सीओ कार्यालय का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान बेगूं थाने में डीएसपी अंजलि सिंह एवं सीआई कमल चंद मीणा ने पुष्पगुच्छ प्रदान कर एसपी की अगवानी कर थाने का अवलोकन करवाया। थाने में पहुंचने पर पुलिस के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। एसपी ने थानों पर आए परिवादियों की शिकायतों को सुनकर उन्होंने उनका निवारण किया और आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। एसपी ने थाने का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया एवं, कानून-व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश दिए । एसपी ने थानों के मालखाना, बैरक, स्वागत कक्ष, महिला हेल्प डेस्क, रिकॉर्ड रूम, कंप्यूटर कक्ष आदि का निरीक्षण किया। एसपी ने थाना परिसर में नवनिर्मित पुलिस भवन का भी निरीक्षण किया । आगामी त्योहारों को लेकर एसपी ने कस्बे का भ्रमण कर वस्तुस्थिति का जायजा भी लिया ।1
- Post by Dr CP Patel 8302083835 आयुष हॉस्पिटल1
- Post by DS7NEWS NETWORK1
- Post by Lucky sukhwal1
- Post by दिलखुश मोटीस1
- पुलिस की वर्दी शरीर पर हो तो आदमी कानून को अपनी जेब में समझता है, यही इस घटनाक्रम में हुआ पुलिस वाले ने सफेद टी-शर्ट वाले पर हाथ उठा दिया.. उसे क्या पता था वह भी पुलिस वाला है.. उसने वापस हाथ उठा दिया और फिर जो हुआ वह इस वीडियो में दिख रहा है, अगर सफेद टी-शर्ट वाला पुलिस नहीं होता तो बदले में हाथ नहीं उठाता.. और पुलिस किसी पर भी हाथ उठा सकती है.. चाहे जैसी गाली दे सकती है बंद करने की घोषणा कर सकती है, यही तो हथियार है जिससे आम आदमी पुलिस से डरता है, पुलिस को यह अधिकार किसने दिया..? इसीलिए तो बार-बार कहा जाता है.. पुलिस एक्ट में संशोधन होना चाहिए.., कानून व्यवस्था के नाम पर पुलिस को मिले अधिकार का दुरुपयोग होने लगा है, इसलिए पुलिस एक्ट में संशोधन की जरूरत बहुत जरूरी हो गई है..! अन्यथा सामाजिक हिंसा का सामना पुलिस को भी करना पड़ेगा, यह घटना इसका संकेत है..! क्या राजस्थान के पुलिस महानिदेशक राजस्थान के गृहमंत्री तक यह विषय पहुंचेगा और जांच करके किसी की जवाब देही सुनिश्चित होगी..?1
- Post by Dev karan Mali1
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- पुष्कर के उप जिला अस्पताल का हाल इन दिनों कुछ ऐसा है कि मरीज दरवाजे पर पड़े रहते हैं और जनाब को एतराज़ कैमरे से होता है। अस्पताल के पीएमओ डॉ. जी.आर. पुरी साहब से अदब के साथ अर्ज है कि हुजूर, अगर अस्पताल की व्यवस्थाएं दुरुस्त हों तो कैमरे अपने आप खामोश हो जाया करते हैं। मामला यह रहा कि एक हादसे में घायल दो युवक अस्पताल पहुंचे, मगर करीब एक घंटे तक अस्पताल के मुख्य द्वार पर ही पड़े रहे। इलाज की व्यवस्था तो दूर, उन्हें अजमेर भेजने की ठोस तैयारी भी नजर नहीं आई। आखिरकार मजबूरी में परिजनों को निजी एम्बुलेंस का सहारा लेना पड़ा। मगर जनाब, असल दिलचस्पी तो तब सामने आई जब मौके पर पहुंचे मीडिया के कैमरे पर ही हाथ चलाने की कोशिश हो गई। “हुजूर, आइना तो वही दिखाएगा जो सामने होगा, आइने से लड़ने से चेहरा नहीं बदलता।” मीडिया तो बस वही दिखा रहा है जो अस्पताल के दरवाजे पर हो रहा है। मरीज बाहर तड़प रहे हों और कैमरा उस सच्चाई को दिखा दे, तो गुस्सा कैमरे पर क्यों? पुष्कर जैसा विश्व प्रसिद्ध तीर्थ स्थल और उसका उप जिला अस्पताल… यहां मरीजों को राहत मिलनी चाहिए, न कि उन्हें इंतजार और अव्यवस्था का सामना करना पड़े। इसलिए अदब के साथ यही गुजारिश है, जनाब कैमरे पर हाथ रखने से बेहतर है अस्पताल की व्यवस्था पर हाथ रखिए, ताकि मरीजों को राहत मिले और ऐसी खबरें लिखने की नौबत ही ना पड़े.1