पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय के निर्देशानुसार, जनपद में संचालित शिक्षण एवं कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कस्बा अकबरपुर क्षेत्र में एक विशेष निरीक्षण अभियान चलाया गया। इस अभियान का नेतृत्व क्षेत्राधिकारी यातायात संजय कुमार गुप्ता ने किया, जिसमें थाना अकबरपुर पुलिस और फायर सर्विस की संयुक्त टीम ने विभिन्न कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान, टीम ने कोचिंग संस्थानों के संचालन की स्थिति, भवन की सुरक्षा मानक, आपातकालीन निकास मार्ग की उपलब्धता, अग्निशमन यंत्रों की कार्यशीलता, विद्युत सुरक्षा व्यवस्था, फायर सेफ्टी उपकरणों की स्थिति और अन्य आवश्यक सुरक्षा मानकों का गहन परीक्षण किया। इसके साथ ही, संस्थानों में पढ़ रहे विद्यार्थियों की सुरक्षा के मद्देनजर आवश्यक व्यवस्थाओं का भी बारीकी से अवलोकन किया गया। अभियान के तहत, फायर सर्विस कर्मियों ने कोचिंग संचालकों और छात्र-छात्राओं को आग लगने की स्थिति में बरती जाने वाली सावधानियों और बचाव के तरीकों के प्रति जागरूक किया। पुलिस और फायर सर्विस की संयुक्त टीम ने सभी कोचिंग संस्थानों की सघन जाँच सुनिश्चित की।
पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय के निर्देशानुसार, जनपद में संचालित शिक्षण एवं कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कस्बा अकबरपुर क्षेत्र में एक विशेष निरीक्षण अभियान चलाया गया। इस अभियान का नेतृत्व क्षेत्राधिकारी यातायात संजय कुमार गुप्ता ने किया, जिसमें थाना अकबरपुर पुलिस और फायर सर्विस की संयुक्त टीम ने विभिन्न कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान, टीम ने कोचिंग संस्थानों के संचालन की स्थिति, भवन की सुरक्षा मानक, आपातकालीन निकास मार्ग की उपलब्धता, अग्निशमन यंत्रों की कार्यशीलता, विद्युत सुरक्षा व्यवस्था, फायर सेफ्टी उपकरणों की स्थिति और अन्य आवश्यक सुरक्षा मानकों का गहन परीक्षण किया। इसके साथ ही, संस्थानों में पढ़ रहे विद्यार्थियों की सुरक्षा के मद्देनजर आवश्यक व्यवस्थाओं का भी बारीकी से अवलोकन किया गया। अभियान के तहत, फायर सर्विस कर्मियों ने कोचिंग संचालकों और छात्र-छात्राओं को आग लगने की स्थिति में बरती जाने वाली सावधानियों और बचाव के तरीकों के प्रति जागरूक किया। पुलिस और फायर सर्विस की संयुक्त टीम ने सभी कोचिंग संस्थानों की सघन जाँच सुनिश्चित की।
- कानपुर देहात के रुरा कस्बे स्थित कमला नगर वार्ड के निवासी मनोरंजन शाह को बिहार में बीपीएससी परीक्षा में 150वीं रैंक प्राप्त कर एसडीएम के पद पर चयनित होने के उपलक्ष्य में सम्मानित किया गया। यह सम्मान समारोह कस्बे के आरपीएस इंटर कॉलेज में आयोजित किया गया, जहाँ उनकी उपलब्धि का जश्न मनाया गया। इस अवसर पर कॉलेज के संरक्षक लक्ष्मी सिंह गौर, सहायक अध्यापक डॉ हिमांशु पांडेय, ब्रजेश कुमार पांडेय उर्फ रज्जू, चन्दन द्विवेदी, विमल मिश्रा, जितेंद्र सिंह, अंकित शुक्ला, कुलदीप पांडेय और शशिनाथ सहित अन्य सदस्यों ने चयनित एसडीएम मनोरंजन शाह को फूल माला पहनाकर और प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। सभी उपस्थित जनों ने उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दीं। समारोह में सभासद अंशुल बाजपेई, हर्षित द्विवेदी, रंजन अवस्थी, अभिषेक दीक्षित उर्फ बउआ और मंजुल शास्त्री जैसे अन्य लोग भी मौजूद रहे।1
- यह पोस्ट उन विभिन्न समूहों पर तीखा सवाल उठाता है और उनकी कड़ी निंदा करता है जिन्होंने अतीत में राम और राम मंदिर का विरोध किया। इसमें विशेष रूप से 'कार सेवकों को गोलियों से भूनने वालों' और 'राम के अस्तित्व को ही नकारने वालों' को निशाना बनाया गया है। आलोचना 'कांग्रेस के उन लोगों' तक भी जाती है जिन्होंने 'जीवन भर विपक्ष में बैठकर सुप्रीम कोर्ट तक मुकदमा लड़ा', और लालू यादव पर जिन्होंने 'आडवाणी जी के रथ को बिहार में रोक कर जेल भेज दिया था'। लेखक राम मंदिर का विरोध करने वालों को तंज कसते हुए कहता है कि राम मंदिर निर्माण का निमंत्रण न मिलने पर वे 'शादी में आए फूफा की तरह मुंह फुला लेते हैं'। इसके विपरीत, पोस्ट में 'माननीय कल्याण सिंह, तत्कालीन मुख्यमंत्री' के बलिदान की प्रशंसा की गई है, जिन्होंने बाबरी मस्जिद के विध्वंस पर 'नैतिकता के आधार पर नहीं बल्कि आस्था के आधार पर' अपना मुख्यमंत्री पद छोड़ दिया था, और उन्हें 'सच्चा राम भक्त' बताया गया है। पोस्ट में कहा गया है कि जब रामलला स्थापित हो गए हैं, तब विरोधियों को 'बाल रूप रामलला' को थोड़ी देर के लिए अकेला छोड़ देना चाहिए, क्योंकि बच्चे अपनी इच्छा से कहीं भी आते-जाते हैं। यह दृढ़ता से कहा गया है कि यह 'राम का फैसला है', और सवाल उठाया गया है कि अहंकारी और अज्ञानी लोग इसे 'इंसान की अदालत में' क्यों ले जाते हैं। पोस्ट उन लोगों को भी कड़ी फटकार लगाता है जो 'मोदी को महमूद गजनवी' बताते हैं। इसमें दावा किया गया है कि 'पिछले कई वर्षों में नालंदा से लेकर अयोध्या तक और अयोध्या से लेकर किष्किंधा तक राम के अस्तित्व के साथ खिलवाड़ करने वाले' अब 'अपने अस्तित्व को तरस रहे हैं', और कुछ तो 'भरी जवानी में ही निपट गए हैं'। 'कार सेवकों पर गोली चलाने वालों' से कहा गया है कि वे राम के अस्तित्व को नहीं समझ सकते, और चेतावनी दी गई है कि राम के अस्तित्व और नाम के साथ खिलवाड़ करना उनका दुर्भाग्य है, जिसके लिए राम शायद उन्हें कभी माफ न कर सकें। पोस्ट का समापन 'बोलो मेरे प्रभु राम, जय जय राम सियापति राम जय जय राम', 'जय श्री राधे हरे कृष्णा' और 'हर हर महादेव' के जयघोष के साथ होता है, और यह सवाल किया जाता है कि रामलला के अस्तित्व पर ही हमेशा क्यों प्रश्नचिह्न लगाया जाता है, क्योंकि 'ब्रह्मा, विष्णु, शंकर भी आ जाएं तो रामद्रोही को बचा नहीं पाएंगे'।1
- जालौन जनपद के कदौरा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत कुँआखेड़ा के मजरा दादूपुर में प्रधानमंत्री आवास योजना की लाभार्थी सूची में कथित अनियमितता को लेकर ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि पात्र लोगों के नाम सूची से हटाकर अन्य लोगों को लाभार्थी बनाया गया है। उन्होंने दादूपुर निवासी वंदना पत्नी राजकुमार का उदाहरण दिया, जिनका नाम पहले आवास योजना की सूची में शामिल था, लेकिन बाद में जारी सूची से हटा दिया गया, जबकि वंदना के पति दिव्यांग बताए गए हैं। मामले को लेकर राजकुमार, शिवराम, तिलक सिंह, विनोद कुमार, काशीप्रसाद, आशाराम, कुलदीप, संदीप कुमार, नीलू कुमार सहित अन्य ग्रामीण जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। ग्रामीणों का कहना है कि इस संबंध में पूर्व में बीडीओ कदौरा को भी शिकायत दी गई थी, लेकिन उस पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनकी मांग है कि इस मामले की जांच कर वास्तविक पात्रों को योजना का लाभ दिलाया जाए और यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। फिलहाल, इस मामले में संबंधित अधिकारियों का पक्ष अभी प्राप्त नहीं हो सका है, और मामले की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। यह समाचार ग्रामीणों द्वारा दिए गए ज्ञापन और लगाए गए आरोपों के आधार पर प्रकाशित किया गया है, तथा इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले की वास्तविक सत्यता प्रशासनिक जांच और संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आने के बाद ही सामने आएगी। यदि किसी पक्ष को समाचार पर आपत्ति है या अपना पक्ष रखना चाहता है, तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।1
- जालौन के कदौरा थाना क्षेत्र के हरचंदपुर रोड पर अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान जमकर बवाल हुआ। नायब तहसीलदार, लेखपाल और पुलिस की संयुक्त टीम के साथ नगर पंचायत की टीम अवैध अतिक्रमण हटवाने पहुंची थी, तभी अतिक्रमणकारियों ने उन पर पत्थरबाजी कर हमला कर दिया। इस बवाल में नगर पंचायत के तीन कर्मचारी पत्थरबाजी से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अतिक्रमणकारियों द्वारा की गई पत्थरबाजी से बुलडोजर के शीशे भी टूट गए। बवाल की सूचना मिलते ही एसडीएम और सीओ तत्काल मौके पर पहुंचे। अधिकारियों के पहुंचने पर मारपीट करने वाले एक व्यक्ति को हिरासत में ले लिया गया। इसके बाद, एसडीएम और सीओ ने अपनी मौजूदगी में अवैध अतिक्रमण हटवाया।4
- जालौन के जिला कारागार उरई में त्रैमासिक निरीक्षण के लिए जिला न्यायाधीश पहुंचे, जिनके साथ डीएम राजेश कुमार पांडेय, एसपी विनय कुमार सिंह और जेल अधीक्षक प्रशांत मौर्य भी मौजूद रहे। अधिकारियों की इस टीम ने जेल में बंद बंदियों के रहने और खाने-पीने की व्यवस्थाओं की गहनता से जांच की। निरीक्षण के दौरान बंदियों से उनके स्वास्थ्य और कारागार की सफाई व्यवस्था से जुड़ी परेशानियों के बारे में बातचीत की गई। इस जांच में कारागार की सभी व्यवस्थाएं सकुशल पाई गईं। बंदियों को मिलने वाली सुविधाओं पर भी जांच-पड़ताल की गई, और उनके स्वास्थ्य को लेकर डॉक्टरों की एक टीम ने भी बंदियों से अलग से बातचीत की। यह त्रैमासिक निरीक्षण जनपद न्यायाधीश, डीएम और एसपी द्वारा किया गया।4
- देश की राजनीति में एक नया बदलाव देखने को मिल रहा है, जहाँ राहुल गांधी देश की पहली पसंद बनते जा रहे हैं। महाराष्ट्र के कोल्हापुर में एक कार्यक्रम के दौरान, एक भाजपा नेता ने जनता से सीधा सवाल किया कि क्या वे देश को राहुल गांधी के हाथों में देना चाहेंगे या नरेंद्र मोदी के। इस सवाल के जवाब में, जनता ने स्पष्ट रूप से राहुल गांधी का नाम लिया। यह घटना इस बात का संकेत देती है कि राजनीति में एक नया ट्रेंड आ रहा है, जहाँ राहुल गांधी को देश की पहली पसंद के तौर पर देखा जा रहा है।1
- पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय के कुशल निर्देशन में कानपुर देहात जनपद में हाईवे पर होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को रोकने तथा जनहानि को न्यूनतम करने के उद्देश्य से एक विशेष सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत यातायात पुलिस ने बारा टोल प्लाजा पर विशेष एनाउंसमेंट के माध्यम से वहां से गुजरने वाले नागरिकों और वाहन चालकों को यातायात नियमों एवं विभिन्न सावधानियों के प्रति जागरूक किया। पुलिस विभाग द्वारा यातायात को सुरक्षित बनाने और चालकों को थकान व नींद के कारण होने वाले हादसों से बचाने के लिए लगातार इस प्रकार के प्रयास किए जा रहे हैं। टोल प्लाजा पर किए गए एनाउंसमेंट में वाहन चालकों से अपील करते हुए कई जीवन रक्षक नियमों की जानकारी दी गई। इनमें निर्धारित गति सीमा का पालन करने, रात में थकावट या नींद महसूस होने पर टोल प्लाजा की सुरक्षित पार्किंग में गाड़ी खड़ी कर आराम करने (यह कहते हुए कि "जिंदगी अनमोल है, सुरक्षित घर पहुंचें"), नशे की हालत में वाहन न चलाने, और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग न करने की सख्त हिदायत शामिल थी। कानपुर देहात पुलिस द्वारा जनपद में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने तथा नागरिकों को सुरक्षित एवं जिम्मेदार यातायात व्यवहार के प्रति प्रेरित करने हेतु इस प्रकार के जागरूकता अभियान निरंतर संचालित किए जा रहे हैं।1
- जालौन जिले के कालपी कोतवाली क्षेत्र के कालपी नगर में एक देशी शराब ठेके के पास दो युवकों के बीच जोरदार मारपीट हुई। यह विवाद ठेला खड़ा करने को लेकर शुरू हुआ था, जो देखते ही देखते हिंसक हाथापाई में बदल गया। सड़क पर दोनों पक्षों के बीच हुई इस मारपीट से इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस पूरी घटना को पास में लगे एक सीसीटीवी कैमरे में कैद कर लिया गया है, और सूचना मिलने पर पुलिस भी तत्काल मौके पर पहुँच गई।1