गैस के लिए दर-दर भटक रहे उपभोक्ता, अव्यवस्था का अड्डा बनी पाटिल इंडेन गैस एजेंसी प्रशासनिक दावों की खुली पोल जनता हुई त्रस्त - लाइसेंस निरस्तीकरण की उठी मांग परासिया की पाटिल इंडेन गैस एजेंसी इन दिनों अव्यवस्था, लापरवाही और प्रशासनिक विफलता का जीता-जागता उदाहरण बन चुकी है। सैकड़ों शिकायतों के बावजूद एजेंसी की कार्यप्रणाली में कोई सुधार नजर नहीं आ रहा, जिससे आम उपभोक्ताओं में भारी रोष व्याप्त है। गैस सिलेंडर वितरण को लेकर स्थिति इतनी बदतर हो चुकी है कि उपभोक्ता पागलों की तरह एक स्थान से दूसरे स्थान भटकने को मजबूर हैं। कभी सिलेंडर थाने से बांटे जा रहे हैं, तो कभी प्रशासन यह दावा करता है कि सभी उपभोक्ताओं के घर सिलेंडर पहुंचाए जाएंगे। लेकिन हकीकत में उपभोक्ता न तो घर पर सिलेंडर पा रहे हैं और न ही यह स्पष्ट हो पा रहा है कि आखिर कहां से मिलेगा सिलेंडर 7 अप्रैल को अचानक नया आदेश जारी हुआ कि सभी उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर बाजार चौक, परासिया से दिए जाएंगे। आदेश की सूचना मिलते ही सैकड़ों लोग बाजार चौक पर लंबी कतारों में खड़े हो गए। महिलाओं, बुजुर्गों और मजदूर वर्ग के लोगों को घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ा, लेकिन वहां मौजूद वितरण व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई नजर आई। सिलेंडर बांटने वालों को खुद यह समझ नहीं आ रहा था कि पहले किसे सिलेंडर दिया जाए और किसे नहीं। हैरानी की बात यह रही कि कई उपभोक्ताओं को पहले फोन कर बताया गया था कि सिलेंडर उनके घर पहुंचा दिया जाएगा। लोग पूरे दिन घर पर इंतजार करते रहे, लेकिन सिलेंडर वाहन आते ही अचानक नई नीति बना दी गई और कहा गया कि सभी लोग बाजार चौक पहुंचें। इस असमंजस ने लोगों की परेशानी को और बढ़ा दिया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ लोगों को एक ही दिन में सिलेंडर मिल गया, जबकि कई जरूरतमंद परिवार खाली हाथ वापस लौटने को मजबूर हुए। इससे वितरण प्रक्रिया की निष्पक्षता पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उपभोक्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि यदि पाटिल इंडेन गैस एजेंसी संचालक नियमानुसार और पारदर्शी तरीके से गैस वितरण करने में सक्षम नहीं हैं, तो उनका लाइसेंस तत्काल निरस्त किया जाए। साथ ही सभी उपभोक्ताओं को नियमानुसार घर-घर गैस सिलेंडर पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि जनता को इस तरह अपमानजनक और कष्टदायक स्थिति का सामना न करना पड़े। जनता अब पूछ रही है — क्या प्रशासन केवल आदेश बदलने तक सीमित रहेगा, या इस अव्यवस्था पर ठोस कार्रवाई भी होगी?
गैस के लिए दर-दर भटक रहे उपभोक्ता, अव्यवस्था का अड्डा बनी पाटिल इंडेन गैस एजेंसी प्रशासनिक दावों की खुली पोल जनता हुई त्रस्त - लाइसेंस निरस्तीकरण की उठी मांग परासिया की पाटिल इंडेन गैस एजेंसी इन दिनों अव्यवस्था, लापरवाही और प्रशासनिक विफलता का जीता-जागता उदाहरण बन चुकी है। सैकड़ों शिकायतों के बावजूद एजेंसी की कार्यप्रणाली में कोई सुधार नजर नहीं आ रहा, जिससे आम उपभोक्ताओं में भारी रोष व्याप्त है। गैस सिलेंडर वितरण को लेकर स्थिति इतनी बदतर हो चुकी है कि उपभोक्ता पागलों की तरह एक स्थान से दूसरे स्थान भटकने को मजबूर हैं। कभी सिलेंडर थाने से बांटे जा रहे हैं, तो कभी प्रशासन यह दावा करता है कि सभी उपभोक्ताओं के घर सिलेंडर पहुंचाए जाएंगे। लेकिन हकीकत में उपभोक्ता न तो घर पर सिलेंडर पा रहे हैं और न ही यह स्पष्ट हो पा
रहा है कि आखिर कहां से मिलेगा सिलेंडर 7 अप्रैल को अचानक नया आदेश जारी हुआ कि सभी उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर बाजार चौक, परासिया से दिए जाएंगे। आदेश की सूचना मिलते ही सैकड़ों लोग बाजार चौक पर लंबी कतारों में खड़े हो गए। महिलाओं, बुजुर्गों और मजदूर वर्ग के लोगों को घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ा, लेकिन वहां मौजूद वितरण व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई नजर आई। सिलेंडर बांटने वालों को खुद यह समझ नहीं आ रहा था कि पहले किसे सिलेंडर दिया जाए और किसे नहीं। हैरानी की बात यह रही कि कई उपभोक्ताओं को पहले फोन कर बताया गया था कि सिलेंडर उनके घर पहुंचा दिया जाएगा। लोग पूरे दिन घर पर इंतजार करते रहे, लेकिन सिलेंडर वाहन आते ही अचानक नई नीति बना दी गई और कहा गया कि सभी
लोग बाजार चौक पहुंचें। इस असमंजस ने लोगों की परेशानी को और बढ़ा दिया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ लोगों को एक ही दिन में सिलेंडर मिल गया, जबकि कई जरूरतमंद परिवार खाली हाथ वापस लौटने को मजबूर हुए। इससे वितरण प्रक्रिया की निष्पक्षता पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उपभोक्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि यदि पाटिल इंडेन गैस एजेंसी संचालक नियमानुसार और पारदर्शी तरीके से गैस वितरण करने में सक्षम नहीं हैं, तो उनका लाइसेंस तत्काल निरस्त किया जाए। साथ ही सभी उपभोक्ताओं को नियमानुसार घर-घर गैस सिलेंडर पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि जनता को इस तरह अपमानजनक और कष्टदायक स्थिति का सामना न करना पड़े। जनता अब पूछ रही है — क्या प्रशासन केवल आदेश बदलने तक सीमित रहेगा, या इस अव्यवस्था पर ठोस कार्रवाई भी होगी?
- परासिया की पाटिल इंडेन गैस एजेंसी इन दिनों अव्यवस्था, लापरवाही और प्रशासनिक विफलता का जीता-जागता उदाहरण बन चुकी है। सैकड़ों शिकायतों के बावजूद एजेंसी की कार्यप्रणाली में कोई सुधार नजर नहीं आ रहा, जिससे आम उपभोक्ताओं में भारी रोष व्याप्त है। गैस सिलेंडर वितरण को लेकर स्थिति इतनी बदतर हो चुकी है कि उपभोक्ता पागलों की तरह एक स्थान से दूसरे स्थान भटकने को मजबूर हैं। कभी सिलेंडर थाने से बांटे जा रहे हैं, तो कभी प्रशासन यह दावा करता है कि सभी उपभोक्ताओं के घर सिलेंडर पहुंचाए जाएंगे। लेकिन हकीकत में उपभोक्ता न तो घर पर सिलेंडर पा रहे हैं और न ही यह स्पष्ट हो पा रहा है कि आखिर कहां से मिलेगा सिलेंडर 7 अप्रैल को अचानक नया आदेश जारी हुआ कि सभी उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर बाजार चौक, परासिया से दिए जाएंगे। आदेश की सूचना मिलते ही सैकड़ों लोग बाजार चौक पर लंबी कतारों में खड़े हो गए। महिलाओं, बुजुर्गों और मजदूर वर्ग के लोगों को घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ा, लेकिन वहां मौजूद वितरण व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई नजर आई। सिलेंडर बांटने वालों को खुद यह समझ नहीं आ रहा था कि पहले किसे सिलेंडर दिया जाए और किसे नहीं। हैरानी की बात यह रही कि कई उपभोक्ताओं को पहले फोन कर बताया गया था कि सिलेंडर उनके घर पहुंचा दिया जाएगा। लोग पूरे दिन घर पर इंतजार करते रहे, लेकिन सिलेंडर वाहन आते ही अचानक नई नीति बना दी गई और कहा गया कि सभी लोग बाजार चौक पहुंचें। इस असमंजस ने लोगों की परेशानी को और बढ़ा दिया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ लोगों को एक ही दिन में सिलेंडर मिल गया, जबकि कई जरूरतमंद परिवार खाली हाथ वापस लौटने को मजबूर हुए। इससे वितरण प्रक्रिया की निष्पक्षता पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उपभोक्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि यदि पाटिल इंडेन गैस एजेंसी संचालक नियमानुसार और पारदर्शी तरीके से गैस वितरण करने में सक्षम नहीं हैं, तो उनका लाइसेंस तत्काल निरस्त किया जाए। साथ ही सभी उपभोक्ताओं को नियमानुसार घर-घर गैस सिलेंडर पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि जनता को इस तरह अपमानजनक और कष्टदायक स्थिति का सामना न करना पड़े। जनता अब पूछ रही है — क्या प्रशासन केवल आदेश बदलने तक सीमित रहेगा, या इस अव्यवस्था पर ठोस कार्रवाई भी होगी?3
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- ट्रंप का अल्टीमेटम और हमले राष्ट्रपति ट्रंप ने मंगलवार शाम 8 बजे तक (भारतीय समयानुसार बुधवार सुबह 5:30 बजे) स्ट्रेट ऑफ होर्मुज1
- *"आरएसएस का आज तक पंजीकरण नहीं, तिरंगा भी देर से फहराया": कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे के बयान का समर्थन* भोपाल: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भारतीय जनता पार्टी को लेकर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया सामने आई है। बयान में कहा गया है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जैसे एक पुराने संगठन का आज तक औपचारिक पंजीकरण नहीं है और देश की आज़ादी के बाद लंबे समय तक संघ ने अपने प्रमुख कार्यालय पर तिरंगा नहीं फहराया था। इन्हीं मुद्दों को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भारतीय जनता पार्टी और आरएसएस पर टिप्पणी की थी। बयान देने वाले नेता ने कहा, "मैं कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा दी गई संज्ञा का पूर्ण समर्थन करता हूँ।" गौरतलब है कि खड़गे का यह बयान हाल ही में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान सामने आया था, जिसके बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है।1
- छिंदवाड़ा छिंदवाड़ा जिले के अंतर्गत परासिया विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी के 47 वा स्थापना दिवस चंदामेटा में मनाया गया ।जिसमें सभी वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे रामचरण यदुवंशी जी प्रदीप सोनी जी उमाशंकर धीमान जी श्रमण लाहोरी जी अंशुल वर्मा प्रकाश बुनकर उपस्थित रहे।1
- Post by AMLA NEWS1
- बैतूल। ग्राम पंचायत सेहरा के एक सैकड़ा से अधिक ग्रामीणों नें मंगलवार पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर शीतलझिरी बांध परियोजना में कुटरचित दस्तावेज तैयार कर ग्रामीणों के साथ धोखाधड़ी करने वालो पर कार्यवाही की मांग की है । शिकायत लेकर पहुंचे ग्रामीणों का कहना था कि शीतलझिरी बांध परियोजना में प्रशासन नें उन्हें भू अर्जन समिति में सदस्य चुना था, समिति में कुल सात सदस्य थे परियोजना में किसानों का विस्थापन पलायन एवं सामाजिक नुकसान होने के चलते विशेषज्ञ समिति द्वारा लिए गए निर्णय पत्र पर उन्होंने हस्ताक्षर करने से मना कर दिया था। जिसके बाद पंचायत के नोटिस बोर्ड पर चस्पा निर्णय पत्र पर सरपंच प्रतिनिधि और उपसरपंच दोनों पंचायत प्रतिनिधियों के कुटरचित हस्ताक्षर पाए गए, जो उनके द्वारा नहीं किए गए थे। शीतलझिरी बांध परियोजना विशेषज्ञ समिति के अन्य सदस्यों द्वारा कुटरचित दस्तावेज तैयार किए गए जिन पर उचित कार्यवाही करने की मांग की गई है।1
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