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6 और 7 रोज से लगा लाइन में किसान फिर भी की अभी कोई उम्मीद नहीं डोलरिया तहसील के ग्राम बेहराखेड़ी में सफल बयर हाउस पर लंबी लाइन लगी हुई है किसान बहुत परेशान है तीन से चार कांटे चल रहे हैं कोई अधिकारी आता है तो पांच और छे कांटे शुरू हो जाते हैं क्योंकि वहां तक अधिकारियों की गाड़ी भी नहीं पहुंचती है अगर पैदल जाता है तो पहले ही सूचना पहुंच जाती है और अंदर सारी तैयारियां हो जाती हैं रास्ते की हालत भी इतनी खराब है कि वहां से खाली ट्राली भी बाजू से निकलना मुश्किल है लोकल की किसानों को भी खेत में जाने की जगह नहीं है जिससे किसानों में बहुत आक्रोश है रोज समझा इस के बाद भी यही स्थिति बनती है कहीं कोई विवाद का कारण ना बने इसलिए प्रशासन इस पर ध्यान दें
Surendra rajput
6 और 7 रोज से लगा लाइन में किसान फिर भी की अभी कोई उम्मीद नहीं डोलरिया तहसील के ग्राम बेहराखेड़ी में सफल बयर हाउस पर लंबी लाइन लगी हुई है किसान बहुत परेशान है तीन से चार कांटे चल रहे हैं कोई अधिकारी आता है तो पांच और छे कांटे शुरू हो जाते हैं क्योंकि वहां तक अधिकारियों की गाड़ी भी नहीं पहुंचती है अगर पैदल जाता है तो पहले ही सूचना पहुंच जाती है और अंदर सारी तैयारियां हो जाती हैं रास्ते की हालत भी इतनी खराब है कि वहां से खाली ट्राली भी बाजू से निकलना मुश्किल है लोकल की किसानों को भी खेत में जाने की जगह नहीं है जिससे किसानों में बहुत आक्रोश है रोज समझा इस के बाद भी यही स्थिति बनती है कहीं कोई विवाद का कारण ना बने इसलिए प्रशासन इस पर ध्यान दें
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- सिवनी मालवा: चतरखेड़ा वेयरहाउस के पास रोज़ लग रहा घंटों का जाम, राहगीर परेशान, प्रशासन मौन सिवनी मालवा: चतरखेड़ा वेयरहाउस के पास रोज़ लग रहा घंटों का जाम, राहगीर परेशान, प्रशासन मौन1
- जनता की आवाज़, बेबाक अंदाज़! 💥 जब प्रशासन आँखें मूँद ले और जनप्रतिनिधि वादों के पीछे छुप जाएँ, तब सड़कों पर उतरती है एक निस्वार्थ आवाज़। इटारसी के वार्डों की बदहाली, पानी का लीकेज हो या टूटी सड़कें—बिना किसी पद या स्वार्थ के कपिल चौकसे सीधे ज़मीन पर उतरकर जनता के हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। अपने अनोखे व्यंग्यमयी अंदाज़ से सोए हुए सिस्टम को आईना दिखाते इस प्रयास पर आपकी क्या राय है? कमेंट्स में ज़रूर बताएं! #Itarsi #KapilChouksey #PublicIssues #ItarsiNews #JanSamasya जनता की आवाज़, बेबाक अंदाज़! 💥 जब प्रशासन आँखें मूँद ले और जनप्रतिनिधि वादों के पीछे छुप जाएँ, तब सड़कों पर उतरती है एक निस्वार्थ आवाज़। इटारसी के वार्डों की बदहाली, पानी का लीकेज हो या टूटी सड़कें—बिना किसी पद या स्वार्थ के कपिल चौकसे सीधे ज़मीन पर उतरकर जनता के हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। अपने अनोखे व्यंग्यमयी अंदाज़ से सोए हुए सिस्टम को आईना दिखाते इस प्रयास पर आपकी क्या राय है? कमेंट्स में ज़रूर बताएं! #Itarsi #KapilChouksey #PublicIssues #ItarsiNews #JanSamasya1
- मेरे सहपाठी हैं बलराम सैनी हमारी दोस्ती 60,,65 वर्ष पुरानी है- पं भवानी शंकर शर्मा मेरे सहपाठी हैं बलराम सैनी हमारी दोस्ती 60,,65 वर्ष पुरानी है- पं भवानी शंकर शर्मा नर्मदापुरम। नर्मदा रिवर व्यू में आयोजित पत्रकार वार्ता में कार्यक्रम के मुख्यअतिथि पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष वरिष्ठ समाजसेवी पं भवानी शंकर शर्मा ने कहा कि बलराम सैनी हमारे सहपाठी रहे हैं। उनकी लगन को हमने देखा है उन्होंने एक छोटे से स्थान से निकलकर भारतीय संगीत और संस्कृति के क्षेत्र में उत्कृष्ठ कार्य किए हैं। देश में सरस्वती म्यूजिक कॉलेज के माध्यम से और विदेश में अपने नर्मदांचल का नाम रौशन किया है। इस मौके पर श्रीमती सैनी व पूर्व पार्षद तेज कुमार गौर भी मौजूद रहे। उज्बेकिस्तान की कलाकार शबनम के नृत्य ने समां बांधा नर्मदा रिवर व्यू रिसोर्ट में उज्बेकिस्तान से भारत की कला और संस्कृति से प्रभावित होकर उसे समझने लिए भारत के नर्मदापुरम आई उज्बेकिस्तान युवती शबनम बेगम ने पहले उज्बेकिस्तान की संस्कृति वाला नृत्य तथा उसके बाद भारतीय कथ्थक नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति देकर समां बांधा। पत्रकारों से चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि नर्मदा का तट बहुत सुंदर है। भोपाल भी बहुत अच्छा है। उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक विरासत कला को सीखने के लिए यहां आई हुई हैं। साथ ही यहां की सांस्कृतिक विरासत और कला को उज्बेकिस्तान में प्रचार प्रसार करेंगी। नर्मदा रिवर व्यू रिसोर्ट के संचालक बलराम सैनी द्वारा जानकारी देते हुए बताया कि सरस्वती म्यूजिक कालेज द्वारा करीब 102 वर्ष पूर्ण कर लिए गए हैं। नर्मदा रिवर व्यू के संचालक बलराम सैनी ने अपने और पूर्व जिपं अध्यक्ष पं शर्मा की 67 वर्ष पुरानी दोस्ती के अनेक किस्से सुनाए। उन्होंने बताया कि आगामी दिनों में यहां विशाल सांस्कृतिक संगीत कार्यक्रम का आयोजन किया जाना है। जिसमें बालीबुड के अनेक कलाकार आने वाले हैंं। जिसकी तैयारी की जा रही है2
- राहुल गांधी प्रतिदिन Gen-Z युवाओ से मिल रहे हैं प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं राहुल गांधी देश के युवाओं से मिल रहे हैं और उनकी समस्या बता रहे हैं मीडिया से बातचीत कर कर प्रेस कॉन्फ्रेंस भी कर रहे हैं साथ ही युवा के साथ हुआ घटनाक्रम भी बता रहे हैं1
- पुलिस कार्यवाही से परेशान स्कूली वाहन चालकों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन पुलिस कार्यवाही से परेशान स्कूली वाहन चालकों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन हरदा/टिमरनी-पुलिसिया कार्रवाई और चालान से आर्थिक तंगी का वाहन चालकों ने लगाया आरोप। नगर व आसपास क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को ऑटो, मैजिक और अन्य पर्सनल वाहनों से स्कूल लाने-ले 9लालLजाने का काम करने वाले वाहन चालकों ने अनुविभागीय अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा । चालकों का कहना है कि यही कार्य उनके परिवार की आजीविका का एकमात्र साधन है। चालकों का आरोप है कि पुलिस प्रशासन द्वारा आए दिन बिना उनका पक्ष सुने जबरन चालानी कार्रवाई की जा रही है। उनके वाहनों पर 20,000 से 40,000 रुपये तक के भारी-भरकम चालान बनाए गए हैं और कई गाड़ियां जब्त कर ली गई हैं, जिससे वे मानसिक और आर्थिक रूप से बेहद परेशान हैं। चालकों के मुताबिक, स्कूल संचालकों को यह जानकारी है कि बच्चे ऑटो और मैजिक से आते हैं, लेकिन वे इसके लिए कोई लिखित अनुमति या अधिकृत पत्र नहीं देते हैं। लिखित अनुमति न होने के कारण उनके स्पेशल परमिट भी नहीं बन पा रहे हैं। ज्ञापन में लिखा गया कि जिले में लगभग 200 से 300 स्कूली वाहन चालक हैं, जिन पर लगातार हो रही कार्रवाई के कारण उनके रोजगार पर बड़ा संकट आ खड़ा हुआ है। पुलिस के डर से उन्हें गलियों से गाड़ियां निकालनी पड़ रही हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। वाहनों के जब्त होने और चालान कटने के कारण वे समय पर बच्चों को स्कूल नहीं छोड़ पा रहे हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई और पालकों पर भी बुरा असर पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि चालकों की समस्या का जल्द से जल्द उचित निराकरण करते हुए स्कूल प्रबंधकों को निर्देशित किया जाए कि वे स्कूली बच्चों की सवारी वाले वाहन चालकों के साथ बैठक कर उन्हें लिखित अनुमति प्रदान करें, ताकि वे अपने वाहनों के वैध परमिट बनवा सकें।4
- खातेगांव में बच्चों की शिक्षा बनी जोखिम भरी सफर। खींवनी खुर्द से पटरानी गांव तक पहुंचने के लिए छात्र-छात्राएं रोज़ जामनेर नदी पार करने को मजबूर हैं। बारिश के मौसम में खतरा और बढ़ जाता है। करोड़ों की स्वीकृति के बावजूद पुल निर्माण शुरू नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी है। नदी पार कर स्कूल जाने को मजबूर मासूम खातेगांव | जामनेर नदी का मामला 3 करोड़ मंजूर, फिर भी पुल अधूरा!1