पुलिस कार्यवाही से परेशान स्कूली वाहन चालकों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन पुलिस कार्यवाही से परेशान स्कूली वाहन चालकों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन हरदा/टिमरनी-पुलिसिया कार्रवाई और चालान से आर्थिक तंगी का वाहन चालकों ने लगाया आरोप। नगर व आसपास क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को ऑटो, मैजिक और अन्य पर्सनल वाहनों से स्कूल लाने-ले 9लालLजाने का काम करने वाले वाहन चालकों ने अनुविभागीय अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा । चालकों का कहना है कि यही कार्य उनके परिवार की आजीविका का एकमात्र साधन है। चालकों का आरोप है कि पुलिस प्रशासन द्वारा आए दिन बिना उनका पक्ष सुने जबरन चालानी कार्रवाई की जा रही है। उनके वाहनों पर 20,000 से 40,000 रुपये तक के भारी-भरकम चालान बनाए गए हैं और कई गाड़ियां जब्त कर ली गई हैं, जिससे वे मानसिक और आर्थिक रूप से बेहद परेशान हैं। चालकों के मुताबिक, स्कूल संचालकों को यह जानकारी है कि बच्चे ऑटो और मैजिक से आते हैं, लेकिन वे इसके लिए कोई लिखित अनुमति या अधिकृत पत्र नहीं देते हैं। लिखित अनुमति न होने के कारण उनके स्पेशल परमिट भी नहीं बन पा रहे हैं। ज्ञापन में लिखा गया कि जिले में लगभग 200 से 300 स्कूली वाहन चालक हैं, जिन पर लगातार हो रही कार्रवाई के कारण उनके रोजगार पर बड़ा संकट आ खड़ा हुआ है। पुलिस के डर से उन्हें गलियों से गाड़ियां निकालनी पड़ रही हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। वाहनों के जब्त होने और चालान कटने के कारण वे समय पर बच्चों को स्कूल नहीं छोड़ पा रहे हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई और पालकों पर भी बुरा असर पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि चालकों की समस्या का जल्द से जल्द उचित निराकरण करते हुए स्कूल प्रबंधकों को निर्देशित किया जाए कि वे स्कूली बच्चों की सवारी वाले वाहन चालकों के साथ बैठक कर उन्हें लिखित अनुमति प्रदान करें, ताकि वे अपने वाहनों के वैध परमिट बनवा सकें।
पुलिस कार्यवाही से परेशान स्कूली वाहन चालकों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन पुलिस कार्यवाही से परेशान स्कूली वाहन चालकों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन हरदा/टिमरनी-पुलिसिया कार्रवाई और चालान से आर्थिक तंगी का वाहन चालकों ने लगाया आरोप। नगर व आसपास क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को ऑटो, मैजिक और अन्य पर्सनल वाहनों से स्कूल लाने-ले 9लालLजाने का काम करने वाले वाहन चालकों ने अनुविभागीय अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा । चालकों का कहना है कि यही कार्य उनके परिवार की आजीविका का
एकमात्र साधन है। चालकों का आरोप है कि पुलिस प्रशासन द्वारा आए दिन बिना उनका पक्ष सुने जबरन चालानी कार्रवाई की जा रही है। उनके वाहनों पर 20,000 से 40,000 रुपये तक के भारी-भरकम चालान बनाए गए हैं और कई गाड़ियां जब्त कर ली गई हैं, जिससे वे मानसिक और आर्थिक रूप से बेहद परेशान हैं। चालकों के मुताबिक, स्कूल संचालकों को यह जानकारी है कि बच्चे ऑटो और मैजिक से आते हैं, लेकिन वे इसके लिए
कोई लिखित अनुमति या अधिकृत पत्र नहीं देते हैं। लिखित अनुमति न होने के कारण उनके स्पेशल परमिट भी नहीं बन पा रहे हैं। ज्ञापन में लिखा गया कि जिले में लगभग 200 से 300 स्कूली वाहन चालक हैं, जिन पर लगातार हो रही कार्रवाई के कारण उनके रोजगार पर बड़ा संकट आ खड़ा हुआ है। पुलिस के डर से उन्हें गलियों से गाड़ियां निकालनी पड़ रही हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। वाहनों के जब्त
होने और चालान कटने के कारण वे समय पर बच्चों को स्कूल नहीं छोड़ पा रहे हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई और पालकों पर भी बुरा असर पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि चालकों की समस्या का जल्द से जल्द उचित निराकरण करते हुए स्कूल प्रबंधकों को निर्देशित किया जाए कि वे स्कूली बच्चों की सवारी वाले वाहन चालकों के साथ बैठक कर उन्हें लिखित अनुमति प्रदान करें, ताकि वे अपने वाहनों के वैध परमिट बनवा सकें।
- *गो तस्करी के संदेह में बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने गोवंश भरा वाहन पकड़ा, पुलिस को सौंपा मामला* *गो तस्करी के संदेह में बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने गोवंश भरा वाहन पकड़ा, पुलिस को सौंपा मामला* हरदा/टिमरनी- क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया जब बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने गो तस्करी के संदेह में एक वाहन को रोक लिया। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि वाहन में आधा दर्जन गोवंश को अवैध रूप से ले जाया जा रहा था। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और वाहन तथा उसमें मौजूद लोगों को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।प्राप्त जानकारी अनुसार ये तस्कर करताना पुलिस चौकी के ग्राम नांदरा से मवेशी भरकर बेतुल जिले के चौहट ग्राम ले जा रहे थे,बताया जा रहा है कि ये लोग तीन बार पकड़ा चुके है,मवेशी आगे बेच देते है,इनके पास पंचायत का फर्जी लेटर भी पाया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना के दौरान कुछ समय के लिए मौके पर भीड़ एकत्र हो गई। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए सभी संबंधित पक्षों से पूछताछ की। अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जांच के बाद ही आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने गो तस्करी पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और कानून अपने हाथ में न लेने की अपील की है। मामले की जांच जारी है।4
- 6 और 7 रोज से लगा लाइन में किसान फिर भी की अभी कोई उम्मीद नहीं डोलरिया तहसील के ग्राम बेहराखेड़ी में सफल बयर हाउस पर लंबी लाइन लगी हुई है किसान बहुत परेशान है तीन से चार कांटे चल रहे हैं कोई अधिकारी आता है तो पांच और छे कांटे शुरू हो जाते हैं क्योंकि वहां तक अधिकारियों की गाड़ी भी नहीं पहुंचती है अगर पैदल जाता है तो पहले ही सूचना पहुंच जाती है और अंदर सारी तैयारियां हो जाती हैं रास्ते की हालत भी इतनी खराब है कि वहां से खाली ट्राली भी बाजू से निकलना मुश्किल है लोकल की किसानों को भी खेत में जाने की जगह नहीं है जिससे किसानों में बहुत आक्रोश है रोज समझा इस के बाद भी यही स्थिति बनती है कहीं कोई विवाद का कारण ना बने इसलिए प्रशासन इस पर ध्यान दें4
- सिवनी मालवा: चतरखेड़ा वेयरहाउस के पास रोज़ लग रहा घंटों का जाम, राहगीर परेशान, प्रशासन मौन सिवनी मालवा: चतरखेड़ा वेयरहाउस के पास रोज़ लग रहा घंटों का जाम, राहगीर परेशान, प्रशासन मौन1
- "बोल बम" के जयघोष के साथ बेड़ियाखाल से ओंकारेश्वर की पावन कावड़ यात्रा। बेड़ियाखाल से ओंकारेश्वर के लिए कावड़ यात्रा श्रद्धा और उत्साह के साथ रवाना। सैकड़ों शिवभक्तों ने "हर हर महादेव" और "बोल बम" के जयघोष के साथ यात्रा का शुभारंभ किया। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में गहरा उत्साह और भक्ति का माहौल देखने को मिला। श्रद्धालु भगवान ओंकारेश्वर महादेव के दर्शन एवं जलाभिषेक कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना करेंगे।1
- राहुल गांधी प्रतिदिन Gen-Z युवाओ से मिल रहे हैं प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं राहुल गांधी देश के युवाओं से मिल रहे हैं और उनकी समस्या बता रहे हैं मीडिया से बातचीत कर कर प्रेस कॉन्फ्रेंस भी कर रहे हैं साथ ही युवा के साथ हुआ घटनाक्रम भी बता रहे हैं1
- कन्नौद क्षेत्र मे मूंग की फसल बेचने के लिए किसान परेशान हो रहे है चार चार दिनो तक मूंग की ट्रालिया खरीदकर तोली नही जा रही है यहां डेहरिया,बाईजगवाडा तथा कांटाफोड मे स्थित वेअर हाऊस पर ट्रेक्टरो की कतारे लगी हुई है कन्नौद क्षेत्र मे मूंग की फसल बेचने मे किसान परेशान कन्नौद क्षेत्र मे मूंग की फसल बेचने के लिए किसान परेशान हो रहे है चार चार दिनो तक मूंग की ट्रालिया खरीदकर तोली नही जा रही है यहां डेहरिया,बाईजगवाडा तथा कांटाफोड मे स्थित वेअर हाऊस पर ट्रेक्टरो की कतारे लगी हुई है और किसान अपने ट्रेक्टर की रखवाली बरसते पानी मे कर रहे है प्रत्येक ट्रेक्टर मे बरसाती लगाई है और तेज पानी आने के कारण उन्हे इंतजार करना भारी पड रहा है ' इसके अलावा . कन्नौद खातेगांव क्षेत्र मे कई जगह वेअर हाऊस पर बहुत धीमी गति से मूंग की ट्राली तोली जाने के कारण किसान परेशान है जबकि सरकार को चाहिए कि ट्राली तोलने का कार्य इस प्रकार करे कि किसानो को इंतजार नही करना पडे शनिवार तथा रविवार और अन्य अवकाश के दिन ट्राली नही तोली जाती है . तो सोमवार का वेअर हाऊस मे लगी कतारे एक दो किमी दूर तक पहुंच जाती है इस प्रकार किसानो की परेशानी को देखते हुए मूंग की ट्राली जो पहले से विलंब से तोली जा रही है वह अब बरसात मे भी अवकाश के दिनो मे भी तोली जानी चाहिए इसके लिए प्रशासन को कार्य योजना तेयार करना चाहिये ताकि ट्रालियां जल्दी तोली जा सके और बरसात मे किसान परेशान नही हो . इस सम्बंध मे तहसीलदार अवधेश कुमार सिंह ने मोबाइल पर बताया कुछ कर्मचारियो की संख्या बढाकर मूंग जल्दी तोले जाये ऐसे प्रबंध करने के निर्देश दिये जायेगे .3
- पुलिस कार्यवाही से परेशान स्कूली वाहन चालकों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन पुलिस कार्यवाही से परेशान स्कूली वाहन चालकों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन हरदा/टिमरनी-पुलिसिया कार्रवाई और चालान से आर्थिक तंगी का वाहन चालकों ने लगाया आरोप। नगर व आसपास क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को ऑटो, मैजिक और अन्य पर्सनल वाहनों से स्कूल लाने-ले 9लालLजाने का काम करने वाले वाहन चालकों ने अनुविभागीय अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा । चालकों का कहना है कि यही कार्य उनके परिवार की आजीविका का एकमात्र साधन है। चालकों का आरोप है कि पुलिस प्रशासन द्वारा आए दिन बिना उनका पक्ष सुने जबरन चालानी कार्रवाई की जा रही है। उनके वाहनों पर 20,000 से 40,000 रुपये तक के भारी-भरकम चालान बनाए गए हैं और कई गाड़ियां जब्त कर ली गई हैं, जिससे वे मानसिक और आर्थिक रूप से बेहद परेशान हैं। चालकों के मुताबिक, स्कूल संचालकों को यह जानकारी है कि बच्चे ऑटो और मैजिक से आते हैं, लेकिन वे इसके लिए कोई लिखित अनुमति या अधिकृत पत्र नहीं देते हैं। लिखित अनुमति न होने के कारण उनके स्पेशल परमिट भी नहीं बन पा रहे हैं। ज्ञापन में लिखा गया कि जिले में लगभग 200 से 300 स्कूली वाहन चालक हैं, जिन पर लगातार हो रही कार्रवाई के कारण उनके रोजगार पर बड़ा संकट आ खड़ा हुआ है। पुलिस के डर से उन्हें गलियों से गाड़ियां निकालनी पड़ रही हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। वाहनों के जब्त होने और चालान कटने के कारण वे समय पर बच्चों को स्कूल नहीं छोड़ पा रहे हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई और पालकों पर भी बुरा असर पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि चालकों की समस्या का जल्द से जल्द उचित निराकरण करते हुए स्कूल प्रबंधकों को निर्देशित किया जाए कि वे स्कूली बच्चों की सवारी वाले वाहन चालकों के साथ बैठक कर उन्हें लिखित अनुमति प्रदान करें, ताकि वे अपने वाहनों के वैध परमिट बनवा सकें।4
- खातेगांव में बच्चों की शिक्षा बनी जोखिम भरी सफर। खींवनी खुर्द से पटरानी गांव तक पहुंचने के लिए छात्र-छात्राएं रोज़ जामनेर नदी पार करने को मजबूर हैं। बारिश के मौसम में खतरा और बढ़ जाता है। करोड़ों की स्वीकृति के बावजूद पुल निर्माण शुरू नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी है। नदी पार कर स्कूल जाने को मजबूर मासूम खातेगांव | जामनेर नदी का मामला 3 करोड़ मंजूर, फिर भी पुल अधूरा!1