हीरालाल गढ़वाल 💠 एसीएस खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग श्रीमती रश्मि अरुण शमी ने की आगामी गेहूं उपार्जन की तैयारियों की समीक्षा 💠 प्रदेश के कलेक्टर्स को दिए आवश्यक दिशा निर्देश ➡️ मध्य प्रदेश में आगामी गेहूं उपार्जन की तैयारियों को लेकर अपर मुख्य सचिव श्रीमती रश्मि अरुण शमी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी कलेक्टरों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने प्रदेश के कलेक्टर्स को निर्देशित करते हुए कहा कि आगामी उपार्जन को ध्यान में रखते हुए अधिक से अधिक गोदाम स्तरीय उपार्जन केंद्र चिन्हित किए जाएं, जिससे उपार्जित स्कंध का सुरक्षित भंडारण सुनिश्चित किया जा सके। अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि पंजीकृत किसानों का सत्यापन पूर्ण गंभीरता से किया जाए ।उपार्जन केंद्रों पर नॉन-एफएक्यू स्कंध के अपग्रेडेशन के लिए पंखा, छन्ना तथा ग्रेडर मशीन की उपलब्धता अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। उन्होंने गुणवत्ता परीक्षण के लिए निर्धारित योग्यता एवं दक्षता के अनुसार सर्वेयर की नियुक्ति करने के निर्देश भी दिए। साथ ही गुणवत्ता परीक्षण के कार्य में संलग्न कर्मचारियों एवं सर्वेयर का भारतीय खाद्य निगम के तकनीकी अमले की उपस्थिति में प्रशिक्षण आयोजित कराने के लिए भी निर्देशित किया गया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान अपर मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि यदि सर्वेयर द्वारा किसी प्रकार की अनियमितता बरती जाती है तो अनुबंध की शर्तों के अनुसार सेवा प्रदाता एजेंसी के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इस दौरान यह भी बताया गया कि समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी में गुणवत्ता परीक्षण मोबाइल ऐप के माध्यम से किया जाएगा। यह मोबाइल ऐप दो स्तरों पर कार्य करेगा, जिसमें उपार्जन केंद्र सर्वेयर ऐप के माध्यम से गुणवत्ता नियंत्रक (सर्वेयर) किसान के स्कंध की गुणवत्ता की प्रविष्टि करेंगे तथा अमानक पाए जाने पर 48 घंटे बाद पुनः प्रविष्टि का प्रावधान रहेगा। अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि उपार्जन अवधि के दौरान उपार्जन केंद्र नियमित रूप से संचालित रहें तथा केवल एफएक्यू गुणवत्ता वाले स्कंध का ही उपार्जन किया जाए। उपार्जन के दौरान उपार्जित स्कंध के समय सीमा में परिवहन की नियमित मॉनिटरिंग भी की जाए और किसानों को उपार्जित स्कंध का भुगतान समय पर सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कलेक्टरों को निर्देशित किया कि समय पर डब्ल्यूएचआर (WHR) जारी किए जाएं। इस दौरान अपर मुख्य सचिव द्वारा स्पष्ट किया गया कि किसानों को उपार्जित स्कंध का भुगतान केवल आधार लिंक्ड खातों में ही किया जाएगा। बिना आधार बेस के बैंक खातों में भुगतान नहीं किया जाएगा। उक्त संबंध में समस्त जिले के कलेक्टर द्वारा आवश्यक कार्रवाई हेतु निर्देश संबंधित अधिकारियों को जारी कर दिए जाएं। साथ ही उन्होंने यह निर्देश भी दिए कि किसान पंजीयन का बारीकी से सत्यापन भी सुनिश्चित किया जाए। वीसी के माध्यम से अपर मुख्य सचिव द्वारा कलेक्टर को जिले में उपलब्ध बारदानों की स्थिति की भी समीक्षा के लिए निर्देशित किया ।इसके अतिरिक्त जिला उपार्जन समिति द्वारा नियमित बैठक कर समस्याओं का निराकरण किया जाए तथा सभी कलेक्टर उपार्जन केंद्रवार अधिकारियों की ड्यूटी भी निर्धारित करें, जिससे उपार्जन कार्य सुचारू रूप से संपन्न हो सके। बैठक के दौरान कमिश्नर कार्यालय के एनआईसी कक्ष से कमिश्नर श्री कृष्ण गोपाल तिवारी, संयुक्त आयुक्त विकास श्री नवल मीना, उपायुक्त विकास श्री डीएन पटेल उपस्थित रहे। वही कलेक्टर कार्यालय के एनआईसी कक्ष से कलेक्टर नर्मदा पुरम सुश्री सोनिया मीना, जिला पंचायत सीईओ श्री हिमांशु जैन, अपर कलेक्टर श्री अनिल जैन, जिला आपूर्ति अधिकारी श्रीमती रश्मि साहू सहित अन्य अधिकारी गण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।
हीरालाल गढ़वाल 💠 एसीएस खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग श्रीमती रश्मि अरुण शमी ने की आगामी गेहूं उपार्जन की तैयारियों की समीक्षा 💠 प्रदेश के कलेक्टर्स को दिए आवश्यक दिशा निर्देश ➡️ मध्य प्रदेश में आगामी गेहूं उपार्जन की तैयारियों को लेकर अपर मुख्य सचिव श्रीमती रश्मि अरुण शमी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी कलेक्टरों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने प्रदेश के कलेक्टर्स को निर्देशित करते हुए कहा कि आगामी उपार्जन को ध्यान में रखते हुए अधिक से अधिक गोदाम स्तरीय उपार्जन केंद्र चिन्हित किए जाएं, जिससे उपार्जित स्कंध का सुरक्षित भंडारण सुनिश्चित किया जा सके। अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि पंजीकृत किसानों का सत्यापन पूर्ण गंभीरता से किया जाए ।उपार्जन केंद्रों पर नॉन-एफएक्यू स्कंध के अपग्रेडेशन के लिए पंखा, छन्ना तथा ग्रेडर मशीन की उपलब्धता अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। उन्होंने गुणवत्ता परीक्षण के लिए निर्धारित योग्यता एवं दक्षता के अनुसार सर्वेयर की नियुक्ति करने के निर्देश भी दिए। साथ ही गुणवत्ता परीक्षण के कार्य में संलग्न कर्मचारियों एवं सर्वेयर का भारतीय खाद्य निगम के तकनीकी अमले की उपस्थिति में प्रशिक्षण आयोजित कराने के लिए भी निर्देशित किया गया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान अपर मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि यदि सर्वेयर द्वारा किसी प्रकार की अनियमितता बरती जाती है तो अनुबंध की शर्तों के अनुसार सेवा प्रदाता एजेंसी के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इस दौरान यह भी बताया गया कि समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी में गुणवत्ता परीक्षण मोबाइल ऐप के माध्यम से किया जाएगा। यह मोबाइल ऐप दो स्तरों पर कार्य करेगा, जिसमें उपार्जन केंद्र सर्वेयर ऐप के माध्यम से गुणवत्ता नियंत्रक (सर्वेयर) किसान के स्कंध की गुणवत्ता की प्रविष्टि करेंगे तथा अमानक पाए
जाने पर 48 घंटे बाद पुनः प्रविष्टि का प्रावधान रहेगा। अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि उपार्जन अवधि के दौरान उपार्जन केंद्र नियमित रूप से संचालित रहें तथा केवल एफएक्यू गुणवत्ता वाले स्कंध का ही उपार्जन किया जाए। उपार्जन के दौरान उपार्जित स्कंध के समय सीमा में परिवहन की नियमित मॉनिटरिंग भी की जाए और किसानों को उपार्जित स्कंध का भुगतान समय पर सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कलेक्टरों को निर्देशित किया कि समय पर डब्ल्यूएचआर (WHR) जारी किए जाएं। इस दौरान अपर मुख्य सचिव द्वारा स्पष्ट किया गया कि किसानों को उपार्जित स्कंध का भुगतान केवल आधार लिंक्ड खातों में ही किया जाएगा। बिना आधार बेस के बैंक खातों में भुगतान नहीं किया जाएगा। उक्त संबंध में समस्त जिले के कलेक्टर द्वारा आवश्यक कार्रवाई हेतु निर्देश संबंधित अधिकारियों को जारी कर दिए जाएं। साथ ही उन्होंने यह निर्देश भी दिए कि किसान पंजीयन का बारीकी से सत्यापन भी सुनिश्चित किया जाए। वीसी के माध्यम से अपर मुख्य सचिव द्वारा कलेक्टर को जिले में उपलब्ध बारदानों की स्थिति की भी समीक्षा के लिए निर्देशित किया ।इसके अतिरिक्त जिला उपार्जन समिति द्वारा नियमित बैठक कर समस्याओं का निराकरण किया जाए तथा सभी कलेक्टर उपार्जन केंद्रवार अधिकारियों की ड्यूटी भी निर्धारित करें, जिससे उपार्जन कार्य सुचारू रूप से संपन्न हो सके। बैठक के दौरान कमिश्नर कार्यालय के एनआईसी कक्ष से कमिश्नर श्री कृष्ण गोपाल तिवारी, संयुक्त आयुक्त विकास श्री नवल मीना, उपायुक्त विकास श्री डीएन पटेल उपस्थित रहे। वही कलेक्टर कार्यालय के एनआईसी कक्ष से कलेक्टर नर्मदा पुरम सुश्री सोनिया मीना, जिला पंचायत सीईओ श्री हिमांशु जैन, अपर कलेक्टर श्री अनिल जैन, जिला आपूर्ति अधिकारी श्रीमती रश्मि साहू सहित अन्य अधिकारी गण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।
- आत्मा योजनान्तर्गत जिला स्तरीय किसान विज्ञान मेला का कृषि विज्ञान केंद्र गोविंदनगर, बनखेड़ी सफलतापूर्वक आयोजन सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन “आत्मा” योजना अंतर्गत जिला स्तरीय कृषि विज्ञान मेला सह प्रदर्शनी का आयोजन दिनांक 10 मार्च 2026 को कृषि विज्ञान केंद्र गोविंदनगर, बनखेड़ी में पिपरिया विधानसभा के लोकप्रिय विधायक श्री ठाकुरदास नागवंशी के मुख्य आतिथ्य में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न विकासखंडों से आए किसान भाई-बहनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में बनखेड़ी नगर पालिका के अध्यक्ष श्री हरीश मालानी, अक्षय कृषि परिवार एवं भूमि सुपोषण अभियान के राष्ट्रीय समन्वयक तथा नवल कोचिंग इंदौर के संचालक श्री नवल रघुवंशी, भारतीय किसान संघ मध्यभारत के प्रांतीय अध्यक्ष श्री सर्वज्ञ दीवान, भाऊसाहब भुस्कुटे स्मृति लोक न्यास गोविंदनगर के उपाध्यक्ष श्री उम्मेद सिंह पटेल, श्री मकरन सिंह पटेल, सहसचिव श्री केशव माहेश्वरी, सदस्य श्री भूपेन्द्र सिंह पटेल, विशेष आमंत्रित सदस्य श्री विवेक महेश्वरी, श्री अनिल बारोलिया, कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष श्री अनिल अग्रवाल, न्यास के प्रबंधक श्री धर्मेन्द्र गुर्जर, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के सदस्य (मृदा विज्ञान) श्री नीतिराज पटेल, उपसंचालक कृषि डॉ.रविकांत सिंह, उप परियोजना संचालक “आत्मा” श्री गोविंद मीना, कृषि वैज्ञानिक डॉ. दीपक खांडे, प्रभारी वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. संजीव कुमार गर्ग तथा कृषि एवं विभिन्न विभाग से पधारे अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्तिथ रहे साथ नर्मदापुरम के विभिन्न विकासखंडो से आए हुए किसान कार्यक्रम में सम्मिलित हुए I कार्यक्रम की शुरुआत में उपसंचालक कृषि डॉ. रविकांत सिंह ने कार्यक्रम का परिचय एवं रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि इस कृषि विज्ञान मेले का मुख्य उद्देश्य किसानों के बीच उन्नत कृषि तकनीकों का प्रसार, प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देना तथा किसानों को नवीन कृषि नवाचारों से अवगत कराना है। नर्मदापुरम जिले के किसानों तथा विभागीय अमले को गेहूं कटाई उपरांत नरवाई जलाने की समस्या पर विशेष ध्यान देकर कृषकों को नरवाई प्रबंधन के लिए जागरूक करने के लिए कहाँ गया। उन्होंने कहाँ कि मिट्टी एक सजीव है, इसमें कई जीव- जंतु निवासरत है, जिसका भी हमें ध्यान रखना चाहिए नरवाई जलाने से सजीव मिट्टी के पोषक तत्व नष्ट हो जाते I उन्होंने फसल विविधीकरन पर हमें ध्यान देने के लिए कहाँ गया I उन्होंने बताया की कृषि विज्ञान केंद्र गोविंदनगर जैविक एवं प्राकृतिक खेती का हब है जहाँ आकर सुकून मिलता है, उन्होंने किसानो से संतुलित मात्रा में उर्वरको का उपयोग करने की सलाह दी I उन्होंने किसानो से आग्रह किया कि शासकीय योजनाओं का लाभ लेने के लिए किसान भाई अपनी भूमि को एग्रीस्टैक आई.डी से जुडवाए जिससे ई टोकन से संतुलित उर्वरक एवं योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सके। पिपरिया विधानसभा के लोकप्रिय विधायक श्री ठाकुरदास नागवंशी ने किसानो से नरवाई नहीं जलाने की अपील की गई, नरवाई जलाए नहीं बल्कि उसका चारा एकत्रित करें साथ ही फसल चक्र अपनाए जिससे नरवाई नहीं जलाना पढ़े एवं जो किसान भाई अच्छी उन्नत खेती कर रहे है उन कृषक एवं वैज्ञानिकों से किसान भाईयों को जानकारी प्राप्त करनी चाहिए । सांसद प्रतिनिधि एवं भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के सदस्य (मृदा विज्ञान) श्री नीतिराज पटेल ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि पुरानी खेती आत्मनिर्भर खेती थी जो जमीन से जुड़ी हुई थी, उन्होंने वर्तमान में केंसर के बढ़ती संख्या पर चिंता व्यक्त की एवं इसे रोकने हेतु परिवार के स्वास्थ्य और पोषण को ध्यान में रखते हुए स्वयं के परिवार के लिए जैविक एवं प्राकृतिक खेती करने के लिए आग्रह किया गया। श्री उम्मेद सिंह पटेल ने किसानों से आग्रह किया कि वे छोटे रकबे से ही जैविक खेती शुरू करें और धीरे-धीरे इसे बड़े स्तर पर अपनाए तथा विभाग की योजनाओं की जानकारी आधिक से अधिक किसानो तक पहुचाने की सलाह दी गई । अक्षय कृषि परिवार एवं भूमि सुपोषण अभियान के राष्ट्रीय समन्वयक श्री नवल रघुवंशी ने किसानों को भूमि सुपोषण अभियान के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह अभियान पूरे देश में चैत्र नवरात्र से प्रारंभ होकर एक माह तक संचालित किया जाएगा, जिसका उद्देश्य भूमि की उर्वरता को बनाए रखना तथा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना है। उन्होंने साथ ही बताया गया की वर्तमान में स्कूल बंद हो रहे है, हास्पिटल बढ़ रहे है एवं केंसर के मरीज भी बढ़ रहे है इसीलिए जबरदस्ती ही सही आधे बीघा में जैविक एवं प्राकृतिक खेती जरुर करें I भारतीय किसान संघ मध्यभारत के प्रांतीय अध्यक्ष श्री सर्वज्ञ दीवान ने किसानों को जैविक खेती के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि जिले में कृषि विज्ञान केंद्र गोविंदनगर जैसी संस्था उपलब्ध है, जो पूर्णतः जैविक खेती पर कार्य कर रही है। किसानों को इस संस्था से मार्गदर्शन लेकर जैविक खेती को अपनाना चाहिए। तकनीकी सत्र के दौरान प्रभारी वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. संजीव कुमार गर्ग ने कृषि विज्ञान केंद्र की भूमिका, नरवाई प्रबंधन तथा प्राकृतिक खेती की पद्धतियों की जानकारी दी। कृषि वैज्ञानिक डॉ. दीपक खांडे ने ग्रीष्मकालीन फसल उत्पादन तकनीक पर विस्तृत जानकारी देते हुए किसानों को रसायनों का सीमित उपयोग करने तथा एक ही प्रकार के कीटनाशक का बार-बार प्रयोग न करने की सलाह दी। उन्होंने किसानों को फसलों की उन्नतशील किस्मों के बारे में भी जानकारी दी। कृषि वैज्ञानिक डॉ. राजेन्द्र पटैल द्वारा ग्रीष्मकालीन मूंग फसल की वैकल्पिक फसल उड़द एवं प्राकृतिक खेती आधारित फसलों की जानकारी बंधुओं को दी गई, डॉ. बृजेश कुमार नामदेव ने जैविक पौध संरक्षण के उपायों की जानकारी दी, डॉ. रंजीत सिंह ने किसानों को ग्रीष्मकालीन सब्जी उत्पादन तकनीक के बारे में बताया। कार्यक्रम के दौरान आयोजित कृषक-वैज्ञानिक संवाद में प्रगतिशील कृषक श्री भूपेन्द्र पटेल ने अपने जैविक एवं प्राकृतिक खेती के अनुभव साझा किए। उन्होंने किसानों को फसल विविधिकरण अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि खेतों में दलहन, तिलहन एवं मोटे अनाज की फसलों को बारी-बारी से लगाने से भूमि की उर्वरता बनी रहती है और उत्पादन भी बढ़ता है। कृषि विज्ञान मेले में 30 से अधिक कृषि प्रदर्शनी लगाई गईं, जिनमें कृषि एवं संबंधित विभागों तथा कृषि से जुड़ी संस्थाओं द्वारा कृषि आदान, उत्पाद तथा उन्नत तकनीकों का जीवंत प्रदर्शन किया गया। साथ ही जिले के प्रगतिशील किसानों द्वारा उत्पादित फसलों की भी प्रदर्शनी लगाई गई I कार्यक्रम के अंत में “आत्मा” योजना अंतर्गत सर्वोत्तम जिला स्तरीय, विकासखंड स्तरीय प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। साथ ही कृषि विज्ञान केंद्र में संचालित आर्या परियोजना के अंतर्गत हितग्राही किसानों को भी प्रमाण पत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों को कृषि विज्ञान केंद्र परिसर में लगाई गई कृषि प्रदर्शनी का अवलोकन श्री गोविन्द मीना, डॉ. संजीव कुमार गर्ग एवं डॉ. बृजेश कुमार नामदेव द्वारा कराया गया। इस अवसर पर कृषि वैज्ञानिक, सहायक संचालक कृषि, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, कृषि विस्तार अधिकारी, बीटीएम, एटीएम सहित जिले के 1508 से अधिक किसान उपस्थित रहे। अंत में उप परियोजना संचालक “आत्मा” श्री गोविंद मीना द्वारा आभार व्यक्त किया गया एवं कार्यक्रम का समापन हुआ।1
- Post by सन्तोष1
- सोहागपुर (होशंगाबाद)-तिलक वार्ड निवासी राम रहीम रोटी बैंक के वरिष्ठ सदस्य श्री लक्ष्मी नारायण दुबे (लखन भैया) द्वारा प्रतिवर्ष अनुसार इस वर्ष भी अपनी पूज्यनीय माताजी स्व.श्रीमती कस्तूरी बाई दुबे की चौंथी पुण्यतिथि पर उनकी पुण्य स्मृति में जरूरतमंद,वृद्ध,बेसहारा लोगों एवं नर्मदा परिक्रमावासियों को फलफ्रूट एवं मिष्ठान के साथ कराए गए स्वादिष्ट भोजन।1
- जनपद पंचायत सभागार में आयोजित जनसुनवाई में आए 6 आवेदन मंगलवार सोहागपुर के जनपद पंचायत सभागार में ब्लॉक स्तरीय जनसुनवाई का आयोजन किया गया जिसमें उपस्थित अधिकारियों को 6 आवेदन प्राप्त हुए। यह जनसुनवाई नायब तहसीलदार रणजीत सिंह चौहान की उपस्थिति में आयोजित की गई। जनसुनवाई सुबह 11:00 से दोपहर 1:00 तक आयोजित की गई। जनसुनवाई के दौरान ग्राम बोदी और सोहागपुर के बीच बने नाले से अतिक्रमण हटाने की मांग की गई। ग्राम निभौरा निवासी सुनील रघुवंशी द्वारा आवेदन देकर सूचना के अधिकार के तहत जानकारी न देने की शिकायत की गई। ग्राम बमारी के किस राजेंद्र सिंह ठाकुर द्वारा तीन आवेदन देने के बावजूद प्रकरण की नकल नहीं देने की शिकायत की गई। ग्राम सिंग बाड़ा निवासी दीनदयाल नायक द्वारा खेत में लगी गेहूं एवं चने की फसल ना काटने देने की शिकायत की गई। क़िलापुरा निवासी नसीम खा ने नगर परिषद द्वारा जन्म पंजीयन रजिस्टर चेक करवा कर जन्म का NOC आप्राप्ता प्रमाण पत्र प्रदान करने की मांग की। सभी आवेदनों को अधिकारियों द्वारा संबंधित विभागों को निराकरण हेतु भिजवाया गया।1
- Post by प्रदीप शर्मा करेली जिला नरसिंह1
- Post by Dharmendra sahu1
- नरसिंहपुर: दिव्यांग की मजबूरी का फायदा उठा रहे फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी, 50 हजार की रिश्वत मांगने की एसपी से शिकायत नरसिंहपुर। जिले में भ्रष्टाचार और आम आदमी के शोषण का एक नया मामला सामने आया है। यहाँ एक दिव्यांग युवक ने 'गृहम् हाउसिंग फाइनेंस' के शाखा प्रबंधक और कर्मचारियों पर लोन का चेक देने के बदले 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित ने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है। क्या है पूरा मामला? शिकायतकर्ता सुनील लोधी (निवासी शहीद भगत सिंह वार्ड, कंदेली) ने बताया कि उन्होंने कंदेली क्षेत्र में एक प्लॉट खरीदने के लिए गृहम् हाउसिंग फाइनेंस शाखा नरसिंहपुर से लोन फाइनेंस करवाया था। सुनील ने बताया कि वह दोनों पैरों से दिव्यांग हैं और बड़ी मुश्किल से अपने सपनों का घर बनाने की कोशिश कर रहे हैं। पीड़ित के अनुसार, फाइनेंस की प्रक्रिया के दौरान आरोपियों ने पहले ही फाइल चार्ज और अन्य औपचारिकताओं के नाम पर उनसे 50 हजार रुपये ले लिए थे सुनील लोधी का आरोप है कि उनका 6,39,684 रुपये का लोन पास हो चुका है और राशि विक्रेता अंकित सिंह पवार के नाम जारी भी हो गई है। लेकिन जब वे लोन का चेक लेने शाखा पहुंचे, तो शाखा प्रबंधक मुकेश पटेल, फाइनेंस कर्मचारी मोहन चौधरी और संदीप पटेल ने उनसे 50,000 रुपये की अतिरिक्त रिश्वत की मांग की। हैरानी की बात यह है कि जब दिव्यांग युवक ने अपनी असमर्थता जताई, तो आरोपियों ने उसे बार-बार भटकाया और साफ कह दिया कि जब तक पैसे नहीं दोगे, चेक नहीं मिलेगा। पीड़ित का आरोप है कि कर्मचारी बेखौफ होकर कह रहे हैं कि "चाहे जहां हमारी शिकायत कर दो, हम किसी से नहीं डरते।" एसपी से की कार्रवाई की मांग दोनों पैरों से लाचार पीड़ित सुनील ने बताया कि उन्होंने अपने रिश्तेदारों से कर्ज लेकर पुराने लोन भी चुकता किए ताकि घर का सपना पूरा हो सके, लेकिन अब भ्रष्टाचार उनके आड़े आ रहा है। पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से दोषियों के विरुद्ध तत्काल एफआईआर दर्ज करने और न्याय दिलाने की मांग की है। Iski choti news bano2
- बनखेड़ी। थाना बनखेड़ी पुलिस ने घर में हुई चोरी के मामले का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से सोने-चांदी के जेवरात, नगदी और एक मारुति सुजुकी ओमनी वाहन जब्त किया है।1