कृषि विज्ञान केंद्र गोविंदनगर बनखेड़ी में कृषि विज्ञान मेला सम्पन्न किसानों को दी गई उन्नत कृषि तकनीक, जैविक व प्राकृतिक खेती की जानकारी आत्मा योजनान्तर्गत जिला स्तरीय किसान विज्ञान मेला का कृषि विज्ञान केंद्र गोविंदनगर, बनखेड़ी सफलतापूर्वक आयोजन सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन “आत्मा” योजना अंतर्गत जिला स्तरीय कृषि विज्ञान मेला सह प्रदर्शनी का आयोजन दिनांक 10 मार्च 2026 को कृषि विज्ञान केंद्र गोविंदनगर, बनखेड़ी में पिपरिया विधानसभा के लोकप्रिय विधायक श्री ठाकुरदास नागवंशी के मुख्य आतिथ्य में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न विकासखंडों से आए किसान भाई-बहनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में बनखेड़ी नगर पालिका के अध्यक्ष श्री हरीश मालानी, अक्षय कृषि परिवार एवं भूमि सुपोषण अभियान के राष्ट्रीय समन्वयक तथा नवल कोचिंग इंदौर के संचालक श्री नवल रघुवंशी, भारतीय किसान संघ मध्यभारत के प्रांतीय अध्यक्ष श्री सर्वज्ञ दीवान, भाऊसाहब भुस्कुटे स्मृति लोक न्यास गोविंदनगर के उपाध्यक्ष श्री उम्मेद सिंह पटेल, श्री मकरन सिंह पटेल, सहसचिव श्री केशव माहेश्वरी, सदस्य श्री भूपेन्द्र सिंह पटेल, विशेष आमंत्रित सदस्य श्री विवेक महेश्वरी, श्री अनिल बारोलिया, कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष श्री अनिल अग्रवाल, न्यास के प्रबंधक श्री धर्मेन्द्र गुर्जर, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के सदस्य (मृदा विज्ञान) श्री नीतिराज पटेल, उपसंचालक कृषि डॉ.रविकांत सिंह, उप परियोजना संचालक “आत्मा” श्री गोविंद मीना, कृषि वैज्ञानिक डॉ. दीपक खांडे, प्रभारी वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. संजीव कुमार गर्ग तथा कृषि एवं विभिन्न विभाग से पधारे अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्तिथ रहे साथ नर्मदापुरम के विभिन्न विकासखंडो से आए हुए किसान कार्यक्रम में सम्मिलित हुए I कार्यक्रम की शुरुआत में उपसंचालक कृषि डॉ. रविकांत सिंह ने कार्यक्रम का परिचय एवं रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि इस कृषि विज्ञान मेले का मुख्य उद्देश्य किसानों के बीच उन्नत कृषि तकनीकों का प्रसार, प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देना तथा किसानों को नवीन कृषि नवाचारों से अवगत कराना है। नर्मदापुरम जिले के किसानों तथा विभागीय अमले को गेहूं कटाई उपरांत नरवाई जलाने की समस्या पर विशेष ध्यान देकर कृषकों को नरवाई प्रबंधन के लिए जागरूक करने के लिए कहाँ गया। उन्होंने कहाँ कि मिट्टी एक सजीव है, इसमें कई जीव- जंतु निवासरत है, जिसका भी हमें ध्यान रखना चाहिए नरवाई जलाने से सजीव मिट्टी के पोषक तत्व नष्ट हो जाते I उन्होंने फसल विविधीकरन पर हमें ध्यान देने के लिए कहाँ गया I उन्होंने बताया की कृषि विज्ञान केंद्र गोविंदनगर जैविक एवं प्राकृतिक खेती का हब है जहाँ आकर सुकून मिलता है, उन्होंने किसानो से संतुलित मात्रा में उर्वरको का उपयोग करने की सलाह दी I उन्होंने किसानो से आग्रह किया कि शासकीय योजनाओं का लाभ लेने के लिए किसान भाई अपनी भूमि को एग्रीस्टैक आई.डी से जुडवाए जिससे ई टोकन से संतुलित उर्वरक एवं योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सके। पिपरिया विधानसभा के लोकप्रिय विधायक श्री ठाकुरदास नागवंशी ने किसानो से नरवाई नहीं जलाने की अपील की गई, नरवाई जलाए नहीं बल्कि उसका चारा एकत्रित करें साथ ही फसल चक्र अपनाए जिससे नरवाई नहीं जलाना पढ़े एवं जो किसान भाई अच्छी उन्नत खेती कर रहे है उन कृषक एवं वैज्ञानिकों से किसान भाईयों को जानकारी प्राप्त करनी चाहिए । सांसद प्रतिनिधि एवं भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के सदस्य (मृदा विज्ञान) श्री नीतिराज पटेल ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि पुरानी खेती आत्मनिर्भर खेती थी जो जमीन से जुड़ी हुई थी, उन्होंने वर्तमान में केंसर के बढ़ती संख्या पर चिंता व्यक्त की एवं इसे रोकने हेतु परिवार के स्वास्थ्य और पोषण को ध्यान में रखते हुए स्वयं के परिवार के लिए जैविक एवं प्राकृतिक खेती करने के लिए आग्रह किया गया। श्री उम्मेद सिंह पटेल ने किसानों से आग्रह किया कि वे छोटे रकबे से ही जैविक खेती शुरू करें और धीरे-धीरे इसे बड़े स्तर पर अपनाए तथा विभाग की योजनाओं की जानकारी आधिक से अधिक किसानो तक पहुचाने की सलाह दी गई । अक्षय कृषि परिवार एवं भूमि सुपोषण अभियान के राष्ट्रीय समन्वयक श्री नवल रघुवंशी ने किसानों को भूमि सुपोषण अभियान के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह अभियान पूरे देश में चैत्र नवरात्र से प्रारंभ होकर एक माह तक संचालित किया जाएगा, जिसका उद्देश्य भूमि की उर्वरता को बनाए रखना तथा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना है। उन्होंने साथ ही बताया गया की वर्तमान में स्कूल बंद हो रहे है, हास्पिटल बढ़ रहे है एवं केंसर के मरीज भी बढ़ रहे है इसीलिए जबरदस्ती ही सही आधे बीघा में जैविक एवं प्राकृतिक खेती जरुर करें I भारतीय किसान संघ मध्यभारत के प्रांतीय अध्यक्ष श्री सर्वज्ञ दीवान ने किसानों को जैविक खेती के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि जिले में कृषि विज्ञान केंद्र गोविंदनगर जैसी संस्था उपलब्ध है, जो पूर्णतः जैविक खेती पर कार्य कर रही है। किसानों को इस संस्था से मार्गदर्शन लेकर जैविक खेती को अपनाना चाहिए। तकनीकी सत्र के दौरान प्रभारी वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. संजीव कुमार गर्ग ने कृषि विज्ञान केंद्र की भूमिका, नरवाई प्रबंधन तथा प्राकृतिक खेती की पद्धतियों की जानकारी दी। कृषि वैज्ञानिक डॉ. दीपक खांडे ने ग्रीष्मकालीन फसल उत्पादन तकनीक पर विस्तृत जानकारी देते हुए किसानों को रसायनों का सीमित उपयोग करने तथा एक ही प्रकार के कीटनाशक का बार-बार प्रयोग न करने की सलाह दी। उन्होंने किसानों को फसलों की उन्नतशील किस्मों के बारे में भी जानकारी दी। कृषि वैज्ञानिक डॉ. राजेन्द्र पटैल द्वारा ग्रीष्मकालीन मूंग फसल की वैकल्पिक फसल उड़द एवं प्राकृतिक खेती आधारित फसलों की जानकारी बंधुओं को दी गई, डॉ. बृजेश कुमार नामदेव ने जैविक पौध संरक्षण के उपायों की जानकारी दी, डॉ. रंजीत सिंह ने किसानों को ग्रीष्मकालीन सब्जी उत्पादन तकनीक के बारे में बताया। कार्यक्रम के दौरान आयोजित कृषक-वैज्ञानिक संवाद में प्रगतिशील कृषक श्री भूपेन्द्र पटेल ने अपने जैविक एवं प्राकृतिक खेती के अनुभव साझा किए। उन्होंने किसानों को फसल विविधिकरण अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि खेतों में दलहन, तिलहन एवं मोटे अनाज की फसलों को बारी-बारी से लगाने से भूमि की उर्वरता बनी रहती है और उत्पादन भी बढ़ता है। कृषि विज्ञान मेले में 30 से अधिक कृषि प्रदर्शनी लगाई गईं, जिनमें कृषि एवं संबंधित विभागों तथा कृषि से जुड़ी संस्थाओं द्वारा कृषि आदान, उत्पाद तथा उन्नत तकनीकों का जीवंत प्रदर्शन किया गया। साथ ही जिले के प्रगतिशील किसानों द्वारा उत्पादित फसलों की भी प्रदर्शनी लगाई गई I कार्यक्रम के अंत में “आत्मा” योजना अंतर्गत सर्वोत्तम जिला स्तरीय, विकासखंड स्तरीय प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। साथ ही कृषि विज्ञान केंद्र में संचालित आर्या परियोजना के अंतर्गत हितग्राही किसानों को भी प्रमाण पत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों को कृषि विज्ञान केंद्र परिसर में लगाई गई कृषि प्रदर्शनी का अवलोकन श्री गोविन्द मीना, डॉ. संजीव कुमार गर्ग एवं डॉ. बृजेश कुमार नामदेव द्वारा कराया गया। इस अवसर पर कृषि वैज्ञानिक, सहायक संचालक कृषि, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, कृषि विस्तार अधिकारी, बीटीएम, एटीएम सहित जिले के 1508 से अधिक किसान उपस्थित रहे। अंत में उप परियोजना संचालक “आत्मा” श्री गोविंद मीना द्वारा आभार व्यक्त किया गया एवं कार्यक्रम का समापन हुआ।
कृषि विज्ञान केंद्र गोविंदनगर बनखेड़ी में कृषि विज्ञान मेला सम्पन्न किसानों को दी गई उन्नत कृषि तकनीक, जैविक व प्राकृतिक खेती की जानकारी आत्मा योजनान्तर्गत जिला स्तरीय किसान विज्ञान मेला का कृषि विज्ञान केंद्र गोविंदनगर, बनखेड़ी सफलतापूर्वक आयोजन सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन “आत्मा” योजना अंतर्गत जिला स्तरीय कृषि विज्ञान मेला सह प्रदर्शनी का आयोजन दिनांक 10 मार्च 2026 को कृषि विज्ञान केंद्र गोविंदनगर, बनखेड़ी में पिपरिया विधानसभा के लोकप्रिय विधायक श्री ठाकुरदास नागवंशी के मुख्य आतिथ्य में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न विकासखंडों से आए किसान भाई-बहनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में बनखेड़ी नगर पालिका के अध्यक्ष श्री हरीश मालानी, अक्षय कृषि परिवार एवं भूमि सुपोषण अभियान के राष्ट्रीय समन्वयक तथा नवल कोचिंग इंदौर के संचालक श्री नवल रघुवंशी, भारतीय किसान संघ मध्यभारत के प्रांतीय अध्यक्ष श्री सर्वज्ञ दीवान, भाऊसाहब भुस्कुटे स्मृति लोक न्यास गोविंदनगर के उपाध्यक्ष श्री उम्मेद सिंह पटेल, श्री मकरन सिंह पटेल, सहसचिव श्री केशव माहेश्वरी, सदस्य श्री भूपेन्द्र सिंह पटेल, विशेष आमंत्रित सदस्य श्री विवेक महेश्वरी, श्री अनिल बारोलिया, कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष श्री अनिल अग्रवाल, न्यास के प्रबंधक श्री धर्मेन्द्र गुर्जर, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के सदस्य (मृदा विज्ञान) श्री नीतिराज पटेल, उपसंचालक कृषि डॉ.रविकांत सिंह, उप परियोजना संचालक “आत्मा” श्री गोविंद मीना, कृषि वैज्ञानिक डॉ. दीपक खांडे, प्रभारी वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. संजीव कुमार गर्ग तथा कृषि एवं विभिन्न विभाग से पधारे अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्तिथ रहे साथ नर्मदापुरम के विभिन्न विकासखंडो से आए हुए किसान कार्यक्रम में सम्मिलित हुए I कार्यक्रम की शुरुआत में उपसंचालक कृषि डॉ. रविकांत सिंह ने कार्यक्रम का परिचय एवं रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि इस कृषि विज्ञान मेले का मुख्य उद्देश्य किसानों के बीच उन्नत कृषि तकनीकों का प्रसार, प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देना तथा किसानों को नवीन कृषि नवाचारों से अवगत कराना है। नर्मदापुरम जिले के किसानों तथा विभागीय अमले को गेहूं कटाई उपरांत नरवाई जलाने की समस्या पर विशेष ध्यान देकर कृषकों को नरवाई प्रबंधन के लिए जागरूक करने के लिए कहाँ गया। उन्होंने कहाँ कि मिट्टी एक सजीव है, इसमें कई जीव- जंतु निवासरत है, जिसका भी हमें ध्यान रखना चाहिए नरवाई जलाने से सजीव मिट्टी के पोषक तत्व नष्ट हो जाते I उन्होंने फसल विविधीकरन पर हमें ध्यान देने के लिए कहाँ गया I उन्होंने बताया की कृषि विज्ञान केंद्र गोविंदनगर जैविक एवं प्राकृतिक खेती का हब है जहाँ आकर सुकून मिलता है, उन्होंने किसानो से संतुलित मात्रा में उर्वरको का उपयोग करने की सलाह दी I उन्होंने किसानो से आग्रह किया कि शासकीय योजनाओं का लाभ लेने के लिए किसान भाई अपनी भूमि को एग्रीस्टैक आई.डी से जुडवाए जिससे ई टोकन से संतुलित उर्वरक एवं योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सके। पिपरिया विधानसभा के लोकप्रिय विधायक श्री ठाकुरदास नागवंशी ने किसानो से नरवाई नहीं जलाने की अपील की गई, नरवाई जलाए नहीं बल्कि उसका चारा एकत्रित करें साथ ही फसल चक्र अपनाए जिससे नरवाई नहीं जलाना पढ़े एवं जो किसान भाई अच्छी उन्नत खेती कर रहे है उन कृषक एवं वैज्ञानिकों से किसान भाईयों को जानकारी प्राप्त करनी चाहिए । सांसद प्रतिनिधि एवं भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के सदस्य (मृदा विज्ञान) श्री नीतिराज पटेल ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि पुरानी खेती आत्मनिर्भर खेती थी जो जमीन से जुड़ी हुई थी, उन्होंने वर्तमान में केंसर के बढ़ती संख्या पर चिंता व्यक्त की एवं इसे रोकने हेतु परिवार के स्वास्थ्य और पोषण को ध्यान में रखते हुए स्वयं के परिवार के लिए जैविक एवं प्राकृतिक खेती करने के लिए आग्रह किया गया। श्री उम्मेद सिंह पटेल ने किसानों से आग्रह किया कि वे छोटे रकबे से ही जैविक खेती शुरू करें और धीरे-धीरे इसे बड़े स्तर पर अपनाए तथा विभाग की योजनाओं की जानकारी आधिक से अधिक किसानो तक पहुचाने की सलाह दी गई । अक्षय कृषि परिवार एवं भूमि सुपोषण अभियान के राष्ट्रीय समन्वयक श्री नवल रघुवंशी ने किसानों को भूमि सुपोषण अभियान के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह अभियान पूरे देश में चैत्र नवरात्र से प्रारंभ होकर एक माह तक संचालित किया जाएगा, जिसका उद्देश्य भूमि की उर्वरता को बनाए रखना तथा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना है। उन्होंने साथ ही बताया गया की वर्तमान में स्कूल बंद हो रहे है, हास्पिटल बढ़ रहे है एवं केंसर के मरीज भी बढ़ रहे है इसीलिए जबरदस्ती ही सही आधे बीघा में जैविक एवं प्राकृतिक खेती जरुर करें I भारतीय किसान संघ मध्यभारत के प्रांतीय अध्यक्ष श्री सर्वज्ञ दीवान ने किसानों को जैविक खेती के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि जिले में कृषि विज्ञान केंद्र गोविंदनगर जैसी संस्था उपलब्ध है, जो पूर्णतः जैविक खेती पर कार्य कर रही है। किसानों को इस संस्था से मार्गदर्शन लेकर जैविक खेती को अपनाना चाहिए। तकनीकी सत्र के दौरान प्रभारी वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. संजीव कुमार गर्ग ने कृषि विज्ञान केंद्र की भूमिका, नरवाई प्रबंधन तथा प्राकृतिक खेती की पद्धतियों की जानकारी दी। कृषि वैज्ञानिक डॉ. दीपक खांडे ने ग्रीष्मकालीन फसल उत्पादन तकनीक पर विस्तृत जानकारी देते हुए किसानों को रसायनों का सीमित उपयोग करने तथा एक ही प्रकार के कीटनाशक का बार-बार प्रयोग न करने की सलाह दी। उन्होंने किसानों को फसलों की उन्नतशील किस्मों के बारे में भी जानकारी दी। कृषि वैज्ञानिक डॉ. राजेन्द्र पटैल द्वारा ग्रीष्मकालीन मूंग फसल की वैकल्पिक फसल उड़द एवं प्राकृतिक खेती आधारित फसलों की जानकारी बंधुओं को दी गई, डॉ. बृजेश कुमार नामदेव ने जैविक पौध संरक्षण के उपायों की जानकारी दी, डॉ. रंजीत सिंह ने किसानों को ग्रीष्मकालीन सब्जी उत्पादन तकनीक के बारे में बताया। कार्यक्रम के दौरान आयोजित कृषक-वैज्ञानिक संवाद में प्रगतिशील कृषक श्री भूपेन्द्र पटेल ने अपने जैविक एवं प्राकृतिक खेती के अनुभव साझा किए। उन्होंने किसानों को फसल विविधिकरण अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि खेतों में दलहन, तिलहन एवं मोटे अनाज की फसलों को बारी-बारी से लगाने से भूमि की उर्वरता बनी रहती है और उत्पादन भी बढ़ता है। कृषि विज्ञान मेले में 30 से अधिक कृषि प्रदर्शनी लगाई गईं, जिनमें कृषि एवं संबंधित विभागों तथा कृषि से जुड़ी संस्थाओं द्वारा कृषि आदान, उत्पाद तथा उन्नत तकनीकों का जीवंत प्रदर्शन किया गया। साथ ही जिले के प्रगतिशील किसानों द्वारा उत्पादित फसलों की भी प्रदर्शनी लगाई गई I कार्यक्रम के अंत में “आत्मा” योजना अंतर्गत सर्वोत्तम जिला स्तरीय, विकासखंड स्तरीय प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। साथ ही कृषि विज्ञान केंद्र में संचालित आर्या परियोजना के अंतर्गत हितग्राही किसानों को भी प्रमाण पत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों को कृषि विज्ञान केंद्र परिसर में लगाई गई कृषि प्रदर्शनी का अवलोकन श्री गोविन्द मीना, डॉ. संजीव कुमार गर्ग एवं डॉ. बृजेश कुमार नामदेव द्वारा कराया गया। इस अवसर पर कृषि वैज्ञानिक, सहायक संचालक कृषि, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, कृषि विस्तार अधिकारी, बीटीएम, एटीएम सहित जिले के 1508 से अधिक किसान उपस्थित रहे। अंत में उप परियोजना संचालक “आत्मा” श्री गोविंद मीना द्वारा आभार व्यक्त किया गया एवं कार्यक्रम का समापन हुआ।
- आत्मा योजनान्तर्गत जिला स्तरीय किसान विज्ञान मेला का कृषि विज्ञान केंद्र गोविंदनगर, बनखेड़ी सफलतापूर्वक आयोजन सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन “आत्मा” योजना अंतर्गत जिला स्तरीय कृषि विज्ञान मेला सह प्रदर्शनी का आयोजन दिनांक 10 मार्च 2026 को कृषि विज्ञान केंद्र गोविंदनगर, बनखेड़ी में पिपरिया विधानसभा के लोकप्रिय विधायक श्री ठाकुरदास नागवंशी के मुख्य आतिथ्य में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न विकासखंडों से आए किसान भाई-बहनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में बनखेड़ी नगर पालिका के अध्यक्ष श्री हरीश मालानी, अक्षय कृषि परिवार एवं भूमि सुपोषण अभियान के राष्ट्रीय समन्वयक तथा नवल कोचिंग इंदौर के संचालक श्री नवल रघुवंशी, भारतीय किसान संघ मध्यभारत के प्रांतीय अध्यक्ष श्री सर्वज्ञ दीवान, भाऊसाहब भुस्कुटे स्मृति लोक न्यास गोविंदनगर के उपाध्यक्ष श्री उम्मेद सिंह पटेल, श्री मकरन सिंह पटेल, सहसचिव श्री केशव माहेश्वरी, सदस्य श्री भूपेन्द्र सिंह पटेल, विशेष आमंत्रित सदस्य श्री विवेक महेश्वरी, श्री अनिल बारोलिया, कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष श्री अनिल अग्रवाल, न्यास के प्रबंधक श्री धर्मेन्द्र गुर्जर, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के सदस्य (मृदा विज्ञान) श्री नीतिराज पटेल, उपसंचालक कृषि डॉ.रविकांत सिंह, उप परियोजना संचालक “आत्मा” श्री गोविंद मीना, कृषि वैज्ञानिक डॉ. दीपक खांडे, प्रभारी वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. संजीव कुमार गर्ग तथा कृषि एवं विभिन्न विभाग से पधारे अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्तिथ रहे साथ नर्मदापुरम के विभिन्न विकासखंडो से आए हुए किसान कार्यक्रम में सम्मिलित हुए I कार्यक्रम की शुरुआत में उपसंचालक कृषि डॉ. रविकांत सिंह ने कार्यक्रम का परिचय एवं रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि इस कृषि विज्ञान मेले का मुख्य उद्देश्य किसानों के बीच उन्नत कृषि तकनीकों का प्रसार, प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देना तथा किसानों को नवीन कृषि नवाचारों से अवगत कराना है। नर्मदापुरम जिले के किसानों तथा विभागीय अमले को गेहूं कटाई उपरांत नरवाई जलाने की समस्या पर विशेष ध्यान देकर कृषकों को नरवाई प्रबंधन के लिए जागरूक करने के लिए कहाँ गया। उन्होंने कहाँ कि मिट्टी एक सजीव है, इसमें कई जीव- जंतु निवासरत है, जिसका भी हमें ध्यान रखना चाहिए नरवाई जलाने से सजीव मिट्टी के पोषक तत्व नष्ट हो जाते I उन्होंने फसल विविधीकरन पर हमें ध्यान देने के लिए कहाँ गया I उन्होंने बताया की कृषि विज्ञान केंद्र गोविंदनगर जैविक एवं प्राकृतिक खेती का हब है जहाँ आकर सुकून मिलता है, उन्होंने किसानो से संतुलित मात्रा में उर्वरको का उपयोग करने की सलाह दी I उन्होंने किसानो से आग्रह किया कि शासकीय योजनाओं का लाभ लेने के लिए किसान भाई अपनी भूमि को एग्रीस्टैक आई.डी से जुडवाए जिससे ई टोकन से संतुलित उर्वरक एवं योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सके। पिपरिया विधानसभा के लोकप्रिय विधायक श्री ठाकुरदास नागवंशी ने किसानो से नरवाई नहीं जलाने की अपील की गई, नरवाई जलाए नहीं बल्कि उसका चारा एकत्रित करें साथ ही फसल चक्र अपनाए जिससे नरवाई नहीं जलाना पढ़े एवं जो किसान भाई अच्छी उन्नत खेती कर रहे है उन कृषक एवं वैज्ञानिकों से किसान भाईयों को जानकारी प्राप्त करनी चाहिए । सांसद प्रतिनिधि एवं भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के सदस्य (मृदा विज्ञान) श्री नीतिराज पटेल ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि पुरानी खेती आत्मनिर्भर खेती थी जो जमीन से जुड़ी हुई थी, उन्होंने वर्तमान में केंसर के बढ़ती संख्या पर चिंता व्यक्त की एवं इसे रोकने हेतु परिवार के स्वास्थ्य और पोषण को ध्यान में रखते हुए स्वयं के परिवार के लिए जैविक एवं प्राकृतिक खेती करने के लिए आग्रह किया गया। श्री उम्मेद सिंह पटेल ने किसानों से आग्रह किया कि वे छोटे रकबे से ही जैविक खेती शुरू करें और धीरे-धीरे इसे बड़े स्तर पर अपनाए तथा विभाग की योजनाओं की जानकारी आधिक से अधिक किसानो तक पहुचाने की सलाह दी गई । अक्षय कृषि परिवार एवं भूमि सुपोषण अभियान के राष्ट्रीय समन्वयक श्री नवल रघुवंशी ने किसानों को भूमि सुपोषण अभियान के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह अभियान पूरे देश में चैत्र नवरात्र से प्रारंभ होकर एक माह तक संचालित किया जाएगा, जिसका उद्देश्य भूमि की उर्वरता को बनाए रखना तथा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना है। उन्होंने साथ ही बताया गया की वर्तमान में स्कूल बंद हो रहे है, हास्पिटल बढ़ रहे है एवं केंसर के मरीज भी बढ़ रहे है इसीलिए जबरदस्ती ही सही आधे बीघा में जैविक एवं प्राकृतिक खेती जरुर करें I भारतीय किसान संघ मध्यभारत के प्रांतीय अध्यक्ष श्री सर्वज्ञ दीवान ने किसानों को जैविक खेती के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि जिले में कृषि विज्ञान केंद्र गोविंदनगर जैसी संस्था उपलब्ध है, जो पूर्णतः जैविक खेती पर कार्य कर रही है। किसानों को इस संस्था से मार्गदर्शन लेकर जैविक खेती को अपनाना चाहिए। तकनीकी सत्र के दौरान प्रभारी वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. संजीव कुमार गर्ग ने कृषि विज्ञान केंद्र की भूमिका, नरवाई प्रबंधन तथा प्राकृतिक खेती की पद्धतियों की जानकारी दी। कृषि वैज्ञानिक डॉ. दीपक खांडे ने ग्रीष्मकालीन फसल उत्पादन तकनीक पर विस्तृत जानकारी देते हुए किसानों को रसायनों का सीमित उपयोग करने तथा एक ही प्रकार के कीटनाशक का बार-बार प्रयोग न करने की सलाह दी। उन्होंने किसानों को फसलों की उन्नतशील किस्मों के बारे में भी जानकारी दी। कृषि वैज्ञानिक डॉ. राजेन्द्र पटैल द्वारा ग्रीष्मकालीन मूंग फसल की वैकल्पिक फसल उड़द एवं प्राकृतिक खेती आधारित फसलों की जानकारी बंधुओं को दी गई, डॉ. बृजेश कुमार नामदेव ने जैविक पौध संरक्षण के उपायों की जानकारी दी, डॉ. रंजीत सिंह ने किसानों को ग्रीष्मकालीन सब्जी उत्पादन तकनीक के बारे में बताया। कार्यक्रम के दौरान आयोजित कृषक-वैज्ञानिक संवाद में प्रगतिशील कृषक श्री भूपेन्द्र पटेल ने अपने जैविक एवं प्राकृतिक खेती के अनुभव साझा किए। उन्होंने किसानों को फसल विविधिकरण अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि खेतों में दलहन, तिलहन एवं मोटे अनाज की फसलों को बारी-बारी से लगाने से भूमि की उर्वरता बनी रहती है और उत्पादन भी बढ़ता है। कृषि विज्ञान मेले में 30 से अधिक कृषि प्रदर्शनी लगाई गईं, जिनमें कृषि एवं संबंधित विभागों तथा कृषि से जुड़ी संस्थाओं द्वारा कृषि आदान, उत्पाद तथा उन्नत तकनीकों का जीवंत प्रदर्शन किया गया। साथ ही जिले के प्रगतिशील किसानों द्वारा उत्पादित फसलों की भी प्रदर्शनी लगाई गई I कार्यक्रम के अंत में “आत्मा” योजना अंतर्गत सर्वोत्तम जिला स्तरीय, विकासखंड स्तरीय प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। साथ ही कृषि विज्ञान केंद्र में संचालित आर्या परियोजना के अंतर्गत हितग्राही किसानों को भी प्रमाण पत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों को कृषि विज्ञान केंद्र परिसर में लगाई गई कृषि प्रदर्शनी का अवलोकन श्री गोविन्द मीना, डॉ. संजीव कुमार गर्ग एवं डॉ. बृजेश कुमार नामदेव द्वारा कराया गया। इस अवसर पर कृषि वैज्ञानिक, सहायक संचालक कृषि, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, कृषि विस्तार अधिकारी, बीटीएम, एटीएम सहित जिले के 1508 से अधिक किसान उपस्थित रहे। अंत में उप परियोजना संचालक “आत्मा” श्री गोविंद मीना द्वारा आभार व्यक्त किया गया एवं कार्यक्रम का समापन हुआ।1
- सोहागपुर (होशंगाबाद)-तिलक वार्ड निवासी राम रहीम रोटी बैंक के वरिष्ठ सदस्य श्री लक्ष्मी नारायण दुबे (लखन भैया) द्वारा प्रतिवर्ष अनुसार इस वर्ष भी अपनी पूज्यनीय माताजी स्व.श्रीमती कस्तूरी बाई दुबे की चौंथी पुण्यतिथि पर उनकी पुण्य स्मृति में जरूरतमंद,वृद्ध,बेसहारा लोगों एवं नर्मदा परिक्रमावासियों को फलफ्रूट एवं मिष्ठान के साथ कराए गए स्वादिष्ट भोजन।1
- जनपद पंचायत सभागार में आयोजित जनसुनवाई में आए 6 आवेदन मंगलवार सोहागपुर के जनपद पंचायत सभागार में ब्लॉक स्तरीय जनसुनवाई का आयोजन किया गया जिसमें उपस्थित अधिकारियों को 6 आवेदन प्राप्त हुए। यह जनसुनवाई नायब तहसीलदार रणजीत सिंह चौहान की उपस्थिति में आयोजित की गई। जनसुनवाई सुबह 11:00 से दोपहर 1:00 तक आयोजित की गई। जनसुनवाई के दौरान ग्राम बोदी और सोहागपुर के बीच बने नाले से अतिक्रमण हटाने की मांग की गई। ग्राम निभौरा निवासी सुनील रघुवंशी द्वारा आवेदन देकर सूचना के अधिकार के तहत जानकारी न देने की शिकायत की गई। ग्राम बमारी के किस राजेंद्र सिंह ठाकुर द्वारा तीन आवेदन देने के बावजूद प्रकरण की नकल नहीं देने की शिकायत की गई। ग्राम सिंग बाड़ा निवासी दीनदयाल नायक द्वारा खेत में लगी गेहूं एवं चने की फसल ना काटने देने की शिकायत की गई। क़िलापुरा निवासी नसीम खा ने नगर परिषद द्वारा जन्म पंजीयन रजिस्टर चेक करवा कर जन्म का NOC आप्राप्ता प्रमाण पत्र प्रदान करने की मांग की। सभी आवेदनों को अधिकारियों द्वारा संबंधित विभागों को निराकरण हेतु भिजवाया गया।1
- Post by सन्तोष1
- ब्रेकिंग न्यूज़ सुल्तानपुर मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी प्रदेश अध्यक्ष का दौरा सुल्तानपुर नगर में कांग्रेस पद अधिकारी एवं कार्यकर्ता ने एन एच 45 पर हार फूल मालाओं जीतू पटवारी का किया स्वागत3
- वॉशिंग पाउडर निरमा (ओरिजिनल जिंगल): यह निरमा का सबसे पुराना और ऐतिहासिक विज्ञापन है जिसमें सफेद फ्रॉक वाली लड़की और मशहूर जिंगल "सबकी पसंद निरमा" है।1
- पिपरिया में आज मंगलवार को 11:00 बजे से 1:30 बजे तक जनपद सभागार में आयोजित। जनसुनवाई में नागरिकों की, विभिन्न समस्याओं से संबंधित 23 लिखित आवेदन प्रशासन को प्राप्त हुए एसडीएम और तहसीलदार ने गांव और शहर से आए नागरिकों की शिकायतें सुनी मटकुली के आदिवासी गांव चिलोद के ग्रामीणों ने पेयजल के संकट को लेकर एसडीएम को ज्ञापन सोपा उन्होंने गांव में पानी की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की । पिपरिया की बैंक कॉलोनी के निवासियों ने नालियों का गंदा पानी सड़क पर जमा होने से हो रही परेशानी से अवगत कराया उनका कहना है कि लंबे समय से कॉलोनी वासी मुख्य मार्ग पर आगमन में दिक्कत झेल रहे हैं अनिल और पांच अन्य लोगों ने सांवरिया कॉलोनी में नियमों के उल्लंघन की शिकायत की वही लाखन सिंह और अन्य ग्रामीणों ने गाड़ाघाट में सार्वजनिक रास्ते पर अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की मांग रखी मटकुली के आदिवासी छात्रावास की भूमि पर अतिक्रमण हटाने के लिए किशन और 10 अन्य लोगों ने हस्ताक्षरित आवेदन एसडीएम को दिया तरुण कला की जीवन भाई ने पटवारी उमेश बरेली के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई जिसमें आरोप लगाया कि उनके पति की भूमि को फर्जी तरीके से राजस्व रिकॉर्ड में किसी और के नाम दर्ज कर दिया गया है महेश विश्वकर्मा ने राशि की धोखाधड़ी किए जाने की शिकायत की गोपाल चौरसिया ने अपनी निजी भूमि से अतिक्रमा हटाने का आग्रह किया जयराम और पांच अन्य ग्रामीणों ने डांडिया गांव में मुख्य मार्ग में शांति वतन तक सड़क निर्माण की मांग रखी धनश्री के हेमंत पटेल और अन्य मैं नल जल योजना के तहत कर वसूली न होने पर दोबारा आवेदन दिया इस पर एसडीएम ने जनपद के संबंध सचिव को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए लखन ओमकार में झूठी शिकायत करने की शिकायत दर्ज कराई एसडीएम आकिप खान ने सभी आवेदनों पर संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए जनसुनवाई में तहसीलदार वैभव बैरागी नायब तहसीलदार मनोज नामदेव नीरज बेस सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे1
- बनखेड़ी। थाना बनखेड़ी पुलिस ने घर में हुई चोरी के मामले का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से सोने-चांदी के जेवरात, नगदी और एक मारुति सुजुकी ओमनी वाहन जब्त किया है।1