अंबाह अंचल के वीर सपूत नायक राहुल सिंह सिकरवार को मंगलवार रात हृदय गति रुकने से वीरगति प्राप्त हुई। भारतीय सेना की इंजीनियर कोर में सेवा दे रहे नायक सिकरवार अवकाश पर अपने घर आए हुए थे। मंगलवार रात खाना खाकर सोने के बाद, सुबह परिजनों द्वारा जगाने पर पता चला कि उनकी सांसें थम चुकी थीं। मेडिकल परीक्षण के उपरांत, लगभग रात 9:30 बजे पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस मौके पर उनके 11 वर्षीय बेटे अभि सिकरवार ने उन्हें मुखाग्नि दी। राहुल सिंह सिकरवार अपने पीछे 11 वर्षीय बेटे अभि, चार वर्षीय बेटे कृशू सिकरवार, पत्नी, माता-पिता और भाई को छोड़ गए हैं। उनके पिता, श्री राम सुमरन सिंह तोमर (सेवानिवृत्त सेना तरैनी, हाल निवास पोरसा), भी भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हैं। नायक राहुल सिंह सिकरवार 2014 में भारतीय सेना की 416 इंजीनियर कोर में भर्ती हुए थे और 216 इंजीनियर कोर मथुरा में पदस्थ थे। मुक्तिधाम में उनके अंतिम संस्कार के दौरान अमर शहीद सम्मान सेवा संघ के सेवकों, जिनमें धर्मेंद्र सिंह तोमर (रिटायर्ड हवलदार भारतीय सेना), मनोज सिंह तोमर (सेवानिवृत्त भारतीय सेना पूठा), भीमसेन सिंह थरा, योगेन्द्र परमार, हरिमोहन शर्मा, रोहित शर्मा, शिवम शामिल थे, ने शव यात्रा के पथ पर पुष्प वर्षा कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इस दौरान 'भारत माता की जय' और 'नायक राहुल सिंह सिकरवार अमर रहे' के जयघोष गूंजते रहे। पूर्व सैनिक लीग पोरसा के पूर्व सैनिकों और सैकड़ों की संख्या में स्थानीय लोग भी इस मौके पर मौजूद रहे।
अंबाह अंचल के वीर सपूत नायक राहुल सिंह सिकरवार को मंगलवार रात हृदय गति रुकने से वीरगति प्राप्त हुई। भारतीय सेना की इंजीनियर कोर में सेवा दे रहे नायक सिकरवार अवकाश पर अपने घर आए हुए थे। मंगलवार रात खाना खाकर सोने के बाद, सुबह परिजनों द्वारा जगाने पर पता चला कि उनकी सांसें थम चुकी थीं। मेडिकल परीक्षण के उपरांत, लगभग रात 9:30 बजे पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस मौके पर उनके 11 वर्षीय बेटे अभि सिकरवार ने उन्हें मुखाग्नि दी। राहुल सिंह सिकरवार अपने पीछे 11 वर्षीय बेटे अभि, चार वर्षीय बेटे कृशू सिकरवार, पत्नी, माता-पिता और भाई को छोड़ गए हैं। उनके पिता, श्री राम सुमरन सिंह तोमर (सेवानिवृत्त सेना तरैनी, हाल निवास
पोरसा), भी भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हैं। नायक राहुल सिंह सिकरवार 2014 में भारतीय सेना की 416 इंजीनियर कोर में भर्ती हुए थे और 216 इंजीनियर कोर मथुरा में पदस्थ थे। मुक्तिधाम में उनके अंतिम संस्कार के दौरान अमर शहीद सम्मान सेवा संघ के सेवकों, जिनमें धर्मेंद्र सिंह तोमर (रिटायर्ड हवलदार भारतीय सेना), मनोज सिंह तोमर (सेवानिवृत्त भारतीय सेना पूठा), भीमसेन सिंह थरा, योगेन्द्र परमार, हरिमोहन शर्मा, रोहित शर्मा, शिवम शामिल थे, ने शव यात्रा के पथ पर पुष्प वर्षा कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इस दौरान 'भारत माता की जय' और 'नायक राहुल सिंह सिकरवार अमर रहे' के जयघोष गूंजते रहे। पूर्व सैनिक लीग पोरसा के पूर्व सैनिकों और सैकड़ों की संख्या में स्थानीय लोग भी इस मौके पर मौजूद रहे।
- अंबाह अंचल के वीर सपूत नायक राहुल सिंह सिकरवार को मंगलवार रात हृदय गति रुकने से वीरगति प्राप्त हुई। भारतीय सेना की इंजीनियर कोर में सेवा दे रहे नायक सिकरवार अवकाश पर अपने घर आए हुए थे। मंगलवार रात खाना खाकर सोने के बाद, सुबह परिजनों द्वारा जगाने पर पता चला कि उनकी सांसें थम चुकी थीं। मेडिकल परीक्षण के उपरांत, लगभग रात 9:30 बजे पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस मौके पर उनके 11 वर्षीय बेटे अभि सिकरवार ने उन्हें मुखाग्नि दी। राहुल सिंह सिकरवार अपने पीछे 11 वर्षीय बेटे अभि, चार वर्षीय बेटे कृशू सिकरवार, पत्नी, माता-पिता और भाई को छोड़ गए हैं। उनके पिता, श्री राम सुमरन सिंह तोमर (सेवानिवृत्त सेना तरैनी, हाल निवास पोरसा), भी भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हैं। नायक राहुल सिंह सिकरवार 2014 में भारतीय सेना की 416 इंजीनियर कोर में भर्ती हुए थे और 216 इंजीनियर कोर मथुरा में पदस्थ थे। मुक्तिधाम में उनके अंतिम संस्कार के दौरान अमर शहीद सम्मान सेवा संघ के सेवकों, जिनमें धर्मेंद्र सिंह तोमर (रिटायर्ड हवलदार भारतीय सेना), मनोज सिंह तोमर (सेवानिवृत्त भारतीय सेना पूठा), भीमसेन सिंह थरा, योगेन्द्र परमार, हरिमोहन शर्मा, रोहित शर्मा, शिवम शामिल थे, ने शव यात्रा के पथ पर पुष्प वर्षा कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इस दौरान 'भारत माता की जय' और 'नायक राहुल सिंह सिकरवार अमर रहे' के जयघोष गूंजते रहे। पूर्व सैनिक लीग पोरसा के पूर्व सैनिकों और सैकड़ों की संख्या में स्थानीय लोग भी इस मौके पर मौजूद रहे।2
- मध्य प्रदेश के अंबाह में, 16 जून 2026 को राष्ट्रीय छात्र संघ भारत (NSUI) ने नगर पालिका चौराहा पर चुनाव आयोग के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और पुतला दहन कार्यक्रम आयोजित किया। यह विरोध कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और राज्यसभा उम्मीदवार श्रीमती मीनाक्षी नटराजन के नामांकन को निरस्त किए जाने के कारण किया गया। रोहित बंटी गुड़ेनिया के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में कांग्रेस और NSUI के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में भाग लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ब्लॉक अध्यक्ष शैलेन्द्र शर्मा (छोटाई) ने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र की मजबूती निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया पर टिकी है। उन्होंने राज्यसभा चुनाव में कथित अनियमितताओं और श्रीमती मीनाक्षी नटराजन के नामांकन रद्द होने के विरोध में इस प्रदर्शन को उचित ठहराया। शर्मा ने यह भी कहा कि कांग्रेस पार्टी लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए लगातार संघर्षरत रहेगी और जनता की आवाज को दबाने के किसी भी प्रयास का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जाएगा। अन्य वक्ताओं ने भी लोकतंत्र में निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया की अनिवार्यता पर बल दिया, यह आरोप लगाते हुए कि किसी भी प्रकार की अनियमितता लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करती है। उन्होंने चुनाव आयोग के निर्णय की कड़ी आलोचना की, इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध बताया और आयोग से निष्पक्षता बनाए रखने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान, कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और प्रतीकात्मक रूप से चुनाव आयोग का पुतला दहन करके अपना तीव्र रोष व्यक्त किया। इस अवसर पर ब्लॉक अध्यक्ष शैलेन्द्र शर्मा (छोटाई), NSUI प्रदेश सचिव रोहित बंटी गुड़ेनिया, NSUI ब्लॉक अध्यक्ष ऋषु शर्मा, नगर अध्यक्ष महेश कुमार विकल, जिला अध्यक्ष सेवा दल बृजकिशोर सखवार, जिला अध्यक्ष यंग ब्रिगेड देवेश शर्मा, वीरू कुशवाह, जिला कांग्रेस प्रवक्ता मनोज थापक, अजय शर्मा सहित अनेक कांग्रेसजन, NSUI पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम के समापन पर, सभी उपस्थित कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र की रक्षा, संविधान के मूल्यों को सशक्त बनाने तथा जनहित के मुद्दों पर निरंतर संघर्ष करने का संकल्प लिया। बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की उपस्थिति ने संगठन की एकजुटता और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उनकी गहरी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया।1
- ग्वालियर के मान सिंह तोमर दुर्ग से ऐसाहगढ़ तंवरघार (अम्बाह) स्थित चिलाय माता मंदिर तक एक ‘पराक्रम स्वाभिमान यात्रा’ का आयोजन किया जाएगा। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य चंबल के पराक्रमियों की शौर्यगाथा से आने वाली पीढ़ियों को परिचित कराना है, ताकि वे अपने गौरवशाली इतिहास से अवगत हो सकें। यह महत्वपूर्ण यात्रा 18 जून, 2026 को मनाई जाने वाली '450वां बलिदान दिवस' के उपलक्ष्य में निकाली जाएगी। इसके लिए ग्वालियर से अम्बाह तक विभिन्न समाज सेवी संस्थाओं और पूर्व सैनिक संगठनों द्वारा व्यापक जनसंपर्क किया जा रहा है, ताकि इस आयोजन को सफल बनाया जा सके।1
- धरती मानवतावादी पार्टी ने एक बयान जारी कर कहा है कि मोहन यादव जी ने पहले ओबीसी आरक्षण को 'डंके की चोट' पर पूरा करने की बात कही थी।1
- भिंड पुलिस ने अपने "ऑपरेशन विश्वास" के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है, जिसमें 325 गुम हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके मालिकों को वापस सौंप दिए गए हैं। इन मोबाइलों की कुल अनुमानित कीमत 81 लाख 30 हजार रुपये बताई गई है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक भिंड सूरज कुमार वर्मा के निर्देशन में साइबर सेल और जिले के सभी थानों की टीम द्वारा CEIR पोर्टल का उपयोग करके की गई। बरामद किए गए मोबाइल मध्य प्रदेश के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, गुजरात, दिल्ली, राजस्थान, महाराष्ट्र, झारखंड, केरल, असम और छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न राज्यों से खोजे गए। मंगलवार को पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित एक कार्यक्रम में ये मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए गए। मोबाइल वापस मिलने पर लोगों ने भिंड पुलिस, साइबर सेल और संबंधित थाना पुलिस की सराहना की। भिंड पुलिस ने बताया कि 2025 में भी CEIR पोर्टल के माध्यम से कुल 628 गुम मोबाइल बरामद किए जा चुके हैं, और यह अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा।4
- राजस्थान के बारा जिले की एक 60 वर्षीय विधवा महिला ने मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले के एक 60 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति के साथ विवाह कर अपने जीवन की एक नई शुरुआत की है। यह विवाह इस बात का संदेश देता है कि जीवन के किसी भी पड़ाव पर एक साथी का साथ, सम्मान और भावनात्मक सहारा बेहद महत्वपूर्ण होता है। यह घटना समाज में बुजुर्गों के पुनर्विवाह को लेकर अक्सर देखे जाने वाले संकोच को दूर करती है और यह साबित करती है कि खुशहाल जीवन जीने का अधिकार हर उम्र में सभी को है।1
- मध्य प्रदेश के भिंड जिले के गोहद में चल रहे "गौ-हद धाम अभियान" को अब संत समाज का भी समर्थन मिल गया है। खनेता धाम स्थित प्राचीन श्री रघुनाथ जी मंदिर के महंत महामंडलेश्वर परम पूज्य श्री रामभूषण दास जी महाराज ने गोहद की धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्ता पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि गोहद सिर्फ एक नगर नहीं, बल्कि प्राचीन वैष्णव परंपराओं, संत संस्कृति और जनआस्था का केंद्र रहा है। महंत श्री ने स्थानीय परंपराओं और प्राचीन मान्यताओं का जिक्र करते हुए बताया कि गोहद का संबंध भगवान श्रीकृष्ण की गौ-चारण लीलाओं से है, जिसकी वजह से इस क्षेत्र को "गौ-हद" यानी गऊओं की अंतिम सीमा या गोचारण क्षेत्र की हद के रूप में जाना जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि गोहद के अनेक प्राचीन मंदिरों और धार्मिक संस्थाओं का संबंध ब्रज एवं वृंदावन की वैष्णव परंपरा से है। राजगुरु की जग्गा, कालिया कंठ की जग्गा, रघुनाथ जी की जग्गा, मदनमोहन जी की जग्गा, नरसिंह जी की जग्गा, लक्ष्मण जी मंदिर जैसे सैकड़ों प्राचीन मंदिर इस क्षेत्र की आध्यात्मिक विरासत के साक्षी हैं। महंत श्री रामभूषण दास जी ने इस बात पर जोर दिया कि अब समय आ गया है कि गोहद के वास्तविक इतिहास, सांस्कृतिक महत्व और धार्मिक पहचान को सामने लाया जाए। उन्होंने मध्य प्रदेश शासन से आग्रह किया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा घोषित श्रीकृष्ण गमन पथ योजना में गोहद को शामिल करने की संभावनाओं पर गंभीरता से विचार किया जाए। उनका कहना था कि यदि मथुरा और वृंदावन भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं के प्रमुख केंद्र हैं, तो चंबल अंचल की यह भूमि भी अपनी लोकपरंपराओं, संत परंपराओं और धार्मिक धरोहरों के कारण विशेष अध्ययन एवं संरक्षण की पात्र है। गौ-हद धाम अभियान से जुड़े प्रतिनिधि मंडल ने महंत श्री से भेंट कर अभियान की रूपरेखा साझा की, जिसमें गोहद, मितावली, पढ़ावली, काकनमठ, शनिधाम, कुंतलपुर और कर्ण कुंड को जोड़कर एक धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन सर्किट विकसित करने की आवश्यकता पर भी चर्चा की गई।1
- मुरैना जिले के अम्बाह नगर में मंगलवार दोपहर एक घटना सामने आई, जहाँ एक प्रेमी ने नौकरी के टेस्ट में सफल होने के बाद अपनी प्रेमिका से शादी का वादा तोड़ दिया। जब प्रेमिका इस वादे के टूटने का जवाब मांगने प्रेमी के घर पहुंची, तो उसकी बहनों ने प्रेमिका की पिटाई कर दी।1