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मुजफ्फरपुर जिले के मोतीपुर प्रखंड स्थित बगवाड़ा स्कूल में औचक निरीक्षण के दौरान सैकड़ों बच्चे अनुपस्थित मिले हैं। स्कूल में बच्चों की इतनी बड़ी संख्या में गैरहाजिरी सामने आने के बाद बीडीओ अरविंद गुप्ता ने बीईओ को मामले की जांच कर कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
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मुजफ्फरपुर जिले के मोतीपुर प्रखंड स्थित बगवाड़ा स्कूल में औचक निरीक्षण के दौरान सैकड़ों बच्चे अनुपस्थित मिले हैं। स्कूल में बच्चों की इतनी बड़ी संख्या में गैरहाजिरी सामने आने के बाद बीडीओ अरविंद गुप्ता ने बीईओ को मामले की जांच कर कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
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- मुजफ्फरपुर जिले के मोतीपुर प्रखंड स्थित बगवाड़ा स्कूल में औचक निरीक्षण के दौरान सैकड़ों बच्चे अनुपस्थित मिले हैं। स्कूल में बच्चों की इतनी बड़ी संख्या में गैरहाजिरी सामने आने के बाद बीडीओ अरविंद गुप्ता ने बीईओ को मामले की जांच कर कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।1
- बिहार विधानसभा में आज बिहार विधानसभा राज (संशोधन) विधेयक 2026 पारित हो गया है। सदन में इस विधेयक को पेश करते हुए पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने अपना वक्तव्य रखा और विधेयक के संबंध में बात कही।1
- ललित कश्यप के 'तूफान' और 'बेनीपुर' चैनलों को सब्सक्राइब करने की अपील की गई है। इस संदेश के माध्यम से लोगों से ललित कश्यप तूफान चैनल और ललित कश्यप बेनीपुर चैनल को सब्सक्राइब करने का अनुरोध किया गया है।1
- बिहार के साहेबगंज बाजार में छात्रों ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की मांग को लेकर "Peaceful March For Education" निकाला। हाथों में बैनर-पोस्टर लिए दर्जनों छात्र-छात्राएं सड़कों पर उतरे और "No Politics, No Hate, Only Education" का नारा लगाते हुए शिक्षा को राजनीति व नफरत से दूर रखने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने "We Want Quality Education For Every Student", "Education Is Our Right" और "Better Education Better Future" लिखे बैनर उठा रखे थे। इस मार्च की खास बात यह रही कि छात्रों ने लद्दाख के शिक्षाविद सोनम वांगचुक के आंदोलन के समर्थन में भी जमकर नारेबाजी की। बैनर पर "We Support Sonam Wangchuk And His Peaceful March For Better Education" लिखकर छात्रों ने कहा कि जिस तरह वांगचुक शिक्षा और पर्यावरण के लिए आवाज उठा रहे हैं, उसी तर्ज पर उन्हें भी अपने अधिकारों के लिए आगे आना होगा। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्राओं ने भी हिस्सा लिया और सरकारी स्कूलों में शिक्षकों व संसाधनों की कमी का मुद्दा उठाते हुए गांव के बच्चों को भी शहर जैसी शिक्षा देने की मांग की। प्रदर्शनकारी छात्रों की मुख्य मांगों में हर छात्र को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर शिक्षा नीति और शिक्षा में राजनीति न होना शामिल है। बाजार में निकले इस मार्च के कारण कुछ देर के लिए आवागमन प्रभावित हुआ, लेकिन जुलूस पूरी तरह से शांतिपूर्ण रहा। स्थानीय लोगों ने छात्रों की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यदि युवा शिक्षा के लिए सड़कों पर आएंगे तो व्यवस्था में सुधार जरूर होगा।1
- NEET पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू हुई विरोध की चिंगारी अब बिहार पहुँच चुकी है। इस मुद्दे को लेकर राजधानी पटना में जमकर हंगामा देखने को मिला है।1
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- बिहार के मुजफ्फरपुर में स्मार्ट प्रीपेड मीटर से डिफरमेंट चार्ज के नाम पर अचानक राशि काटे जाने से भड़के उपभोक्ताओं ने गुरुवार को जमकर हंगामा किया। तिलक मैदान रोड स्थित विद्युत कार्यपालक अभियंता कार्यालय पर पहुंचे प्रदर्शनकारियों का गुस्सा इस कदर फूटा कि उन्होंने कार्यालय परिसर में तोड़फोड़ और पथराव शुरू कर दिया। इस दौरान खिड़कियों के शीशे टूटने से दो लोग घायल हो गए। आक्रोशित उपभोक्ताओं का आरोप है कि विभाग ने बिना किसी पूर्व सूचना के उनके स्मार्ट मीटर से ₹2,000 से लेकर ₹10,000 तक की राशि काट ली। इसके चलते कई लोगों का मीटर बैलेंस माइनस में चला गया और उनके घरों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। लोगों का कहना है कि वे नियमित रिचार्ज कर रहे हैं, फिर भी पुराने बकाये के नाम पर यह मनमानी कटौती की गई। उग्र भीड़ ने दफ्तर के अंदर घुसकर कंप्यूटर ऑपरेटरों के केबिन में तोड़फोड़ की और फाइलों को बिखेर दिया, जिससे कर्मचारियों में अफरातफरी मच गई और वे अपनी जान बचाने के लिए बाहर भाग निकले। घटना की सूचना मिलते ही नगर थाना समेत आसपास के थानों की पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कड़ी मशक्कत के बाद स्थिति को नियंत्रित किया। मामले पर बिजली विभाग का पक्ष है कि स्मार्ट मीटर लगने से पहले के लंबित एरियर की राशि किस्तों में वसूली जा रही है। वहीं, मौके पर पहुंचे एसडीओ (पूर्वी) आनंद उत्कर्ष ने कहा कि उपभोक्ताओं की शिकायतों की जांच कराई जाएगी और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने व तोड़फोड़ में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी।1