दो साल में ही बदहाल हुए पार्क, टूटी बेंचें-खराब लाइटों से बढ़ी लोगों की नाराजगी 72 लाख खर्च के बाद भी नहीं हो सकी देखभाल, ओपन जिम उपकरण भी हुए क्षतिग्रस्त राजाखेड़ा। स्थानीय नगरपालिका द्वारा पिछले दो वर्षों में शहर के सौंदर्यकरण और लोगों को बेहतर सार्वजनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाए गए पार्क अब बदहाली का शिकार हो गए हैं। करीब 72 लाख रुपये की लागत से विकसित किए गए इन पार्कों की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि लोगों ने इनके रखरखाव पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। नगरपालिका प्रशासन ने कोर्ट परिसर तथा राजकीय बालिका विद्यालय क्षेत्र स्थित चौधरी बाग रोड पर बाबू महाराज दिव्यांग पार्क का निर्माण कराया था। इन पार्कों में बच्चों के झूले, ओपन जिम उपकरण, बैठने के लिए बेंचें, सजावटी लाइटें और हरियाली विकसित की गई थी, ताकि लोग सुबह-शाम भ्रमण कर सकें और परिवार के साथ समय बिता सकें। लेकिन निर्माण के कुछ समय बाद ही पार्कों की सुविधाएं दम तोड़ने लगीं। पार्क में लगी बेंचें टूटकर जमीन पर गिर चुकी हैं, झूले और ओपन जिम उपकरण खराब पड़े हैं, जबकि कई जगह लगी लाइटें बंद हो चुकी हैं। कुछ लाइटें तो गायब तक हो गई हैं। साफ-सफाई और नियमित देखभाल के अभाव में पार्क की घास सूख चुकी है और लगाए गए पौधे भी नष्ट होने की कगार पर पहुंच गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि राज्य सरकार लोगों को स्वस्थ और निरोगी जीवन देने के उद्देश्य से पार्क और ओपन जिम जैसी सुविधाएं विकसित कर रही है, लेकिन नगरपालिका रखरखाव की जिम्मेदारी निभाने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है। लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में निम्न स्तर की सामग्री का उपयोग किया गया, जिसके चलते उपकरण और संरचनाएं जल्द ही क्षतिग्रस्त हो गईं। रखरखाव के नाम पर उठे बिल, जमीन पर नहीं दिखा काम लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि पार्कों की देखभाल के लिए ठेके पर कर्मचारियों की तैनाती दिखाकर बिल तो उठा लिए गए, लेकिन वास्तविकता में रखरखाव का कोई कार्य नजर नहीं आता। उनका कहना है कि यदि नियमित कर्मचारी तैनात होते तो पार्कों की यह दुर्दशा नहीं होती। उद्घाटन तक सीमित रहे ओपन जिम शहरवासियों के अनुसार ओपन जिम का उपयोग केवल उद्घाटन के समय तक ही सीमित रहा। बाद में उपकरण खराब हो गए और उनकी मरम्मत तक नहीं कराई गई। लोगों का कहना है कि न तो निर्माण एजेंसी की जांच हुई और न ही जिम्मेदार अधिकारियों से जवाबदेही तय की गई। वर्तमान में पार्कों में अव्यवस्था का माहौल है और यहां निराश्रित पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है। निरीक्षण कर होगी कार्रवाई : अधिशासी अधिकारी इस संबंध में नगर पालिका अधिशासी अधिकारी विष्णु कुमार परमार ने बताया कि बाबू महाराज दिव्यांग पार्क का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी तथा व्यवस्थाओं को दुरुस्त कराया जाएगा।
दो साल में ही बदहाल हुए पार्क, टूटी बेंचें-खराब लाइटों से बढ़ी लोगों की नाराजगी 72 लाख खर्च के बाद भी नहीं हो सकी देखभाल, ओपन जिम उपकरण भी हुए क्षतिग्रस्त राजाखेड़ा। स्थानीय नगरपालिका द्वारा पिछले दो वर्षों में शहर के सौंदर्यकरण और लोगों को बेहतर सार्वजनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाए गए पार्क अब बदहाली का शिकार हो गए हैं। करीब 72 लाख रुपये की लागत से विकसित किए गए इन पार्कों की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि लोगों ने इनके रखरखाव पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। नगरपालिका प्रशासन ने कोर्ट परिसर तथा राजकीय बालिका विद्यालय क्षेत्र स्थित चौधरी बाग रोड पर बाबू महाराज दिव्यांग पार्क का निर्माण कराया
था। इन पार्कों में बच्चों के झूले, ओपन जिम उपकरण, बैठने के लिए बेंचें, सजावटी लाइटें और हरियाली विकसित की गई थी, ताकि लोग सुबह-शाम भ्रमण कर सकें और परिवार के साथ समय बिता सकें। लेकिन निर्माण के कुछ समय बाद ही पार्कों की सुविधाएं दम तोड़ने लगीं। पार्क में लगी बेंचें टूटकर जमीन पर गिर चुकी हैं, झूले और ओपन जिम उपकरण खराब पड़े हैं, जबकि कई जगह लगी लाइटें बंद हो चुकी हैं। कुछ लाइटें तो गायब तक हो गई हैं। साफ-सफाई और नियमित देखभाल के अभाव में पार्क की घास सूख चुकी है और लगाए गए पौधे भी नष्ट होने की कगार पर पहुंच गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि
राज्य सरकार लोगों को स्वस्थ और निरोगी जीवन देने के उद्देश्य से पार्क और ओपन जिम जैसी सुविधाएं विकसित कर रही है, लेकिन नगरपालिका रखरखाव की जिम्मेदारी निभाने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है। लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में निम्न स्तर की सामग्री का उपयोग किया गया, जिसके चलते उपकरण और संरचनाएं जल्द ही क्षतिग्रस्त हो गईं। रखरखाव के नाम पर उठे बिल, जमीन पर नहीं दिखा काम लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि पार्कों की देखभाल के लिए ठेके पर कर्मचारियों की तैनाती दिखाकर बिल तो उठा लिए गए, लेकिन वास्तविकता में रखरखाव का कोई कार्य नजर नहीं आता। उनका कहना है कि यदि नियमित कर्मचारी तैनात होते
तो पार्कों की यह दुर्दशा नहीं होती। उद्घाटन तक सीमित रहे ओपन जिम शहरवासियों के अनुसार ओपन जिम का उपयोग केवल उद्घाटन के समय तक ही सीमित रहा। बाद में उपकरण खराब हो गए और उनकी मरम्मत तक नहीं कराई गई। लोगों का कहना है कि न तो निर्माण एजेंसी की जांच हुई और न ही जिम्मेदार अधिकारियों से जवाबदेही तय की गई। वर्तमान में पार्कों में अव्यवस्था का माहौल है और यहां निराश्रित पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है। निरीक्षण कर होगी कार्रवाई : अधिशासी अधिकारी इस संबंध में नगर पालिका अधिशासी अधिकारी विष्णु कुमार परमार ने बताया कि बाबू महाराज दिव्यांग पार्क का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी तथा व्यवस्थाओं को दुरुस्त कराया जाएगा।
- राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड 9 और 10 मई को प्रयोगशाला सहायक भर्ती परीक्षाएँ आयोजित करेगा। धौलपुर में निष्पक्ष और नकल-रहित परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। यह नियंत्रण कक्ष 10 मई को परीक्षा समाप्त होने तक कार्यरत रहेगा।1
- अमृता बोस ने अपना कॉर्पोरेट करियर छोड़कर ग्रामीण बच्चों के लिए मुफ्त अंग्रेजी स्कूल खोला और माताओं के लिए रोजगार शुरू किया। TMC नेताओं ने उनसे 2 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी, इनकार करने पर स्कूल लूट लिया गया और बंद कर दिया गया। अब राजनीतिक बदलाव के बाद स्कूल फिर से खुल गया है, जो भ्रष्टाचार पर उम्मीद की जीत है।1
- मध्य प्रदेश के मुरैना में कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया। इसमें पार्टी के कई बड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।1
- उत्तर प्रदेश के आगरा में ताजमहल घूमने आए दो विवाहित जोड़े अपनी कम लंबाई के कारण आकर्षण का केंद्र बन गए। लोगों ने ताजमहल से ज़्यादा उन कपल्स को निहारा और उनके वीडियो बनाए। उनकी प्यार भरी जोड़ी ने सभी का ध्यान खींचा।1
- Mai mahuri panchayat jila murena tahsil Amba Mai mahuri Panchayat mein mai mahuri1
- मुरैना से चोरी हुई 68 भैंसों में से 60 को पुलिस ने राजस्थान के डांग बसई गांव से बरामद किया है। चोरों ने इन भैंसों को दूसरे राज्य में छिपा रखा था, जिसके बाद पुलिस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। बाकी भैंसों की तलाश जारी है, जिससे पशुपालकों को बड़ी राहत मिली है।1
- भगवान परशुराम शोभा यात्रा समिति का चैरिटेबल ट्रस्ट में विलय धौलपुर। भगवान परशुराम शोभा यात्रा समिति की आयोजित बैठक में सर्वसम्मति से समिति का भगवान परशुराम चैरिटेबल ट्रस्ट में विलय करने का निर्णय लिया गया। बैठक में समाजहित, संगठनात्मक मजबूती एवं धार्मिक गतिविधियों के सुव्यवस्थित संचालन को लेकर चर्चा की गई। समिति के जिला अध्यक्ष मुकेश शर्मा ने ट्रस्ट के प्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों को औपचारिक पत्र सौंपते हुए समिति को ट्रस्ट के अंतर्गत “भगवान परशुराम शोभा यात्रा प्रकोष्ठ” के रूप में मान्यता देने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि इससे भगवान परशुराम शोभायात्रा, धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियां पूर्व की भांति संचालित होती रहेंगी। बैठक में वित्तीय पारदर्शिता पर भी जोर देते हुए विगत वर्ष की शेष राशि ट्रस्ट को समर्पित करने का निर्णय लिया गया। साथ ही आगामी भगवान परशुराम शोभायात्रा को भव्य एवं सुव्यवस्थित बनाने के लिए शीघ्र संयुक्त बैठक आयोजित करने का प्रस्ताव रखा गया। इस अवसर पर समिति की कार्यकारिणी सूची भी ट्रस्ट को सौंपी गई। संरक्षक मंडल में किशनचंद शर्मा, विशंभर दयाल शर्मा, हरिनिवास प्रधान, श्रीनिवास शर्मा एवं रामगोपाल शर्मा को शामिल किया गया। मुकेश शर्मा को अध्यक्ष, राजेश महदपुरा, संजय दीक्षित एवं मुकेश हनुमानपुरा को उपाध्यक्ष तथा राजेंद्र शर्मा एवं सतीश दीक्षित को महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई। बैठक में समाज के अनेक पदाधिकारी एवं समाजजन मौजूद रहे।2
- पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में पुलिस पर फायरिंग होने से हड़कंप मच गया है। इस घटना के बाद TMC पर गंभीर आरोप लगे हैं कि वह हार के बावजूद इस्तीफा नहीं दे रही और राज्य में हिंसा भड़का रही है।1
- अम्बाह पी.जी. कॉलेज में निजी कॉलेजों की परीक्षा के कारण मुख्य सड़क पर भीषण जाम लग रहा है। कॉलेज में पार्किंग की जगह होने के बावजूद, प्रशासन गाड़ियों को अंदर लगाने की अनुमति नहीं दे रहा, जिससे यात्री परेशान हैं।1