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उत्तर प्रदेश के आगरा में ताजमहल घूमने आए दो विवाहित जोड़े अपनी कम लंबाई के कारण आकर्षण का केंद्र बन गए। लोगों ने ताजमहल से ज़्यादा उन कपल्स को निहारा और उनके वीडियो बनाए। उनकी प्यार भरी जोड़ी ने सभी का ध्यान खींचा।
शाहरुख बेग मिर्जा
उत्तर प्रदेश के आगरा में ताजमहल घूमने आए दो विवाहित जोड़े अपनी कम लंबाई के कारण आकर्षण का केंद्र बन गए। लोगों ने ताजमहल से ज़्यादा उन कपल्स को निहारा और उनके वीडियो बनाए। उनकी प्यार भरी जोड़ी ने सभी का ध्यान खींचा।
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- उत्तर प्रदेश के आगरा में ताजमहल घूमने आए दो विवाहित जोड़े अपनी कम लंबाई के कारण आकर्षण का केंद्र बन गए। लोगों ने ताजमहल से ज़्यादा उन कपल्स को निहारा और उनके वीडियो बनाए। उनकी प्यार भरी जोड़ी ने सभी का ध्यान खींचा।1
- धौलपुर पुलिस की ‘ए’ श्रेणी नाकाबंदी, 881 वाहनों की जांच, 169 चालकों पर कार्रवाई धौलपुर। आगामी त्योहारों एवं जिले में कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से धौलपुर पुलिस द्वारा शुक्रवार तड़के जिलेभर में “ए” श्रेणी की विशेष नाकाबंदी अभियान चलाया गया। जिला पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान के निर्देशन में सुबह 3 बजे से 6 बजे तक संदिग्ध वाहनों एवं व्यक्तियों की गहन जांच की गई। अभियान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एडीएफ मुख्यालय बाड़ी कमल कुमार जांगिड़ के सुपरविजन में संचालित किया गया। जिले के सभी वृत्ताधिकारियों और थाना प्रभारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में प्रभावी एवं सुनियोजित तरीके से नाकाबंदी कर कार्रवाई को अंजाम दिया। नाकाबंदी के दौरान पुलिस ने जिलेभर में 359 दुपहिया एवं 522 चौपहिया वाहनों सहित कुल 881 वाहनों की जांच की। वाहन चालकों के दस्तावेजों की पड़ताल की गई तथा सवार व्यक्तियों की पहचान का सत्यापन भी किया गया। संदिग्ध वाहनों की तलाशी लेने के साथ ही राजकॉप ऐप के माध्यम से वाहनों के पंजीकरण एवं स्वामित्व की त्वरित पुष्टि की गई। एमवी एक्ट के उल्लंघन पर पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए 169 वाहन चालकों के खिलाफ चालान किए। इनमें 29 बिना हेलमेट, 81 बिना सीट बेल्ट, एक मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए वाहन चलाने, 14 बिना नंबर प्लेट, पांच काली फिल्म लगे वाहनों तथा 39 अन्य यातायात नियम उल्लंघन के मामले शामिल हैं। अभियान के दौरान पुलिस अधिकारियों ने विभिन्न नाकाबंदी स्थलों का औचक निरीक्षण भी किया। पुलिस ने यह भी सुनिश्चित किया कि किसी बीमार व्यक्ति, महिला अथवा वरिष्ठ नागरिक को अनावश्यक असुविधा न हो। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा ने बताया कि जिले में आमजन की सुरक्षा, अपराधियों की धरपकड़ और असामाजिक तत्वों पर अंकुश लगाने के लिए धौलपुर पुलिस पूरी मुस्तैदी और सतर्कता के साथ कार्य कर रही है।3
- hame gam ki puliya ki marammati ke hetu kiyo ki hamar gam baddubura bijoli badi ki puliya barsat ke taim me pani me dub jati he or tutne ki kagar par he us par 3 fut pani ho jata he is se jo log shahar jana chahate he un ko bautsi musililo ka samna karna padta he1
- Post by OM PRAKASH3
- धौलपुर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने पीजी कॉलेज मार्ग पर फेंके जा रहे मांस के अवशेषों का विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर इस समस्या पर तुरंत कार्रवाई की मांग की।4
- धौलपुर जिले की दूबरा ग्राम पंचायत में संभागीय आयुक्त नलिनी कठौतिया ने जनसुनवाई की। उन्होंने महिलाओं और बुजुर्गों की पेयजल, सड़क और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को सुना और अधिकारियों को तत्काल निवारण के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य आमजन को त्वरित राहत पहुँचाना है।1
- धौलपुर के पीजी कॉलेज मार्ग पर मीट के अवशेष फेंके जाने को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने विरोध प्रदर्शन किया। इस गंदगी से 4000 छात्रों व राहगीरों को दुर्गंध और संक्रमण का खतरा झेलना पड़ता है। छात्रों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर 10 दिन में कार्रवाई न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।3
- सरमथुरा के जंगलों में चीते की पहली सफल ‘हंटिंग’, धौलपुर की वनभूमि ने दिए नए संकेत धौलपुर। सरमथुरा क्षेत्र के जंगलों में विचरण कर रहे चीते ने पहली बार शिकार कर अपनी मौजूदगी का मजबूत संकेत दिया है। कूनो नेशनल पार्क से निकलकर धौलपुर पहुंचे इस चीते ने एक मवेशी का शिकार किया, जिसका वीडियो भी सामने आया है। घटना के बाद पूरे इलाके में वन्यजीव गतिविधियों को लेकर उत्सुकता और चर्चा तेज हो गई है। वन विभाग के अनुसार चीते की गतिविधियों पर रेडियो कॉलर के जरिए लगातार नजर रखी जा रही है। निगरानी के दौरान पता चला कि चीते ने जंगल क्षेत्र में शिकार किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी नए क्षेत्र में पहुंचने के बाद यदि चीता सहज रूप से शिकार करने लगे, तो यह उसके वहां के वातावरण में ढलने और खुद को सुरक्षित महसूस करने का संकेत माना जाता है। धौलपुर के बीहड़ और वन क्षेत्र पहले से ही बाघ, तेंदुआ, सियार और अन्य वन्यजीवों की मौजूदगी के लिए पहचाने जाते रहे हैं। ऐसे में चीते की सक्रियता ने इस क्षेत्र की जैव विविधता को लेकर नई उम्मीदें जगा दी हैं। वन्यजीव प्रेमियों का कहना है कि यदि जंगलों में पर्याप्त प्राकृतिक संसाधन और सुरक्षा बनी रही, तो भविष्य में यह इलाका चीते के लिए भी उपयुक्त आवास बन सकता है। चीते की मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग ने आसपास के ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि जंगल क्षेत्र में अनावश्यक आवाजाही से बचें और किसी भी वन्यजीव गतिविधि की सूचना तुरंत अधिकारियों को दें, ताकि चीते की सुरक्षा और आमजन की सतर्कता दोनों सुनिश्चित की जा सके।1