सरमथुरा के जंगलों में चीते की पहली सफल ‘हंटिंग’, धौलपुर की वनभूमि ने दिए नए संकेत धौलपुर। सरमथुरा क्षेत्र के जंगलों में विचरण कर रहे चीते ने पहली बार शिकार कर अपनी मौजूदगी का मजबूत संकेत दिया है। कूनो नेशनल पार्क से निकलकर धौलपुर पहुंचे इस चीते ने एक मवेशी का शिकार किया, जिसका वीडियो भी सामने आया है। घटना के बाद पूरे इलाके में वन्यजीव गतिविधियों को लेकर उत्सुकता और चर्चा तेज हो गई है। वन विभाग के अनुसार चीते की गतिविधियों पर रेडियो कॉलर के जरिए लगातार नजर रखी जा रही है। निगरानी के दौरान पता चला कि चीते ने जंगल क्षेत्र में शिकार किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी नए क्षेत्र में पहुंचने के बाद यदि चीता सहज रूप से शिकार करने लगे, तो यह उसके वहां के वातावरण में ढलने और खुद को सुरक्षित महसूस करने का संकेत माना जाता है। धौलपुर के बीहड़ और वन क्षेत्र पहले से ही बाघ, तेंदुआ, सियार और अन्य वन्यजीवों की मौजूदगी के लिए पहचाने जाते रहे हैं। ऐसे में चीते की सक्रियता ने इस क्षेत्र की जैव विविधता को लेकर नई उम्मीदें जगा दी हैं। वन्यजीव प्रेमियों का कहना है कि यदि जंगलों में पर्याप्त प्राकृतिक संसाधन और सुरक्षा बनी रही, तो भविष्य में यह इलाका चीते के लिए भी उपयुक्त आवास बन सकता है। चीते की मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग ने आसपास के ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि जंगल क्षेत्र में अनावश्यक आवाजाही से बचें और किसी भी वन्यजीव गतिविधि की सूचना तुरंत अधिकारियों को दें, ताकि चीते की सुरक्षा और आमजन की सतर्कता दोनों सुनिश्चित की जा सके।
सरमथुरा के जंगलों में चीते की पहली सफल ‘हंटिंग’, धौलपुर की वनभूमि ने दिए नए संकेत धौलपुर। सरमथुरा क्षेत्र के जंगलों में विचरण कर रहे चीते ने पहली बार शिकार कर अपनी मौजूदगी का मजबूत संकेत दिया है। कूनो नेशनल पार्क से निकलकर धौलपुर पहुंचे इस चीते ने एक मवेशी का शिकार किया, जिसका वीडियो भी सामने आया है। घटना के बाद पूरे इलाके में वन्यजीव गतिविधियों को लेकर उत्सुकता और चर्चा तेज हो गई है। वन विभाग के अनुसार चीते की गतिविधियों पर रेडियो कॉलर के जरिए लगातार नजर रखी जा रही है। निगरानी के दौरान पता चला कि चीते ने जंगल क्षेत्र में शिकार किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी नए क्षेत्र में पहुंचने के बाद यदि चीता सहज रूप से शिकार करने लगे, तो यह उसके वहां के वातावरण में ढलने और खुद को सुरक्षित महसूस करने का संकेत माना जाता है। धौलपुर के बीहड़ और वन क्षेत्र पहले से ही बाघ, तेंदुआ, सियार और अन्य वन्यजीवों की मौजूदगी के लिए पहचाने जाते रहे हैं। ऐसे में चीते की सक्रियता ने इस क्षेत्र की जैव विविधता को लेकर नई उम्मीदें जगा दी हैं। वन्यजीव प्रेमियों का कहना है कि यदि जंगलों में पर्याप्त प्राकृतिक संसाधन और सुरक्षा बनी रही, तो भविष्य में यह इलाका चीते के लिए भी उपयुक्त आवास बन सकता है। चीते की मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग ने आसपास के ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि जंगल क्षेत्र में अनावश्यक आवाजाही से बचें और किसी भी वन्यजीव गतिविधि की सूचना तुरंत अधिकारियों को दें, ताकि चीते की सुरक्षा और आमजन की सतर्कता दोनों सुनिश्चित की जा सके।
- राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड 9 और 10 मई को प्रयोगशाला सहायक भर्ती परीक्षाएँ आयोजित करेगा। धौलपुर में निष्पक्ष और नकल-रहित परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। यह नियंत्रण कक्ष 10 मई को परीक्षा समाप्त होने तक कार्यरत रहेगा।1
- स्कूल और माताओ के लिए रोजगार शुरू किया................. सत्ता के अहंकार पर साहस की जीत! ✊🔥 अमृता बोस ने कॉर्पोरेट करियर छोड़ ग्रामीण बच्चों के लिए मुफ़्त अंग्रेजी स्कूल और माताओं के लिए रोज़गार शुरू किया। 📚 लेकिन TMC नेताओं ने ₹2 करोड़ की रंगदारी मांगी। इनकार पर स्कूल लूटा गया, कंप्यूटर छीने गए और ताला लगा दिया गया। आज राजनीतिक बदलाव के साथ स्कूल फिर खुल चुका है। यह सिर्फ स्कूल की वापसी नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार पर उम्मीद की जीत है। 🌅1
- उत्तर प्रदेश के आगरा में ताजमहल घूमने आए दो विवाहित जोड़े अपनी कम लंबाई के कारण आकर्षण का केंद्र बन गए। लोगों ने ताजमहल से ज़्यादा उन कपल्स को निहारा और उनके वीडियो बनाए। उनकी प्यार भरी जोड़ी ने सभी का ध्यान खींचा।1
- मुरैना से चोरी हुई 68 भैंसों में से 60 को पुलिस ने राजस्थान के डांग बसई गांव से बरामद किया है। चोरों ने इन भैंसों को दूसरे राज्य में छिपा रखा था, जिसके बाद पुलिस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। बाकी भैंसों की तलाश जारी है, जिससे पशुपालकों को बड़ी राहत मिली है।1
- अम्बाह पी.जी. कॉलेज में निजी कॉलेजों की परीक्षा के कारण मुख्य सड़क पर भीषण जाम लग रहा है। कॉलेज में पार्किंग की जगह होने के बावजूद, प्रशासन गाड़ियों को अंदर लगाने की अनुमति नहीं दे रहा, जिससे यात्री परेशान हैं।1
- नंद का पुरा में रास्ता बंद होने से ग्रामीण परेशान, कलेक्टर से लगाई गुहार पोरसा । जिले के नंद का पुरा गांव में रास्ता बंद होने का मामला सामने आया है, जिससे ग्रामीणों और किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में ग्रामीणों द्वारा प्रशासन को लिखित आवेदन देकर रास्ता खुलवाने की मांग की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव के पास स्थित शासकीय भूमि सर्वे नंबर 517 से गुजरने वाला पुराना रास्ता, जो नंद का पुरा और चक बुधारा को जोड़ता है, वर्तमान में अवरुद्ध हो गया है। बताया जा रहा है कि कुछ लोगों द्वारा रास्ते को तोड़कर उसे अपने खेत में मिला लिया गया है, जिससे आम रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि इस रास्ते से रोजाना किसान अपने खेतों तक जाते थे और आमजन का आवागमन भी इसी मार्ग से होता था। रास्ता बंद होने के कारण किसानों को लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है, जिससे समय और मेहनत दोनों बढ़ रही है। आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि पूर्व में 24 मार्च 2021 को भी इस संबंध में अधिकारियों को शिकायत दी गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि मौके पर निरीक्षण कर शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाया जाए और पुराने रास्ते को पुनः चालू कराया जाए, ताकि गांव के लोगों को राहत मिल सके।2
- राजस्थान के गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने धौलपुर के कंचनपुर थाने का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने रिकॉर्ड व्यवस्था, साफ-सफाई और फरियादियों की सुनवाई का जायजा लिया। मंत्री ने पुलिस अधिकारियों को आमजन के प्रति संवेदनशील रहने और कानून-व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।3
- पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में पुलिस पर फायरिंग होने से हड़कंप मच गया है। इस घटना के बाद TMC पर गंभीर आरोप लगे हैं कि वह हार के बावजूद इस्तीफा नहीं दे रही और राज्य में हिंसा भड़का रही है।1
- हाईस्कूल रैपुरा में मेंटेनेंस और खरीदी में भ्रष्टाचार के आरोप, जांच की मांग पोरसा। पोरसा ब्लॉक के रैपुरा हाईस्कूल में मेंटेनेंस कार्य और खरीदी में कथित भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं। ग्रामीण नरेंद्र सिंह तोमर ने इस संबंध में चम्बल कमिश्नर, कलेक्टर, SP मुरैना,बीआरसी पोरसा एवं बीईओ को लिखित शिकायत सौंपकर जांच की मांग की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि स्कूल में फर्नीचर खरीदी, मेंटेनेंस कार्य, रंगाई-पुताई तथा मध्यान्ह भोजन योजना में अनियमितताएं की जा रही हैं। आवेदन के अनुसार स्कूल में वर्षों से कार्यरत दो रसोइया सुज्जोबाई और मीरादेवी को भी हटा दिया गया। आरोप है कि दोनों गांव के लोगों को स्कूल की गतिविधियों की जानकारी देती थीं, इसलिए उन्हें हटाया गया। ग्रामीण नरेंद्र सिंह तोमर का कहना है कि इस संबंध में कई बार स्कूल प्राचार्य से शिकायत की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि प्राचार्य ने शिकायत करने पर धमकी भरे अंदाज में कहा कि उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि स्कूल में खरीदी और मेंटेनेंस के नाम पर पहले ही लाखों रुपये निकाले जा चुके हैं। वर्तमान में चल रहे निर्माण एवं मरम्मत कार्यों में घटिया सामग्री उपयोग किए जाने का आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण में चंबल की रेत का उपयोग किया जा रहा है तथा स्कूल के शौचालयों की हालत भी बेहद खराब बनी हुई है। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।4