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मडौली में युवक से मारपीट, जान से मारने की धमकी का आरोप मडौली में युवक से मारपीट, जान से मारने की धमकी का आरोप राजमिस्त्री के साथ घर लौट रहे युवक से गाली-गलौज कर पीटने का आरोप, तहरीर पर मुकदमा दर्ज मंगलपुर थाना क्षेत्र के कुदौली गांव निवासी ऋषभ सिंह ने मडौली गांव के एक व्यक्ति व उसके बेटे समेत चार लोगों पर गाली-गलौज कर मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस को दी तहरीर में ऋषभ सिंह ने बताया कि सोमवार रात करीब 8:30 बजे वह मंगलपुर निवासी राजमिस्त्री हीरू के साथ अपने घर जा रहा था। आरोप है कि मडौली गांव पहुंचने पर मडौली निवासी जनक सिंह, उनके बेटे समेत दो अज्ञात लोगों ने उसे रोक लिया और गाली-गलौज करने लगे। विरोध करने पर आरोपितों ने उसके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। घटना के बाद पीड़ित ने पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर घटना की जांच शुरू कर दी है। पुलिस मारपीट के कारणों और घटना में शामिल अन्य लोगों के संबंध में भी जानकारी जुटा रही है। मंगलपुर प्रभारी निरीक्षक प्रवीण कुमार ने मंगलवार शाम करीब साढ़े पांच बजे बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी।

2 hrs ago
user_भानु प्रताप सिंह कानपुर देहात
भानु प्रताप सिंह कानपुर देहात
संवाददाता कानपुर देहात सिकंदरा, कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश•
2 hrs ago

मडौली में युवक से मारपीट, जान से मारने की धमकी का आरोप मडौली में युवक से मारपीट, जान से मारने की धमकी का आरोप राजमिस्त्री के साथ घर लौट रहे युवक से गाली-गलौज कर पीटने का आरोप, तहरीर पर मुकदमा दर्ज मंगलपुर थाना क्षेत्र के कुदौली गांव निवासी ऋषभ सिंह ने मडौली गांव के एक व्यक्ति व उसके बेटे समेत चार लोगों पर गाली-गलौज कर मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस को दी तहरीर में ऋषभ सिंह ने बताया कि सोमवार रात करीब 8:30 बजे वह मंगलपुर निवासी राजमिस्त्री हीरू के साथ अपने घर जा रहा था। आरोप है कि मडौली गांव पहुंचने पर मडौली निवासी जनक सिंह, उनके बेटे समेत दो अज्ञात लोगों ने उसे रोक लिया और गाली-गलौज करने लगे। विरोध करने पर आरोपितों ने उसके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। घटना के बाद पीड़ित ने पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर घटना की जांच शुरू कर दी है। पुलिस मारपीट के कारणों और घटना में शामिल अन्य लोगों के संबंध में भी जानकारी जुटा रही है। मंगलपुर प्रभारी निरीक्षक प्रवीण कुमार ने मंगलवार शाम करीब साढ़े पांच बजे बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी।

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  • औरैया के दिबियापुर थाना क्षेत्र में हुई फायरिंग महिला गम्भीर घायल औरैया जिले के थाना दिबियापुर क्षेत्र अंतर्गत भियांपुर मोड पर हुई फायरिंग के संबंध में क्षेत्राधिकारी नगर द्वारा दी गई जानकारी
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    औरैया के दिबियापुर थाना क्षेत्र में हुई फायरिंग महिला गम्भीर घायल
औरैया जिले के थाना दिबियापुर क्षेत्र अंतर्गत भियांपुर मोड पर हुई फायरिंग के संबंध में क्षेत्राधिकारी नगर द्वारा दी गई जानकारी
    user_M.K.SHUKLA
    M.K.SHUKLA
    औरैया, औरैया, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • *थाना दिबियापुर क्षेत्र अंतर्गत भियांपुर मोड पर हुई फायरिंग के संबंध में क्षेत्राधिकारी नगर द्वारा दी गई बाइट*
    1
    *थाना दिबियापुर क्षेत्र अंतर्गत भियांपुर मोड पर हुई फायरिंग के संबंध में क्षेत्राधिकारी नगर द्वारा दी गई बाइट*
    user_दिलीप कुमार
    दिलीप कुमार
    औरैया, औरैया, उत्तर प्रदेश•
    21 hrs ago
  • थाना दिबियापुर क्षेत्र अंतर्गत भियांपुर मोड पर हुई फायरिंग के संबंध में क्षेत्राधिकारी नगर द्वारा दी गई बाइट
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    थाना दिबियापुर क्षेत्र अंतर्गत भियांपुर मोड पर हुई फायरिंग के संबंध में क्षेत्राधिकारी नगर द्वारा दी गई बाइट
    user_रवि वर्मा
    रवि वर्मा
    Ambulance service औरैया, औरैया, उत्तर प्रदेश•
    21 hrs ago
  • कदौरा बरी मार्ग बना मुसीबत का रास्ता गढ़ों में तब्दील सड़कों पर जिंदगी दांव पर कदौरा-बेरी मार्ग बना मुसीबत का रास्ता, गड्ढों में तब्दील सड़क पर जिंदगी दांव पर स्कूली बच्चों से लेकर मरीजों तक परेशान, ई-रिक्शा हादसों का बढ़ा खतरा; जनप्रतिनिधियों के विकास के दावों पर उठे सवाल कदौरा। कदौरा से बेरी जाने वाले मुख्य मार्ग की बदहाल स्थिति ने क्षेत्र की जनता को भारी परेशानी में डाल दिया है। सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे और उखड़ी पड़ी सड़क के कारण इस मार्ग से गुजरना किसी खतरे से कम नहीं है। हालात यह हैं कि स्कूली बच्चे रोजाना जान जोखिम में डालकर ई-रिक्शा से स्कूल जाने को मजबूर हैं और आए दिन ई-रिक्शा के पलटने अथवा दुर्घटना का शिकार होने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। हादसों में बच्चों के चोटिल होने से अभिभावकों में भी चिंता बढ़ती जा रही है। गड्ढों में तब्दील सड़क, हर कदम पर हादसे का खतरा कदौरा-बेरी मार्ग की हालत देखकर सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि सड़क लंबे समय से जिम्मेदार विभाग की उपेक्षा का शिकार है। सड़क पर बने गड्ढे वाहन चालकों के लिए लगातार खतरा बने हुए हैं। दोपहिया वाहन चालकों को विशेष रूप से परेशानी उठानी पड़ती है। बारिश के बाद गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा भी नहीं लग पाता, जिससे हादसे की आशंका और बढ़ जाती है। सबसे ज्यादा चिंता स्कूल जाने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर है। ई-रिक्शा में क्षमता से अधिक बच्चों के बैठने और खराब सड़क के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। अभिभावकों का कहना है कि जब बच्चे सुबह घर से स्कूल के लिए निकलते हैं तो मन में यही डर बना रहता है कि वह सुरक्षित वापस लौटेंगे या नहीं। एंबुलेंस के लिए भी नहीं बचता रास्ता सड़क की बदहाली के साथ-साथ जाम की समस्या भी लोगों के लिए मुसीबत बनी हुई है। कई बार सड़क पर वाहनों की भीड़ के कारण जाम की स्थिति पैदा हो जाती है। ऐसे में यदि किसी मरीज को लेकर एंबुलेंस इसी रास्ते से गुजर रही हो तो उसकी मुश्किल और बढ़ जाती है। सवाल यह है कि अगर किसी गंभीर मरीज की हालत नाजुक हो और एंबुलेंस जाम में फंस जाए तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? क्या प्रशासन और जनप्रतिनिधि किसी बड़ी घटना के बाद ही जागेंगे? चुनाव में बड़े-बड़े वादे, सड़क पर कोई ध्यान नहीं स्थानीय लोगों में जनप्रतिनिधियों के प्रति नाराजगी साफ दिखाई दे रही है। ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के समय जनता के बीच पहुंचकर सड़क और विकास के बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं। जनता से वोट मांगे जाते हैं और क्षेत्र की तस्वीर बदलने का भरोसा दिलाया जाता है। लेकिन चुनाव बीतने के बाद कदौरा-बेरी मार्ग की बदहाली किसी को दिखाई नहीं देती। ग्रामीणों का सवाल है कि आखिर विकास के दावे केवल कागजों और चुनावी मंचों तक ही क्यों सीमित रह जाते हैं? क्या जनता को सिर्फ वोट के लिए याद किया जाता है? क्या जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी चुनाव के बाद खत्म हो जाती है? एसी गाड़ियों से निकलकर सड़क की हकीकत देखें जनप्रतिनिधि क्षेत्रवासियों ने विधायक और सांसद से तीखे शब्दों में अपील की है कि वे केवल अधिकारियों की रिपोर्ट और कागजी दावों पर भरोसा न करें, बल्कि एसी गाड़ियों से बाहर निकलकर खुद कदौरा-बेरी मार्ग की जमीनी हकीकत देखें। एक बार इस बदहाल सड़क पर पैदल चलकर देखें, ई-रिक्शा में बैठकर सफर करें और स्कूली बच्चों व राहगीरों की परेशानी को महसूस करें। तब शायद उन्हें समझ आएगा कि ग्रामीण जनता किन परिस्थितियों में रोजाना आवागमन करने को मजबूर है। हादसा होने से पहले जागना जरूरी लोगों का कहना है कि सड़क की मरम्मत अब सिर्फ सुविधा का सवाल नहीं बल्कि लोगों की सुरक्षा और जिंदगी का सवाल बन चुकी है। रोजाना बड़ी संख्या में लोग इस मार्ग से गुजरते हैं। ऐसे में किसी दिन कोई बड़ा हादसा हो गया तो उसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी होगी? क्षेत्रवासियों ने प्रशासन, संबंधित विभाग, विधायक और सांसद से मांग की है कि कदौरा-बेरी मार्ग की तत्काल जांच कराकर जल्द से जल्द सड़क का निर्माण अथवा मरम्मत कार्य शुरू कराया जाए। लोगों का कहना है कि अब आश्वासन नहीं, बल्कि जमीन पर काम चाहिए। जनता की मांग साफ है—पहले सड़क बचाइए, फिर विकास के दावे कीजिए। किसी मासूम के घायल होने या किसी की जान जाने का इंतजार मत कीजिए। राहगीर समस्त क्षेत्र बसी
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    कदौरा बरी मार्ग बना मुसीबत का रास्ता गढ़ों में तब्दील सड़कों पर जिंदगी दांव पर 
कदौरा-बेरी मार्ग बना मुसीबत का रास्ता, गड्ढों में तब्दील सड़क पर जिंदगी दांव पर
स्कूली बच्चों से लेकर मरीजों तक परेशान, ई-रिक्शा हादसों का बढ़ा खतरा; जनप्रतिनिधियों के विकास के दावों पर उठे सवाल
कदौरा। कदौरा से बेरी जाने वाले मुख्य मार्ग की बदहाल स्थिति ने क्षेत्र की जनता को भारी परेशानी में डाल दिया है। सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे और उखड़ी पड़ी सड़क के कारण इस मार्ग से गुजरना किसी खतरे से कम नहीं है। हालात यह हैं कि स्कूली बच्चे रोजाना जान जोखिम में डालकर ई-रिक्शा से स्कूल जाने को मजबूर हैं और आए दिन ई-रिक्शा के पलटने अथवा दुर्घटना का शिकार होने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। हादसों में बच्चों के चोटिल होने से अभिभावकों में भी चिंता बढ़ती जा रही है।
गड्ढों में तब्दील सड़क, हर कदम पर हादसे का खतरा
कदौरा-बेरी मार्ग की हालत देखकर सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि सड़क लंबे समय से जिम्मेदार विभाग की उपेक्षा का शिकार है। सड़क पर बने गड्ढे वाहन चालकों के लिए लगातार खतरा बने हुए हैं। दोपहिया वाहन चालकों को विशेष रूप से परेशानी उठानी पड़ती है। बारिश के बाद गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा भी नहीं लग पाता, जिससे हादसे की आशंका और बढ़ जाती है।
सबसे ज्यादा चिंता स्कूल जाने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर है। ई-रिक्शा में क्षमता से अधिक बच्चों के बैठने और खराब सड़क के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। अभिभावकों का कहना है कि जब बच्चे सुबह घर से स्कूल के लिए निकलते हैं तो मन में यही डर बना रहता है कि वह सुरक्षित वापस लौटेंगे या नहीं।
एंबुलेंस के लिए भी नहीं बचता रास्ता
सड़क की बदहाली के साथ-साथ जाम की समस्या भी लोगों के लिए मुसीबत बनी हुई है। कई बार सड़क पर वाहनों की भीड़ के कारण जाम की स्थिति पैदा हो जाती है। ऐसे में यदि किसी मरीज को लेकर एंबुलेंस इसी रास्ते से गुजर रही हो तो उसकी मुश्किल और बढ़ जाती है।
सवाल यह है कि अगर किसी गंभीर मरीज की हालत नाजुक हो और एंबुलेंस जाम में फंस जाए तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? क्या प्रशासन और जनप्रतिनिधि किसी बड़ी घटना के बाद ही जागेंगे?
चुनाव में बड़े-बड़े वादे, सड़क पर कोई ध्यान नहीं
स्थानीय लोगों में जनप्रतिनिधियों के प्रति नाराजगी साफ दिखाई दे रही है। ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के समय जनता के बीच पहुंचकर सड़क और विकास के बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं। जनता से वोट मांगे जाते हैं और क्षेत्र की तस्वीर बदलने का भरोसा दिलाया जाता है।
लेकिन चुनाव बीतने के बाद कदौरा-बेरी मार्ग की बदहाली किसी को दिखाई नहीं देती। ग्रामीणों का सवाल है कि आखिर विकास के दावे केवल कागजों और चुनावी मंचों तक ही क्यों सीमित रह जाते हैं?
क्या जनता को सिर्फ वोट के लिए याद किया जाता है?
क्या जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी चुनाव के बाद खत्म हो जाती है?
एसी गाड़ियों से निकलकर सड़क की हकीकत देखें जनप्रतिनिधि
क्षेत्रवासियों ने विधायक और सांसद से तीखे शब्दों में अपील की है कि वे केवल अधिकारियों की रिपोर्ट और कागजी दावों पर भरोसा न करें, बल्कि एसी गाड़ियों से बाहर निकलकर खुद कदौरा-बेरी मार्ग की जमीनी हकीकत देखें।
एक बार इस बदहाल सड़क पर पैदल चलकर देखें, ई-रिक्शा में बैठकर सफर करें और स्कूली बच्चों व राहगीरों की परेशानी को महसूस करें। तब शायद उन्हें समझ आएगा कि ग्रामीण जनता किन परिस्थितियों में रोजाना आवागमन करने को मजबूर है।
हादसा होने से पहले जागना जरूरी
लोगों का कहना है कि सड़क की मरम्मत अब सिर्फ सुविधा का सवाल नहीं बल्कि लोगों की सुरक्षा और जिंदगी का सवाल बन चुकी है। रोजाना बड़ी संख्या में लोग इस मार्ग से गुजरते हैं। ऐसे में किसी दिन कोई बड़ा हादसा हो गया तो उसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी होगी?
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन, संबंधित विभाग, विधायक और सांसद से मांग की है कि कदौरा-बेरी मार्ग की तत्काल जांच कराकर जल्द से जल्द सड़क का निर्माण अथवा मरम्मत कार्य शुरू कराया जाए। लोगों का कहना है कि अब आश्वासन नहीं, बल्कि जमीन पर काम चाहिए।
जनता की मांग साफ है—पहले सड़क बचाइए, फिर विकास के दावे कीजिए। किसी मासूम के घायल होने या किसी की जान जाने का इंतजार मत कीजिए।
राहगीर समस्त क्षेत्र बसी
    user_ASHEESH KUMAR VISHWAKARMA
    ASHEESH KUMAR VISHWAKARMA
    कालपी, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    33 min ago
  • स्मार्ट क्लास से डिजिटल शिक्षा की ओर बढ़ रहा जालौन, सरकारी स्कूलों में तकनीक से निखर रहा बच्चों का भविष्य *245 स्मार्ट क्लास, 45 आईसीटी कंप्यूटर लैब एवं 03 डिजिटल लाइब्रेरी से विद्यार्थियों को मिल रही आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा* प्रदेश के मा0 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की मंशा के अनुरूप परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा को आधुनिक, तकनीक आधारित और गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में जनपद जालौन में निरंतर प्रभावी कार्य किया जा रहा है। सरकारी विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर लैब और डिजिटल संसाधनों की उपलब्धता से ग्रामीण क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को भी आधुनिक शिक्षा का लाभ मिल रहा है। जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में 245 स्मार्ट क्लास स्थापित की गई हैं, जिनके माध्यम से छात्र-छात्राएं विषयों को केवल पुस्तकों तक सीमित न रखकर डिजिटल माध्यम से देखकर और समझकर सीख रहे हैं। वहीं 45 आईसीटी कंप्यूटर लैब विद्यार्थियों को कंप्यूटर एवं तकनीकी ज्ञान से जोड़ रही हैं। इसके साथ ही 03 डिजिटल लाइब्रेरी के माध्यम से बच्चों को अध्ययन की अतिरिक्त डिजिटल सामग्री एवं ज्ञानवर्धक संसाधनों तक पहुंच उपलब्ध हो रही है। कंपोजिट विद्यालय खरूसा तथा पूर्व माध्यमिक विद्यालय बम्हन मिनोरा में भी छात्र-छात्राएं स्मार्ट क्लास, डिजिटल बोर्ड, कंप्यूटर एवं अन्य आधुनिक शैक्षिक संसाधनों का उपयोग करते हुए पठन-पाठन कर रहे हैं। स्मार्ट बोर्ड पर गणित एवं अंग्रेजी जैसे विषयों को डिजिटल माध्यम से समझने के साथ ही विद्यार्थी स्वयं भी बोर्ड पर अभ्यास कर अपनी सहभागिता सुनिश्चित कर रहे हैं। विद्यालयों में शिक्षा के साथ-साथ खेलकूद और रचनात्मक गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। छात्र-छात्राओं द्वारा विभिन्न खेलों में उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया जा रहा है, जिससे उनके शारीरिक एवं मानसिक विकास को भी गति मिल रही है। मा0 मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार का प्रयास है कि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के बच्चों को समान रूप से आधुनिक शैक्षिक सुविधाएं उपलब्ध हों और सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थी तकनीकी रूप से सक्षम बनकर भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हों। जालौन के परिषदीय विद्यालयों में दिखाई दे रही ये सुविधाएं इसी संकल्प को धरातल पर साकार करती नजर आ रही हैं।
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    स्मार्ट क्लास से डिजिटल शिक्षा की ओर बढ़ रहा जालौन, सरकारी स्कूलों में तकनीक से निखर रहा बच्चों का भविष्य
*245 स्मार्ट क्लास, 45 आईसीटी कंप्यूटर लैब एवं 03 डिजिटल लाइब्रेरी से विद्यार्थियों को मिल रही आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा* 
प्रदेश के मा0 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की मंशा के अनुरूप परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा को आधुनिक, तकनीक आधारित और गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में जनपद जालौन में निरंतर प्रभावी कार्य किया जा रहा है। सरकारी विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर लैब और डिजिटल संसाधनों की उपलब्धता से ग्रामीण क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को भी आधुनिक शिक्षा का लाभ मिल रहा है।
जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में 245 स्मार्ट क्लास स्थापित की गई हैं, जिनके माध्यम से छात्र-छात्राएं विषयों को केवल पुस्तकों तक सीमित न रखकर डिजिटल माध्यम से देखकर और समझकर सीख रहे हैं। वहीं 45 आईसीटी कंप्यूटर लैब विद्यार्थियों को कंप्यूटर एवं तकनीकी ज्ञान से जोड़ रही हैं। इसके साथ ही 03 डिजिटल लाइब्रेरी के माध्यम से बच्चों को अध्ययन की अतिरिक्त डिजिटल सामग्री एवं ज्ञानवर्धक संसाधनों तक पहुंच उपलब्ध हो रही है। कंपोजिट विद्यालय खरूसा तथा पूर्व माध्यमिक विद्यालय बम्हन मिनोरा में भी छात्र-छात्राएं स्मार्ट क्लास, डिजिटल बोर्ड, कंप्यूटर एवं अन्य आधुनिक शैक्षिक संसाधनों का उपयोग करते हुए पठन-पाठन कर रहे हैं। स्मार्ट बोर्ड पर गणित एवं अंग्रेजी जैसे विषयों को डिजिटल माध्यम से समझने के साथ ही विद्यार्थी स्वयं भी बोर्ड पर अभ्यास कर अपनी सहभागिता सुनिश्चित कर रहे हैं। विद्यालयों में शिक्षा के साथ-साथ खेलकूद और रचनात्मक गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। छात्र-छात्राओं द्वारा विभिन्न खेलों में उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया जा रहा है, जिससे उनके शारीरिक एवं मानसिक विकास को भी गति मिल रही है। मा0 मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार का प्रयास है कि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के बच्चों को समान रूप से आधुनिक शैक्षिक सुविधाएं उपलब्ध हों और सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थी तकनीकी रूप से सक्षम बनकर भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हों। जालौन के परिषदीय विद्यालयों में दिखाई दे रही ये सुविधाएं इसी संकल्प को धरातल पर साकार करती नजर आ रही हैं।
    user_सोनू महाराज पत्रकार
    सोनू महाराज पत्रकार
    कालपी, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    59 min ago
  • औरैया में नेपाल त्रासदी के दिवंगतों को दी गई श्रद्धांजलि औरैया। नेपाल में २६ अगस्त को ग्लेशियर ढहने से आई विनाशकारी बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों को सोमवार शाम ५ बजे शहीद पार्क में भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। 'एक विचित्र पहल सेवा समिति' के अध्यक्ष राजीव पोरवाल के नेतृत्व में आयोजित शोक सभा में दो मिनट का मौन रखकर मृतकों की आत्मा की शांति तथा घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की गई। इस दौरान समिति के संस्थापक आनन्द नाथ गुप्ता एडवोकेट ने इस भीषण आपदा पर गहरा दुःख व्यक्त किया। उन्होंने संकट की इस घड़ी में नेपाल की ओर मदद का हाथ बढ़ाने के लिए भारत सरकार की सराहना की। उन्होंने बताया कि भारत ने वायुसेना के विमानों से अब तक ६८.५ टन राहत सामग्री और ११ टन से अधिक जरूरी सामान काठमांडू भेजकर सच्चे पड़ोसी का फर्ज निभाया है, जिससे पीड़ितों का हौसला बढ़ा है। साथ ही समिति ने सरकार से पीड़ितों के उचित इलाज और मुआवजे की मांग की। श्रद्धांजलि सभा में चंद्रपाल यादव, राजेश कुमार, राम आसरे गुप्ता, सचिन पोरवाल, अर्पण चतुर्वेदी सहित कई लोग मौजूद रहे।
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    औरैया में नेपाल त्रासदी के दिवंगतों को दी गई श्रद्धांजलि
औरैया। नेपाल में २६ अगस्त को ग्लेशियर ढहने से आई विनाशकारी बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों को सोमवार शाम ५ बजे शहीद पार्क में भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। 'एक विचित्र पहल सेवा समिति' के अध्यक्ष राजीव पोरवाल के नेतृत्व में आयोजित शोक सभा में दो मिनट का मौन रखकर मृतकों की आत्मा की शांति तथा घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की गई।
इस दौरान समिति के संस्थापक आनन्द नाथ गुप्ता एडवोकेट ने इस भीषण आपदा पर गहरा दुःख व्यक्त किया। उन्होंने संकट की इस घड़ी में नेपाल की ओर मदद का हाथ बढ़ाने के लिए भारत सरकार की सराहना की। उन्होंने बताया कि भारत ने वायुसेना के विमानों से अब तक ६८.५ टन राहत सामग्री और ११ टन से अधिक जरूरी सामान काठमांडू भेजकर सच्चे पड़ोसी का फर्ज निभाया है, जिससे पीड़ितों का हौसला बढ़ा है। 
साथ ही समिति ने सरकार से पीड़ितों के उचित इलाज और मुआवजे की मांग की। श्रद्धांजलि सभा में चंद्रपाल यादव, राजेश कुमार, राम आसरे गुप्ता, सचिन पोरवाल, अर्पण चतुर्वेदी सहित कई लोग मौजूद रहे।
    user_दिलीप कुमार
    दिलीप कुमार
    औरैया, औरैया, उत्तर प्रदेश•
    23 hrs ago
  • कालपी पुलिस की चोरी की कार्रवाई पर उठे गंभीर सवाल! 11 लाख के जेवर बरामदगी के बाद प्रेमिका का वीडियो वायरल, दरोगा पर ₹70 हजार लेने का आरोप 24 घंटे में चोरी का खुलासा या कहानी में कोई और पेंच? वायरल वीडियो ने पुलिस कार्रवाई को लेकर मचाई हलचल कोतवाली कालपी पुलिस द्वारा चोरी के एक मामले का महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर आरोपी रोहित को गिरफ्तार किए जाने के बाद अब पूरा मामला एक नए विवाद में घिरता नजर आ रहा है। पुलिस की ओर से आरोपी के कब्जे से चोरी से संबंधित करीब 11 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के आभूषण और ₹18,080 नकद बरामद किए जाने का दावा किया गया है। लेकिन इसी कार्रवाई के बाद आरोपी की प्रेमिका अभिलाषा का सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो सामने आने से पुलिस की कार्रवाई पर कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वायरल वीडियो में अभिलाषा ने दावा किया है कि रोहित को उसके पिता राजेश कुमार द्वारा कथित रूप से गलत तरीके से चोरी के मुकदमे में फंसाया गया है। अभिलाषा के मुताबिक रोहित और उसके बीच प्रेम संबंध थे और वह रोहित को निर्दोष मानती है। उसने आरोप लगाया कि उसके पिता की कथित साजिश का उद्देश्य रोहित को जेल से बाहर नहीं आने देना है। सबसे गंभीर आरोप—दरोगा पर ₹70 हजार लेने का दावा वायरल वीडियो में अभिलाषा ने कालपी पुलिस के एक दरोगा पर ₹70 हजार रुपये लिए जाने का आरोप भी लगाया है। हालांकि इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और यह स्पष्ट नहीं है कि कथित रकम कब, किस माध्यम से और किस परिस्थिति में दिए जाने का दावा किया जा रहा है। यही आरोप अब पूरे मामले का सबसे बड़ा सवाल बन गया है। अगर बरामदगी पुख्ता है तो जांच में क्या सामने आएगा? पुलिस का दावा है कि आरोपी के कब्जे से चोरी का माल बरामद हुआ। ऐसे में सवाल उठता है कि बरामद जेवरात की पहचान किस आधार पर की गई? क्या बरामदगी की पूरी प्रक्रिया नियमानुसार दर्ज की गई? क्या पुलिस के पास चोरी से जुड़े अन्य ठोस साक्ष्य भी मौजूद हैं? क्या घटनास्थल, सीसीटीवी, गवाहों और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की भी जांच की गई? दूसरी तरफ वायरल वीडियो में पुलिस पर ही गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। ऐसे में सवाल यह भी है कि क्या वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच होगी? क्या पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी देंगे जवाब? मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में आने के बाद अब निगाहें वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों पर भी टिक गई हैं। यदि वायरल वीडियो में लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं तो पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आकर स्थिति स्पष्ट कर सकता है। वहीं यदि किसी पुलिसकर्मी पर लगाए गए आरोपों में प्रथम दृष्टया कोई आधार मिलता है तो निष्पक्ष जांच की जरूरत और बढ़ जाती है। प्रेम संबंध से चोरी के मुकदमे तक पहुंची कहानी वायरल वीडियो में अभिलाषा कथित तौर पर रोहित के साथ अपने प्रेम संबंधों का जिक्र करते हुए उसके बचाव में सामने आई है। उसका दावा है कि रोहित को उसके पिता की वजह से फंसाया गया। हालांकि पुलिस की कार्रवाई और बरामदगी को लेकर आधिकारिक रिकॉर्ड में क्या साक्ष्य हैं, यह जांच का विषय है। यानी एक तरफ पुलिस के पास गिरफ्तारी और बरामदगी का दावा है, तो दूसरी तरफ आरोपी की प्रेमिका के वायरल वीडियो में पुलिस और परिवार पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। अब उठ रहे हैं ये बड़े सवाल ▪️ क्या चोरी के मुकदमे में आरोपी के खिलाफ पर्याप्त और स्वतंत्र साक्ष्य हैं? ▪️ बरामद बताए जा रहे करीब 11 लाख के जेवरात की पहचान कैसे हुई? ▪️ ₹18,080 नकदी की बरामदगी का चोरी की घटना से क्या संबंध है? ▪️ दरोगा पर ₹70 हजार लेने के आरोप की जांच कौन करेगा? ▪️ क्या वायरल वीडियो की सत्यता और उसमें लगाए गए आरोपों की जांच होगी? ▪️ क्या आरोपी को फंसाए जाने के आरोपों की भी पुलिस जांच करेगी? ▪️ क्या वरिष्ठ अधिकारी पूरे मामले की निष्पक्ष समीक्षा कराएंगे? ▪️ आखिर वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों पर पुलिस का आधिकारिक पक्ष कब सामने आएगा? फिलहाल वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और उसमें लगाए गए आरोपों को सत्यापित तथ्य नहीं माना जा सकता। वहीं चोरी के मुकदमे में पुलिस द्वारा की गई गिरफ्तारी और कथित बरामदगी भी जांच एवं न्यायिक प्रक्रिया का विषय है। अब देखना यह है कि कालपी पुलिस की कार्रवाई के पीछे मौजूद साक्ष्य अदालत की कसौटी पर कितने मजबूत साबित होते हैं और वायरल वीडियो में लगाए गए गंभीर आरोप जांच में कितने सही या निराधार निकलते हैं। पूरे मामले में निष्पक्ष जांच और संबंधित पुलिस अधिकारियों का आधिकारिक स्पष्टीकरण ही वास्तविक तस्वीर सामने ला सकता है। #कालपी #कालपीपुलिस #कोतवालीकालपी #जालौन #जालौनपुलिस #उरई #Jalaun #Kalpi #KalpiPolice #JalaunPolice #UPPolice #JalaunNews #KalpiNews #BreakingNews #BreakingNewsJalaun #ViralVideo #PoliceAction #PoliceInvestigation #JalaunBreaking #KalpiBreaking #SPJalaun #COKalpi #IGJhansiRange #DIGJhansiRange #ADGKanpurZone #DGPUP #PoliceDepartment #JalaunDistrict #KalpiKotwali
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    कालपी पुलिस की चोरी की कार्रवाई पर उठे गंभीर सवाल! 11 लाख के जेवर बरामदगी के बाद प्रेमिका का वीडियो वायरल, दरोगा पर ₹70 हजार लेने का आरोप
24 घंटे में चोरी का खुलासा या कहानी में कोई और पेंच? वायरल वीडियो ने पुलिस कार्रवाई को लेकर मचाई हलचल
कोतवाली कालपी पुलिस द्वारा चोरी के एक मामले का महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर आरोपी रोहित को गिरफ्तार किए जाने के बाद अब पूरा मामला एक नए विवाद में घिरता नजर आ रहा है। 
पुलिस की ओर से आरोपी के कब्जे से चोरी से संबंधित करीब 11 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के आभूषण और ₹18,080 नकद बरामद किए जाने का दावा किया गया है।
लेकिन इसी कार्रवाई के बाद आरोपी की प्रेमिका अभिलाषा का सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो सामने आने से पुलिस की कार्रवाई पर कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
वायरल वीडियो में अभिलाषा ने दावा किया है कि रोहित को उसके पिता राजेश कुमार द्वारा कथित रूप से गलत तरीके से चोरी के मुकदमे में फंसाया गया है। 
अभिलाषा के मुताबिक रोहित और उसके बीच प्रेम संबंध थे और वह रोहित को निर्दोष मानती है।
उसने आरोप लगाया कि उसके पिता की कथित साजिश का उद्देश्य रोहित को जेल से बाहर नहीं आने देना है।
सबसे गंभीर आरोप—दरोगा पर ₹70 हजार लेने का दावा
वायरल वीडियो में अभिलाषा ने कालपी पुलिस के एक दरोगा पर ₹70 हजार रुपये लिए जाने का आरोप भी लगाया है। 
हालांकि इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और यह स्पष्ट नहीं है कि कथित रकम कब, किस माध्यम से और किस परिस्थिति में दिए जाने का दावा किया जा रहा है।
यही आरोप अब पूरे मामले का सबसे बड़ा सवाल बन गया है।
अगर बरामदगी पुख्ता है तो जांच में क्या सामने आएगा?
पुलिस का दावा है कि आरोपी के कब्जे से चोरी का माल बरामद हुआ।
ऐसे में सवाल उठता है कि बरामद जेवरात की पहचान किस आधार पर की गई? 
क्या बरामदगी की पूरी प्रक्रिया नियमानुसार दर्ज की गई?
क्या पुलिस के पास चोरी से जुड़े अन्य ठोस साक्ष्य भी मौजूद हैं? क्या घटनास्थल, सीसीटीवी, गवाहों और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की भी जांच की गई?
दूसरी तरफ वायरल वीडियो में पुलिस पर ही गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं।
ऐसे में सवाल यह भी है कि क्या वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच होगी?
क्या पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी देंगे जवाब?
मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में आने के बाद अब निगाहें वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों पर भी टिक गई हैं। 
यदि वायरल वीडियो में लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं तो पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आकर स्थिति स्पष्ट कर सकता है। वहीं यदि किसी पुलिसकर्मी पर लगाए गए आरोपों में प्रथम दृष्टया कोई आधार मिलता है तो निष्पक्ष जांच की जरूरत और बढ़ जाती है।
प्रेम संबंध से चोरी के मुकदमे तक पहुंची कहानी
वायरल वीडियो में अभिलाषा कथित तौर पर रोहित के साथ अपने प्रेम संबंधों का जिक्र करते हुए उसके बचाव में सामने आई है। 
उसका दावा है कि रोहित को उसके पिता की वजह से फंसाया गया।
हालांकि पुलिस की कार्रवाई और बरामदगी को लेकर आधिकारिक रिकॉर्ड में क्या साक्ष्य हैं, यह जांच का विषय है।
यानी एक तरफ पुलिस के पास गिरफ्तारी और बरामदगी का दावा है, तो दूसरी तरफ आरोपी की प्रेमिका के वायरल वीडियो में पुलिस और परिवार पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं।
अब उठ रहे हैं ये बड़े सवाल
▪️ क्या चोरी के मुकदमे में आरोपी के खिलाफ पर्याप्त और स्वतंत्र साक्ष्य हैं?
▪️ बरामद बताए जा रहे करीब 11 लाख के जेवरात की पहचान कैसे हुई?
▪️ ₹18,080 नकदी की बरामदगी का चोरी की घटना से क्या संबंध है?
▪️ दरोगा पर ₹70 हजार लेने के आरोप की जांच कौन करेगा?
▪️ क्या वायरल वीडियो की सत्यता और उसमें लगाए गए आरोपों की जांच होगी?
▪️ क्या आरोपी को फंसाए जाने के आरोपों की भी पुलिस जांच करेगी?
▪️ क्या वरिष्ठ अधिकारी पूरे मामले की निष्पक्ष समीक्षा कराएंगे?
▪️ आखिर वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों पर पुलिस का आधिकारिक पक्ष कब सामने आएगा?
फिलहाल वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और उसमें लगाए गए आरोपों को सत्यापित तथ्य नहीं माना जा सकता। 
वहीं चोरी के मुकदमे में पुलिस द्वारा की गई गिरफ्तारी और कथित बरामदगी भी जांच एवं न्यायिक प्रक्रिया का विषय है।
अब देखना यह है कि कालपी पुलिस की कार्रवाई के पीछे मौजूद साक्ष्य अदालत की कसौटी पर कितने मजबूत साबित होते हैं और वायरल वीडियो में लगाए गए गंभीर आरोप जांच में कितने सही या निराधार निकलते हैं।
पूरे मामले में निष्पक्ष जांच और संबंधित पुलिस अधिकारियों का आधिकारिक स्पष्टीकरण ही वास्तविक तस्वीर सामने ला सकता है।
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    user_सोनू महाराज पत्रकार
    सोनू महाराज पत्रकार
    कालपी, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • आटा स्टेशन पर लाखों के जेवर चोरी का आरोप, भीड़ में महिला का पर्स हुआ साफ! आटा रेलवे स्टेशन पर मेमो ट्रेन में चढ़ते समय महिला के पर्स से करीब 10 लाख रुपये के सोने के जेवरात और ₹5 हजार नकदी चोरी होने का मामला सामने आया है। पिपराया निवासी परिवार बेटी को झांसी छोड़ने के लिए स्टेशन पहुंचा था। प्लेटफॉर्म बदलने के दौरान भीड़ में अज्ञात व्यक्ति द्वारा पर्स की चेन खोलकर जेवरात निकालने का आरोप लगाया गया है। ट्रेन में बैठने के बाद चोरी का पता चला। सूचना पर जीआरपी ने स्टेशन के CCTV फुटेज खंगालकर जांच शुरू कर दी है। 👉 पुलिस जांच के बाद ही चोरी और जेवरात की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। ⚠️ नोट: खबर पीड़ित परिवार द्वारा बताए गए घटनाक्रम एवं उपलब्ध जानकारी के आधार पर है। लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। #JalaunNews #OraiNews #AtaRailwayStation #BreakingNews #CrimeNews #RailwayCrime #GRP #UPNews #Jalaun #Orai #Kalpi #RailwayNews #CCTV #NewsUpdate
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    आटा स्टेशन पर लाखों के जेवर चोरी का आरोप, भीड़ में महिला का पर्स हुआ साफ!
आटा रेलवे स्टेशन पर मेमो ट्रेन में चढ़ते समय महिला के पर्स से करीब 10 लाख रुपये के सोने के जेवरात और ₹5 हजार नकदी चोरी होने का मामला सामने आया है।
पिपराया निवासी परिवार बेटी को झांसी छोड़ने के लिए स्टेशन पहुंचा था। प्लेटफॉर्म बदलने के दौरान भीड़ में अज्ञात व्यक्ति द्वारा पर्स की चेन खोलकर जेवरात निकालने का आरोप लगाया गया है।
ट्रेन में बैठने के बाद चोरी का पता चला। सूचना पर जीआरपी ने स्टेशन के CCTV फुटेज खंगालकर जांच शुरू कर दी है।
👉 पुलिस जांच के बाद ही चोरी और जेवरात की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
⚠️ नोट: खबर पीड़ित परिवार द्वारा बताए गए घटनाक्रम एवं उपलब्ध जानकारी के आधार पर है। लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
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    user_पत्रकार विकाश सिंह
    पत्रकार विकाश सिंह
    कालपी, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • औरैया पुराने विवाद में महिला को मारी गोली, घायल अवस्था में अपस्ताल में कराया गया भर्ती औरैया जनपद में पुराना विवाद एक बार फिर हिंसा में बदल गया। दिबियापुर थाना क्षेत्र में सोमवार रात एक महिला को गोली मारकर घायल कर दिया गया। वारदात भियापुर मोड़ के पास हुई, जहां महिला अपने मायके से ससुराल जा रही थी। गोली महिला के पेट में लगी। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। परिजनों ने घायल महिला को अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने उसे सैफई मेडिकल कॉलेज भेज दिया। फिलहाल महिला की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। पुलिस ने महिला के आरोप के आधार पर तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। सोमवार सुबह कंचौसी बाजार निवासी नीतू पत्नी राजू तिवारी अपने मायके भियापुर पहुंची थीं। शाम को वह वापस अपने ससुराल के लिए निकलीं। बताया जा रहा है कि रात करीब आठ बजे भियापुर मोड़ के नजदीक पहुंचते ही उनका सामना गांव के ही कुछ लोगों से हो गया।
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    औरैया पुराने विवाद में महिला को मारी गोली, घायल अवस्था में अपस्ताल में कराया गया भर्ती
औरैया जनपद में पुराना विवाद एक बार फिर हिंसा में बदल गया। दिबियापुर थाना क्षेत्र में सोमवार रात एक महिला को गोली मारकर घायल कर दिया गया। वारदात भियापुर मोड़ के पास हुई, जहां महिला अपने मायके से ससुराल जा रही थी। गोली महिला के पेट में लगी। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। परिजनों ने घायल महिला को अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने उसे सैफई मेडिकल कॉलेज भेज दिया। फिलहाल महिला की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। पुलिस ने महिला के आरोप के आधार पर तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
सोमवार सुबह कंचौसी बाजार निवासी नीतू पत्नी राजू तिवारी अपने मायके भियापुर पहुंची थीं। शाम को वह वापस अपने ससुराल के लिए निकलीं। बताया जा रहा है कि रात करीब आठ बजे भियापुर मोड़ के नजदीक पहुंचते ही उनका सामना गांव के ही कुछ लोगों से हो गया।
    user_Jahid Akhter
    Jahid Akhter
    Ptrkar औरैया, औरैया, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
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