भोजपुर में भक्तिभाव के साथ हुआ मां सरस्वती का विसर्जन, गंगा में विधि-विधान से दी गई विदाई अश्वनी कुमार पिंटू | भोजपुर भोजपुर जिले में विद्या की देवी मां सरस्वती की पूजा के बाद विसर्जन का पावन कार्यक्रम श्रद्धा, शांति और सनातन परंपरा के अनुरूप संपन्न हुआ। ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी भव्यता और अनुशासन के लिए पहचान बना चुके मां काली स्थान, जादवपुर की सरस्वती पूजा का समापन गंगा नदी में विधिवत विसर्जन के साथ किया गया। मां काली जादवपुर नवयुवक संघ के तत्वावधान में शुभ मुहूर्त को ध्यान में रखते हुए मां सरस्वती की प्रतिमा को पूरे विधि-विधान, पूजा-अर्चना और जयघोष के साथ गंगा घाट तक ले जाया गया। इस दौरान वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा और “मां सरस्वती की जय” के उद्घोष से क्षेत्र गूंजता रहा। गंगा नदी में प्रतिमा विसर्जन के साथ ही श्रद्धालुओं ने नम आंखों से मां को विदाई दी। ग्रामीणों का कहना है कि जादवपुर में सरस्वती पूजा और विसर्जन की परंपरा वर्षों पुरानी है, जिसे हर साल अनुशासन और सामाजिक सौहार्द के साथ निभाया जाता है। इस वर्ष भी पूजा पंडाल और विसर्जन व्यवस्था ने ग्रामीण क्षेत्रों में इसे नंबर वन की पहचान दिलाई। विसर्जन कार्यक्रम को सफल बनाने में शिवजी सिंह, प्रेम सिंह, कमलेश सिंह, मुन्ना सिंह, हरेराम सिंह, गुड्डू मुखिया सहित कई युवाओं और ग्रामीणों की सक्रिय भूमिका रही। आयोजन समिति की ओर से शांतिपूर्ण आयोजन में सहयोग देने वाले प्रशासन और श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
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- आरा मैं सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर क्या बोले नवोदय संघ के अध्यक्ष डॉ सतीश कुमार सिन्हा सुनिए1
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- बाल केशव ठाकरे, जिन्हें देशभर में बालासाहेब ठाकरे के नाम से जाना जाता है, महाराष्ट्र की राजनीति के सबसे प्रभावशाली और तेज़तर्रार नेताओं में गिने जाते हैं। वे शिवसेना के संस्थापक थे। जन्म: 23 जनवरी 1926, पुणे निधन: 17 नवंबर 2012, मुंबई पहचान: प्रखर वक्ता, करिश्माई नेतृत्व, मराठी अस्मिता की मजबूत आवाज योगदान: मराठी मानुष के अधिकार, मुंबई–महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना को एक शक्तिशाली ताकत बनाना शैली: बेबाक, निडर और सीधे शब्दों में बात करने वाले नेता बालासाहेब कभी चुनाव नहीं लड़े, लेकिन दशकों तक महाराष्ट्र की राजनीति की दिशा तय करने में उनकी भूमिका निर्णायक रही। अगर आप चाहें तो मैं छोटा वायरल कैप्शन, पूरा परिचय, या YouTube/पोस्ट के लिए दमदार लाइनें भी बना दूँ।1
- भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर जी की 102 वीं जयंती समारोह पूर्वक बनाई गई- प्रमोद कुमार पटेल जिला संगठन प्रभारी1
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- Post by Saroj Paswan1
- जो कुंद के फूल, चाँदनी और हिम-हार की तरह उज्ज्वल हैं, श्वेत वस्त्र धारण करती हैं, वीणा धारण किए वर-मुद्रा में हैं, श्वेत कमल पर विराजमान हैं; जिन्हें ब्रह्मा, विष्णु और शंकर सहित देवता सदा वंदित करते हैं—वही भगवती सरस्वती मेरी रक्षा करें और मेरे समस्त अज्ञान का नाश करें।1