फतेहपुर जिले की बिंदकी तहसील अंतर्गत बकेवर थाना क्षेत्र के बहादुरपुर कोटरा गांव में ग्राम समाज की भूमि पर स्थित एक पुराने तालाब पर मिट्टी डालकर अवैध कब्जे की कोशिश का मामला सामने आया है। आरोप है कि गांव निवासी बैजनाथ यादव के पुत्र कमलेश यादव द्वारा तालाब में लगातार मिट्टी डलवाकर उसका स्वरूप समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है। तालाब को पाटे जाने के कारण गांव की नालियों का प्राकृतिक जल निकास पूरी तरह बाधित हो गया है। इसके परिणामस्वरूप खड़ंजा मार्गों और आसपास के क्षेत्रों में गंभीर जलभराव हो गया है, जिससे दर्जनों परिवारों को आवागमन और दैनिक जीवन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने इस मामले की शिकायत जिलाधिकारी फतेहपुर से करते हुए तालाब को अतिक्रमण से मुक्त कराने और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की थी। हालांकि, आरोप है कि जांच के दौरान लेखपाल और ग्राम प्रधान द्वारा वास्तविक स्थिति के विपरीत रिपोर्ट प्रस्तुत कर शिकायत का निस्तारण करा दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि बिना निष्पक्ष जांच के शिकायत को दबा दिया गया, जिससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए और राजस्व अभिलेखों, सैटेलाइट व जियो-टैग साक्ष्यों के आधार पर तालाब की वास्तविक स्थिति का सत्यापन किया जाए। इसके साथ ही ग्राम समाज की सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराकर दोषी व्यक्तियों और गलत रिपोर्ट प्रस्तुत करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाए।
फतेहपुर जिले की बिंदकी तहसील अंतर्गत बकेवर थाना क्षेत्र के बहादुरपुर कोटरा गांव में ग्राम समाज की भूमि पर स्थित एक पुराने तालाब पर मिट्टी डालकर अवैध कब्जे की कोशिश का मामला सामने आया है। आरोप है कि गांव निवासी बैजनाथ यादव के पुत्र कमलेश यादव द्वारा तालाब में लगातार मिट्टी डलवाकर उसका स्वरूप समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा
है। तालाब को पाटे जाने के कारण गांव की नालियों का प्राकृतिक जल निकास पूरी तरह बाधित हो गया है। इसके परिणामस्वरूप खड़ंजा मार्गों और आसपास के क्षेत्रों में गंभीर जलभराव हो गया है, जिससे दर्जनों परिवारों को आवागमन और दैनिक जीवन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने इस मामले की शिकायत जिलाधिकारी फतेहपुर से करते हुए तालाब
को अतिक्रमण से मुक्त कराने और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की थी। हालांकि, आरोप है कि जांच के दौरान लेखपाल और ग्राम प्रधान द्वारा वास्तविक स्थिति के विपरीत रिपोर्ट प्रस्तुत कर शिकायत का निस्तारण करा दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि बिना निष्पक्ष जांच के शिकायत को दबा दिया गया, जिससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो
रहे हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए और राजस्व अभिलेखों, सैटेलाइट व जियो-टैग साक्ष्यों के आधार पर तालाब की वास्तविक स्थिति का सत्यापन किया जाए। इसके साथ ही ग्राम समाज की सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराकर दोषी व्यक्तियों और गलत रिपोर्ट प्रस्तुत करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाए।
- फतेहपुर जिले के देवमई ब्लॉक अंतर्गत इसेपुर और कोटरा बहादुरपुर क्षेत्र से विकास और स्वच्छता के सरकारी दावों की पोल खोलती तस्वीरें सामने आई हैं। एक तरफ गांव-गांव में ग्राम चौपाल लगाकर विकास और सफाई के दावे किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ यहां प्राइमरी स्कूल के बाहर नालियों का गंदा पानी उफान मार रहा है। स्थिति यह है कि गांव का रास्ता पूरी तरह दलदल बन चुका है और मासूम बच्चे रोजाना इसी बदबूदार गंदगी और कीचड़ के बीच से होकर स्कूल जाने को मजबूर हैं। इलाके में जलनिकासी की व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। स्कूल के बाहर और गांव की गलियों में जमा गंदे पानी की वजह से बदबू, कीचड़ और मच्छरों का जमावड़ा हो गया है, जिससे ग्रामीणों का रास्ते से गुजरना मुश्किल हो चुका है। हर दिन बच्चे फिसलन भरे रास्ते से होकर स्कूल पहुंच रहे हैं। ग्रामीणों का साफ आरोप है कि इस संबंध में कई बार जिम्मेदार अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं निकाला गया। अब सरकारी चौपालों और दावों की हकीकत पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का पूछना है कि जब शासन के निर्देश पर ग्राम चौपाल लगती हैं और अधिकारी व जनप्रतिनिधि गांव पहुंचते हैं, तो यह बुनियादी समस्या महीनों तक क्यों बनी रहती है। क्या चौपालों में उठाए गए मुद्दों का निस्तारण केवल कागजों तक ही सीमित है? फिलहाल पूरा गांव प्रशासन की ओर देख रहा है कि जिम्मेदार अधिकारी इस समस्या का तत्काल समाधान करेंगे या सरकारी घोषणाएं इन तस्वीरों के सामने सवालों के घेरे में ही रहेंगी।1
- फतेहपुर जिले की बिंदकी तहसील अंतर्गत बकेवर थाना क्षेत्र के ग्राम बहादुरपुर कोटरा में ग्राम समाज के पुराने तालाब पर मिट्टी डालकर अवैध कब्जा किए जाने से गंभीर जलभराव की समस्या पैदा हो गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव निवासी कमलेश यादव पुत्र बैजनाथ यादव द्वारा तालाब में लगातार मिट्टी डलवाकर उसका प्राकृतिक स्वरूप समाप्त किया जा रहा है। इससे वर्षों से नालियों का पानी जिस तालाब में एकत्र होता था, वह रास्ता पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है। इसके अलावा सफाई कर्मी के नियमित न आने से नालियां पहले से जाम पड़ी थीं, जिसके कारण अब गंदा पानी गलियों, खड़ंजा मार्गों और घरों के आसपास भर रहा है। जलभराव की सबसे चिंताजनक स्थिति प्राथमिक विद्यालय के आसपास बनी हुई है, जहां लंबे समय से गंदा और बदबूदार पानी जमा है। स्कूल आने-जाने वाले छोटे-छोटे बच्चों को रोजाना इसी दूषित पानी से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे कपड़े-जूते बचाना मुश्किल हो रहा है और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। लगातार जलभराव से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे गांव में डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया जैसी संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा मंडरा रहा है और बच्चों, बुजुर्गों व महिलाओं के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। ग्रामीणों का गंभीर आरोप है कि इस समस्या को लेकर जिलाधिकारी एवं अन्य अधिकारियों से कई बार शिकायत की गई, लेकिन लेखपाल और ग्राम प्रधान ने मौके की स्थिति के विपरीत फर्जी रिपोर्ट लगाकर शिकायतों को दबा दिया और निस्तारण करा दिया। ग्रामीणों ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, सैटेलाइट, जियो-टैग साक्ष्यों और राजस्व अभिलेखों के आधार पर तालाब की पैमाइश कराई जाए, अवैध कब्जा हटाकर जल निकासी बहाल की जाए तथा फर्जी रिपोर्ट देने वाले जिम्मेदार अधिकारियों और दोषियों पर कड़ी विधिक कार्रवाई की जाए।4
- फतेहपुर की बिंदकी तहसील स्थित बकेवर थाना क्षेत्र के ग्राम बहादुरपुर कोटरा में ग्राम समाज की सरकारी भूमि पर बने तालाब पर कब्जा करने का मामला सामने आया है। गांव के ही बैजनाथ यादव के पुत्र कमलेश यादव तालाब में मिट्टी डालकर अवैध कब्जा कर रहे हैं। इस कारण गांव की नालियों और खड़ंजे में पानी भर गया है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस गंभीर समस्या पर सरकार भी ग्रामीणों की कोई सुनवाई नहीं कर रही है। परेशान ग्रामीणों ने मामले की शिकायत सीधे जिलाधिकारी से की थी, लेकिन लेखपाल और ग्राम प्रधान ने फर्जी रिपोर्ट लगाकर शिकायत को दबा दिया। सरकारी तालाब को मिट्टी से पाटकर किए जा रहे इस कब्जे और जलभराव को लेकर गांव के लोगों में तीव्र आक्रोश है।2
- निषाद पार्टी के जिलाध्यक्ष लोकनाथ निषाद के नेतृत्व में सोमवार को फतेहपुर में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री, मुख्यमंत्री सहित अन्य उच्च अधिकारियों को संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा गया। ज्ञापन में निषाद, केवट, मल्लाह, कश्यप, कहार, धीमर, बिंद, बाथम, तुरहा, गोड़िया, मांझी एवं मछुआ सहित संबंधित जातियों को अनुसूचित जाति (एससी) का प्रमाणपत्र जारी करने की मांग उठाई गई। ज्ञापन में कहा गया कि वर्ष 2016 और 2017 के शासनादेशों का सभी जिलों और तहसीलों में समान रूप से पालन नहीं हो रहा है तथा कई स्थानों पर इन जातियों के लोगों को अब भी अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) का प्रमाणपत्र जारी किया जा रहा है। पार्टी का आरोप है कि यह शासनादेशों और संबंधित अधिसूचनाओं के विपरीत है। ज्ञापन में 1950 की राष्ट्रपति अधिसूचना, 1961 की जनगणना मैनुअल तथा विभिन्न शासनादेशों का हवाला देते हुए मांग की गई कि संबंधित जातियों को मझवार एवं तुरैहा समूह के अंतर्गत अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र जारी किया जाए। साथ ही प्रदेश में ओबीसी प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया पर रोक लगाने, विधानसभा में आवश्यक विधायी कार्रवाई करने तथा अनुसूचित जाति के तहत मिलने वाले सभी संवैधानिक अधिकार एवं योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने की मांग की गई। इस दौरान चंद्रमोहन, रामस्वरूप निषाद, उपेंद्रनाथ निषाद, उमाशंकर, अवधेश निषाद, निर्मल चंद्र, सुधीर निषाद सहित पार्टी के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।4
- फतेहपुर जिले की बिंदकी तहसील अंतर्गत बकेवर थाना क्षेत्र के बहादुरपुर कोटरा गांव में ग्राम समाज की भूमि पर स्थित एक पुराने तालाब पर मिट्टी डालकर अवैध कब्जे की कोशिश का मामला सामने आया है। आरोप है कि गांव निवासी बैजनाथ यादव के पुत्र कमलेश यादव द्वारा तालाब में लगातार मिट्टी डलवाकर उसका स्वरूप समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है। तालाब को पाटे जाने के कारण गांव की नालियों का प्राकृतिक जल निकास पूरी तरह बाधित हो गया है। इसके परिणामस्वरूप खड़ंजा मार्गों और आसपास के क्षेत्रों में गंभीर जलभराव हो गया है, जिससे दर्जनों परिवारों को आवागमन और दैनिक जीवन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने इस मामले की शिकायत जिलाधिकारी फतेहपुर से करते हुए तालाब को अतिक्रमण से मुक्त कराने और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की थी। हालांकि, आरोप है कि जांच के दौरान लेखपाल और ग्राम प्रधान द्वारा वास्तविक स्थिति के विपरीत रिपोर्ट प्रस्तुत कर शिकायत का निस्तारण करा दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि बिना निष्पक्ष जांच के शिकायत को दबा दिया गया, जिससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए और राजस्व अभिलेखों, सैटेलाइट व जियो-टैग साक्ष्यों के आधार पर तालाब की वास्तविक स्थिति का सत्यापन किया जाए। इसके साथ ही ग्राम समाज की सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराकर दोषी व्यक्तियों और गलत रिपोर्ट प्रस्तुत करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाए।4
- उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के बिंदकी में पुलिस, सर्विलांस सेल और एसओजी टीम ने संयुक्त अभियान चलाकर बहुचर्चित देशी शराब ठेका लूटकांड का सफलतापूर्वक पर्दाफाश कर दिया है। घटना के 17 दिन बाद कार्रवाई करते हुए पुलिस ने तीन शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे और निशानदेही पर पुलिस ने 22 पेटी देशी शराब (990 पव्वे), 62 कैन किंगफिशर बीयर और वारदात में प्रयुक्त स्प्लेंडर मोटरसाइकिल (UP71BK8926) बरामद कर बड़ी सफलता हासिल की है। घटना 8/9 जुलाई 2026 की रात की है, जब थाना बिंदकी क्षेत्र के नरैया-अरईपुर खेड़ा स्थित देशी शराब ठेके पर बदमाशों ने चौकीदार को बंधक बनाकर दीवार तोड़ दी थी और भारी मात्रा में शराब व बीयर लूटकर फरार हो गए थे। मामले में थाना बिंदकी में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस पूछताछ में अभियुक्तों ने खुलासा किया कि उन्होंने अपने अन्य साथियों सूरज सोनकर और सुंदर सोनकर के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से वारदात को अंजाम दिया था। लूटी गई शराब को पहले खेतों में छिपाया गया और फिर बिक्री के लिए शिवजीत के घर के बाहर बने टीनशेड में रखकर मोटरसाइकिल से बेचा जा रहा था। माल बरामदगी के आधार पर मुकदमे में धारा 317(2) बीएनएस और धारा 60 आबकारी अधिनियम की बढ़ोतरी की गई है। गिरफ्तार अभियुक्तों में दिलीप कुमार पासवान (निवासी चकमाधवपुर, बिंदकी), प्रेम सोनकर (निवासी ननकापुर, बिंदकी) और शिवजीत (निवासी खूंटा झाल, जाफरगंज) शामिल हैं। इस सफल कार्रवाई में बिंदकी प्रभारी निरीक्षक शैलेश कुमार सिंह, उपनिरीक्षक जयलाल सिंह, उपनिरीक्षक नीरज कुमार मौर्या, सर्विलांस सेल प्रभारी सुनील कुमार सिंह तथा एसओजी प्रभारी प्रवीण यादव व उनकी टीम की मुख्य भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने पुलिस टीम की सराहना करते हुए कहा कि जनपद में अपराधियों के विरुद्ध अभियान जारी रहेगा और फरार आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।1