बीकानेर के लूणकरणसर क्षेत्र में तेज आंधी और बारिश ने मौसम का कहर बरपाया, जिससे पूरे क्षेत्र की बिजली व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई। मलकिसर-शेखसर क्षेत्र में इस प्राकृतिक आपदा के कारण भारी नुकसान हुआ है, जहाँ एक दर्जन से अधिक विद्युत पोल और कई पेड़ धराशायी हो गए। 33 केवी लाइन के खंभे टूटकर सड़कों पर गिर गए, वहीं शेखसर जीएसएस से निकलने वाली कई विद्युत लाइनें भी बाधित हो गईं। इस व्यापक क्षति के परिणामस्वरूप, अनेक गांवों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है, जिससे क्षेत्र में जनजीवन काफी प्रभावित हुआ। खोडाला गांव में भी बरसात और तेज हवाओं का व्यापक असर देखने को मिला। ग्रामीणों ने इस नुकसान की जानकारी दी है, जिसके बाद विद्युत विभाग की टीमें बिजली बहाली के कार्य में तेजी से जुट गई हैं। प्रभावित ग्रामीण जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग कर रहे हैं।
बीकानेर के लूणकरणसर क्षेत्र में तेज आंधी और बारिश ने मौसम का कहर बरपाया, जिससे पूरे क्षेत्र की बिजली व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई। मलकिसर-शेखसर क्षेत्र में इस प्राकृतिक आपदा के कारण भारी नुकसान हुआ है, जहाँ एक दर्जन से अधिक विद्युत पोल और कई पेड़ धराशायी हो गए। 33 केवी लाइन के खंभे टूटकर सड़कों पर गिर गए, वहीं शेखसर जीएसएस से निकलने वाली कई विद्युत लाइनें भी बाधित हो गईं। इस व्यापक क्षति के परिणामस्वरूप, अनेक गांवों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है, जिससे क्षेत्र में जनजीवन काफी प्रभावित हुआ। खोडाला गांव में भी बरसात और तेज हवाओं का व्यापक असर देखने को मिला। ग्रामीणों ने इस नुकसान की जानकारी दी है, जिसके बाद विद्युत विभाग की टीमें बिजली बहाली के कार्य में तेजी से जुट गई हैं। प्रभावित ग्रामीण जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग कर रहे हैं।
- अजमेर जिले के पीसांगन स्थित भूतिया ढाणी में खेत पर कृषि कार्य करते समय पैर फिसलकर कुएं में गिरने से 28 वर्षीय किसान टीकमचंद कुमावत की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर एएसआई सुरेंद्र कुमार और कांस्टेबल सुखाराम माली ग्रामीणों की मदद से मौके पर पहुंचे और मृतक किसान के शव को कुएं से बाहर निकलवाकर अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने स्वास्थ्य परीक्षण के बाद टीकमचंद को मृत घोषित कर दिया। पीसांगन थानाधिकारी सरोज चौधरी के मुताबिक, मृतक के बड़े भाई चंदनमल कुमावत ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि सुबह करीब 6 बजे वह अपने छोटे भाई टीकमचंद के साथ खेत पर फसल बुवाई के लिए 'सूड़' करने गए थे। काम करते समय प्यास लगने पर टीकमचंद कुएं से पीने का पानी लेने गए। पानी खींचते वक्त अचानक उनका पैर फिसल गया और वे कुएं में जा गिरे। कुएं से 'धड़ाम' की आवाज सुनकर चंदनमल अपने भाई को बचाने के लिए दौड़े, लेकिन तब तक टीकमचंद पानी में समा चुके थे। चंदनमल ने तुरंत परिजनों और पड़ोसियों को घटना की जानकारी दी, जिन्होंने पुलिस प्रशासन को सूचित किया। थानाधिकारी सरोज चौधरी ने एएसआई सुरेंद्र कुमार और कांस्टेबल सुखाराम माली को मौके पर भेजा। उन्होंने ग्रामीणों की सहायता से टीकमचंद के शव को कुएं से बाहर निकलवाकर अस्पताल भिजवाया, जहाँ चिकित्सक राजेंद्र सिंह लामरोड़ और सुरेंद्र कुमार चौधरी ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। एएसआई सुरेंद्र कुमार और कांस्टेबल सुखाराम माली ने मृतक के बड़े भाई की रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए, सीएचसी प्रभारी राजेंद्र सिंह लामरोड़ से शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सुपुर्द कर दिया। पुलिस ने मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है।4
- लामाना ग्राम पंचायत की चारागाह भूमि पर मनरेगा का काम बिना मस्टरोल और बिना MMS के करवाया जा रहा है, जिससे सरकारी नियमों की खुलेआम अनदेखी हो रही है। श्रमिकों ने जानकारी दी है कि उनकी हाजिरी हाजिरी कॉपी में ली जा रही है, जबकि मनरेगा कार्यों में MMS अनिवार्य होता है। श्रमिकों ने बताया कि वे बुधवार सुबह 7:00 बजे से कार्यस्थल पर उपस्थित थे, लेकिन मेट छगनलाल सुबह 9:00 बजे से ही साइड से नदारद थे। श्रमिकों की उपस्थिति किसी रजिस्टर में दर्ज की जा रही थी, जिससे स्पष्ट होता है कि MMS के नियमों की पूरी तरह से धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। इस पूरे मामले की जानकारी पीसांगन के विकास अधिकारी महेंद्र मालाकार को दी गई है। विकास अधिकारी ने मामले की पूरी जांच करने का आश्वासन दिया है और स्पष्ट किया है कि बिना मस्टरोल के किसी भी प्रकार का कार्य नहीं होना चाहिए।1
- राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जोधपुर में एक जनसुनवाई आयोजित की। इस दौरान उन्होंने मौजूदा राजस्थान सरकार पर कड़ा निशाना साधा।1
- आज की ताजा खबर के अनुसार, मंडी पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस कार्रवाई के तहत चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है।1
- 81400679131
- नागौर जिले के पादूकलां स्थित लांपोलाई गांव में हाल ही में आयोजित श्री सती माता मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव आस्था, सामाजिक एकता और पर्यावरण संरक्षण के अनूठे संगम के रूप में सामने आया है। समाजजनों द्वारा "राजस्थान का सेंटर" माने जाने वाले इस लांपोलाई गांव में प्रदेशभर से बड़ी संख्या में समाजबंधु और श्रद्धालु इस ऐतिहासिक आयोजन का हिस्सा बनने पहुंचे। यह महोत्सव वैदिक मंत्रोच्चार और पूरे विधि-विधान के साथ सती माता की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा के साथ संपन्न हुआ। इससे पहले, एक भव्य कलश यात्रा और शोभायात्रा निकाली गई, जिसका स्थानीय ग्रामीणों ने पुष्पवर्षा और जयकारों से गर्मजोशी से स्वागत किया। आचार्य सत्यनारायण दाधीच के सान्निध्य में विशेष यज्ञ, हवन और महाआरती का भी आयोजन किया गया, जिसमें उपस्थित सभी श्रद्धालुओं ने अपने परिवार, समाज और पूरे राष्ट्र की सुख-समृद्धि की मंगल कामना की। इस महोत्सव की सबसे खास पहल अतिथियों को पक्षियों के लिए जल पात्र, जिन्हें 'परिंदे' कहा जाता है, भेंट करना रही। भीषण गर्मी के बीच पक्षियों के संरक्षण, जल संवर्धन और जीव-दया का संदेश देकर समाज ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक प्रेरक मिसाल पेश की, जिसकी सभी अतिथियों और श्रद्धालुओं ने खुले दिल से सराहना की। समारोह में समाज के वरिष्ठजनों ने बताया कि सती माता की यह परंपरा लगभग 700 से 800 वर्ष पुरानी है और आज भी समाज की आस्था का एक प्रमुख केंद्र बनी हुई है। चूरू से पधारे रावजी ने सती माता के समृद्ध इतिहास, परंपराओं और उनके सामाजिक मूल्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। इस अवसर पर कार्यक्रम में सहयोग देने वाले भामाशाहों, समाजसेवियों और विभिन्न सहयोगकर्ताओं का सम्मान भी किया गया। समाज पदाधिकारियों ने इस भव्य मंदिर निर्माण और प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव की सफलता में विभिन्न क्षेत्रों के समाजबंधुओं के योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि नागौर, मकराना, जोधपुर, डेगाना, रियांबड़ी, रेन, खाटू, जावला, मेहराना सहित राजस्थान के कई अन्य हिस्सों में रहने वाले समाजबंधुओं ने तन, मन और धन से भरपूर सहयोग दिया, जिसकी एकजुटता ने इस आयोजन को वास्तव में ऐतिहासिक बना दिया। राजस्थान के मध्य बिंदु के रूप में पहचान बना चुका लांपोलाई गांव अब धार्मिक आस्था के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में भी उभर रहा है, और सती माता मंदिर की यह प्राण प्रतिष्ठा गांव की धार्मिक पहचान को नई ऊंचाइयों पर ले गई है। श्रद्धालुओं ने सती माता से समाज में सुख, शांति, समृद्धि और भाईचारे की निरंतर कामना की।4
- अजमेर जिले के पीसांगन स्थित भूतिया ढाणी में खेत पर कृषि कार्य के दौरान एक दुखद हादसा हुआ, जहां पैर फिसलकर कुएं में गिरने से एक किसान की मौत हो गई। घटना सुबह करीब 6 बजे की है, जब 28 वर्षीय टीकमचंद कुमावत अपने बड़े भाई चंदनमल कुमावत के साथ अपने खेत पर फसल बुवाई के लिए सूड़ करने गए थे। खेत पर काम करते समय प्यास लगने पर टीकमचंद कुएं से पानी लेने गए, और पानी खींचते वक्त उनका पैर अचानक फिसल गया, जिससे वह कुएं में जा गिरे। धड़ाम की आवाज सुनकर उनके भाई चंदनमल उन्हें बचाने के लिए कुएं की ओर दौड़े, लेकिन तब तक टीकमचंद पानी में समा चुके थे। चंदनमल कुमावत ने तत्काल परिजनों व पड़ोसियों को सूचना दी, जिन्होंने पुलिस प्रशासन को जानकारी दी। सूचना मिलते ही पीसांगन थानाधिकारी सरोज चौधरी के निर्देश पर एएसआई सुरेंद्र कुमार और कांस्टेबल सुखाराम माली मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों की मदद से टीकमचंद के शव को कुएं से बाहर निकलवाकर अस्पताल पहुंचाया। वहां चिकित्सक राजेंद्र सिंह लामरोड़ और सुरेंद्र कुमार चौधरी ने स्वास्थ्य परीक्षण के उपरांत किसान टीकमचंद को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद, एएसआई सुरेंद्र कुमार व कांस्टेबल सुखाराम माली ने मृतक के बड़े भाई की रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए, सीएचसी प्रभारी राजेंद्र सिंह लामरोड़ से शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सुपुर्द कर दिया। पुलिस ने मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है।4