नागौर जिले के पादूकलां स्थित लांपोलाई गांव में हाल ही में आयोजित श्री सती माता मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव आस्था, सामाजिक एकता और पर्यावरण संरक्षण के अनूठे संगम के रूप में सामने आया है। समाजजनों द्वारा "राजस्थान का सेंटर" माने जाने वाले इस लांपोलाई गांव में प्रदेशभर से बड़ी संख्या में समाजबंधु और श्रद्धालु इस ऐतिहासिक आयोजन का हिस्सा बनने पहुंचे। यह महोत्सव वैदिक मंत्रोच्चार और पूरे विधि-विधान के साथ सती माता की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा के साथ संपन्न हुआ। इससे पहले, एक भव्य कलश यात्रा और शोभायात्रा निकाली गई, जिसका स्थानीय ग्रामीणों ने पुष्पवर्षा और जयकारों से गर्मजोशी से स्वागत किया। आचार्य सत्यनारायण दाधीच के सान्निध्य में विशेष यज्ञ, हवन और महाआरती का भी आयोजन किया गया, जिसमें उपस्थित सभी श्रद्धालुओं ने अपने परिवार, समाज और पूरे राष्ट्र की सुख-समृद्धि की मंगल कामना की। इस महोत्सव की सबसे खास पहल अतिथियों को पक्षियों के लिए जल पात्र, जिन्हें 'परिंदे' कहा जाता है, भेंट करना रही। भीषण गर्मी के बीच पक्षियों के संरक्षण, जल संवर्धन और जीव-दया का संदेश देकर समाज ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक प्रेरक मिसाल पेश की, जिसकी सभी अतिथियों और श्रद्धालुओं ने खुले दिल से सराहना की। समारोह में समाज के वरिष्ठजनों ने बताया कि सती माता की यह परंपरा लगभग 700 से 800 वर्ष पुरानी है और आज भी समाज की आस्था का एक प्रमुख केंद्र बनी हुई है। चूरू से पधारे रावजी ने सती माता के समृद्ध इतिहास, परंपराओं और उनके सामाजिक मूल्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। इस अवसर पर कार्यक्रम में सहयोग देने वाले भामाशाहों, समाजसेवियों और विभिन्न सहयोगकर्ताओं का सम्मान भी किया गया। समाज पदाधिकारियों ने इस भव्य मंदिर निर्माण और प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव की सफलता में विभिन्न क्षेत्रों के समाजबंधुओं के योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि नागौर, मकराना, जोधपुर, डेगाना, रियांबड़ी, रेन, खाटू, जावला, मेहराना सहित राजस्थान के कई अन्य हिस्सों में रहने वाले समाजबंधुओं ने तन, मन और धन से भरपूर सहयोग दिया, जिसकी एकजुटता ने इस आयोजन को वास्तव में ऐतिहासिक बना दिया। राजस्थान के मध्य बिंदु के रूप में पहचान बना चुका लांपोलाई गांव अब धार्मिक आस्था के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में भी उभर रहा है, और सती माता मंदिर की यह प्राण प्रतिष्ठा गांव की धार्मिक पहचान को नई ऊंचाइयों पर ले गई है। श्रद्धालुओं ने सती माता से समाज में सुख, शांति, समृद्धि और भाईचारे की निरंतर कामना की।
नागौर जिले के पादूकलां स्थित लांपोलाई गांव में हाल ही में आयोजित श्री सती माता मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव आस्था, सामाजिक एकता और पर्यावरण संरक्षण के अनूठे संगम के रूप में सामने आया है। समाजजनों द्वारा "राजस्थान का सेंटर" माने जाने वाले इस लांपोलाई गांव में प्रदेशभर से बड़ी संख्या में समाजबंधु और श्रद्धालु इस ऐतिहासिक आयोजन का हिस्सा बनने पहुंचे। यह महोत्सव वैदिक मंत्रोच्चार और पूरे विधि-विधान के साथ सती माता की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा के साथ संपन्न हुआ। इससे पहले, एक भव्य कलश यात्रा और शोभायात्रा निकाली गई, जिसका स्थानीय ग्रामीणों ने पुष्पवर्षा और जयकारों
से गर्मजोशी से स्वागत किया। आचार्य सत्यनारायण दाधीच के सान्निध्य में विशेष यज्ञ, हवन और महाआरती का भी आयोजन किया गया, जिसमें उपस्थित सभी श्रद्धालुओं ने अपने परिवार, समाज और पूरे राष्ट्र की सुख-समृद्धि की मंगल कामना की। इस महोत्सव की सबसे खास पहल अतिथियों को पक्षियों के लिए जल पात्र, जिन्हें 'परिंदे' कहा जाता है, भेंट करना रही। भीषण गर्मी के बीच पक्षियों के संरक्षण, जल संवर्धन और जीव-दया का संदेश देकर समाज ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक प्रेरक मिसाल पेश की, जिसकी सभी अतिथियों और श्रद्धालुओं ने खुले दिल से सराहना की। समारोह में
समाज के वरिष्ठजनों ने बताया कि सती माता की यह परंपरा लगभग 700 से 800 वर्ष पुरानी है और आज भी समाज की आस्था का एक प्रमुख केंद्र बनी हुई है। चूरू से पधारे रावजी ने सती माता के समृद्ध इतिहास, परंपराओं और उनके सामाजिक मूल्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। इस अवसर पर कार्यक्रम में सहयोग देने वाले भामाशाहों, समाजसेवियों और विभिन्न सहयोगकर्ताओं का सम्मान भी किया गया। समाज पदाधिकारियों ने इस भव्य मंदिर निर्माण और प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव की सफलता में विभिन्न क्षेत्रों के समाजबंधुओं के योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि नागौर, मकराना, जोधपुर,
डेगाना, रियांबड़ी, रेन, खाटू, जावला, मेहराना सहित राजस्थान के कई अन्य हिस्सों में रहने वाले समाजबंधुओं ने तन, मन और धन से भरपूर सहयोग दिया, जिसकी एकजुटता ने इस आयोजन को वास्तव में ऐतिहासिक बना दिया। राजस्थान के मध्य बिंदु के रूप में पहचान बना चुका लांपोलाई गांव अब धार्मिक आस्था के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में भी उभर रहा है, और सती माता मंदिर की यह प्राण प्रतिष्ठा गांव की धार्मिक पहचान को नई ऊंचाइयों पर ले गई है। श्रद्धालुओं ने सती माता से समाज में सुख, शांति, समृद्धि और भाईचारे की निरंतर कामना की।
- बीकानेर के लूणकरणसर क्षेत्र में तेज आंधी और बारिश ने मौसम का कहर बरपाया, जिससे पूरे क्षेत्र की बिजली व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई। मलकिसर-शेखसर क्षेत्र में इस प्राकृतिक आपदा के कारण भारी नुकसान हुआ है, जहाँ एक दर्जन से अधिक विद्युत पोल और कई पेड़ धराशायी हो गए। 33 केवी लाइन के खंभे टूटकर सड़कों पर गिर गए, वहीं शेखसर जीएसएस से निकलने वाली कई विद्युत लाइनें भी बाधित हो गईं। इस व्यापक क्षति के परिणामस्वरूप, अनेक गांवों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है, जिससे क्षेत्र में जनजीवन काफी प्रभावित हुआ। खोडाला गांव में भी बरसात और तेज हवाओं का व्यापक असर देखने को मिला। ग्रामीणों ने इस नुकसान की जानकारी दी है, जिसके बाद विद्युत विभाग की टीमें बिजली बहाली के कार्य में तेजी से जुट गई हैं। प्रभावित ग्रामीण जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग कर रहे हैं।1
- नागौर जिले की रियान बड़ी पुलिस चौकी में आगामी मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से एक शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में डेगाना डिप्टी अजीत पाल ने आमजन से त्योहार के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने तथा प्रशासन का पूरा सहयोग करने की अपील की। बैठक को संबोधित करते हुए, डिप्टी अजीत पाल ने कहा कि मोहर्रम सहित सभी धार्मिक पर्व आपसी भाईचारे, प्रेम और सामाजिक एकता के प्रतीक हैं। उन्होंने सभी समुदायों से मिलकर सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने का आग्रह किया। डिप्टी पाल ने लोगों से यह भी अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस प्रशासन को दें। थाना अधिकारी उमाशंकर शर्मा ने जानकारी दी कि मोहर्रम के जुलूसों और धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी और पुलिस प्रशासन पूरी तरह से सतर्क रहेगा। शर्मा ने सोशल मीडिया पर भ्रामक या आपत्तिजनक सामग्री साझा न करने की भी अपील की। इस अवसर पर रियान बड़ी पुलिस चौकी के नरेंद्र, सुरेश मेघवाल, राजकुमार खदाव और दयाराम सहित अन्य पुलिसकर्मी उपस्थित थे। विभिन्न समाजों, व्यापारिक संगठनों और ग्रामीण क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने भी अपने सुझाव रखे और प्रशासन को पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया। बैठक में पूर्व उप चेयरमैन सत्यनारायण वैष्णव, जब्बार खान, पूर्व सरपंच अन्ना राम पंवार, रामनिवास भाटी, कालू खां ठेकेदार, पूर्व प्रधान राजूराम, माणकचंद पाराशर, व्यापार संघ अध्यक्ष गजेंद्र वैष्णव, मंडल अध्यक्ष महेंद्रनाथ योगी, एडवोकेट रामकिशोर तिवाड़ी, हाजी अनवर मोहम्मद, एडवोकेट आशीष राजपुरोहित, सुनील सैनी, बाबू सिंह, जर्रार खान, चेनाराम दगदी, जाकिर हुसैन मौलवी और गबरूदीन तेली सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौजूद रहे। बैठक के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने मोहर्रम पर्व को शांति, सद्भाव और भाईचारे के साथ मनाने का संकल्प लिया। प्रशासन की ओर से आश्वस्त किया गया कि त्योहार के दौरान सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी।1
- मोहर्रम पर्व से पहले रियांबड़ी पुलिस चौकी में शांति समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस दौरान, डेगाना डिप्टी अजीत पाल ने सभी से कानून व्यवस्था बनाए रखने, अफवाहों से दूर रहने और प्रशासन का पूरा सहयोग करने की अपील की। थाना अधिकारी उमाशंकर शर्मा ने मोहर्रम जुलूसों के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने पर भी ज़ोर दिया। इस बैठक में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, विभिन्न व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों और अलग-अलग समाजों के लोगों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। सभी उपस्थित सदस्यों ने आपसी शांति और भाईचारे के साथ पर्व मनाने का संकल्प लिया।3
- आज गोपालपुर में बारिश का मौसम बना हुआ है, जहाँ बूंदाबांदी बारिश दर्ज की गई।1
- मरुधरा की आस्था के प्रमुख केंद्र कपिल मुनि सरोवर परिसर में स्थित वर्षों पुराने पीपल और बड़ के वृक्षों के संरक्षण तथा पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिए प्रशासन ने गंभीर पहल की है। इसी कड़ी में, विकास अधिकारी वीरपाल सिंह नायक ने सरोवर परिसर का निरीक्षण किया और ग्राम पंचायत को वृक्षों के संरक्षण, उनकी नियमित देखरेख एवं सुरक्षा के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। विकास अधिकारी ने इस दौरान कहा कि कपिल मुनि सरोवर धार्मिक आस्था का केंद्र होने के साथ-साथ एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक धरोहर भी है। उन्होंने बताया कि परिसर में मौजूद पीपल और बड़ के ये प्राचीन वृक्ष श्रद्धालुओं को छाया प्रदान करने के अलावा पर्यावरण संरक्षण में अहम भूमिका निभाते हैं, और इनका संरक्षण समय की आवश्यकता है ताकि आने वाली पीढ़ियाँ भी इनसे जुड़ सकें। ग्राम पंचायत को निर्देश दिए गए कि वृक्षों के आसपास नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, उनकी जड़ों को नुकसान पहुँचाने वाली गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाई जाए, तथा आवश्यकतानुसार सुरक्षा उपाय किए जाएँ। इसके अतिरिक्त, वृक्षों की निरंतर निगरानी और देखभाल के लिए एक कार्ययोजना तैयार करने के भी निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान सरोवर परिसर में बेसहारा गोवंश के प्रवेश से उत्पन्न हो रही समस्याओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने यह स्वीकार किया कि खुले में घूमने वाले गोवंश से पौधों और वृक्षों को नुकसान होता है, साथ ही श्रद्धालुओं को भी असुविधा का सामना करना पड़ता है। इस समस्या से निपटने के लिए सरोवर परिसर में गोवंश के प्रवेश को रोकने हेतु व्यवहारिक उपाय अपनाने और आवश्यक व्यवस्थाएँ विकसित करने पर सहमति बनी। इस अवसर पर जेईएन सुरेश विश्नोई और ग्राम पंचायतकर्मी कामेश शर्मा सहित अन्य कार्मिक मौजूद रहे। स्थानीय लोगों ने प्रशासन की इस पहल का स्वागत करते हुए ऐसी पहल लगातार जारी रखने की बात कही ताकि कपिल मुनि सरोवर की हरियाली और धार्मिक गरिमा बनी रहे।1
- नागौर शहर के शारदा बाल निकेतन विद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस से शुरू हुआ पांच दिवसीय योग शिविर आज 25 जून को समाप्त होगा। यह शिविर, जो अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर शुरू हुआ था, शहरवासियों और छात्र-छात्राओं के लिए योग प्रशिक्षण का केंद्र रहा। प्रबंध समिति के अध्यक्ष हरिराम धारणियां ने जानकारी दी कि इस शिविर में राजस्थान सहित देश भर में ख्याति प्राप्त योगा ट्रेनर परिणीति विश्नोई उपस्थित रहीं, जिन्होंने शिविर में आए छात्र-छात्राओं और शहरवासियों को योग के विभिन्न आयामों से अवगत करवाया। प्रधानाचार्य गेनाराम गुरु ने बताया कि योग शिविर की सभी आवश्यक तैयारियाँ पहले ही पूरी कर ली गई थीं, और इसमें विद्यालय के छात्र-छात्राओं, आचार्य बंधु-भगिनी तथा कई अभिभावकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सहायक प्रधानाचार्य पुखराज राव ने बताया कि योग शिविर के चौथे दिन, विद्यालय के छात्र-छात्राओं को योग शिक्षक केसरी नंदन सोनी और लीला कच्छावा ने विभिन्न प्रकार के योग, प्राणायाम और आसन का अभ्यास करवाया। शिविर का समापन आज 25 जून को होने के साथ ही प्रसिद्ध योगा ट्रेनर परिणीति बिश्नोई शहरवासियों को योग करवाएंगी।1
- जोधपुर जिले में साइबर ठगी का एक नया मामला सामने आया है, जहाँ धोखेबाजों ने एक युवक के बैंक खाते से ₹1,00,000 उड़ा लिए। इस घटना के बाद, साइबर क्राइम विभाग द्वारा पीड़ित युवक को ₹800 वापस कर दिए गए हैं, जबकि शेष राशि को होल्ड पर रखा गया है।1
- रियांबड़ी के दासावास चौराहे पर सीसी सड़क का निर्माण कार्य लंबे समय से अधूरा पड़ा है, जिससे स्थानीय निवासियों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क के बीच में स्थित पटवार भवन, जो निर्माण में बाधा बन रहा था, उसे प्रशासन ने काफी समय पहले हटा दिया था। इसके बावजूद, संबंधित विभाग और ठेकेदार लगभग 100 मीटर सड़क का निर्माण कार्य पूरा नहीं कर पाए हैं। इस अधूरी सड़क के कारण पूरे क्षेत्र में कीचड़ और गंदा पानी जमा हो गया है, जिससे दोपहिया वाहन चालक अक्सर फिसलकर दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। सड़क के संकरा और खराब होने से यातायात भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है, जिसके चलते कई बार जाम की स्थिति बन जाती है। स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों ने बताया कि बरसात के मौसम में यह समस्या और भी गंभीर हो गई है, जिससे लोगों का आवागमन बेहद मुश्किल हो गया है। नगर पालिका चेयरमैन गिरधारीलाल भाटी ने इस स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पटवार भवन हटाए जाने के बाद सड़क निर्माण कार्य तेजी से पूरा हो जाना चाहिए था। हालांकि, उन्होंने संबंधित विभाग और ठेकेदार की उदासीनता को कार्य के अधूरे रहने का मुख्य कारण बताया और आमजन को राहत देने के लिए जल्द से जल्द कार्य पूरा करने की आवश्यकता पर जोर दिया। इसके अलावा, स्थानीय नागरिकों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि सड़क के दोनों ओर बनाए गए नाले निर्माण के कुछ ही महीनों बाद ही टूटने लगे हैं, जिससे कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर संदेह पैदा होता है। लोगों का कहना है कि ठेकेदार ने निर्माण में मनमानी और लापरवाही बरती है, जिसके परिणामस्वरूप सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है और जनता को परेशानी झेलनी पड़ रही है। इन सभी समस्याओं को देखते हुए, ग्रामीणों और क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि दासावास चौराहे पर अधूरी पड़ी सीसी सड़क का निर्माण कार्य शीघ्र अति शीघ्र पूरा कराया जाए। उन्होंने घटिया निर्माण कार्य के लिए जिम्मेदार ठेकेदार के खिलाफ जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की भी पुरजोर अपील की है।1
- लखनऊ में हुए एक भीषण अग्निकांड में एक कोचिंग सेंटर में आग लगने से 15 लोगों की दुखद मौत हो गई। इस घटना के दौरान, स्थानीय जनता ने बड़े पैमाने पर मदद करने का प्रयास किया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद वे इन 15 लोगों को बचा नहीं पाए।1