रियांबड़ी के दासावास चौराहे पर सीसी सड़क का निर्माण कार्य लंबे समय से अधूरा पड़ा है, जिससे स्थानीय निवासियों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क के बीच में स्थित पटवार भवन, जो निर्माण में बाधा बन रहा था, उसे प्रशासन ने काफी समय पहले हटा दिया था। इसके बावजूद, संबंधित विभाग और ठेकेदार लगभग 100 मीटर सड़क का निर्माण कार्य पूरा नहीं कर पाए हैं। इस अधूरी सड़क के कारण पूरे क्षेत्र में कीचड़ और गंदा पानी जमा हो गया है, जिससे दोपहिया वाहन चालक अक्सर फिसलकर दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। सड़क के संकरा और खराब होने से यातायात भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है, जिसके चलते कई बार जाम की स्थिति बन जाती है। स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों ने बताया कि बरसात के मौसम में यह समस्या और भी गंभीर हो गई है, जिससे लोगों का आवागमन बेहद मुश्किल हो गया है। नगर पालिका चेयरमैन गिरधारीलाल भाटी ने इस स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पटवार भवन हटाए जाने के बाद सड़क निर्माण कार्य तेजी से पूरा हो जाना चाहिए था। हालांकि, उन्होंने संबंधित विभाग और ठेकेदार की उदासीनता को कार्य के अधूरे रहने का मुख्य कारण बताया और आमजन को राहत देने के लिए जल्द से जल्द कार्य पूरा करने की आवश्यकता पर जोर दिया। इसके अलावा, स्थानीय नागरिकों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि सड़क के दोनों ओर बनाए गए नाले निर्माण के कुछ ही महीनों बाद ही टूटने लगे हैं, जिससे कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर संदेह पैदा होता है। लोगों का कहना है कि ठेकेदार ने निर्माण में मनमानी और लापरवाही बरती है, जिसके परिणामस्वरूप सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है और जनता को परेशानी झेलनी पड़ रही है। इन सभी समस्याओं को देखते हुए, ग्रामीणों और क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि दासावास चौराहे पर अधूरी पड़ी सीसी सड़क का निर्माण कार्य शीघ्र अति शीघ्र पूरा कराया जाए। उन्होंने घटिया निर्माण कार्य के लिए जिम्मेदार ठेकेदार के खिलाफ जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की भी पुरजोर अपील की है।
रियांबड़ी के दासावास चौराहे पर सीसी सड़क का निर्माण कार्य लंबे समय से अधूरा पड़ा है, जिससे स्थानीय निवासियों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क के बीच में स्थित पटवार भवन, जो निर्माण में बाधा बन रहा था, उसे प्रशासन ने काफी समय पहले हटा दिया था। इसके बावजूद, संबंधित विभाग और ठेकेदार लगभग 100 मीटर सड़क का निर्माण कार्य पूरा नहीं कर पाए हैं। इस अधूरी सड़क के कारण पूरे क्षेत्र में कीचड़ और गंदा पानी जमा हो गया है, जिससे दोपहिया वाहन चालक अक्सर फिसलकर दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। सड़क के संकरा और खराब होने से यातायात भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है, जिसके चलते कई बार जाम की स्थिति बन जाती है। स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों ने बताया कि बरसात के मौसम में यह समस्या और भी गंभीर हो गई है, जिससे लोगों का आवागमन बेहद मुश्किल हो गया है। नगर पालिका चेयरमैन गिरधारीलाल भाटी ने इस स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पटवार भवन हटाए जाने के बाद सड़क निर्माण कार्य तेजी से पूरा हो जाना चाहिए था। हालांकि, उन्होंने संबंधित विभाग और ठेकेदार की उदासीनता को कार्य के अधूरे रहने का मुख्य कारण बताया और आमजन को राहत देने के लिए जल्द से जल्द कार्य पूरा करने की आवश्यकता पर जोर दिया। इसके अलावा, स्थानीय नागरिकों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि सड़क के दोनों ओर बनाए गए नाले निर्माण के कुछ ही महीनों बाद ही टूटने लगे हैं, जिससे कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर संदेह पैदा होता है। लोगों का कहना है कि ठेकेदार ने निर्माण में मनमानी और लापरवाही बरती है, जिसके परिणामस्वरूप सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है और जनता को परेशानी झेलनी पड़ रही है। इन सभी समस्याओं को देखते हुए, ग्रामीणों और क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि दासावास चौराहे पर अधूरी पड़ी सीसी सड़क का निर्माण कार्य शीघ्र अति शीघ्र पूरा कराया जाए। उन्होंने घटिया निर्माण कार्य के लिए जिम्मेदार ठेकेदार के खिलाफ जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की भी पुरजोर अपील की है।
- रियांबड़ी के दासावास चौराहे पर सीसी सड़क का निर्माण कार्य लंबे समय से अधूरा पड़ा है, जिससे स्थानीय निवासियों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क के बीच में स्थित पटवार भवन, जो निर्माण में बाधा बन रहा था, उसे प्रशासन ने काफी समय पहले हटा दिया था। इसके बावजूद, संबंधित विभाग और ठेकेदार लगभग 100 मीटर सड़क का निर्माण कार्य पूरा नहीं कर पाए हैं। इस अधूरी सड़क के कारण पूरे क्षेत्र में कीचड़ और गंदा पानी जमा हो गया है, जिससे दोपहिया वाहन चालक अक्सर फिसलकर दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। सड़क के संकरा और खराब होने से यातायात भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है, जिसके चलते कई बार जाम की स्थिति बन जाती है। स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों ने बताया कि बरसात के मौसम में यह समस्या और भी गंभीर हो गई है, जिससे लोगों का आवागमन बेहद मुश्किल हो गया है। नगर पालिका चेयरमैन गिरधारीलाल भाटी ने इस स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पटवार भवन हटाए जाने के बाद सड़क निर्माण कार्य तेजी से पूरा हो जाना चाहिए था। हालांकि, उन्होंने संबंधित विभाग और ठेकेदार की उदासीनता को कार्य के अधूरे रहने का मुख्य कारण बताया और आमजन को राहत देने के लिए जल्द से जल्द कार्य पूरा करने की आवश्यकता पर जोर दिया। इसके अलावा, स्थानीय नागरिकों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि सड़क के दोनों ओर बनाए गए नाले निर्माण के कुछ ही महीनों बाद ही टूटने लगे हैं, जिससे कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर संदेह पैदा होता है। लोगों का कहना है कि ठेकेदार ने निर्माण में मनमानी और लापरवाही बरती है, जिसके परिणामस्वरूप सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है और जनता को परेशानी झेलनी पड़ रही है। इन सभी समस्याओं को देखते हुए, ग्रामीणों और क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि दासावास चौराहे पर अधूरी पड़ी सीसी सड़क का निर्माण कार्य शीघ्र अति शीघ्र पूरा कराया जाए। उन्होंने घटिया निर्माण कार्य के लिए जिम्मेदार ठेकेदार के खिलाफ जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की भी पुरजोर अपील की है।1
- राजस्थान के जोधपुर स्थित गारासनी में श्री मँछानाथ जी महाराज की संध्या आरती श्रद्धापूर्वक आयोजित की गई।1
- अजमेर के पीसांगन थाना परिसर में थानाधिकारी सरोज चौधरी की अध्यक्षता में मोहर्रम पर्व को लेकर एक महत्वपूर्ण शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में आगामी 26 जून को मनाए जाने वाले मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने की अपील की गई। थानाधिकारी चौधरी ने समिति सदस्यों से पीसांगन, गोविंदगढ़ और दांतड़ा में निकलने वाले ताजियों को लेकर भी सहयोग बनाए रखने पर चर्चा की। बैठक में उपस्थित दोनों समुदायों के प्रबुद्ध जनों ने एकजुट होकर कहा कि वे सदियों से चली आ रही गंगा-जमुनी तहजीब की परंपरा को इस बार भी कायम रखेंगे और भाईचारे के अटूट बंधन पर किसी भी सूरत में आंच नहीं आने देंगे। यह संदेश क्षेत्र में सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। थानाधिकारी सरोज चौधरी ने मोहर्रम के आयोजनों का विस्तृत कार्यक्रम भी साझा किया। उन्होंने बताया कि 25 जून की शाम को बड़ी मस्जिद के इमामबाड़े से ताजिए निकाले जाएंगे, जो पुराने पुलिस थाने, सदर बाजार और तेलीवाड़ा जैसी जगहों पर मुकाम लगाएंगे। 26 जून को भी यह मुकाम लगाने का क्रम जारी रहेगा और शाम को गोविंदगढ़ रोड स्थित कब्रिस्तान में ताजियों को सैराब किया जाएगा। इस दौरान कलंदर करतब दिखाएंगे, वहीं हलीम और छबील का वितरण भी किया जाएगा। इस बैठक में थानाधिकारी सरोज चौधरी के साथ हाजी इस्माइल ठेकेदार, बाबू लोहार, सगीर अहमद, ओमसिंह राठौड़, श्रवणसिंह रावत, इस्माइल कुरैशी, गुलाम मुस्तफा, दीपक चौधरी, शेरुखान देशवाली, रफीक लौहार, बद्रीप्रसाद साहू, पंडित घनश्याम जोशी, उदाराम कुमावत, उमराव शाह, रफीक कटारिया, इकबाल खान, जगदीश प्रजापत, मनोहर कुंवाड़ा और मौहम्मद इस्माइल कुरैशी सहित शांति समिति के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे।1
- पीसांगन थाना परिसर में थानाधिकारी सरोज चौधरी की अध्यक्षता में मोहर्रम पर्व को लेकर शांति समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में आगामी 26 जून को मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने की अपील की गई। थानाधिकारी सरोज चौधरी ने कस्बे के साथ-साथ गोविंदगढ़ और दांतड़ा में निकलने वाले ताजियों के जुलूस के दौरान समिति के सदस्यों से सहयोग बनाए रखने पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में मौजूद दोनों समुदायों के प्रबुद्धजनों ने एक स्वर में यह संकल्प लिया कि वे सदियों से चली आ रही देश, प्रदेश और कस्बे की गंगा-जमुनी तहजीब की इस बार भी मिसाल पेश करेंगे और भाईचारे के अटूट ताने-बाने पर किसी भी सूरत में आंच नहीं आने देंगे। थानाधिकारी सरोज चौधरी ने मोहर्रम से संबंधित विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि 25 जून की शाम को बड़ी मस्जिद के इमामबाड़े से ताजिये निकाले जाएंगे। इस दौरान शाम को पुराने पुलिस थाने, सदर बाजार और तेलीवाड़ा सहित विभिन्न स्थानों पर मुकाम लगेंगे। वहीं, 26 जून को भी मुकाम लगाने का यह क्रम अनवरत जारी रहेगा। 26 जून की शाम को गोविंदगढ़ रोड स्थित कब्रिस्तान में ताजिये सैराब किए जाएंगे। ताजिये के जुलूस के दौरान कलंदर विभिन्न करतब दिखाएंगे, जबकि हलीम और छबील का वितरण किया जाएगा। इस शांति समिति की बैठक में थानाधिकारी सरोज चौधरी के अलावा हाजी इस्माइल ठेकेदार, बाबू लोहार, सगीर अहमद, ओमसिंह राठौड़, श्रवणसिंह रावत, इस्माइल कुरैशी, गुलाम मुस्तफा, दीपक चौधरी, शेरुखान देशवाली, रफीक लौहार, बद्रीप्रसाद साहू, पंडित घनश्याम जोशी, उदाराम कुमावत, उमराव शाह, रफीक कटारिया, इकबाल खान, जगदीश प्रजापत, मनोहर कुंवाड़ा और मोहम्मद इस्माइल कुरैशी समेत अन्य समिति सदस्य मौजूद रहे।2
- लामाना ग्राम पंचायत की चारागाह भूमि पर मनरेगा का काम बिना मस्टरोल और बिना MMS के करवाया जा रहा है, जिससे सरकारी नियमों की खुलेआम अनदेखी हो रही है। श्रमिकों ने जानकारी दी है कि उनकी हाजिरी हाजिरी कॉपी में ली जा रही है, जबकि मनरेगा कार्यों में MMS अनिवार्य होता है। श्रमिकों ने बताया कि वे बुधवार सुबह 7:00 बजे से कार्यस्थल पर उपस्थित थे, लेकिन मेट छगनलाल सुबह 9:00 बजे से ही साइड से नदारद थे। श्रमिकों की उपस्थिति किसी रजिस्टर में दर्ज की जा रही थी, जिससे स्पष्ट होता है कि MMS के नियमों की पूरी तरह से धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। इस पूरे मामले की जानकारी पीसांगन के विकास अधिकारी महेंद्र मालाकार को दी गई है। विकास अधिकारी ने मामले की पूरी जांच करने का आश्वासन दिया है और स्पष्ट किया है कि बिना मस्टरोल के किसी भी प्रकार का कार्य नहीं होना चाहिए।1
- एक उत्साही संदेश में यह घोषणा की गई है कि विश्व में एक नई व्यवस्था का आगमन होने वाला है, जिससे नेताजी सुभाष चंद्र बोस का अधूरा सपना अब पूरा होगा। इस पोस्ट में 'जय हिंद' के नारे और 'आजाद हिंद फौज' के संदर्भ के साथ नेताजी के दृष्टिकोण और भारतीय गौरव की भावना को प्रमुखता से व्यक्त किया गया है, जो एक वैश्विक परिवर्तन की आशा को उजागर करता है।1
- बीकानेर के लूणकरणसर क्षेत्र में तेज आंधी और बारिश ने मौसम का कहर बरपाया, जिससे पूरे क्षेत्र की बिजली व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई। मलकिसर-शेखसर क्षेत्र में इस प्राकृतिक आपदा के कारण भारी नुकसान हुआ है, जहाँ एक दर्जन से अधिक विद्युत पोल और कई पेड़ धराशायी हो गए। 33 केवी लाइन के खंभे टूटकर सड़कों पर गिर गए, वहीं शेखसर जीएसएस से निकलने वाली कई विद्युत लाइनें भी बाधित हो गईं। इस व्यापक क्षति के परिणामस्वरूप, अनेक गांवों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है, जिससे क्षेत्र में जनजीवन काफी प्रभावित हुआ। खोडाला गांव में भी बरसात और तेज हवाओं का व्यापक असर देखने को मिला। ग्रामीणों ने इस नुकसान की जानकारी दी है, जिसके बाद विद्युत विभाग की टीमें बिजली बहाली के कार्य में तेजी से जुट गई हैं। प्रभावित ग्रामीण जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग कर रहे हैं।1
- नागौर जिले के मेड़ता उपखंड के सातलावास गांव में दो पक्षों के बीच हुई मारपीट का एक वीडियो वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि यह मारपीट जमीनी विवाद के कारण हुई है।1