अजमेर जिले के पीसांगन स्थित भूतिया ढाणी में खेत पर कृषि कार्य करते समय पैर फिसलकर कुएं में गिरने से 28 वर्षीय किसान टीकमचंद कुमावत की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर एएसआई सुरेंद्र कुमार और कांस्टेबल सुखाराम माली ग्रामीणों की मदद से मौके पर पहुंचे और मृतक किसान के शव को कुएं से बाहर निकलवाकर अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने स्वास्थ्य परीक्षण के बाद टीकमचंद को मृत घोषित कर दिया। पीसांगन थानाधिकारी सरोज चौधरी के मुताबिक, मृतक के बड़े भाई चंदनमल कुमावत ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि सुबह करीब 6 बजे वह अपने छोटे भाई टीकमचंद के साथ खेत पर फसल बुवाई के लिए 'सूड़' करने गए थे। काम करते समय प्यास लगने पर टीकमचंद कुएं से पीने का पानी लेने गए। पानी खींचते वक्त अचानक उनका पैर फिसल गया और वे कुएं में जा गिरे। कुएं से 'धड़ाम' की आवाज सुनकर चंदनमल अपने भाई को बचाने के लिए दौड़े, लेकिन तब तक टीकमचंद पानी में समा चुके थे। चंदनमल ने तुरंत परिजनों और पड़ोसियों को घटना की जानकारी दी, जिन्होंने पुलिस प्रशासन को सूचित किया। थानाधिकारी सरोज चौधरी ने एएसआई सुरेंद्र कुमार और कांस्टेबल सुखाराम माली को मौके पर भेजा। उन्होंने ग्रामीणों की सहायता से टीकमचंद के शव को कुएं से बाहर निकलवाकर अस्पताल भिजवाया, जहाँ चिकित्सक राजेंद्र सिंह लामरोड़ और सुरेंद्र कुमार चौधरी ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। एएसआई सुरेंद्र कुमार और कांस्टेबल सुखाराम माली ने मृतक के बड़े भाई की रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए, सीएचसी प्रभारी राजेंद्र सिंह लामरोड़ से शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सुपुर्द कर दिया। पुलिस ने मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
अजमेर जिले के पीसांगन स्थित भूतिया ढाणी में खेत पर कृषि कार्य करते समय पैर फिसलकर कुएं में गिरने से 28 वर्षीय किसान टीकमचंद कुमावत की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर एएसआई सुरेंद्र कुमार और कांस्टेबल सुखाराम माली ग्रामीणों की मदद से मौके पर पहुंचे और मृतक किसान के शव को कुएं से बाहर निकलवाकर अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने स्वास्थ्य परीक्षण के बाद टीकमचंद
को मृत घोषित कर दिया। पीसांगन थानाधिकारी सरोज चौधरी के मुताबिक, मृतक के बड़े भाई चंदनमल कुमावत ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि सुबह करीब 6 बजे वह अपने छोटे भाई टीकमचंद के साथ खेत पर फसल बुवाई के लिए 'सूड़' करने गए थे। काम करते समय प्यास लगने पर टीकमचंद कुएं से पीने का पानी लेने गए। पानी खींचते वक्त अचानक उनका पैर फिसल गया और वे
कुएं में जा गिरे। कुएं से 'धड़ाम' की आवाज सुनकर चंदनमल अपने भाई को बचाने के लिए दौड़े, लेकिन तब तक टीकमचंद पानी में समा चुके थे। चंदनमल ने तुरंत परिजनों और पड़ोसियों को घटना की जानकारी दी, जिन्होंने पुलिस प्रशासन को सूचित किया। थानाधिकारी सरोज चौधरी ने एएसआई सुरेंद्र कुमार और कांस्टेबल सुखाराम माली को मौके पर भेजा। उन्होंने ग्रामीणों की सहायता से टीकमचंद के शव को
कुएं से बाहर निकलवाकर अस्पताल भिजवाया, जहाँ चिकित्सक राजेंद्र सिंह लामरोड़ और सुरेंद्र कुमार चौधरी ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। एएसआई सुरेंद्र कुमार और कांस्टेबल सुखाराम माली ने मृतक के बड़े भाई की रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए, सीएचसी प्रभारी राजेंद्र सिंह लामरोड़ से शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सुपुर्द कर दिया। पुलिस ने मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
- पीसांगन थाना परिसर में थानाधिकारी सरोज चौधरी की अध्यक्षता में मोहर्रम पर्व को लेकर शांति समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में आगामी 26 जून को मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने की अपील की गई। थानाधिकारी सरोज चौधरी ने कस्बे के साथ-साथ गोविंदगढ़ और दांतड़ा में निकलने वाले ताजियों के जुलूस के दौरान समिति के सदस्यों से सहयोग बनाए रखने पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में मौजूद दोनों समुदायों के प्रबुद्धजनों ने एक स्वर में यह संकल्प लिया कि वे सदियों से चली आ रही देश, प्रदेश और कस्बे की गंगा-जमुनी तहजीब की इस बार भी मिसाल पेश करेंगे और भाईचारे के अटूट ताने-बाने पर किसी भी सूरत में आंच नहीं आने देंगे। थानाधिकारी सरोज चौधरी ने मोहर्रम से संबंधित विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि 25 जून की शाम को बड़ी मस्जिद के इमामबाड़े से ताजिये निकाले जाएंगे। इस दौरान शाम को पुराने पुलिस थाने, सदर बाजार और तेलीवाड़ा सहित विभिन्न स्थानों पर मुकाम लगेंगे। वहीं, 26 जून को भी मुकाम लगाने का यह क्रम अनवरत जारी रहेगा। 26 जून की शाम को गोविंदगढ़ रोड स्थित कब्रिस्तान में ताजिये सैराब किए जाएंगे। ताजिये के जुलूस के दौरान कलंदर विभिन्न करतब दिखाएंगे, जबकि हलीम और छबील का वितरण किया जाएगा। इस शांति समिति की बैठक में थानाधिकारी सरोज चौधरी के अलावा हाजी इस्माइल ठेकेदार, बाबू लोहार, सगीर अहमद, ओमसिंह राठौड़, श्रवणसिंह रावत, इस्माइल कुरैशी, गुलाम मुस्तफा, दीपक चौधरी, शेरुखान देशवाली, रफीक लौहार, बद्रीप्रसाद साहू, पंडित घनश्याम जोशी, उदाराम कुमावत, उमराव शाह, रफीक कटारिया, इकबाल खान, जगदीश प्रजापत, मनोहर कुंवाड़ा और मोहम्मद इस्माइल कुरैशी समेत अन्य समिति सदस्य मौजूद रहे।2
- लामाना ग्राम पंचायत की चारागाह भूमि पर मनरेगा का काम बिना मस्टरोल और बिना MMS के करवाया जा रहा है, जिससे सरकारी नियमों की खुलेआम अनदेखी हो रही है। श्रमिकों ने जानकारी दी है कि उनकी हाजिरी हाजिरी कॉपी में ली जा रही है, जबकि मनरेगा कार्यों में MMS अनिवार्य होता है। श्रमिकों ने बताया कि वे बुधवार सुबह 7:00 बजे से कार्यस्थल पर उपस्थित थे, लेकिन मेट छगनलाल सुबह 9:00 बजे से ही साइड से नदारद थे। श्रमिकों की उपस्थिति किसी रजिस्टर में दर्ज की जा रही थी, जिससे स्पष्ट होता है कि MMS के नियमों की पूरी तरह से धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। इस पूरे मामले की जानकारी पीसांगन के विकास अधिकारी महेंद्र मालाकार को दी गई है। विकास अधिकारी ने मामले की पूरी जांच करने का आश्वासन दिया है और स्पष्ट किया है कि बिना मस्टरोल के किसी भी प्रकार का कार्य नहीं होना चाहिए।1
- रियांबड़ी के दासावास चौराहे पर सीसी सड़क का निर्माण कार्य लंबे समय से अधूरा पड़ा है, जिससे स्थानीय निवासियों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क के बीच में स्थित पटवार भवन, जो निर्माण में बाधा बन रहा था, उसे प्रशासन ने काफी समय पहले हटा दिया था। इसके बावजूद, संबंधित विभाग और ठेकेदार लगभग 100 मीटर सड़क का निर्माण कार्य पूरा नहीं कर पाए हैं। इस अधूरी सड़क के कारण पूरे क्षेत्र में कीचड़ और गंदा पानी जमा हो गया है, जिससे दोपहिया वाहन चालक अक्सर फिसलकर दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। सड़क के संकरा और खराब होने से यातायात भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है, जिसके चलते कई बार जाम की स्थिति बन जाती है। स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों ने बताया कि बरसात के मौसम में यह समस्या और भी गंभीर हो गई है, जिससे लोगों का आवागमन बेहद मुश्किल हो गया है। नगर पालिका चेयरमैन गिरधारीलाल भाटी ने इस स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पटवार भवन हटाए जाने के बाद सड़क निर्माण कार्य तेजी से पूरा हो जाना चाहिए था। हालांकि, उन्होंने संबंधित विभाग और ठेकेदार की उदासीनता को कार्य के अधूरे रहने का मुख्य कारण बताया और आमजन को राहत देने के लिए जल्द से जल्द कार्य पूरा करने की आवश्यकता पर जोर दिया। इसके अलावा, स्थानीय नागरिकों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि सड़क के दोनों ओर बनाए गए नाले निर्माण के कुछ ही महीनों बाद ही टूटने लगे हैं, जिससे कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर संदेह पैदा होता है। लोगों का कहना है कि ठेकेदार ने निर्माण में मनमानी और लापरवाही बरती है, जिसके परिणामस्वरूप सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है और जनता को परेशानी झेलनी पड़ रही है। इन सभी समस्याओं को देखते हुए, ग्रामीणों और क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि दासावास चौराहे पर अधूरी पड़ी सीसी सड़क का निर्माण कार्य शीघ्र अति शीघ्र पूरा कराया जाए। उन्होंने घटिया निर्माण कार्य के लिए जिम्मेदार ठेकेदार के खिलाफ जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की भी पुरजोर अपील की है।1
- ब्यावर जिला क्षेत्र की विजयनगर तहसील के जालिया द्वितीय गाँव में खारी नदी पर चल रहे अवैध बजरी खनन के खिलाफ समस्त ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि नियमों की अनदेखी करते हुए 3 मीटर से भी ज्यादा गहरी खुदाई की जा रही है। इस अवैध खनन से पास स्थित नारायण सागर बांध, पुरानी पुलिया और पीएम सड़क योजना की मुख्य सड़क को भारी नुकसान पहुँच रहा है। इसके साथ ही, भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से स्थानीय छात्र-छात्राओं को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन्हीं समस्याओं को लेकर समस्त ग्रामवासियों ने नदी क्षेत्र में एक उग्र धरना प्रदर्शन किया। उन्होंने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर इस अवैध खनन को तत्काल प्रभाव से रुकवाने की पुरजोर मांग की है।1
- ब्यावर में NCORD की समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक के दौरान जिला कलेक्टर कमल राम मीना ने 'नशा मुक्त ब्यावर अभियान' को जन आंदोलन का स्वरूप देने का निर्देश दिया।1
- अजमेर जिले के पीसांगन स्थित भूतिया ढाणी में खेत पर कृषि कार्य करते समय पैर फिसलकर कुएं में गिरने से 28 वर्षीय किसान टीकमचंद कुमावत की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर एएसआई सुरेंद्र कुमार और कांस्टेबल सुखाराम माली ग्रामीणों की मदद से मौके पर पहुंचे और मृतक किसान के शव को कुएं से बाहर निकलवाकर अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने स्वास्थ्य परीक्षण के बाद टीकमचंद को मृत घोषित कर दिया। पीसांगन थानाधिकारी सरोज चौधरी के मुताबिक, मृतक के बड़े भाई चंदनमल कुमावत ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि सुबह करीब 6 बजे वह अपने छोटे भाई टीकमचंद के साथ खेत पर फसल बुवाई के लिए 'सूड़' करने गए थे। काम करते समय प्यास लगने पर टीकमचंद कुएं से पीने का पानी लेने गए। पानी खींचते वक्त अचानक उनका पैर फिसल गया और वे कुएं में जा गिरे। कुएं से 'धड़ाम' की आवाज सुनकर चंदनमल अपने भाई को बचाने के लिए दौड़े, लेकिन तब तक टीकमचंद पानी में समा चुके थे। चंदनमल ने तुरंत परिजनों और पड़ोसियों को घटना की जानकारी दी, जिन्होंने पुलिस प्रशासन को सूचित किया। थानाधिकारी सरोज चौधरी ने एएसआई सुरेंद्र कुमार और कांस्टेबल सुखाराम माली को मौके पर भेजा। उन्होंने ग्रामीणों की सहायता से टीकमचंद के शव को कुएं से बाहर निकलवाकर अस्पताल भिजवाया, जहाँ चिकित्सक राजेंद्र सिंह लामरोड़ और सुरेंद्र कुमार चौधरी ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। एएसआई सुरेंद्र कुमार और कांस्टेबल सुखाराम माली ने मृतक के बड़े भाई की रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए, सीएचसी प्रभारी राजेंद्र सिंह लामरोड़ से शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सुपुर्द कर दिया। पुलिस ने मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है।4
- अजमेर जिले के पीसांगन स्थित भूतिया ढाणी में खेत पर कृषि कार्य के दौरान एक दुखद हादसा हुआ, जहां पैर फिसलकर कुएं में गिरने से एक किसान की मौत हो गई। घटना सुबह करीब 6 बजे की है, जब 28 वर्षीय टीकमचंद कुमावत अपने बड़े भाई चंदनमल कुमावत के साथ अपने खेत पर फसल बुवाई के लिए सूड़ करने गए थे। खेत पर काम करते समय प्यास लगने पर टीकमचंद कुएं से पानी लेने गए, और पानी खींचते वक्त उनका पैर अचानक फिसल गया, जिससे वह कुएं में जा गिरे। धड़ाम की आवाज सुनकर उनके भाई चंदनमल उन्हें बचाने के लिए कुएं की ओर दौड़े, लेकिन तब तक टीकमचंद पानी में समा चुके थे। चंदनमल कुमावत ने तत्काल परिजनों व पड़ोसियों को सूचना दी, जिन्होंने पुलिस प्रशासन को जानकारी दी। सूचना मिलते ही पीसांगन थानाधिकारी सरोज चौधरी के निर्देश पर एएसआई सुरेंद्र कुमार और कांस्टेबल सुखाराम माली मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों की मदद से टीकमचंद के शव को कुएं से बाहर निकलवाकर अस्पताल पहुंचाया। वहां चिकित्सक राजेंद्र सिंह लामरोड़ और सुरेंद्र कुमार चौधरी ने स्वास्थ्य परीक्षण के उपरांत किसान टीकमचंद को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद, एएसआई सुरेंद्र कुमार व कांस्टेबल सुखाराम माली ने मृतक के बड़े भाई की रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए, सीएचसी प्रभारी राजेंद्र सिंह लामरोड़ से शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सुपुर्द कर दिया। पुलिस ने मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है।4