जनपद मैनपुरी में झोलाछाप चिकित्सकों के खिलाफ सरकारी कार्रवाई के दावों के बीच, लखौरा क्षेत्र में एक दर्दनाक घटना ने स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि लखौरा बंबा स्थित एक निजी क्लीनिक पर कथित रूप से गलत इंजेक्शन लगाए जाने के बाद 8 वर्षीय मासूम छात्र की मौत हो गई, जिससे परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर संबंधित चिकित्सक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, जबकि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मृतक की पहचान जखौआ ग्राम निवासी गोविंद के पुत्र प्रतीक के रूप में हुई है, जो श्री सादौ सिंह आदर्श विद्या मंदिर, लखौरा में कक्षा-1 का छात्र था। वह परिवार का दूसरा पुत्र था, जिसकी बड़ी बहन प्रज्ञा और छोटा भाई प्रबल है। परिजनों के अनुसार, बच्चे की तबीयत खराब होने पर उसे उपचार के लिए ले जाया गया था। आरोप है कि बलरामपुर निवासी चिकित्सक हरिराम पुत्र झुन्नीलाल द्वारा ड्रिप के माध्यम से इंजेक्शन दिए जाने के बाद प्रतीक की हालत अचानक बिगड़ गई और कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई, जिसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण क्लीनिक पर एकत्र हो गए और हंगामा किया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह चिकित्सक लंबे समय से बिना वैध पंजीकरण के क्लीनिक चला रहा था, और कुछ ग्रामीणों ने क्लीनिक में अनियमितताओं व चिकित्सकीय मानकों के उल्लंघन की बात भी कही है। पूर्व में भी जिले में कथित झोलाछाप चिकित्सकों के इलाज के दौरान कई मरीजों की मौत के मामले सामने आ चुके हैं, लेकिन लोगों का कहना है कि प्रशासन केवल कुछ समय के लिए सक्रिय होता है, क्लीनिक सील होते हैं, पर जल्द ही कई जगहों पर दोबारा संचालन शुरू हो जाता है। ग्रामीणों ने अवैध क्लीनिकों की व्यापक जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। अब पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट तथा प्रशासनिक कार्रवाई का सभी को इंतजार है।
जनपद मैनपुरी में झोलाछाप चिकित्सकों के खिलाफ सरकारी कार्रवाई के दावों के बीच, लखौरा क्षेत्र में एक दर्दनाक घटना ने स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि लखौरा बंबा स्थित एक निजी क्लीनिक पर कथित रूप से गलत इंजेक्शन लगाए जाने के बाद 8 वर्षीय मासूम छात्र की मौत हो गई, जिससे परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर संबंधित चिकित्सक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, जबकि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मृतक की पहचान जखौआ ग्राम निवासी गोविंद के पुत्र प्रतीक के रूप में
हुई है, जो श्री सादौ सिंह आदर्श विद्या मंदिर, लखौरा में कक्षा-1 का छात्र था। वह परिवार का दूसरा पुत्र था, जिसकी बड़ी बहन प्रज्ञा और छोटा भाई प्रबल है। परिजनों के अनुसार, बच्चे की तबीयत खराब होने पर उसे उपचार के लिए ले जाया गया था। आरोप है कि बलरामपुर निवासी चिकित्सक हरिराम पुत्र झुन्नीलाल द्वारा ड्रिप के माध्यम से इंजेक्शन दिए जाने के बाद प्रतीक की हालत अचानक बिगड़ गई और कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई, जिसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण क्लीनिक पर एकत्र हो गए और हंगामा किया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह चिकित्सक लंबे समय से बिना वैध पंजीकरण
के क्लीनिक चला रहा था, और कुछ ग्रामीणों ने क्लीनिक में अनियमितताओं व चिकित्सकीय मानकों के उल्लंघन की बात भी कही है। पूर्व में भी जिले में कथित झोलाछाप चिकित्सकों के इलाज के दौरान कई मरीजों की मौत के मामले सामने आ चुके हैं, लेकिन लोगों का कहना है कि प्रशासन केवल कुछ समय के लिए सक्रिय होता है, क्लीनिक सील होते हैं, पर जल्द ही कई जगहों पर दोबारा संचालन शुरू हो जाता है। ग्रामीणों ने अवैध क्लीनिकों की व्यापक जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। अब पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट तथा प्रशासनिक कार्रवाई का सभी को इंतजार है।
- उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव 2026 को लेकर एक बड़ा कानूनी विवाद सामने आया है, जहाँ इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद सरकारी प्रशासकों की नियुक्ति पर उत्तर प्रदेश सरकार से कड़े सवाल पूछे हैं। कोर्ट ने पंचायती राज विभाग के अपर मुख्य सचिव को तलब किया है और उनसे पूछा है कि आखिर किस कानून और किस संवैधानिक प्रावधान के तहत गांवों में प्रशासक नियुक्त किए गए। इसके साथ ही, हाई कोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग से भी पंचायत चुनाव की निश्चित तारीख बताने को कहा है। इस मामले में हाई कोर्ट की सख्ती से पंचायत चुनाव 2026 पर पड़ने वाले प्रभावों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।1
- पश्चिम बंगाल के साउथ 24 परगना के बारुईपुर में एक बच्ची के गैंगरेप और हत्या के मामले पर अब सियासी घमासान तेज हो गया है। इस घटना को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य के प्रशासन और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ममता बनर्जी ने कहा कि हाई कोर्ट से अनुमति मिलने के बावजूद उनकी पार्टी की रैली को शांतिपूर्ण ढंग से नहीं होने दिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह भारतीय जनता पार्टी (BJP) को इस घटना के लिए दोष नहीं दे रही हैं, बल्कि पुलिस और प्रशासन को जिम्मेदार मानती हैं।1
- मैनपुरी में मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस योजना के तहत एक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें कैबिनेट मंत्री जयवीर सिंह मौजूद रहे। इस अवसर पर उन्होंने डबल इंजन सरकार की मंशा स्पष्ट करते हुए कहा कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए समाज के हर वर्ग, कर्मचारी और अधिकारी को विकसित करना होगा। मंत्री ने जोर दिया कि विकसित भारत की परिकल्पना तभी साकार होगी जब युवा और बच्चे सुयोग्य, राष्ट्रभक्त, शिक्षित, दीक्षित और भारतीय परंपरा को मानने वाले होंगे, और इसमें बेसिक तथा माध्यमिक शिक्षा के शिक्षकों व कर्मचारियों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने बताया कि शिक्षकों, रसोइयों, अनुदेशकों सहित सभी गरीब लोगों की चिंता के तहत माननीय मुख्यमंत्री ने कैशलेस उपचार और ₹1 करोड़ बीमा की व्यवस्था की है, जिसमें सभी के परिवारों को भी शामिल किया गया है। एसबीआई के साथ हुए एमओयू में यदि कोई छोटी-मोटी खामियां होंगी, तो उन्हें दूर किया जाएगा। मंत्री ने दोहराया कि मुख्यमंत्री ने पहले ही दिन कहा था कि दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा, और कोई कितना भी बड़ा या छोटा क्यों न हो, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। जयवीर सिंह ने उन लोगों पर निशाना साधा जिनका सनातन से कोई सरोकार नहीं और जिन्होंने कारसेवकों पर गोली चलवाई थी, आरोप लगाया कि वे अब खुद को सबसे बड़े शुभचिंतक के रूप में पेश कर रहे हैं। उन्होंने मायावती के बयान को हमेशा ईमानदारी भरा, सधा हुआ और राष्ट्रहित व सामाजिक हित में बताया। इसके विपरीत, उन्होंने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर एक घटना को राजनीतिक रूप देने का काम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसा नहीं करना चाहिए। मंत्री ने बताया कि घटना में लोग जेल गए हैं और अन्य बचे हुए लोगों के लिए एसआईटी गठित की गई है, साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। अखिलेश पर पूरे मामले को राजनीतिक तूल देने का आरोप लगाते हुए मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि अखिलेश की निष्ठा कभी सनातन में नहीं रही। उन्होंने सवाल उठाया कि कारसेवकों पर गोली चलवाने वाले सपा के लोग थे। उन्होंने यह भी कहा कि अखिलेश में नज़ूल की ज़मीन या वक़्फ़ से जुड़े मामलों जैसे दूसरे मज़हब से जुड़े कई बड़े कांडों पर बोलने की हिम्मत नहीं है, लेकिन वे सनातन को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं।1
- उत्तर प्रदेश सरकार ने मैनपुरी में शिक्षकों को कैशलेस स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए हैं। इस कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे और उन्होंने इन कार्डों का वितरण किया।1
- एटा जिले के जलेसर क्षेत्र के ग्राम फरीदपुर में 8 जुलाई 2026 को जाहरवीर बाबा की गाथा का भव्य आयोजन किया गया। यह विशेष आयोजन गोगा नवमी के पावन अवसर पर किया गया, जिसे भादों मास के कृष्ण पक्ष की नवमी को मनाया जाता है। आयोजक योगेन्द्र पाल सिंह उर्फ मुन्ना लाल के आवास पर देर शाम जोगियों का एक दल अपने संगीत वाद्यों के साथ पहुँचा। इसके उपरांत, गोगा सरकार के मंत्रों का विधिपूर्वक उच्चारण करते हुए हवन संपन्न कराया गया। बीनू के अनुसार, ऐसी मान्यता है कि राजस्थान के गूंगा मेड़ी स्थित जाहरवीर मंदिर में दर्शन और जाहरवीर के नाम का गुणगान करने से बाबा प्रसन्न होते हैं, जिसके उपलक्ष्य में एक विशाल दर्शन मेला भी लगता है। इसी पारंपरिक मान्यता का पालन करते हुए, देर रात्रि को जोत बजवाई गई और पूरी रात जाहरवीर की संगीतमय कथा का वाचन किया गया। इस पावन अवसर पर परिवारीजनों के साथ-साथ ग्राम वासियों का आगमन सुबह से ही लगातार जारी रहा। कार्यक्रम का समापन हवन और पारंपरिक प्रसाद वितरण के साथ हुआ, जिसके बाद दक्षिणा देकर जोगियों के समूह को विदाई दी गई।4
- जनपद मैनपुरी में झोलाछाप चिकित्सकों के खिलाफ सरकारी कार्रवाई के दावों के बीच, लखौरा क्षेत्र में एक दर्दनाक घटना ने स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि लखौरा बंबा स्थित एक निजी क्लीनिक पर कथित रूप से गलत इंजेक्शन लगाए जाने के बाद 8 वर्षीय मासूम छात्र की मौत हो गई, जिससे परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर संबंधित चिकित्सक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, जबकि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मृतक की पहचान जखौआ ग्राम निवासी गोविंद के पुत्र प्रतीक के रूप में हुई है, जो श्री सादौ सिंह आदर्श विद्या मंदिर, लखौरा में कक्षा-1 का छात्र था। वह परिवार का दूसरा पुत्र था, जिसकी बड़ी बहन प्रज्ञा और छोटा भाई प्रबल है। परिजनों के अनुसार, बच्चे की तबीयत खराब होने पर उसे उपचार के लिए ले जाया गया था। आरोप है कि बलरामपुर निवासी चिकित्सक हरिराम पुत्र झुन्नीलाल द्वारा ड्रिप के माध्यम से इंजेक्शन दिए जाने के बाद प्रतीक की हालत अचानक बिगड़ गई और कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई, जिसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण क्लीनिक पर एकत्र हो गए और हंगामा किया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह चिकित्सक लंबे समय से बिना वैध पंजीकरण के क्लीनिक चला रहा था, और कुछ ग्रामीणों ने क्लीनिक में अनियमितताओं व चिकित्सकीय मानकों के उल्लंघन की बात भी कही है। पूर्व में भी जिले में कथित झोलाछाप चिकित्सकों के इलाज के दौरान कई मरीजों की मौत के मामले सामने आ चुके हैं, लेकिन लोगों का कहना है कि प्रशासन केवल कुछ समय के लिए सक्रिय होता है, क्लीनिक सील होते हैं, पर जल्द ही कई जगहों पर दोबारा संचालन शुरू हो जाता है। ग्रामीणों ने अवैध क्लीनिकों की व्यापक जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। अब पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट तथा प्रशासनिक कार्रवाई का सभी को इंतजार है।3