बारां जिले के छीपाबड़ौद में सालपुरा रोड पर लहसुन मंडी के पास स्थित मैसर्स गोविंद इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप पर महज 8 दिन के भीतर दिनदहाड़े दो बार चोरी की घटनाओं से पेट्रोल पंप संचालक और स्थानीय लोगों में गहरा डर समा गया है। पहली वारदात 6 जुलाई 2026 को हुई, जब अज्ञात चोर पेट्रोल पंप से कंप्रेसर और बिजली के पोलों की लगभग 120 मीटर लंबी केबल काटकर ले गए। इस मामले की रिपोर्ट 11 जुलाई 2026 को कर्मचारियों द्वारा संचालक को सूचित किए जाने के बाद स्थानीय पुलिस थाने में दर्ज कराई गई थी। इसके बाद 14 जुलाई 2026 को चोरों ने दोबारा दिनदहाड़े आकर फिर से केबल चोरी कर ली, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। पेट्रोल पंप संचालक गोविंद सिंह यादव ने जयपुर से एक्सपर्ट बुलाकर दोनों दिन की सीसीटीवी फुटेज पेन ड्राइव में रिकॉर्ड करवाकर छीपाबड़ौद पुलिस को सौंप दी है। संचालक ने स्थानीय और जिला प्रशासन से अपनी और पेट्रोल पंप परिसर में कार्यरत कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। थानाधिकारी से मुलाकात के बाद पुलिस ने मामले की हर एंगल से जांच कर जल्द खुलासा करने और सुरक्षा का आश्वासन दिया है, जिसके बाद संचालक ने थोड़ी राहत की सांस ली है। हालांकि, लगातार हो रही इन चोरियों से क्षेत्र की कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएं बनी हुई हैं।
बारां जिले के छीपाबड़ौद में सालपुरा रोड पर लहसुन मंडी के पास स्थित मैसर्स गोविंद इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप पर महज 8 दिन के भीतर दिनदहाड़े दो बार चोरी की घटनाओं से पेट्रोल पंप संचालक और स्थानीय लोगों में गहरा डर समा गया है। पहली वारदात 6 जुलाई 2026 को हुई, जब अज्ञात चोर पेट्रोल पंप से कंप्रेसर और बिजली के पोलों की लगभग 120 मीटर लंबी केबल काटकर ले गए। इस मामले की
रिपोर्ट 11 जुलाई 2026 को कर्मचारियों द्वारा संचालक को सूचित किए जाने के बाद स्थानीय पुलिस थाने में दर्ज कराई गई थी। इसके बाद 14 जुलाई 2026 को चोरों ने दोबारा दिनदहाड़े आकर फिर से केबल चोरी कर ली, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। पेट्रोल पंप संचालक गोविंद सिंह यादव ने जयपुर से एक्सपर्ट बुलाकर दोनों दिन की सीसीटीवी फुटेज पेन ड्राइव में रिकॉर्ड करवाकर छीपाबड़ौद पुलिस को सौंप दी है। संचालक
ने स्थानीय और जिला प्रशासन से अपनी और पेट्रोल पंप परिसर में कार्यरत कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। थानाधिकारी से मुलाकात के बाद पुलिस ने मामले की हर एंगल से जांच कर जल्द खुलासा करने और सुरक्षा का आश्वासन दिया है, जिसके बाद संचालक ने थोड़ी राहत की सांस ली है। हालांकि, लगातार हो रही इन चोरियों से क्षेत्र की कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएं बनी हुई हैं।
- राजस्थान के बारां जिले के छीपाबड़ौद में एक किराना दुकान पर समुद्र मंथन प्राणायाम किया गया।1
- बारां जिले के छीपाबड़ौद में सालपुरा रोड पर लहसुन मंडी के पास स्थित मैसर्स गोविंद इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप पर महज 8 दिन के भीतर दिनदहाड़े दो बार चोरी की घटनाओं से पेट्रोल पंप संचालक और स्थानीय लोगों में गहरा डर समा गया है। पहली वारदात 6 जुलाई 2026 को हुई, जब अज्ञात चोर पेट्रोल पंप से कंप्रेसर और बिजली के पोलों की लगभग 120 मीटर लंबी केबल काटकर ले गए। इस मामले की रिपोर्ट 11 जुलाई 2026 को कर्मचारियों द्वारा संचालक को सूचित किए जाने के बाद स्थानीय पुलिस थाने में दर्ज कराई गई थी। इसके बाद 14 जुलाई 2026 को चोरों ने दोबारा दिनदहाड़े आकर फिर से केबल चोरी कर ली, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। पेट्रोल पंप संचालक गोविंद सिंह यादव ने जयपुर से एक्सपर्ट बुलाकर दोनों दिन की सीसीटीवी फुटेज पेन ड्राइव में रिकॉर्ड करवाकर छीपाबड़ौद पुलिस को सौंप दी है। संचालक ने स्थानीय और जिला प्रशासन से अपनी और पेट्रोल पंप परिसर में कार्यरत कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। थानाधिकारी से मुलाकात के बाद पुलिस ने मामले की हर एंगल से जांच कर जल्द खुलासा करने और सुरक्षा का आश्वासन दिया है, जिसके बाद संचालक ने थोड़ी राहत की सांस ली है। हालांकि, लगातार हो रही इन चोरियों से क्षेत्र की कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएं बनी हुई हैं।3
- अदाणी फाउंडेशन के 'उड़ान प्रोजेक्ट' का शुभारंभ किया गया है। इस प्रोजेक्ट के माध्यम से राजस्थान के बारां जिले के विद्यार्थियों को औद्योगिक शैक्षणिक भ्रमण का अवसर मिलेगा।1
- बारां जिले के अटरू में मोठपुर थाना क्षेत्र स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, मन्यागण के छात्र-छात्राओं ने शिक्षक अनिल मीणा के स्थानांतरण और शिक्षकों की कमी के विरोध में गुरुवार को गऊघाट में चक्का जाम कर प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं सड़क पर उतर आए, जिससे गऊघाट में कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। विद्यार्थियों का कहना है कि विद्यालय में पहले से ही शिक्षकों की कमी है और ऐसे में शिक्षक अनिल मीणा के तबादले से उनकी पढ़ाई की व्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। विद्यार्थियों ने अनिल मीणा को पुनः विद्यालय में लगाने और पर्याप्त स्टाफ की व्यवस्था करने की मांग उठाई है। इस आंदोलन के दौरान एक वीडियो भी वायरल हुआ है, जिसमें कुछ छात्राओं ने पुलिस प्रशासन पर कथित तौर पर अभद्र व्यवहार और धक्का-मुक्की करने का आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है और न ही पुलिस की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने आया है। इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की और विद्यालय में चार शिक्षकों को पदस्थापित कर दिया, जिसके बाद स्थिति पूरी तरह सामान्य हो गई।4
- झालावाड़ के झालरापाटन में सुबह प्रथम गणिनी आर्यिका यशस्विमती माता के संघ का मंगल प्रवेश हुआ। वे दिगंबर जैन वात्सल्य रत्नाकर आचार्य विमल सागर मुनि महाराज और मर्यादा शिष्योतम आचार्य भरत सागर महाराज की शिष्या हैं। दिगंबर जैन समाज के तत्वावधान में आज सुबह लंका दरवाजा पर आर्यिका संघ की अगवानी की गई। यहां से बैंड-बाजों के साथ जुलूस के रूप में संघ को नगर में प्रवेश करवाया गया। जुलूस में समाज के पुरुष, महिलाएं, युवक और युवतियां 'अहिंसा धर्म', 'जियो और जीने दो' तथा 'आर्यिका संघ का जयकारा' लगाते हुए चल रहे थे। यह जुलूस लंका दरवाजा से सूर्य मंदिर, चौपड़िया बाजार, पीपली बाजार और नगर पालिका तिराहा होते हुए शांतिनाथ मंदिर पहुंचा। मार्ग में विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और व्यापारिक संगठनों ने पुष्प वर्षा कर जुलूस का स्वागत किया। इस दौरान कई श्रावकों ने अपने घरों और प्रतिष्ठानों के बाहर माता जी का पाद प्रक्षालन कर आरती भी की। सरावगी जैन समाज अध्यक्ष कमल अजमेरा ने बताया कि आर्यिका संघ का चातुर्मास झालरापाटन में ही होगा।2
- राजस्थान के बारां जिले के छीपाबड़ौद स्थित स्टेडियम में भस्त्रिका प्राणायाम किया गया।1
- झालावाड़ के खानपुर स्थित पनवाड़ जीएसएस से निकलने वाली खुमावदा 11 केवी लाइन गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे अचानक टूटकर एक सूखे खाली खेत में गिर गई। उस समय पास के ही खेत में धान की रोपाई कर रहे मजदूर इस करंट दौड़ती हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से बाल-बाल बच गए। तार टूटने पर हुए तेज धमाके से पूरे खेत में दहशत फैल गई और मजदूरों ने भागकर अपनी जान बचाई। ग्रामीणों के अनुसार, यह खुमावदा 11 केवी लाइन लंबे समय से बेहद जर्जर और कमजोर अवस्था में है, जिसके कारण आए दिन इसके टूटने का खतरा बना रहता है। बिजली विभाग की यह लापरवाही कोई नई नहीं है। महज दो महीने पहले भी यही जर्जर लाइन टूटकर गिरी थी, जिसकी चपेट में आने से पांच बेजुबान गोवंशों की तड़प-तड़प कर दर्दनाक मौत हो गई थी। इतने बड़े हादसे के बाद भी बिजली विभाग ने कोई सबक नहीं लिया और जर्जर तारों को बदलने की जहमत तक नहीं उठाई। विभाग के इस रवैये को लेकर ग्रामीणों और किसानों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि इन जर्जर तारों के नीचे से गुजरना और खेतों में काम करना मौत को दावत देने जैसा हो गया है। ऐसा लगता है कि विभाग गहरी नींद में सोया है और किसी बड़े इंसानी हादसे का इंतजार कर रहा है।1