महीनों से मानदेय बंद! चित्रकूट में मनरेगा कर्मचारियों का फूटा गुस्सा, धरने पर बैठे कर्मचारी, प्रशासन पर गंभीर आरोप चित्रकूट जनपद में मनरेगा कर्मचारियों के साथ कथित लापरवाही और शोषण का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। लगातार 8 महीनों से मानदेय न मिलने से नाराज मनरेगा कर्मचारी अब सड़क पर उतर आए हैं और धरने पर बैठकर प्रशासन के खिलाफ खुलकर आवाज बुलंद कर रहे हैं। मनरेगा कर्मचारी महासंघ उत्तर प्रदेश ने जिला प्रशासन को पत्र सौंपते हुए गंभीर आरोप लगाया है कि जनपद में कार्यरत रोजगार सेवक, कंप्यूटर ऑपरेटर, लेखा सहायक और तकनीकी सहायकों को जुलाई 2025 से अब तक मानदेय का भुगतान नहीं किया गया, जिससे कर्मचारियों और उनके परिवारों के सामने बड़ा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। कर्मचारियों का कहना है कि वे लगातार शासन और विभाग के निर्देशों के अनुसार मनरेगा योजना को जमीन पर लागू करने के लिए दिन-रात काम कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद महीनों से उनकी मेहनत की कमाई रोक दी गई है। धरने पर बैठे कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि इस मामले में कई बार विभागीय अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन हरब ार सिर्फ आश्वासन मिला, समाधान नहीं। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार की सबसे बड़ी ग्रामीण रोजगार योजना को सफल बनाने वाले कर्मचारी ही आज अपने हक के लिए भटकने को मजबूर हैं। कर्मचारियों ने साफ चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही लंबित मानदेय और ईपीएफ भुगतान जारी नहीं किया गया, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। अब बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है कि जब मनरेगा जैसी बड़ी सरकारी योजना को लागू करने वाले कर्मचारी ही 8 महीनों से वेतन के लिए धरना देने को मजबूर हैं, तो आखिर जिम्मेदार कौन है? फिलहाल इस पूरे मामले में जिला प्रशासन की ओर से कोई ठोस जवाब सामने नहीं आया है, जिससे कर्मचारियों में आक्रोश और भी बढ़ता जा रहा है।
महीनों से मानदेय बंद! चित्रकूट में मनरेगा कर्मचारियों का फूटा गुस्सा, धरने पर बैठे कर्मचारी, प्रशासन पर गंभीर आरोप चित्रकूट जनपद में मनरेगा कर्मचारियों के साथ कथित लापरवाही और शोषण का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। लगातार 8 महीनों से मानदेय न मिलने से नाराज मनरेगा कर्मचारी अब सड़क पर उतर आए हैं और धरने पर बैठकर प्रशासन के खिलाफ खुलकर आवाज बुलंद कर रहे हैं। मनरेगा कर्मचारी महासंघ उत्तर प्रदेश ने जिला प्रशासन को पत्र सौंपते हुए गंभीर आरोप लगाया है कि जनपद में कार्यरत रोजगार सेवक, कंप्यूटर ऑपरेटर, लेखा सहायक और तकनीकी सहायकों को जुलाई 2025 से अब तक मानदेय का भुगतान नहीं किया गया, जिससे कर्मचारियों और उनके परिवारों के सामने बड़ा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। कर्मचारियों का कहना है कि वे लगातार शासन और विभाग के निर्देशों के अनुसार मनरेगा योजना को जमीन पर लागू करने के लिए दिन-रात काम कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद महीनों से उनकी मेहनत की कमाई रोक दी गई है। धरने पर बैठे कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि इस मामले में कई बार विभागीय अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन हरब ार सिर्फ आश्वासन मिला, समाधान नहीं। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार की सबसे बड़ी ग्रामीण रोजगार योजना को सफल बनाने वाले कर्मचारी ही आज अपने हक के लिए भटकने को मजबूर हैं। कर्मचारियों ने साफ चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही लंबित मानदेय और ईपीएफ भुगतान जारी नहीं किया गया, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। अब बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है कि जब मनरेगा जैसी बड़ी सरकारी योजना को लागू करने वाले कर्मचारी ही 8 महीनों से वेतन के लिए धरना देने को मजबूर हैं, तो आखिर जिम्मेदार कौन है? फिलहाल इस पूरे मामले में जिला प्रशासन की ओर से कोई ठोस जवाब सामने नहीं आया है, जिससे कर्मचारियों में आक्रोश और भी बढ़ता जा रहा है।
- चित्रकूट जनपद में मनरेगा कर्मचारियों के साथ कथित लापरवाही और शोषण का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। लगातार 8 महीनों से मानदेय न मिलने से नाराज मनरेगा कर्मचारी अब सड़क पर उतर आए हैं और धरने पर बैठकर प्रशासन के खिलाफ खुलकर आवाज बुलंद कर रहे हैं। मनरेगा कर्मचारी महासंघ उत्तर प्रदेश ने जिला प्रशासन को पत्र सौंपते हुए गंभीर आरोप लगाया है कि जनपद में कार्यरत रोजगार सेवक, कंप्यूटर ऑपरेटर, लेखा सहायक और तकनीकी सहायकों को जुलाई 2025 से अब तक मानदेय का भुगतान नहीं किया गया, जिससे कर्मचारियों और उनके परिवारों के सामने बड़ा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। कर्मचारियों का कहना है कि वे लगातार शासन और विभाग के निर्देशों के अनुसार मनरेगा योजना को जमीन पर लागू करने के लिए दिन-रात काम कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद महीनों से उनकी मेहनत की कमाई रोक दी गई है। धरने पर बैठे कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि इस मामले में कई बार विभागीय अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन हरब ार सिर्फ आश्वासन मिला, समाधान नहीं। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार की सबसे बड़ी ग्रामीण रोजगार योजना को सफल बनाने वाले कर्मचारी ही आज अपने हक के लिए भटकने को मजबूर हैं। कर्मचारियों ने साफ चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही लंबित मानदेय और ईपीएफ भुगतान जारी नहीं किया गया, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। अब बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है कि जब मनरेगा जैसी बड़ी सरकारी योजना को लागू करने वाले कर्मचारी ही 8 महीनों से वेतन के लिए धरना देने को मजबूर हैं, तो आखिर जिम्मेदार कौन है? फिलहाल इस पूरे मामले में जिला प्रशासन की ओर से कोई ठोस जवाब सामने नहीं आया है, जिससे कर्मचारियों में आक्रोश और भी बढ़ता जा रहा है।1
- *कौशाम्बी: जनपद के सैनी कोतवाली क्षेत्र के रामपुर धमावा* *कौशाम्बी संदेश *कौशाम्बी जनपद* रामपुर धमावा गांव में रिश्तों को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है प्रॉपर्टी के विवाद में नाती ने अपने ही बाबा की बेरहमी से हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि आरोपी नाती ने धारदार हथियार से गर्दन पर वार कर बाबूलाल सरोज की हत्या कर दी घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मौके पर एएसपी समेत भारी पुलिस बल पहुंचकर जांच पड़ताल में जुट गया है पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और फरार आरोपी की तलाश में दबिश दी जा रही है। वहीं घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है।1
- आख़िर एक शांतिपूर्ण विरोध से इतना डर क्यों? अगर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वालों को ही रोका जाएगा, तो यह बेहद चिंताजनक है।1
- कौशांबी...सयारा हेलीपैड कार्यक्रम स्थल पर आयोजित सरस महोत्सव में उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने लखपति दीदियों के साथ गुलाब की होली खेली।इस दौरान उन्होंने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से संवाद भी किया।कार्यक्रम में महिलाओं ने गुलाब की पंखुड़ियों से होली खेलकर खुशी जताई।डिप्टी सीएम ने महिलाओं के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें प्रोत्साहित किया। ब्यूरो रिपोर्ट सुनील साहू वैधयत ख़बर हिन्दी दैनिक PRIME 18 NEWS1
- Post by शिव सागर मौर्य1
- कौशांबी ब्रेकिंग न्यूज संपत्ति के लालच पोते ने अपने बाबा की बेरहमी से हत्य कर दी1
- सावधान ! सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा 'अश्लील वीडियो' भारत का नहीं, बल्कि नेपाल के होली का है, पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर इस वीडियो को तेजी से वायरल किया जा रहा है और बताया जा रहा है कि यहां भारत देश का है जो की बिल्कुल गलत है । सतर्क रहें एवं सावधान रहें1
- ब्रेकिंग न्यूज़ *कौशांबी: ग्रामीणों ने सतर्कता दिखाते हुए भैंस चोर को पकड़ा, पुलिस के हवाले किया* * कौशांबी संदेश* *कौशांबी जनपद* के संदीपन घाट थाना क्षेत्र के सर्वाकाजी गांव में बीती रात ग्रामीणों की सतर्कता से एक भैंस चोर पकड़ा गया। बताया जा रहा है कि आरोपी गांव में भैंस चोरी करने के इरादे से आया था, तभी ग्रामीणों की नजर उस पर पड़ गई ग्रामीणों ने घेराबंदी कर आरोपी को मौके पर ही पकड़ लिया और इसकी सूचना मूरतगंज चौकी पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को अपने कब्जे में लेकर चौकी ले गई ग्रामीणों का कहना है कि पकड़ा गया चोर काफी समय से क्षेत्र में सक्रिय था और आसपास के कई गांवों में भैंस चोरी की घटनाओं को अंजाम दे चुका है, जिससे ग्रामीण काफी परेशान थे। चोर के पकड़े जाने की खबर फैलते ही गांव में सैकड़ों लोग इकट्ठा हो गए और काफी देर तक हंगामा करते रहे ग्रामीणों ने पुलिस से आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि क्षेत्र में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं पर रोक लग सके। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और मामले की जांच में जुटी हुई है।1