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यह आह्वान किया गया है कि श्री राम की कहानी को सुना जाए। संदेश में बताया गया है कि राम कृष्ण के घर में की गई प्रार्थना ही फलदायी होगी और काम आएगी।
बसंत राय प्रदेश अध्यक्ष मजदूर संघ आप पार्टी मध्य प्रदेश
यह आह्वान किया गया है कि श्री राम की कहानी को सुना जाए। संदेश में बताया गया है कि राम कृष्ण के घर में की गई प्रार्थना ही फलदायी होगी और काम आएगी।
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- यह आह्वान किया गया है कि श्री राम की कहानी को सुना जाए। संदेश में बताया गया है कि राम कृष्ण के घर में की गई प्रार्थना ही फलदायी होगी और काम आएगी।1
- दमोह विकासखंड के हिंडोरिया में सांसद राहुल सिंह लोधी की अध्यक्षता में 'चौपाल प्राकृतिक खेती के नाम एवं मिनीकिट बीज वितरण' कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस शिविर में 500 से अधिक कृषकों को निःशुल्क बीज मिनीकिट वितरित किए गए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद राहुल सिंह लोधी ने किसानों से स्वास्थ्य, पर्यावरण और मृदा उर्वरता को बनाए रखने के लिए प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि देसी गाय के गोबर और गोमूत्र से जीवामृत एवं घन जीवामृत तैयार कर एक देसी गाय से 30 एकड़ तक प्राकृतिक खेती की जा सकती है, जिससे उत्पादन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। इसके विपरीत, लागत कम आती है, उत्पादन उच्च गुणवत्ता का होता है और पोषण से भरपूर होता है, जिससे मानव स्वास्थ्य, मृदा स्वास्थ्य और पर्यावरण स्वास्थ्य सभी बेहतर रहते हैं। उन्होंने वितरित किए जा रहे मिनीकिट बीज को उन्नत किस्म का बताया, जिसका उपयोग किसान परंपरागत बीजों को बदलने के लिए कर सकते हैं। उपसंचालक कृषि जे.एल. प्रजापति ने कृषकों को डीएपी के स्थान पर नैनो डीएपी और एन.पी.के. (जैसे 20-20-0-13, 12:32:16, 16:16:16) जैसे उर्वरकों का उपयोग करने की सलाह दी। उन्होंने नैनो डीएपी के उपयोग की विधि बताते हुए कहा कि बीज उपचार के लिए 5 एमएल नैनो डीएपी प्रति 1 किलो बीज की दर से उपयोग किया जा सकता है, जिसमें एक बोतल नैनो डीएपी 100 किलो बीज के उपचार के लिए पर्याप्त होती है। बेहतर परिणामों के लिए खड़ी फसल में 35 दिन बाद 5 एमएल प्रति लीटर पानी के मान से एक बोतल प्रति एकड़ की दर से छिड़काव करने से परंपरागत दानेदार डीएपी के बिना अच्छी फसल पैदा की जा सकती है। प्रजापति ने मृदा नमूना कब और कैसे लेना चाहिए तथा मृदा परीक्षण के महत्व पर भी विस्तृत जानकारी प्रदान की।4
- जबलपुर जिले के मझौली थाना क्षेत्र में एक बेहद ही विचलित करने वाली घटना सामने आई है, जहाँ कथित तौर पर एक पड़ोसी रिश्तेदार ने चार माह की गर्भवती महिला के पेट पर लात मार दी, जिससे गर्भ में पल रहे शिशु की मौत हो गई। करीब 13 दिन तक मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज कराने के बाद, पीड़िता सोमवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। जानकारी के अनुसार, मझौली निवासी ज्योति साहू और उनके पति अतुल साहू का अपने रिश्तेदार विजय साहू के परिवार से लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। 13 जून को यह विवाद हिंसक रूप में बदल गया, जब बंटवारे के बाद बची करीब 30 वर्गफीट जमीन को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई। अतुल साहू के मुताबिक, इस दौरान धक्का-मुक्की में विजय साहू घायल हो गए, जिसके बाद अतुल उन्हें इलाज के लिए जबलपुर ले गए। अतुल का आरोप है कि उनके जाने के बाद उनकी पत्नी ज्योति घर पर अकेली थीं, और इसी दौरान मामी तथा उनके बेटे दुर्गेश साहू ने उनके साथ मारपीट की और उनके पेट पर लात मार दी। सूचना मिलते ही अतुल वापस लौटे, तो उनकी पत्नी दर्द से तड़प रही थीं। उन्हें तत्काल मझौली स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ से गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान डॉक्टरों ने पुष्टि की कि महिला के गर्भ में पल रहे चार माह के शिशु की मौत हो चुकी है। महिला 13 जून से 25 जून तक अस्पताल में भर्ती रहीं। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पीड़िता दर्द से कराहते हुए मदद की गुहार लगा रही है। वीडियो में वह रोते हुए कहती सुनाई दे रही है, "मैं नहीं बचूंगी मां... मेरे पापा को बुला दो... मेरा बाबू भी नहीं बचेगा..." यह वीडियो घटना की भयावहता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद, पीड़िता अपने पति के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंजू बेनीवाल को आवेदन देकर आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की। पीड़िता के पति ने आरोप लगाया कि मझौली पुलिस ने मामा, मामी और उनके बेटे के खिलाफ मारपीट का मामला तो दर्ज कर लिया है, लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने पुलिस को घटना का वीडियो भी उपलब्ध कराया था, लेकिन इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। वहीं, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंजू बेनीवाल ने बताया कि मामले में पहले से एफआईआर दर्ज है और पीड़िता का मेडिकल परीक्षण भी कराया जा चुका है। उन्होंने आश्वस्त किया कि मेडिकल रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, और मामले की बारीकी से जांच के निर्देश दिए गए हैं। जबलपुर जिले के मझौली थाना क्षेत्र में जमीन विवाद के दौरान एक गर्भवती महिला के साथ हुई इस कथित मारपीट ने मानवता को झकझोर कर रख दिया है।1
- आज इतना हंसे कि आँखों में आँसू छलक आए।1
- कटनी जिले के बहोरीबंद से आईटीआई सुपेली जाने वाला लगभग आधा किलोमीटर लंबा मार्ग गहरे गड्ढों में तब्दील हो गया है, जिससे आवागमन बेहद मुश्किल हो गया है। बारिश के बाद तो सड़क की स्थिति और भी खराब हो गई है, और अब पैदल चलना भी दूभर है। आईटीआई कॉलेज और सांदीपनि स्कूल के हजारों छात्र-छात्राएं प्रतिदिन इसी मार्ग से गुजरते हैं, जो इन गड्ढों से सीधे प्रभावित हो रहे हैं। सड़क पर नालियों का गंदा पानी बहने से स्थिति लगातार बिगड़ रही है, जिससे नुकसान भी बढ़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर पुलियों का निर्माण न होने के कारण यहां हर मौसम में जलभराव रहता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस सड़क की तत्काल मरम्मत कराने और जल्द से जल्द पुलियों का निर्माण कराने की मांग की है।1