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कटनी जिले के ग्राम आमोच में पटवारी अजय मार्को पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत के अनुसार, पटवारी द्वारा की गई नाप-जोख में एक ऐसी ज़मीन को किसी और के नाम पर दर्ज किया जा रहा है, जिस पर 35 सालों से कब्ज़ा है। बताया गया है कि मूल रूप से 5.25 एकड़ की रजिस्ट्री में से अब केवल 2.30 एकड़ ही बची है। इस ज़मीन के 'हिकिशन' (बंटवारे/सीमांकन) से संबंधित समस्या पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है, जिससे शिकायतकर्ता गहरे संकट में है और यह सवाल उठा रहा है कि इस स्थिति में उसे क्या करना चाहिए।
कटनी जिले के ग्राम आमोच में पटवारी अजय मार्को पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत के अनुसार, पटवारी द्वारा की गई नाप-जोख में एक ऐसी ज़मीन को किसी और के नाम पर दर्ज किया जा रहा है, जिस पर 35 सालों से कब्ज़ा है। बताया गया है कि मूल रूप से 5.25 एकड़ की रजिस्ट्री में से अब केवल 2.30 एकड़ ही बची है। इस ज़मीन के 'हिकिशन' (बंटवारे/सीमांकन) से संबंधित समस्या पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है, जिससे शिकायतकर्ता गहरे संकट में है और यह सवाल उठा रहा है कि इस स्थिति में उसे क्या करना चाहिए।
- Shuru Userस्लीमनाबाद, कटनी, मध्य प्रदेशvideo share please4 hrs ago
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- कटनी जिले के ग्राम आमोच में पटवारी अजय मार्को पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत के अनुसार, पटवारी द्वारा की गई नाप-जोख में एक ऐसी ज़मीन को किसी और के नाम पर दर्ज किया जा रहा है, जिस पर 35 सालों से कब्ज़ा है। बताया गया है कि मूल रूप से 5.25 एकड़ की रजिस्ट्री में से अब केवल 2.30 एकड़ ही बची है। इस ज़मीन के 'हिकिशन' (बंटवारे/सीमांकन) से संबंधित समस्या पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है, जिससे शिकायतकर्ता गहरे संकट में है और यह सवाल उठा रहा है कि इस स्थिति में उसे क्या करना चाहिए।1
- दिनांक 29 जून 2026 जिला कटनी पुलिस के लिए एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण दिवस के रूप में दर्ज हुआ। जिले की पुलिस इकाइयों और कार्यालयों को आईएसओ (ISO) प्रमाणन से सम्मानित किया गया है। यह उपलब्धि पुलिस कार्यप्रणाली को अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के अनुरूप विकसित करने के सतत प्रयासों का परिणाम है। यह प्रमाणन नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और समयबद्ध पुलिस सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किए गए लगातार प्रयासों के फलस्वरूप प्रदान किया गया है।1
- कटनी के गोल बाजार क्षेत्र में स्थित श्री गोविंद देव जी मंदिर भगवान श्री राधा-कृष्ण को समर्पित एक अत्यंत श्रद्धेय स्थल है। यहाँ भक्तगण प्रतिदिन दर्शन, पूजा और आरती के लिए आते हैं, जिससे मंदिर में सदैव भक्ति का माहौल बना रहता है। विशेष रूप से जन्माष्टमी, राधाष्टमी और अन्य वैष्णव पर्वों पर, मंदिर को भव्य रूप से सजाया जाता है और बड़े पैमाने पर भजन-कीर्तन का आयोजन किया जाता है, जिसमें भारी संख्या में श्रद्धालु सम्मिलित होते हैं। मंदिर का शांत और भक्तिमय वातावरण भक्तों को गहरी आध्यात्मिक शांति का अनुभव कराता है।1
- कटनी कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर श्री आशीष तिवारी लोगों की समस्याओं और शिकायतों को सुन रहे हैं। वह अधिकारियों को इन आवेदनों के त्वरित निराकरण के लिए निर्देश जारी कर रहे हैं। कलेक्टर श्री तिवारी अब तक कुल 68 आवेदकों की समस्याओं पर सुनवाई कर चुके हैं और उनके समाधान के लिए संबंधित विभागों को निर्देश दे चुके हैं। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर, अपर कलेक्टर श्री नीलांबर मिश्रा, संयुक्त कलेक्टर श्री जितेंद्र पटेल, कटनी एसडीएम श्री प्रमोद चतुर्वेदी, और जिला प्रबंधक लोकसेवा दिनेश विश्वकर्मा सहित सभी विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित हैं। जनसुनवाई कार्यक्रम अभी भी जारी है।2
- मध्य प्रदेश के सतना शहर को 'स्मार्ट सिटी' का दर्जा दिए जाने के बावजूद, उसके विकास के वर्तमान हाल पर कटाक्ष किया गया है। टिप्पणी में कहा गया है कि शहर में सड़कें और नालियाँ कहाँ हैं, इस बारे में कोई भी निश्चित जानकारी नहीं दे सकता। यह बयान 'स्मार्ट सिटी सतना के विकास' की मौजूदा जमीनी हकीकत को दर्शाता है।1
- कटनी के एमजीएम हॉस्पिटल में ऑपरेशन के दौरान एक 23 वर्षीय युवती की मौत हो गई। इस दुखद घटना के बाद, युवती के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है।1
- मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का एक बेहद सरल और आत्मीय रूप सामने आया है, जिसने प्रदेश की जनता का दिल जीत लिया है। सत्ता के शीर्ष पर होने के बावजूद, मुख्यमंत्री महलों की चकाचौंध से दूर एक गरीब के आँगन तक पहुंचे और जमीन पर बैठकर सहजता से भोजन किया। उनका यह अंदाज़ सोशल मीडिया पर जमकर सुर्खियां बटोर रहा है, क्योंकि यह पद की ऊंचाई पर रहकर भी इंसान को जमीन से जोड़े रखने की मिसाल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का यह कदम स्पष्ट करता है कि उनके लिए प्रदेश की जनता सिर्फ एक प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि उनका अपना परिवार है। व्यवस्थाओं और सुरक्षा के तामझाम से दूर, इस तरह जनता के बीच बैठकर भोजन करना उनके सरल स्वभाव, संवेदनशीलता और अपनी माटी के प्रति अगाध प्रेम को दर्शाता है। यह एक सच्चे जननायक की असली पहचान है, जो सत्ता के सर्वोच्च शिखर पर रहकर भी अपने लोगों से जुड़ा हुआ है, और उन्होंने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे सही मायनों में जनता के अपने मुख्यमंत्री हैं।1
- दिनांक 29 जून 2026 को कटनी जिला पुलिस के लिए एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण दिवस के रूप में दर्ज किया गया, जब नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी एवं समयबद्ध पुलिस सेवाएं उपलब्ध कराने तथा कार्यप्रणाली को अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के अनुरूप विकसित करने के उद्देश्य से की गई कड़ी मेहनत के परिणामस्वरूप उसकी विभिन्न पुलिस इकाइयों एवं कार्यालयों को आईएसओ (ISO) प्रमाणन प्रदान किया गया। इस गरिमामयी समारोह में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, जबलपुर जोन, श्री प्रमोद वर्मा (भा.पु.से.), कलेक्टर कटनी श्री आशीष तिवारी (भा.प्र.से.), पुलिस अधीक्षक कटनी श्री अभिनय विश्वकर्मा (भा.पु.से.) सहित नगर निगम आयुक्त कटनी तथा वनमंडलाधिकारी कटनी विशिष्ट रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम से पूर्व, मुख्य अतिथि एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने थाना स्लीमनाबाद, थाना यातायात, थाना कोतवाली, थाना कुठला और थाना एनकेजे का विस्तृत भ्रमण कर आईएसओ मानकों के अनुरूप विकसित की गई व्यवस्थाओं और नागरिक सुविधाओं का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान थाना परिसर की स्वच्छता, सुव्यवस्थित कार्य वातावरण, ड्यूटी ऑफिस, अभिलेख संधारण प्रणाली, आगंतुक सहायता कक्ष, नागरिकों के बैठने की व्यवस्था, महिला एवं पुरुष बंदीगृह, मीटिंग हॉल, मालखाना, शस्त्रागार, थाना प्रभारी कक्ष, पेयजल, स्वच्छ शौचालय, सूचना पटल, शिकायत पंजीकरण प्रणाली, रिकॉर्ड प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और नागरिक सेवाओं के समयबद्ध निष्पादन से संबंधित सभी व्यवस्थाओं का परीक्षण किया गया। आईएसओ प्रमाणन के तहत गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली, नागरिक संतुष्टि, कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, अभिलेखों का वैज्ञानिक संधारण, संसाधनों का प्रभावी उपयोग, समयबद्ध सेवा प्रदायगी, स्वच्छ एवं सुरक्षित कार्यस्थल, उत्तरदायित्व निर्धारण तथा सतत सुधार जैसे महत्वपूर्ण मानकों पर पुलिस इकाइयों की कार्यप्रणाली का मूल्यांकन किया गया, जिनका उद्देश्य पुलिस सेवाओं को अधिक प्रभावी, उत्तरदायी, नागरिक हितैषी एवं विश्वासपूर्ण बनाना है। थाना एनकेजे परिसर में आयोजित सम्मान समारोह में जिला पुलिस की कुल 16 इकाइयों को आईएसओ प्रमाणन प्रमाण-पत्र दिए गए। इनमें कार्यालय पुलिस अधीक्षक कटनी (श्री अभिनय विश्वकर्मा), अनुविभागीय अधिकारी पुलिस विजयराघवगढ़ (श्री वीरेन्द्र धार्वे), अनुविभागीय अधिकारी पुलिस स्लीमनाबाद (श्रीमती आकांक्षा चतुर्वेदी) के कार्यालयों सहित थाना कोतवाली (श्रीमती राखी पाण्डेय), थाना कुठला (श्री अखिलेश दाहिया), थाना माधवनगर (श्री संजय दुबे), थाना यातायात (श्री अनूप सिंह), थाना एनकेजे (उप निरीक्षक श्री रूपेन्द्र राजपूत), थाना स्लीमनाबाद (श्री सुदेश समन), थाना उमरिया पान (उप निरीक्षक श्री महेन्द्र जायसवाल), थाना बहोरीबंद (श्री विजय विश्वकर्मा), थाना ढीमरखेड़ा (श्रीमती महिमा रघुवंशी), थाना रीठी (श्री शाहिद खान), थाना बड़वारा (श्री के.के. पटेल), थाना बरही (श्री अरविन्द चौबे) और थाना विजयराघवगढ़ (श्री अभिषेक चौबे) शामिल हैं। इस अवसर पर उप पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) श्री रत्नेश मिश्रा ने आईएसओ प्रमाणन की पूरी प्रक्रिया, गुणवत्ता मानकों की आवश्यकताओं, उनके क्रियान्वयन की चुनौतियों और प्राप्त उपलब्धियों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि आईएसओ प्रमाणन केवल एक प्रमाण-पत्र नहीं, बल्कि पुलिस संगठन की कार्य संस्कृति, सेवा गुणवत्ता और नागरिकों के प्रति जवाबदेही को निरंतर बेहतर बनाए रखने की एक सतत प्रक्रिया है। मुख्य अतिथि अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री प्रमोद वर्मा ने अपने उद्बोधन में कटनी पुलिस की इस उपलब्धि को पूरे जबलपुर जोन के लिए प्रेरणास्रोत बताया। उन्होंने जोर दिया कि आईएसओ प्रमाणन का वास्तविक उद्देश्य सिर्फ मानकों को प्राप्त करना नहीं, बल्कि उन्हें निरंतर बनाए रखते हुए हर नागरिक को संवेदनशील, पारदर्शी, समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण पुलिस सेवाएं प्रदान करना है। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों की सराहना की और भविष्य में भी इसी समर्पण व उत्कृष्टता के साथ कार्य करने का आह्वान किया। यह कार्यक्रम गरिमापूर्ण वातावरण और उत्साहपूर्ण सहभागिता के साथ संपन्न हुआ। अंत में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कमल मौर्य ने उपस्थित सभी अतिथियों, अधिकारियों, कर्मचारियों और सहयोगी संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम का समापन किया। कटनी पुलिस द्वारा प्राप्त यह आईएसओ प्रमाणन जिले में आधुनिक, उत्तरदायी, पारदर्शी एवं जन-केंद्रित पुलिसिंग की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सिद्ध होगी, जो पुलिस और आमजन के मध्य विश्वास को सुदृढ़ करने के साथ-साथ उत्कृष्ट प्रशासनिक कार्यसंस्कृति की स्थापना में मील का पत्थर साबित होगी।2